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कृष्णा मंडल की ख़ास रिपोर्ट
दंतेवाड़ा/बचेली(शौर्यपथ)/ करोड़ों रुपये की लागत से लोक निर्माण विभाग (क्कङ्खष्ठ) द्वारा निर्मित बचेली का गौरव पथ आज बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। नगरपालिका चौक से लेकर एनएमडीसी सेंट्रल वर्कशॉप तक सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, लेकिन उनकी मरम्मत कराने के बजाय संबंधित विभागों ने सड़क के बीच टायर रखकर चेतावनी देने का तरीका अपनाया है। इस व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
नगर के पाल किराना दुकान के पास स्पीड ब्रेकर के समीप कई महीनों से सड़क पर गहरा गड्ढा बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद गड्ढे की मरम्मत नहीं कराई गई। इसके बजाय गड्ढे के बीच भारी वाहन का टायर रख दिया गया, जिससे वाहन चालक गड्ढे से सावधान हो सकें। हालांकि लोगों का कहना है कि यह कोई स्थायी समाधान नहीं है और इससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ गया है।
विशेष रूप से रात के समय या बारिश के दौरान सड़क के बीच रखा टायर दोपहिया वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गौरव पथ की जर्जर स्थिति के कारण आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और संबंधित विभाग केवल औपचारिकता निभाते नजर आ रहे हैं।
क्षेत्रवासियों ने क्कङ्खष्ठ और नगरपालिका से मांग की है कि सड़क के सभी गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा सड़क के बीच रखे टायर को हटाकर सुरक्षित और स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले जिम्मेदार विभाग अपनी जवाबदेही निभा सके।
मृतक की पत्नी ने एसपी से लगाई गुहार, कहा—निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर हो कार्रवाई
सक्ती //शौर्यपथ // हसौद थाना पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्राम पंचायत जमड़ी निवासी फुलेश्वरी साहू ने हसौद पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए सक्ती पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी है। फरियादी का आरोप है कि उसके पति की करंट लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक नाम एफआईआर से हटा दिया।
फरियादिया के मुताबिक, 17 मई 2026 को ग्राम पंचायत जमड़ी निवासी कार्तिक राम साहू के खेत में कथित रूप से लापरवाहीपूर्वक लगाए गए जीआई तार में करंट प्रवाहित होने के कारण उसके पति स्व. गजानंद साहू करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक की पत्नी फुलेश्वरी साहू ने हसौद थाना में शिकायत देकर मामले में कार्तिक राम साहू और उसके पुत्र किशन साहू के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग की थी। लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध करते समय किशन साहू का नाम हटा दिया, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
फरियादिया का कहना है कि यदि घटना में दोनों की भूमिका की शिकायत की गई थी तो फिर जांच के दौरान एक व्यक्ति का नाम किस आधार पर हटाया गया? क्या पुलिस ने मामले की पूरी जांच की है? और यदि नाम हटाया गया तो उसके पीछे क्या कारण था? इन्हीं सवालों को लेकर महिला ने अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है फुलेश्वरी साहू ने एसपी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी की लापरवाही या भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
एसपी से शिकायत के बाद अब कार्रवाई का इंतजार
मृतक की पत्नी द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से शिकायत किए जाने के बाद अब इस मामले में पुलिस विभाग की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस अधीक्षक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश देंगे और एफआईआर से नाम हटाए जाने के आरोप की जांच कराएंगे?
