
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
एक माह से स्थायी आयुक्त का इंतजार, भुगतान प्रक्रिया पर विराम की चर्चा; वेतन और ठेकेदारों के भुगतान को लेकर बढ़ी चिंता, 'आयुक्त किसकी पसंद का?Ó बनी सियासी बहस
शौर्यपथ विशेष
दुर्ग नगर निगम में करीब एक माह से स्थायी आयुक्त की नियुक्ति नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। जुलाई के दूसरे सप्ताह में तत्कालीन आयुक्त सुमित अग्रवाल के स्थानांतरण के बाद उपायुक्त मोहेंद्र साहू कार्यवाहक आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अगस्त का दूसरा सप्ताह शुरू हो चुका है, लेकिन स्थायी आयुक्त की नियुक्ति अब तक नहीं हुई है।
भुगतान और वेतन को लेकर चिंता
निगम से जुड़े सूत्रों और कर्मचारियों के बीच विभिन्न भुगतान प्रक्रियाओं के प्रभावित होने की चर्चा है। हालांकि निगम प्रशासन ने इस संबंध में अभी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इसी बीच अगस्त का वेतन समय पर मिलने को लेकर भी कर्मचारियों में चिंता की चर्चा है।
सावन, तीज-त्योहार और रक्षाबंधन के बीच वेतन में देरी कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। ठेकेदारों की चिंता भी भुगतान प्रक्रिया को लेकर बढ़ी हुई है। विकास कार्यों में बिल परीक्षण और भुगतान की प्रक्रिया स्थायी आयुक्त की नियुक्ति के बाद गति पकडऩे की उम्मीद जताई जा रही है।
'आयुक्त किसकी पसंद का?"
स्थायी आयुक्त की नियुक्ति में देरी अब राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गई है। दुर्ग की राजनीति में महापौर अलका बाघमार और विधायक एवं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से जुड़े खेमों के बीच मतभेदों की चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि अगला आयुक्त किसकी पसंद का होगा?
निगम और राजनीतिक गलियारों में अधिकारियों के नाम को लेकर सहमति-असहमति की चर्चाएं हैं। हालांकि इन चर्चाओं की वास्तविकता संबंधित राजनीतिक नेतृत्व ही स्पष्ट कर सकता है।
एक ही दल की सरकार, फिर देरी क्यों?
दुर्ग की स्थिति इसलिए भी सवाल खड़े करती है क्योंकि महापौर अलका बाघमार और विधायक गजेंद्र यादव भाजपा से हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा जिले के प्रभारी मंत्री और उपमुख्यमंत्री अरुण साव नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री हैं। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे भी दुर्ग से जुड़ी प्रमुख राजनीतिक हस्ती हैं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है—
"जब सरकार से लेकर नगर निगम तक सत्ता एक ही दल की है, तो स्थायी आयुक्त की नियुक्ति में इतनी देरी क्यों?"
भूमिपूजन की रफ्तार, प्रशासनिक नियुक्ति में सुस्ती
शहर में विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण जारी हैं, लेकिन निगम की प्रशासनिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण पद पर स्थायी अधिकारी नहीं है। विकास केवल भूमिपूजन से नहीं, बल्कि कार्यादेश, निर्माण, बिल परीक्षण और भुगतान की सुचारू व्यवस्था से पूरा होता है।
फिलहाल निगम में चार सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में हैं—
आयुक्त कब आएगा?
भुगतान कब होगा?
वेतन समय पर मिलेगा या नहीं?
और अगला आयुक्त किसकी पसंद का होगा?
अब निगाहें शासन और नगरीय प्रशासन विभाग पर हैं कि दुर्ग निगम को स्थायी आयुक्त कब मिलता है।
क्योंकि सवाल सिर्फ आयुक्त की नियुक्ति का नहीं, बल्कि यह भी है कि 'ट्रिपल इंजनÓ सरकार में दुर्ग निगम की प्रशासनिक गाड़ी आखिर कब रफ्तार पकड़ेगी?
