
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग शहर से कांग्रेस प्रत्याशी अरुण द्वारा एक तरफ मुख्यमंत्री की योजनाओं का सहारा लेकर चुनावी जंग में उतरे हैं वहीं मुख्यमंत्री की योजनाओं में खुलकर भ्रष्टाचार पर आंख मूंदे बैठे हैं । राजीव युवा मितान क्लब में हो रहा है भ्रष्टाचार में विधायक पुत्र सुमित वोरा की संलिप्तता अब दुर्ग शहर में चर्चा का विषय बन गई है जिसमें विवेक मिश्रा के कंधे पर बंदूक रखकर सारा घोटाला होता नजर आ रहा है । सुमित वोरा के हस्तक्षेप की जानकारी दुर्ग शहर विधायक को ना हो ऐसा होना मुमकिन नहीं इसके बावजूद भ्रष्टाचार को अंजाम दे दिया गया और राजीव युवा मितान क्लब के लाखों रुपए का आहरण हो गया । हो सकता है चुनावी खर्चे में भी इसी राशि का उपयोग कर दिया गया हो या जांच का विषय है जो आज नहीं तो कल होगी ही क्योंकि यह पैसा सरकार का है और सरकार को इस पैसे का हिसाब प्रत्येक क्लब को देना ही होगा अब एक नया मामला आया है जिसमें विधायक के साथ प्रचार प्रसार कर रही धनश्री स्व सहायता समूह की अध्यक्ष सरस्वती साहू जो बस स्टैंड स्थित रैन बसेरा संचालित करती थी किंतु अनियमिता के चलते नगर पालिका निगम द्वारा दो महीने पहले ही उनकी निविदा रद्द कर दी बावजूद इसके विधायक वोरा के संरक्षण में अभी तक अवैधानिक रूप से रैन बसेरा पर कब्जा किए हुए हैं क्या ऐसे भ्रष्टाचारियों का साथ देने वाले कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा को आम जनता अपना नया विधायक चुनेगी क्या भ्रष्टाचार पर आम जनता मुहर लगाएगी ।
आम जनता को अब यह सोचना होगा कि भ्रष्टाचारियों का साथ देने वाले शासन की योजनाओं में अनियमितता करने वाले और अपरोक्ष रूप से संरक्षण देने वाले व्यक्ति को शहर का विधायक होना चाहिए या साफ छवि वाले व्यक्ति को शहर का प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए ।
दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग शहर में हो रहे विधानसभा चुनाव में एक ओर जहां राजनीतिक पार्टियों जीत के लिए प्रयास कर रही है वहीं एक ऐसा प्रत्याशी भी है जो कभी शहर के व्याप्त कचरा को साफ करने में अपनी अहम भूमिका निभाता था और राजनीति के क्षेत्र में जुड़कर समाज के हित के लिए कार्य करते हुए आज समाज के निचले तबकों को एक मुकाम देने की कोशिश में उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए जी जान से मेहनत कर रहा है हम बात कर रहे हैं यहां ध्रुव लंगूर सोनी की शहर की जनता ध्रुव लंगूर सोनी को अच्छे से जानती और पहचानती है आज जहां लोग यह बताने में शर्माते हैं कि हम छोटा-मोटा काम कर रहे हैं वही निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दावेदारी कर शहर के लिए कुछ कर गुजरने की मनसा के तहत चुनावी मैदान में उतरे ध्रुव लंगूर सोनी का कहना है कि मेरा उद्देश्य समाज को साफ रखना है और इस काम के लिए मैंने कभी कोई शर्म नहीं की एक समय ऐसा भी था जब मैं शहर के सड़कों को नालियों को साफ करने में भी अपने आप को गर्व महसूस करता था कि मैं शहर को साफ कर रहा हूं ताकि समाज साफ सुथरे माहौल में रहे वहीं आज राजनीति में परिवारवाद और स्वार्थ की राजनीति को देखते हुए चुनावी मैदान में सिर्फ इसलिए उतरा हूं कि शहर में शहर की राजनीति में जो स्वार्थ की गंदी राजनीति व्याप्त है परिवारवाद की गंदी राजनीति व्याप्त है जिसके कारण संभाग एवम जिला मुख्यालय होने के बाद भी दुर्ग शहर आज विकास के मामले में कई शहरों से पिछड़ा है ऐसे दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में स्वार्थ की राजनीति करने वालों के सामने