फिलहाल, फरियादिया न्याय की उम्मीद लगाए पुलिस अधीक्षक कार्यालय का दरवाजा खटखटा चुकी है। अब देखना यह होगा कि शिकायत के बाद मामले में जांच और कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी पुलिस की फाइलों में दबकर रह जाता है।
धमतरी / शौर्यपथ / नारी महानदी पुल पर 22 जुलाई को हुए चर्चित हत्याकांड का धमतरी पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि 27 वर्षीय नीरज साहू की हत्या चावल के व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा और आपसी रंजिश के चलते की गई थी। मामले में 21 वर्षीय बिरेंद्र कुमार साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को कुरूद थाना क्षेत्र के नारी महानदी पुल पर नीरज साहू का शव खून से लथपथ हालत में मिला था। मृतक के गले और माथे पर गंभीर चोट के निशान थे, जबकि उसका बोलेरो पिकअप वाहन भी घटनास्थल पर खड़ा मिला था। प्रारंभिक जांच के बाद हत्या की पुष्टि होने पर थाना कुरूद में धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी भावना पांडेय के निर्देश पर कुरूद, मगरलोड और साइबर टीम की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया तथा संभावित मार्गों की गहन जांच की। लगातार जांच के बाद संदेह बिरेंद्र कुमार साहू पर गया।
पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना स्वीकार करते हुए बताया कि वह और नीरज दोनों चावल का कारोबार करते थे। नीरज का व्यवसाय बेहतर चलने और अधिक कमाई होने से वह उससे ईष्र्या और रंजिश रखने लगा था। इसी द्वेष के चलते उसने नारी महानदी पुल के सुनसान स्थान पर नीरज को रोककर कैंची और पाना से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कैंची और पाना बरामद कर जब्त कर लिया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। धमतरी पुलिस ने बताया कि वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के प्रभावी विश्लेषण के कारण इस सनसनीखेज हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा किया जा सका।
गाजे-बाजे और कलश यात्रा के साथ धार्मिक माहौल
ग्रामीणों की आस्था, एकता और श्रद्धा का बना अद्भुत संगम
कांकेर / शौर्यपथ / जिले की सरोना तहसील अंतर्गत ग्राम चिहरीपारा में रविवार को धार्मिक आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का भव्य नजारा देखने को मिला। गांव में नवनिर्मित टीना शेड निर्माण कार्य का उद्घाटन किया गया। इसके बाद पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान चंद्रमौलेश्वर महादेव के शिवलिंग की स्थापना संपन्न हुई। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे गांव को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए सभी धार्मिक अनुष्ठान
फणेशवर शर्मा ने कराई विधि-विधान से पूजा-अर्चना
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना से हुई। पंडित फणेशवर शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान चंद्रमौलिश्वर महादेव के शिवलिंग की स्थापना की समस्त धार्मिक प्रक्रिया संपन्न कराई। पूरे आयोजन के दौरान भक्तों ने हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष लगाए, जिससे पूरा गांव शिवमय वातावरण में डूब गया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर सुख, समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य कलश यात्रा
श्रद्धालुओं ने पूरे गांव में किया धर्म और संस्कृति का प्रदर्शन
शिवलिंग स्थापना से पूर्व गांव में महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों की सहभागिता से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक भजनों के बीच निकली इस यात्रा में श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। गांव की गलियों से गुजरती कलश यात्रा ने धार्मिक वातावरण को और अधिक भव्य बना दिया। यात्रा के समापन के बाद सभी श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे, जहां विधिवत भगवान चंद्रमौलेश्वर महादेव के शिवलिंग की स्थापना की गई।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही गरिमामयी उपस्थिति
धार्मिक आयोजन में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गांव के प्रमुख सयान एवं सेवानिवृत्त शिक्षक फूलचंद कुंजाम उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत सरपंच अजय मलती नेताम ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद सदस्य भाऊ राम भास्कर, भाजपा मंडल अध्यक्ष टिकेश्वर सिन्हा, उपसरपंच सुदेश भास्कर, पूर्व सरपंच विष्णु शोरी, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष मन्नू राम भास्कर, वार्ड पंच नरसिंह भास्कर, पूर्णिमा नेताम, सचिव विष्णु सिन्हा, रोजगार सहायक सुरेंद्र कोराम, राजाराम नेताम सहित गांव के वरिष्ठजन उपसु कुंजाम, महादेव नेताम, सेवक नेताम, मंगलराम मंडावी, पीतांबर शोरी, दीपक मंडावी, मन्नू यादव, बृजलाल मंडावी, जितेंद्र यादव, देवेश मरकाम, ऋषभ कुंजाम, पीले सिंह टेकाम, गनराज शोरी, संतोष यादव, योगेश कुंजाम, भाव सिंह मंडावी, असुलाल नेताम,शिवम मंडावी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
धार्मिक आस्था के साथ विकास की नई शुरुआत
टीना शेड निर्माण से श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा
ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर परिसर में निर्मित टीना शेड भविष्य में धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन तथा सामाजिक आयोजनों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। शिवलिंग स्थापना के साथ गांव में धार्मिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ग्रामीणों ने इस आयोजन को गांव की एकता, सहयोग और धार्मिक आस्था का प्रतीक बताते हुए कहा कि भगवान चंद्रमौलेश्वर महादेव की कृपा से गांव में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे, यही सभी की मंगलकामना है।