घर पर ऑनलाइन पढ़ाई कर तीनों बहनों ने हासिल किया मेडिकल में प्रवेश का सपना, सीमित संसाधनों के बीच मेहनत और एक-दूसरे के सहयोग से मिली बड़ी कामयाबी
रायपुर / शौर्यपथ / कबीरधाम जिले के छोटे से गांव नेउर में आज सफलता की ऐसी कहानी सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया। एक ही परिवार की तीन बहनों—किरण, ज्योति और सुमन महोबिया ने एक साथ NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर मेडिकल शिक्षा के लिए अपना रास्ता बनाया है। तीनों बहनों की इस असाधारण उपलब्धि ने न केवल उनके माता-पिता और परिवार का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के लिए भी यह एक प्रेरणादायी मिसाल बन गई है।
तीनों बेटियों की इस उपलब्धि से अभिभूत उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा रविवार को स्वयं नेउर गांव पहुंचे और उनके घर जाकर तीनों बहनों से मुलाकात की। उन्होंने किरण, ज्योति और सुमन को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही माता श्रीमती भगवती महोबिया, पिता श्री राम महोबिया और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर इस गौरवपूर्ण सफलता के लिए पूरे परिवार को बधाई दी।
तीन बहनों की सफलता पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायी : विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एक ही परिवार की तीन बहनों का एक साथ मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफल होना असाधारण उपलब्धि है। यह केवल परिवार की खुशी नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और जिले के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि एक ही घर में रहकर तीन बहनों ने एक-दूसरे का साथ देते हुए NEET जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी की और सफलता हासिल की। यह उपलब्धि बताती है कि नियमित मेहनत, सही दिशा, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर गांव में रहकर भी बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किरण, ज्योति और सुमन की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच अपने गांव और घर से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
घर बना तीनों बहनों की कोचिंग का केंद्र
तीनों बहनों ने घर पर रहकर ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से NEET की तैयारी की। पढ़ाई के दौरान तीनों एक-दूसरे की मदद करती रहीं और लक्ष्य को लेकर लगातार मेहनत करती रहीं। बहनों के बीच प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग की भावना ने उनकी तैयारी को और मजबूत बनाया।
ज्योति और सुमन ने अपने पहले ही प्रयास में NEET परीक्षा उत्तीर्ण की। दोनों ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बोड़ला से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है।
वहीं बड़ी बहन किरण महोबिया ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर, पांडातराई से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है।
तीनों बहनों की सफलता की खास बात यह है कि उन्होंने एक-दूसरे के साथ रहकर, एक-दूसरे को प्रेरित करते हुए अपने सपने को साकार किया।
अब डॉक्टर बनकर सेवा का संकल्प
मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने तीनों छात्राओं से उनकी स्कूली पढ़ाई, NEET की तैयारी और आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अब मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के बाद भी इसी लगन और मेहनत को बनाए रखें और अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करें।
उन्होंने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉक्टर बनने के बाद अच्छे संस्थानों और अस्पतालों में कार्य कर अनुभव प्राप्त करें। साथ ही अपने गांव, क्षेत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव हमेशा बनाए रखें। अपनी शिक्षा और अनुभव का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए करें, ताकि उनकी सफलता का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
तीन बेटियों की सफलता ने परिवार को बनाया गौरवान्वित
किरण, ज्योति और सुमन की इस उपलब्धि से महोबिया परिवार में खुशी का माहौल है। एक ही घर से तीन बेटियों का एक साथ NEET में सफल होना यह संदेश भी देता है कि बेटियों को अवसर, प्रोत्साहन और परिवार का सहयोग मिले तो वे किसी भी ऊंचाई को हासिल कर सकती हैं।