धन-बल वालों के सामने अपनी एक कोशिश के तहत आज समाज के लोगों से अपील कर रहा हूं कि समाज में अगर विकास चाहिए तो परिवारवाद और स्वार्थ की राजनीति से अलग होते हुए एक स्वच्छ राजनीति का होना जरूरी है मेरा कर्म साफ करना है चाहे वह शहर की गंदगी हो या राजनीति की कुछ ऐसे ही बातो को आधार मानते हुए ध्रुव लंगूर सोनी छत्तीसगढ़ महतारी का बेटा बनकर आज चुनाव मैदान में है और अपने आप को एक सफाई करने वाले के रूप में बताते हुए गर्व महसूस करते हैं बता दें कि ध्रुव सोनी उत्कल समाज से आते हैं और छत्तीसगढ़ मूल निवासी के उत्थान के पक्षधर है । लंगूर सोनी ऐसे समाज से आते है जिनकी दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में 15000 से ज्यादा की जनसंख्या है और शहर के साफ सफाई की जिम्मेदारी इन्हीं लोगों पर टिकी हुई है और अब राजनीति में भी सफाई के उद्देश्य से मूल छत्तीसगढ़िया समाज के आशीर्वाद से लंगूर सोनी इस चुनाव में एक बड़ा फेर बदल कर सकते हैं।
कभी कट्टर कांग्रेसी रहे लंगूर सोनी आज परिवारवाद की राजनीति के खिलाफ चुनावी जंग में उतरकर राजनीतिक पार्टियों को आईना दिखाने के लिए प्रयासरत हैं चुनाव का परिणाम क्या होगा यह तो भविष्य की बात है किंतु एक ऐसी कोशिश की राह में लंगूर सोनी अकेले आगे बढ़े और उनका कारवां बढ़ता ही जा रहा है निचले तबकों में लंगूर सोनी का एक अलग ही वर्चस्व है और अब उनकी अपील समाज के सभी वर्गों से स्वच्छ और सभ्य राजनीति के दृष्टिकोण से एक बड़े बदलाव की दिशा में एक सार्थक कदम के रूप में शहर में चर्चा का विषय है परिणाम जो भी हो पर लंगूर सोनी के चुनावी मैदान में उतरने से राजनीतिक पार्टियों में कहीं ना कहीं अंदरुनी डर का माहौल नजर आ रहा है ।
दुर्ग । शौर्यपथ। एक समय ऐसा था कि दुर्ग शहर में स्वर्गीय मोतीलाल वोरा का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता था किंतु वर्तमान स्थिति ऐसी हो गई की दुर्ग शहर के प्रमुख चौक में स्वर्गीय मोतीलाल वोरा की मूर्ति लगे एवं शहर के अन्य स्थानों में स्थापित शहीदों की मूर्ति की उपेक्षा के कारण शहर की जनता इसका सारा दोष विधायक प्रत्याशी अरुण वोरा पर लगा रही है ।
इसमें कोई शक वाली बात नहीं की स्वर्गीय मोतीलाल वोरा एक कुशल राजनीति के थे और पूरे देश में उनका मान सम्मान था किंतु इस मान सम्मान को प्रदर्शित करने के फेर में स्वर्गीय मोतीलाल वोरा के पुत्र और दुर्ग शहर के विधायक अरुण द्वारा शहर के चाक चौराहा पर लगे उन शहीदों की मूर्तियों की उपेक्षा का आरोप लगने लगा जिन्होंने भारत की आजादी में अपना महत्वपूर्ण योग दान दिया था जिन्होंने भारत के नवनिर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था आज शहर भर में विधायक अरुण वोरा अपनी उपलब्धि के रूप में राजेंद्र प्रसाद चौक में स्थापित स्वर्गीय मोतीलाल वोरा की मूर्ति का फोटो डालते हैं तब उन्हें यह याद नहीं रहता की पटेल चौक में अखंड भारत के निर्माण में आम भूमिका निभाने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति अभी भी अपेक्षित एक कोने में रखी हुई है वही भारत की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राष्ट्रपति महात्मा गांधी की मूर्ति भी उपेक्षा का शिकार हुई है । ग्रीन चौक में भारत के वीर सपूतों जिन्होंने अपने जीवन की आहुति भारत की स्वतंत्रता के लिए दी वह भी अपेक्षित है और अपने सही सम्मान की तलाश में है ऐसे में शहर की जनता में चर्चा का विषय है कि क्या विधायक वोरा की नजर में सिर्फ उनके बाबूजी ही सर्वोत्तम है और भारत के वीर सपूत महान स्वतंत्रता सेनानी की का कोई औचित्य नहीं आज