हरि ठाकुर स्मारक संस्थान के सहयोग से स्वर्गीय श्री आशीष ठाकुर द्वारा रचित किताब
रायपुर / विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज शाम यहां शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में सत्याग्रह नामक किताब का विमोचन किया। हरि ठाकुर स्मारक संस्थान रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुस्तक के लेखक साहित्यकार एवं पत्रकार स्वर्गीय आशीष सिंह है। यह पुस्तक जल-जंगल के संघर्ष पर केन्द्रित है। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा सहित, पूर्व सांसद श्री चुन्नीलाल साहू, साहित्यकार, स्वर्गीय आशीष सिंह जी के सुपुत्र श्री उपमन्यु सिंह, श्री अभिमन्यु सिंह मौजूद थे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पुस्तक का विमोचन कर कहा कि यह किताब शताब्दी वर्ष छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों द्वारा किए गए जल-जंगल के लिए किए गए सत्याग्रह पर आधारित है। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान जल-जंगल के अधिकारों की रक्षा के लिए हुए संघर्ष को दर्शाता है। बस्तर से लेकर राजनांदगांव एवं राजनांदगांव से लेकर धमतरी के कंडेल में नहर सत्याग्रह की घटना को उजागर करती है। सन् 1920 में बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव के अनुरोध पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को धमतरी आना पड़ा। राजनांदगांव जिले के बादराटोला में शहीद रामाधीन गोंड जिसका स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान था, उसके नाम पर राजनांदगांव शहर में रामाधीन मार्ग है। डॉक्टर सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी त्यागमूर्ति स्व. प्यारे लाल सिंह स्वर्गीय हरि ठाकुर के योगदान को स्मरण किया।
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जल-जंगल का संघर्ष शताब्दी वर्ष के रूप में सत्याग्रह किताब का विमोचन किया जा रहा है। स्वर्गीय आशीष सिंह ने इस किताब के जरिए स्वतंत्रता संग्राम के दौरान आंदोलन के समय के जल-जंगल के संघर्ष का विस्तार से वर्णन किया है, जिसमें धमतरी का कंडेल नहर सत्याग्रह, नत्थूजी जगताप, नारायण राव मेघावाले के संघर्ष और राजनांदगांव जिले के शहीद रामाधीन गोंड का बलिदान, पंडित सुन्दरलाल शर्मा का योगदान का चित्रण किया है। पुस्तक के प्रकाशन के लिए मैं हरि ठाकुर स्मारक संस्थान को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्र एवं साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, साहित्यकार श्री विरेन्द्र बहादुर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
400 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या लगभग आधी हुई
मौसमी बदलाव, ऊर्जा संरक्षण और हाफ बिजली बिल योजना का दिखा सकारात्मक प्रभाव
रायपुर / रायपुर सिटी रीजन के जून एवं जुलाई 2026 के बिजली उपभोग के आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि जुलाई माह में बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। जून 2026 में कुल बिजली खपत 131.27 मिलियन यूनिट (एमयू) थी, जो जुलाई में घटकर 89.38 मिलियन यूनिट रह गई। इस प्रकार एक माह में बिजली खपत में 31.91 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि अधिक बिजली उपयोग करने वाले सभी उपभोक्ता वर्गों में खपत के साथ-साथ उपभोक्ताओं की संख्या में भी कमी आई है। 600 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में 64.23 प्रतिशत तथा उनकी कुल बिजली खपत में 38.13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी प्रकार 401 से 600 यूनिट श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 33.99 प्रतिशत तथा बिजली खपत 32.58 प्रतिशत घटी है।
विश्लेषण से यह भी सामने आया है कि राज्य शासन की हाफ बिजली बिल योजना का सकारात्मक प्रभाव उपभोक्ताओं के बिजली उपयोग के स्वरूप में दिखाई दे रहा है। जून माह में 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1 लाख 96 हजार 777 थी, जो जुलाई में बढ़कर 2 लाख 56 हजार 471 हो गई। यह 30.34 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं 400 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1 लाख 20 हजार 615 से घटकर 60 हजार 921 रह गई, जो लगभग 50 प्रतिशत की कमी है। इससे यह संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी बिजली खपत को 400 यूनिट के भीतर रखने का प्रयास किया, जिससे उन्हें शासन की राहतकारी योजना का लाभ मिल सके।
आंकड़ों के अनुसार 0 से 100 यूनिट श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 53.12 प्रतिशत तथा 101 से 200 यूनिट श्रेणी में 51.79 प्रतिशत बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी का मौसम समाप्त होने, एयर कंडीशनर एवं कूलर जैसे विद्युत उपकरणों के उपयोग में कमी आने तथा ऊर्जा संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी बिजली खपत में आई कमी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार रायपुर सिटी रीजन के आधिकारिक आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि जुलाई माह में बिजली की मांग में कमी आई है और उपभोक्ताओं ने अपनी बिजली खपत को नियंत्रित किया है। उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि बिजली उपयोग में आया यह परिवर्तन मुख्यतः मौसमी परिस्थितियों, ऊर्जा संरक्षण की प्रवृत्ति तथा राज्य शासन की जनहितकारी योजनाओं के प्रभाव का परिणाम है।
आधिकारिक आंकड़ों का विश्लेषण यह भी दर्शाता है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब 400 यूनिट तक की श्रेणी में आ गए हैं, जिससे उन्हें शासन की राहतकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। उपलब्ध तथ्यों एवं आंकड़ों के आधार पर स्मार्ट मीटर के संबंध में प्रचलित विभिन्न प्रकार की भ्रांतियों की पुष्टि नहीं होती।