नेउर गांव की इन तीन बहनों की कहानी आज केवल एक परिवार की सफलता की कहानी नहीं रही, बल्कि “बेटियां पढ़ें, आगे बढ़ें और अपने सपनों को साकार करें” की प्रेरक मिसाल बन गई है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिला दंडाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 3 उपधारा (2) सह पठित उपधारा 3 के अंतर्गत दिनांक 6 अगस्त 2026 को आदेश पारित कर अनावेदक शुभम तागड़े उर्फ मराठा पिता दिनेश तागड़े को तीन माह की कालावधि के लिये केंद्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध करने के आदेश दिए है। जिला दंडाधिकारी के आदेश के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा शुभम तागड़े को 8 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध किया गया है।
ज्ञात हो कि पुलिस अधीक्षक जिला दुर्ग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन अनुसार अनावेदक शुभम तागड़े उर्फ मराठा पिता दिनेश तागड़े (उम्र-29 वर्ष), निवासी-मिलन चौक, कैम्प-02 भिलाई, थाना-छावनी, तहसील व जिला-दुर्ग (छ.ग.) थाना छावनी क्षेत्र का गुंडा-बदमाश है। वर्ष 2015 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण उसे निगरानी बदमाश की श्रेणी में लाया गया है। अनावेदक के विरुद्ध दुर्ग जिले के विभिन्न थानों में कुल 26 अपराध पंजीबद्ध हैं। इनमें मारपीट, गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी के 06 अपराध, साथियों के साथ मिलकर अवैध राशि की मांग व मारपीट का अपराध, आर्म्स एक्ट के 07 अपराध, चोरी व नकबजनी के 10 अपराध, आबकारी एक्ट का अपराध, नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ और लूट का प्रकरण दर्ज है। विभिन्न थानों के अंतर्गत उसके विरुद्ध थाना छावनी में 17 अपराध, थाना जामुल में 03 अपराध, थाना खुर्सीपार में 03 अपराध, थाना नंदिनी में 01 अपराध, थाना दुर्ग कोतवाली में 01 अपराध तथा थाना भिलाई भट्टी में 01 अपराध पंजीबद्ध किए गए हैं।
दुर्ग । शौर्यपथ / शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर नगर पालिक निगम दुर्ग की महापौर अलका बाघमार ने सख्त रुख अपनाया है। रायपुर नाका स्थित 42 एमएलडी फिल्टर प्लांट में लगातार हुई आगजनी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए महापौर ने जल विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जलापूर्ति जल्द सामान्य करने और फिल्टर प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
महापौर ने अपने शासकीय आवास एफ-4 में आयोजित बैठक में अधिकारियों से आगजनी की घटनाओं के कारणों की गंभीरता से जांच करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित ठेकेदार द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री की गुणवत्ता में कमी अथवा विभागीय स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीआईटी दुर्ग और आईआईटी भिलाई में होगी जांच
दो दिन पूर्व आगजनी की घटना में जले ब्लीचिंग पावडर के नमूनों की गुणवत्ता जांच कराने के निर्देश महापौर ने दिए हैं। निष्पक्ष जांच के लिए ब्लीचिंग पावडर के सैंपल बीआईटी दुर्ग और आईआईटी भिलाई की लैब में भेजे जाएंगे।
महापौर ने बाजार मूल्य की तुलना में अत्यधिक कम दर पर उपलब्ध कराए गए ब्लीचिंग पावडर की गुणवत्ता की भी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
ज्वलनशील सामग्री के लिए अलग सुरक्षित भंडारण
महापौर ने कहा कि ब्लीचिंग पावडर, एलम सहित अन्य ज्वलनशील अथवा संवेदनशील सामग्रियों को फिल्टर प्लांट परिसर में एक साथ रखने के बजाय प्लांट से कुछ दूरी पर अलग-अलग सुरक्षित भंडारण केंद्र विकसित किए जाएं। इससे भविष्य में आगजनी जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलेगी।
बाढ़ के बाद सफाई कार्य में तेजी के निर्देश
बारिश के कारण नदी में आई बाढ़ से इंटकवेल और फिल्टर प्लांट में जमा गाद एवं कचरे की सफाई को भी महापौर ने प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवश्यक संसाधन लगाकर सफाई कार्य शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि शहर के सभी वार्डों में पेयजल आपूर्ति जल्द से जल्द सामान्य हो सके।
बैठक में जल कार्य प्रभारी लीना दिनेश देवांगन, लोक कर्म विभाग प्रभारी देवनारायण चंद्राकर, प्रभारी आयुक्त मानेंद्र साहू, जल विभाग के कार्यपालन अभियंता प्रकाश थवानी, सहायक कार्यपालन अभियंता राजेंद्र ढवाले, सब इंजीनियर विनोद मांझी, जल निरीक्षक नारायण ठाकुर सहित जल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
“विवाद बढ़ाएँ नहीं, संवाद से समाधान करें” के संदेश के साथ निकली जन-जागरूकता रैली
दुर्ग / शौर्यपथ / न्याय केवल अदालत की चौखट तक सीमित नहीं है, बल्कि संवाद, सहमति और आपसी विश्वास के माध्यम से गांव की चौपाल तक भी पहुंच सकता है। इसी सोच को साकार करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग की टीम ने ग्राम कुथरेल में सामुदायिक मध्यस्थता शिविर, विधिक जागरूकता कार्यक्रम एवं जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया। कार्यक्रम का केंद्रीय संदेश रहा—“विवाद बढ़ाएँ नहीं, संवाद से समाधान करें।”
माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत की अध्यक्ष श्रीमती सुषमा लकड़ा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री भूपेश कुमार बसंत एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री उमेश कुमार भागवतकर ने ग्रामीणों को सामुदायिक मध्यस्थता और विधिक अधिकारों की जानकारी दी।
अदालत पहुंचने से पहले संवाद से समाधान
कार्यक्रम में बताया गया कि छोटे-छोटे सामाजिक, पारिवारिक और स्थानीय विवादों को न्यायालय तक ले जाने से पहले आपसी बातचीत, विश्वास और सहमति के माध्यम से सुलझाया जा सकता है। सामुदायिक मध्यस्थता न केवल विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करने का प्रभावी माध्यम है, बल्कि इससे रिश्तों और सामाजिक सौहार्द को भी बनाए रखने में मदद मिलती है।
ग्रामीणों को मीडिएशन 3.0 के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि मध्यस्थता अब केवल वैकल्पिक विवाद समाधान की प्रक्रिया नहीं रह गई है, बल्कि यह तकनीक-सक्षम, समयबद्ध और नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है। प्रशिक्षित सामुदायिक मध्यस्थ ग्राम स्तर पर विवादों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कानूनी जागरूकता के साथ सामाजिक सरोकारों पर भी जोर
शिविर में केवल न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि ग्रामीण जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर भी जागरूक किया गया। अपराधमुक्त ग्राम, नशामुक्ति, टोनही प्रथा उन्मूलन, बाल संरक्षण, गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध एवं डिजिटल सुरक्षा जैसे विषयों को सरल भाषा में समझाया गया।
बच्चों और युवाओं को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, शिक्षा को प्राथमिकता देने, सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
चौपाल से बाजार तक गूंजा न्याय और जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के बाद ग्राम पंचायत से बाजार क्षेत्र तक जन-जागरूकता रैली निकाली गई। प्रचार वाहन के माध्यम से सामुदायिक मध्यस्थता, मीडिएशन 3.0, विधिक अधिकार, अपराध नियंत्रण और सामाजिक समरसता से जुड़े संदेश प्रसारित किए गए। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक रैली में सहभागिता करते हुए एक स्वर में कहा—
“विवाद बढ़ाएँ नहीं, संवाद से समाधान करें।”
विशेष बात यह रही कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा सामुदायिक मध्यस्थता की अवधारणा, उद्देश्य और उपयोगिता को ग्रामीणों तक सहज तरीके से पहुंचाने के लिए विशेष रूप से तैयार छत्तीसगढ़ी गीत भी प्रचार वाहन के माध्यम से प्रसारित किया गया। स्थानीय भाषा में दिए गए इस संदेश ने ग्रामीणों को संवाद, सहमति और आपसी समझ के जरिए विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए प्रेरित किया।
न्याय को चौपाल तक पहुंचाने की सार्थक पहल
कुथरेल में आयोजित यह कार्यक्रम महज एक विधिक जागरूकता शिविर तक सीमित नहीं रहा। इसने न्याय को गांव की चौपाल तक पहुंचाने, समुदाय को न्याय प्रक्रिया का सहभागी बनाने और विवादों के स्थान पर संवाद की संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया।
सामुदायिक मध्यस्थता के माध्यम से गांवों में छोटे विवादों को समय रहते सुलझाने की पहल न केवल न्यायालयों पर अनावश्यक मुकदमों का बोझ कम कर सकती है, बल्कि सामाजिक रिश्तों और आपसी सौहार्द को भी मजबूत कर सकती है।
कुथरेल से उठी यह पहल एक ऐसे ग्रामीण भारत की तस्वीर प्रस्तुत करती है, जहां न्याय केवल फैसला नहीं, बल्कि संवाद, सहमति और सामाजिक समरसता का माध्यम बने—और यही विवाद-मुक्त, जागरूक एवं न्याय-सशक्त विकसित भारत की मजबूत नींव है।
राशन की कतार से मिलेगी मुक्ति, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए 24×7 घंटे खाद्यान्न- मंत्री दयालदास बघेल
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडएस) को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आज प्रदेश के पहले तीन ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम‘ का रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में ऑनलाइन शुभारंभ किया। इस नवाचार के साथ छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां ग्रेन एटीएम के माध्यम से हितग्राहियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पीडएस प्रणाली में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार बड़ी पहल है।