स्वर्गीय मोतीलाल वोरा भी जिन्होंने वीर सपूतों का सम्मान ताउम्र किया उन्हें भी कहीं ना कहीं पीड़ा हो रही होगी आज कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा के पास दुर्ग शहर में अपनी स्वयं की उपलब्धि बताने के लिए खास कुछ नजर नहीं आ रहा है ऐसे में बाबूजी नहीं है इसलिए आप मुझे वोट दो और बाबूजी का सम्मान करो की राजनीति करते हुए वोट की अपील कर रहे हैं क्या आम जनता सिर्फ सहज और सरल व्यवहार देखकर दुर्ग के विकास की धीमी गति के जिम्मेदार कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा को अपना मत देगी 17 नवंबर को मतदान की तारीख है और 3 दिसंबर को परिणाम आने वाले हैं अब परिणाम ही बताया कि शहर की जनता किसे अपना आशीर्वाद मत के रूप में देती है ।
दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग जिले का एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र जहां पर सोशल मीडिया में कांग्रेस प्रत्याशी बड़ा दबंग है भाजपा प्रत्याशी बड़ा दबंग या देवेन्द्र यादव बडा दबंग है का वार काफी चर्चा का विषय है सोशल मीडिया में दोनों ही प्रत्याशियों के समर्थक एक दूसरे को बड़ा दबंग कहने की होड़ में यह भूल गए की सोशल मीडिया में वायरल हो रही खबरों का असर आम जनता पर भी पड़ता है और अब हम जनता यह सोच में पड़ गई है कि दोनों ही प्रत्याशी दबंग हैं तो इसमें बड़ा दबंग कौन और छोटा दबंग कौन इस प्रकार की परिपाटी से दोनों ही प्रत्याशियों के समर्थक एक दूसरे प्रत्याशी पर उंगली तो उठा रहे हैं किंतु उनको यह नहीं मालूम की एक उंगली सामने वाले के ऊपर उठने से चार उंगली खुद उनके ऊपर भी उठ रही है आज जहां दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में ,दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में ,अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में, प्रत्याशी अपने कार्यों की बदौलत आम जनता से वोट मांग रहे हैं वही भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र में आरोप प्रत्यारोप का दौर इस कदर बढ़ गया है कि एक दूसरे पर मीम बनाना आरोप लगाना ही प्राथमिकता नजर आ रही है ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव नहीं जंग हो रहा है और सोशल मीडिया के इस जंगी वार को भिलाई नगर की जनता देख रही है और इस सोच में पड़ गई है कि क्या हम प्रत्याशी के रूप में एक दबंग को चुन रहे हैं ।
बता दें कि दोनों ही प्रत्याशी के ऊपर ऐसा कोई भी मामला कानूनी रूप से दर्ज नहीं जिस पर उन्हें किसी प्रकार की सजा भारतीय संविधान के अनुसार मिली हो राजनीतिक क्षेत्र में उतरने से कानूनी मामले दर्ज होते हैं किंतु न्यायालय में के द्वारा उन्हें किसी भी प्रकार की सजा का कोई उल्लेख नहीं है मामले दर्ज होना और सजा होना दोनों जुदा मामला है इस मामले में दोनों ही प्रत्याशी की छवि कानूनी रूप से स्वच्छ है और सार्वजनिक जीवन में भी दबंगई जैसी हरकत कभी नजर नहीं आई । परंतु आरोप प्रत्यारोप का दौरा इस चुनावी जंग में एक अलग रूप ही लेता नजर आ रहा है दोनों ही प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने नेताओं के लिए प्रतिबद्ध है और दोनों ही नेताओं की अपनी अपनी अलग उपलब्धि है इसमें कोई दो राय नहीं । अब देखना यह है कि आम जनता दोनों प्रत्याशियों में से किसे अपना मत रूपी आशीर्वाद 17 नवंबर को देती है ।
दुर्ग। शौर्यपथ । वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र जो कभी बीजेपी का गढ़ था अब वर्तमान में यह सीट भाजपा के हाथ से जाती हुई नजर आ रही है और इसका सबसे बड़ा कारण है रिकेश सेन का भाजपा प्रत्याशी होना ।