डोंगरिया में हजारों युवाओं ने लिया नशामुक्त भारत का संकल्प, विधायक प्रणव कुमार मरपची ने किया राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान
रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" संकल्प अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ करते हुए देशभर के युवाओं से नशामुक्त जीवन अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा माय भारत के संयुक्त तत्वावधान में प्रारंभ हुए इस राष्ट्रव्यापी अभियान से देशभर के एक करोड़ से अधिक युवा जुड़े। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के डोंगरिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और हजारों युवाओं ने नशामुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक एवं मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपची रहे। उनके साथ जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, कलेक्टर विजय दयाराम के., वनमंडलाधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे, अपर कलेक्टर दिलेराम डाहिरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विद्यालय एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी, राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, माय भारत स्वयंसेवक, युवा क्लबों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह के सीधा प्रसारण से हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" अभियान का उद्देश्य प्रत्येक युवा को नशे की गिरफ्त से बचाकर उसकी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता को राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक रूप से उपयोग करना है। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की शक्ति को भी कमजोर करता है। प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से अपने बच्चों को नशे से दूर रखने तथा युवाओं से स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से देशभर के एक करोड़ से अधिक युवा विकसित भारत के संकल्प से जुड़ रहे हैं।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के उपरांत विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची ने उपस्थित युवाओं एवं नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश की युवा शक्ति नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, कौशल, नवाचार और राष्ट्र सेवा में लगाएगी। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
श्री मरपची ने सभी उपस्थित लोगों को किसी भी प्रकार के नशीले अथवा मादक पदार्थों का सेवन नहीं करने, दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने तथा स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा यदि अपने जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनाए, तो विकसित भारत का लक्ष्य शीघ्र ही साकार होगा।
कार्यक्रम के दौरान एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत एवं देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और सकारात्मक जीवन मूल्यों का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची, कलेक्टर विजय दयाराम के., जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।
जिले में आयोजित यह कार्यक्रम नशामुक्त समाज के निर्माण, युवाओं में सकारात्मक जीवन मूल्यों के प्रसार तथा विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। बड़ी संख्या में युवाओं की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की सक्रिय भागीदारी ही विकसित भारत की सबसे बड़ी आधारशिला है।
नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का शुभारंभ, देशभर के एक करोड़ से अधिक युवाओं ने लिया नशामुक्त भारत का संकल्प
रायपुर । भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा माय भारत के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा "नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान" का राष्ट्रीय शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर देशभर के एक करोड़ से अधिक युवाओं ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया। आगामी 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को संचालित होने वाले इस अभियान के माध्यम से युवाओं को नशामुक्त जीवनशैली अपनाने, समाज में जनजागरूकता फैलाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इसी क्रम में अम्बिकापुर के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रीय संबोधन के सजीव प्रसारण के साथ हुई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में युवाओं ने संबोधन का श्रवण किया तथा इसके पश्चात सभी ने नशामुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया यह अभियान केवल नशामुक्ति का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने, अपने परिवार और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आगे बढ़ने का आह्वान किया।
श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक युवा को जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन और परिश्रम से उसे प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव में आए बिना अपनी क्षमता और प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ते हुए सफलता अर्जित की जा सकती है। परिवार, समाज और राष्ट्र की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए युवाओं का नशामुक्त और स्वस्थ जीवन अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