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के माध्यम से राशनकार्डधारी हितग्राही अब अपनी सुविधा के अनुसार 24×7 घंटे चावल प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए मशीन की स्क्रीन पर राशनकार्डधारी को अपना आधार नंबर अथवा राशनकार्ड नंबर दर्ज करना होगा और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकेगा। इस सुविधा से उचित मूल्य की दुकानों में राशन लेने के लिए लगने वाली कतार और समय की बाध्यता से हितग्राहियों को राहत मिलेगी।
वन नेशन.वन राशनकार्ड से दूसरे राज्यों के हितग्राहियों को भी सुविधा
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की खासियत यह है कि छत्तीसगढ़ के राशनकार्डधारियों के साथ.साथ अन्य राज्यों के राशनकार्डधारी भी ‘वन नेशन, वन राशनकार्ड‘ योजना के तहत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रवासी श्रमिकों और अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले हितग्राहियों के लिए भी राशन प्राप्त करना आसान होगा।
छत्तीसगढ़ ग्रेन एटीएम संचालित करने वाला देश का पांचवां राज्य
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम वर्तमान में उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओडिशा में संचालित हो रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ भी ग्रेन एटीएम संचालित करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो गया है। प्रदेश में तीन ग्रेन एटीएम की शुरुआत पीडीएस व्यवस्था में तकनीक और नवाचार के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
2500 किलोग्राम तक खाद्यान्न भण्डारण क्षमता
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की भण्डारण क्षमता लगभग 2500 किलोग्राम है। मशीन में चावल की लोडिंग पूर्णतः स्वचालित प्रणाली से होगी। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद मशीन निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध कराएगी। इससे खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी को और मजबूत किया जा सकेगा।
गरीब से लेकर हर हितग्राही के लिए समय की बचत
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार के मार्गदर्शन में पीडीएस व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अब हितग्राही अपने अन्य कार्यों के बाद अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रेन एटीएम के उपयोग से समय की बचत होगी और उचित मूल्य दुकानों में भीड़ तथा कतार की समस्या कम होगी। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के शुरू होने से छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुरक्षित, विश्वसनीय और सुविधाजनक बनेगी। तकनीक आधारित यह पहल हितग्राहियों को समय की बचत के साथ सम्मानजनक तरीके से खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा देगी और पीडीएस में पारदर्शिता को नई मजबूती प्रदान करेगी।
पारदर्शी पीडीएस की दिशा में प्रभावी कदम
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की प्रतिनिधि सुश्री नजी़नो हॉसीमोनी ने छत्तीसगढ़ सरकार को इस नवाचार के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की स्थापना राज्य सरकार, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल तथा खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले के प्रयासों से संभव हुई है। उन्होंने इसे पारदर्शी एवं प्रभावी पीडीएस प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
शुभारंभ अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पांडे, विधायक श्री मोती लाल साहू, खाद्य विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम नागरिक आपूर्ति निगम की एमडी श्रीमती इफ्फत आरा, अपर संचालक श्री नीलिमा एल्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, हितग्राही उपस्थित थे।
महतारी वंदन की राशि से जगन्नाथ मंदिर निर्माण में सहयोग, महिलाओं ने पेश की सामाजिक सहभागिता की मिसाल
रायगढ़ / शौर्यपथ / वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत आमापाली में आयोजित जन चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं और आवश्यकताएं सुनीं तथा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय जरूरतों के संबंध में जानकारी ली।
जन चौपाल के दौरान आमापाली की माताओं-बहनों की एक प्रेरणादायी पहल भी सामने आई। महिलाओं ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्राप्त राशि में से स्वेच्छा से धनराशि एकत्रित कर भगवान जगन्नाथ मंदिर के प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए समर्पित की। महिलाओं के इस सामूहिक प्रयास की वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने सराहना की।