जब से भारतीय जनता पार्टी ने राकेश सिंह को वैशाली नगर का प्रत्याशी घोषित किया है तभी से ही विकेट्स इन के विरुद्ध भारतीय जनता पार्टी के जमीन स्तर के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन चालू कर दिया स्थिति यहां तक पहुंच गई कि भारतीय जनता पार्टी के दो बड़े नेता श्रीमती संगीता केतन शाह एवं जेपी यादव नीडल चुनावी जंग में उतर गए वहीं कई समाचार चैनलों द्वारा जब रिकेश सेन के पुराने वार्ड में कार्यों की चर्चा की गई तो वार्ड वासी भाजपा प्रत्याशी सेन के बारे में अपनी धारणा सही नहीं रखते हुए दोसा रोपण करते नजर आए । वहीं कुछ लोगों ने उनके पैसे के लेनदेन के बारे में भी आरोप लगाते हुए कहा कि पैसे के मामले में उनकी छवि सही नहीं है किसी से पैसा लेकर वापस नहीं करने क्योंकि पुरानी आदत है दल बदल कर चुनाव लड़ने के कारण भी उनकी छवि वैशाली नगर में कोई खास नहीं है स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि एक बार उनके द्वारा टिकट नहीं मिलने पर आत्महत्या की कोशिश भी की गई थी वह भी उनके लिए इस चुनाव में नकारात्मक दृष्टिकोण दिख रहा है ।
वहीं दूसरी तरफ भिलाई के कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर एक साफ छवि के प्रत्याशी के रूप में आम जनता के बीच जा रहे हैं सीएम बघेल के करीबी होने का फायदा भी मुकेश चंद्राकर को मिलता हुआ नजर आ रहा है वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में निष्क्रिय भाजपा विधायक के कारण विकास कार्यों में जो धीमी गति थी वह गति बढ़ाने के लिए मुकेश चंद्राकर द्वारा आम जनता से मतदान की अपील का असर अच्छा नजर आ रहा है और वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर भाजपा के हाथ से निकलकर कांग्रेस के कब्जे में जाता हुआ दिख रहा है ।
रिकेश सेन की पिछले दिनों हुई वायरल वीडियो जिसमें उनके द्वारा भाजपा के केंद्रीय नेताओं के बारे में की गई टिप्पणी के कारण भाजपा कार्यकर्ता भी उनसे नाराज दिख रहे हैं स्थिति तो यहां तक नजर आ रही है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ चुनावी कमान संभालने वाले वैशाली नगर के कई बड़े नेता भी अब रिकेश सेन के विरोध में आवाज बुलंद तो नहीं कर रहे किंतु अंदरूनी असहमति के कारण नुकसान भाजपा को ही हो रहा है ।
दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग से कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा पिछले 10 सालों से दुर्ग शहर के विधायक हैं किंतु उनके कार्यों की उपलब्धि लगभग शून्य है स्थिति यहां तक है कि जी पिताजी के नाम से आम जनता से वोट की अपील कर रहे हैं और पिताजी के कार्यों का उल्लेख करते हुए उपलब्धि बता रहे हैं किंतु उन्हें के कार्यों पर अनियमित इतनी ज्यादा है कि आम जनता उनके कार्यों का लाभ भी नहीं उठा पा रही है ऐसा ही एक मामला नया बस स्टैंड में देखने को मिला है जहां पर 1 साल पहले विधायक अरुण वोरा द्वारा अपने पिताजी के निधि से वाटर कूलर लगाया गया था किंतु भ्रष्टाचार इतना अधिक की वह वाटर कूलर प्रारंभ से ही बिगड़ा हुआ है और आम जनता को वाटर कूलर का लाभ नहीं मिल रहा है किंतु राज्यसभा की निधि के व्यर्थ होने के बावजूद भी विधायक अरुण वोरा अपने पिताजी के निधि से बने वाटर कूलर पर संज्ञान लेने की भी कोशिश नहीं कर रहे हैं क्या जनता से पिताजी के नाम पर भावनात्मक बातें कर वोट मांगने वाले कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा को शहर की आम जनता वोट देगी जो सिर्फ उनके नाम का उपयोग कर रहे हैं ।