कलेक्टर अजीत बसंत ने कहा कि "नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान" देशव्यापी जनजागरण अभियान है, जिसमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि युवा स्वयं नशे के दुष्प्रभावों को समझें और समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिले के युवा इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए नशामुक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत तथा उपसभापति श्री हरमंदिर सिंह टिन्नी ने भी युवाओं से नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है तथा स्वस्थ और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए नशामुक्त जीवनशैली अपनाना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने उपस्थित युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने, समाज में जनजागरूकता फैलाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी दिलाया।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी, जिला युवा अधिकारी प्रिंस सिंह, एसडीएम बनसिंह नेताम, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक रामकुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय पर्यटन बाजार में मजबूत हुई छत्तीसगढ़ की पहचान, महाराष्ट्र के पर्यटन उद्योग के साथ सुदृढ़ हुई साझेदारी
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को देश के अग्रणी पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रभावी और दूरदर्शी पहल कर रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने उद्योग संगठन फिक्की के सहयोग से पुणे में भव्य पर्यटन रोड शो आयोजित कर राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों, वन्यजीव पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन तथा साहसिक पर्यटन की विविध संभावनाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। यह आयोजन राष्ट्रीय पर्यटन बाजार में छत्तीसगढ़ की सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पर्यटन विभाग राज्य के पर्यटन स्थलों को देश के प्रमुख पर्यटन बाजारों से जोड़ने, निवेश आकर्षित करने तथा पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना के अनुरूप पर्यटन क्षेत्र को आर्थिक विकास, स्थानीय रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण और क्षेत्रीय विकास का सशक्त माध्यम बनाया जा रहा है। पुणे रोड शो इसी व्यापक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
रोड शो में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के टूर ऑपरेटर, ट्रैवल एजेंट, होटल व्यवसायी तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बी-टू-बी बैठकों के माध्यम से दोनों राज्यों के पर्यटन उद्योग के बीच नए पर्यटन पैकेज, निवेश, विपणन तथा व्यावसायिक सहयोग को लेकर सार्थक चर्चा हुई, जिससे भविष्य में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के नए अवसर सृजित होंगे।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि पर्यटन मंडल का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को भारत के सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों में स्थापित करना है। उन्होंने होटल व्यवसायियों, ट्रैवल एजेंटों और टूर ऑपरेटरों से राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचाने में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए सभी हितधारकों को छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और विशिष्ट पर्यटन अनुभवों का प्रत्यक्ष अनुभव लेने के लिए आमंत्रित किया।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि राज्य में पर्यटन अधोसंरचना को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है तथा पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अनेक नवाचारपूर्ण पहलें की गई हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के ट्रैवल ट्रेड से जुड़े प्रतिनिधियों से छत्तीसगढ़ के विविध पर्यटन सर्किटों और विशेष पर्यटन अनुभवों के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग का आग्रह किया।
छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत सिंह भाटिया ने कहा कि पर्यटन मंडल के साथ मजबूत साझेदारी के माध्यम से राज्य की समृद्ध विरासत, वन्यजीव, जनजातीय संस्कृति तथा आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान मिल रही है। ऐसे रोड शो पर्यटन उद्योग के लिए नए व्यावसायिक अवसरों का सृजन करने के साथ-साथ राज्यों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को भी सुदृढ़ करते हैं।
कार्यक्रम में चित्रकोट जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर, भोरमदेव मंदिर सहित राज्य के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। वहीं छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, संस्कृति और परंपराओं पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों को राज्य की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। कार्यक्रम का समापन नेटवर्किंग रात्रिभोज के साथ हुआ, जिसमें पर्यटन क्षेत्र में भविष्य के सहयोग, निवेश और संयुक्त पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
उल्लेखनीय है कि यह रोड शो छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत देश के प्रमुख शहरों में कुल आठ पर्यटन रोड शो आयोजित किए जा रहे हैं। पुणे इस श्रृंखला का तीसरा आयोजन रहा, जबकि इससे पूर्व दिल्ली और भुवनेश्वर में भी सफल आयोजन किए जा चुके हैं। इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में छत्तीसगढ़ की सशक्त पहचान स्थापित करना तथा राज्य को प्रकृति, संस्कृति, विरासत, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन को आर्थिक समृद्धि, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक पहचान का सशक्त आधार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पर्यटन विभाग नवाचार, निवेश और प्रभावी प्रचार-प्रसार के माध्यम से राज्य की पर्यटन संभावनाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। पुणे पर्यटन रोड शो इसी दूरदर्शी सोच का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