महिलाओं की सामाजिक सहभागिता बनी मिसाल
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आमापाली की बहनों ने अपनी इच्छा और संकल्प से राशि एकत्रित कर मंदिर निर्माण में सहयोग दिया है। यह केवल आर्थिक योगदान नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता, सामूहिक जिम्मेदारी और महिला नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ समाज और सामुदायिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनका स्वैच्छिक योगदान आपसी सहयोग और सामाजिक एकजुटता की भावना को मजबूत करता है।
श्री चौधरी ने कहा कि आमापाली की महिलाओं की यह पहल निश्चित रूप से अन्य लोगों को भी सामुदायिक कार्यों में आगे बढ़कर योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।
जन चौपाल में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
वित्त मंत्री ने इस सराहनीय पहल के लिए ग्राम पंचायत आमापाली की सभी माताओं-बहनों और सहभागी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनना और स्थानीय स्तर पर उनके समाधान की दिशा में पहल करना राज्य सरकार की जनकल्याण और सुशासन की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
नीधि वर्मा के घर का बिजली बिल हुआ शून्य, 1.08 लाख रुपये की डबल सब्सिडी से मिली बड़ी राहत
अंबिकापुर में लक्ष्य से दोगुने से अधिक आवेदन, 1,136 घरों में स्थापित हुए रूफटॉप सोलर संयंत्र
रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना सरगुजा जिले में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ही आम परिवारों को बिजली खर्च से राहत दिलाने और ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना का लाभ लेकर अंबिकापुर के मायापुर निवासी श्रीमती नीधि वर्मा का परिवार अब बिजली खर्च के बोझ से मुक्त होकर सौर ऊर्जा के माध्यम से अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है। सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है।
4 से 5 हजार रुपये के मासिक बिजली बिल से मिली राहत
श्रीमती नीधि वर्मा ने बताया कि सोलर संयंत्र स्थापित करने से पहले उनके घर में प्रतिमाह लगभग 4 से 5 हजार रुपये तक बिजली बिल आता था। बढ़े हुए बिजली खर्च से परिवार के बजट पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत घर की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित कराने के बाद अब घरेलू बिजली की जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं और बिजली बिल लगभग पूरी तरह समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि योजना ने परिवार को आर्थिक राहत देने के साथ बिजली की जरूरतों को पूरा करने का स्थायी और स्वच्छ विकल्प उपलब्ध कराया है।
1.08 लाख रुपये की डबल सब्सिडी से आसान हुआ सोलर संयंत्र लगाना
श्रीमती वर्मा ने बताया कि योजना के तहत उन्हें लगभग 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की सब्सिडी शामिल है। इस आर्थिक सहायता से सोलर संयंत्र स्थापित करने की लागत का बड़ा हिस्सा कम हुआ और उनके लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान हो गया।
बिजली उपभोक्ता से बनीं ऊर्जादाता
सौर ऊर्जा से मिलने वाले लाभ को साझा करते हुए श्रीमती नीधि वर्मा ने कहा कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब वे स्वयं बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। घरेलू आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली विद्युत ग्रिड में वापस जाती है और नियमानुसार उसका लाभ भी प्राप्त होता है। उन्होंने कहा, “पहले हम बिजली उपभोक्ता थे, लेकिन अब ऊर्जा दाता बन गए हैं।” उनका मानना है कि सौर ऊर्जा अपनाने से परिवार को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ देश की ऊर्जा व्यवस्था में आम नागरिक की भागीदारी भी बढ़ रही है।
अंबिकापुर में लक्ष्य से अधिक आवेदन, तेजी से बढ़ रहा रूफटॉप सोलर का दायरा
विद्युत विभाग के अनुसार सरगुजा जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ तेजी से पहुंच रहा है। अंबिकापुर शहर में 1,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापना के लक्ष्य के विरुद्ध 2,021 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1,985 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित किए जा चुके हैं तथा 1,136 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।