आज बस स्टैंड आने वाले यात्री बिगड़े हुए वाटर कूलर को देखकर सिर्फ विधायक अरुण वोरा के प्रति ही क्रोधित नहीं हो रहे हैं साथ ही स्वर्गीय मोतीलाल भोर के नाम पट्टिका को देखकर कहीं ना कहीं उनके मन में स्व. मोतीलाल वोरा के प्रति भी कही ना कही चिढ़ की भावना जागृत हो रही है
भिलाई नगर विधान सभा / शौर्यपथ /
भिलाई नगर विधानसभा चुनाव इस बार भ्रम और अफवाहों के बीच हिंडोले खाती रही शुरू से ही भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव के बारे में कभी ईडी , कभी अवैध संपत्ति , कभी गुंडागर्दी , कभी कोल घोटाला , कभी महादेव एप , कभी जेल जाने की बात तो कभी पत्नी के चुनाव लड़ने की बात भिलाई में चर्चा का विषय रही किन्तु सभी अफवाहों को दरकिनार करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी देवेन्द्र यादव चुनावी जंग में उतरे और अब मतदान का दिन भी आ गया .
ऐसे में एक बार फिर भाई और पत्नी को दिए जाने वाले रकम की चर्चा शुरू होने लगी जिस पर भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के प्रतिनिधि एकांश बनछोर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भाजपा के लोगों के पास अब कोई काम नहीं बचा है। विधानसभा चुनाव में हार की पूरी उम्मीद के साथ भाजपा के कार्यकर्ता चिंता ग्रसित हो गए हैं और अब वे शहर में सिर्फ भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। पहले भाजपा के नेताओं ने कहा कि भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को ई डी पड़कर ले जाएगी । उसे जेल में बंद कर देगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। फिर भाजपा के लोगों ने भ्रम फैलाया है कि देवेंद्र यादव जेल चले जाएगा तो अब उसकी पत्नी चुनाव लड़ेगी। फिर भाजपा के लोगों ने भ्रम फैलाने के लिए एक वीडियो एमएमएस लीक की उससे भी उनका काम नहीं बना तो फिर भाजपा के लोगों ने भ्रम फैलाया की विधायक देवेंद्र यादव ने अपनी पत्नी और भाई को जो 1 करोड़ दिया वह राशि उन्हें शासन के द्वारा दी गई राशि है। जब वह महापौर थे और उसके बाद फिर विधायक बने। महापौर और विधायक के पद पर रहते हुए शासन से उन्हें जो मानदेय दिया जाता है। वह उन्हें लगातार मिलता था और उनका खर्च ज्यादा है नहीं तो वह जो राशि बची थी। वह राशि वह अपनी पत्नी और अपने बड़े भाई को दिए पर इसमें भी भाजपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं के पेट में दर्द शुरू होने लगा है इसीलिए अब लोगों में आम जनता में भरम फैलाने के लिए कई तरह की झूठ फैला रहे। इससे पहले भी भाजपा और के नेता कई तरह के झूठ फैला चुके हैं।जिस धनराशि के साक्ष्य हो और जो सही है एफीडेविट में वही दर्ज किया जाता है, भारतीय जनता पार्टी के नेता जो आज तक कोरोडो का घाल मेल किए उन्हे छुपाने की जरूरत है। देवेंद्र यादव के पास जो कुछ है वो सार्वजनिक है।
प्रचार थमने से पहले वोरा के पक्ष में सीएम ने किया पटरी पार में रोड शो
दुर्ग / शौर्यपथ / बुधवार को चुनावी शोर थमने से पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग में कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा के पक्ष में पटरी पार सिकोला भाठा से रायपुर नाका अंडरब्रिज तक रोड शो किया। इस दौरान विधायक अरुण वोरा एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का जगह जगह पुष्प वर्षा , पटाखों एवं ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। सीएम बघेल की छत्तीसगढ़ गृह लक्ष्मी योजना का असर रोड शो में देखने को मिला उत्साह के साथ महिलाओं ने रोड शो में हिस्सा लिया। बघेल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार लाने के लिए हर विधायक