वहीं अंबिकापुर ग्रामीण क्षेत्र में भी 1,000 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,282 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1,200 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित किए गए हैं तथा 305 घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
स्वच्छ ऊर्जा के साथ आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ते परिवार
प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सरगुजा में परिवारों को बिजली खर्च में राहत मिलने के साथ स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। रूफटॉप सोलर संयंत्रों की बढ़ती संख्या ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में जिले की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।
श्रीमती नीधि वर्मा ने अधिक से अधिक परिवारों से प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ लेकर घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना परिवार और देश दोनों के हित में है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम नागरिकों को आर्थिक रूप से राहत देने के साथ स्वच्छ और हरित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पीएम आवास के हितग्राहियों को सौंपी खुशियों की चाबी
आवास निर्माण,जल सुरक्षा एवं ग्रामीण अधोसंरचना गुणवत्ता पर विशेष जोर
रायपुर / शौर्यपथ / आयुक्त वीबी - जीरामजी एवं संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण तारण प्रकाश सिन्हा शुक्रवार को बलौदाबाजार पहुंचे। इस दौरान विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया।
आयुक्त ने जनपद पंचायत बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम पंचायत बेमेतरा तथा जनपद पंचायत पलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत सितदेवरी में विभिन्न विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों एवं ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत निर्मित आवासों का अवलोकन किया तथा आवास पूर्ण कर चुके हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से खुशियों की चाबी प्रदान की। हितग्राहियों से आवास निर्माण, प्राप्त सहायता, निर्माण की गुणवत्ता एवं योजना से उनके जीवन में आए बदलाव के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें ।
आयुक्त ने वीबी- जीरामजी अंतर्गत जल सुरक्षा श्रेणी में निर्मित एवं प्रगतिरत कार्यों का भी विस्तृत निरीक्षण किया।इस दौरान नवीन तालाब, अमृत सरोवर, सैंड फिल्टर आधारित बोरवेल रिचार्ज संरचना तथा चेक डैम निर्माण कार्यों की स्थल पर तकनीकी एवं उपयोगिता संबंधी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण से जुड़े कार्य केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि उनका चयन स्थानीय आवश्यकता, कैचमेंट, जलधारण क्षमता एवं दीर्घकालिक उपयोगिता के आधार पर किया जाए।
उन्होंने कहा कि वीबी-जीरामजी का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, जल सुरक्षा को सुदृढ़ करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाना है। अतः योजना अंतर्गत स्वीकृत प्रत्येक कार्य का प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण समुदाय को दिखाई देना चाहिए।स्थल निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सहज एवं आत्मीय वातावरण में चर्चा की तथा योजनाओं के क्रियान्वयन, स्थानीय आवश्यकताओं, रोजगार, आवास एवं विकास कार्यों के संबंध में उनके अनुभव और सुझाव सुने। उन्होंने मैदानी अमले को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझते हुए ग्राम सभा से अनुमोदित कार्ययोजना के अनुरूप प्राथमिकता आधारित कार्य संपादित किए जाएं।
इसके पश्चात जिला पंचायत सभाक़क्ष बलौदाबाजार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक मे वीबी- जी रामजी एवं पीएम आवास योजना ग्रामीण सहित ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। आयुक्त ने योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्ध पूर्णता, श्रमिक नियोजन, तकनीकी मापदंडों के पालन तथा पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फील्ड निरीक्षण को नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए तथा प्रत्येक निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से अधिकतम वर्षाजल संचयन, भू-जल स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में परिणामोन्मुखी कार्य करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल एवं संबंधित जनपद पंचायतों के अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी अमला, पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