का जीतना आवश्यक है । कांग्रेस सरकार आने पर ही प्रदेश के किसान, मजदूरों , महिलाओं, युवाओं व आदिवासियों की खुशहाली है। कांग्रेस सरकार आने से ही स्वामी आत्मानंद स्कूल, कालेज, महतारी दुलार, हमर क्लिनिक, हमर लैब, कर्जमाफी, ग्रामीण व शहरी औद्योगिक पार्क जैसी योजनाएं ना सिर्फ जारी रहेगी बल्कि अब हर महिला को 15000 रु सालाना, 200 यूनिट बिजली मुफ्त व 474 रु में गैस रिफिल भी प्राप्त होगा। उन्होंने केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा के लिए 17 नवंबर को अरुण वोरा व कांग्रेस के सभी प्रत्याशियों के पक्ष में वोट करने की अपील की।
वही विधायक प्रत्याशी अरुण वोरा ने अपने स्व. पिता स्व. मोतीलाल वोरा को याद करते हुए भावुक होते हुए कहा कि दुर्ग शहर की जनता के साथ ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें भरपूर स्नेह दिया है। सभी वरिष्ठ नेताओं ने भरपूर सहयोग दिया। एक पिता की कमी सदैव खलती है किंतु यह उनका सौभाग्य है कि वरिष्ठजनों व मतदाताओं ने उन्हें बाबूजी की कमी खलने नहीं दी है। वोरा ने पटरी पार के क्षेत्र वासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि विकास की जो शुरुवात पिछले 5 वर्ष में दिखी है वह आगे और भी तेज गति से जारी रहेगी।
दुर्ग। शौर्यपथ । प्रदेश के वीआईपी जिले में शुमार दुर्ग जिले के दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में इस बार भारतीय जनता पार्टी ने अपनी जमीनी कार्यकर्ता ललित चंद्राकर को चुनावी मैदान में उतारा है भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी ललित चंद्राकर का मुकाबला प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के साथ है ।
वर्तमान में दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में अगर जाति गत स्थिति देखा जाए तो कुर्मी समाज की बहुलता भी साहू समाज के बराबर ही है वही भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को आम जनता का विश्वास मिलने का एक बड़ा कारण यह है कि ललित चंद्राकार का पिछले 30 सालों से दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय रूप से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर रहे हैं एवं जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति है वहीं कांग्रेस प्रत्याशी गृह मंत्री साहू के ऊपर लगातार उनके पुत्रों के हस्तक्षेप का आरोप लगता आ रहा है रोड अतिक्रमण मुवावजे , अधूरे निर्माण कार्य के कारण भी कहीं ना कहीं गृह मंत्री साहू का पडला हल्का नजर आ रहा है रिसाली निगम के निर्माण में हालाकी गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का बड़ा योगदान है किंतु विकास के मामले में रिसाली निगम उस लक्ष्य को नहीं छु पाया जिसकी उम्मीद निवासी कर रहे थे जिसका फायदा भी भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी ललित चंद्राकर को दिखाता नजर आ रहा है दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में रिसाली निगम के मतदाता की विधायक चुनने में अहम भूमिका मानी जा रही है ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि रिसाली निगम क्षेत्र की जनता अपना आशीर्वाद मत के रूप में किस प्रत्याशी को देती है रिसाली निगम की जनता जिस प्रत्याशी के प्रत्याशी के ऊपर अपना विश्वास जताएगी इस प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित मानी जा रही है मतदान 17 नवंबर को है और फैसला 3 दिसंबर को फैसले की घड़ी में ही यह पता चलेगा कि रिसाली की जनता किसके पक्ष में जाती है ।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
