
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
इन्डोर स्टेडियम, डिजिटल लायब्रेरी, बीपीओ सेंटर सहित चौक चौराहों व तालाबों का होगा सौन्दर्यीकरण
यह विस क्षेत्र भाजपा का गढ नही है जनता जिसको जिताती है वह उसी का गढ हो जाता है
वैशालीनगर विधानसभा / शौर्यपथ / जिला कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष एवं वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी मुकेश चन्दाकर ने पत्रकारेां से चर्चा करते हुए कहा कि मैं वर्ष 1990 से जीवन पर्यन्त तक कांग्रेस का सिपाही था और सिपाही रहूंगा। मैं दो बार कांग्रेस का महामंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष हूं, मुझे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा वैशाली नगर से प्रत्याशी बनाकर मुझे जो जनता की सेवा का मौका दिया गया है। इस वैशाली नगर को नया वैशाली नगर बनाने की मेरी योजना है, इसके लिए विकास को गति देने का काम करूंगा। कुछ समस्याएं हैं, मैं वैशाली नगर का डेव्लपमेंट करना चाहता हूं जो कांग्रेस शासन काल में ही संभव हैं, कांग्रेस शासनकाल में ही लोगों को तत्कालिक मुख्यमंत्री रहे अर्जुन सिंह, दिग्विजय सिंह के बाद प्रदेश के वर्तमान मुखिया भूपेश बघेल ने गरीबों को पटटा देने का काम किया और पट्टा नवीनीकरण का काम किया।
प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के आशीर्वाद से वैशाली नगर विस क्षेत्र में तीन आत्मानंद स्कूल खोला गया है, वहीं कुछ तालाबों का जिर्णोद्धार किया गया और कई तालाबों का जिर्णेद्धार कार्य जारी है। कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश चन्द्राकर ने अपने 30 बिन्दुओं का धोषणा पत्र जारी कर बताया कि मैं जीत कर आता हूं तो रोजगार की दिशा में काम करूंगा।
बीपीओं सेंटर की स्थापना भी वैशाली नगर में की जायेगी इसके अलावा पूरे वैशालीनगर विस क्षेत्र में जो पेयजल की समस्या हैं, उसके उपर कार्य कर उस समस्या का निराकरण करूंगा। इसके अलावा माताओं बहनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे इस विस क्षेत्र के सभी चौैक चौैराहों को सीसीटीव्ही
कैमरे से लैस किया जायेगा। क्षेत्र में अधिक रौशनी के लिए हाईमास्क लाईट जहां लगाई जायेंगी वहीं डिजिटल लाइब्रेरी व इन्डोर स्टेडियम का निर्माण कराया जायेगा इसके साथ ही लघु उद्योगों को टैक्स फ्री के दायरे में लाया जायेगा। वर्ष 1996 से लगातार सुबह 6 से 10 बजे तक जनता के बीच रहकर उनके
सुख दुख को जानता हूं, समझता हूं और उनको हल करता हूं। पिछले दो सालों से वार्डों का दौरा करके वहां के समस्याओं को जाना और वैशाली नगर विस क्षेत्र के सभी 37 वार्डों की समस्याओं को हल भी कराने का काम किया।
चौपाटी का निर्माण कई स्थानों पर कराया गया है, और कई जगह जहां बचा है, वहां भी चौपाटी का सुव्यवस्थित कराकर चैपाटी खुलवाया जायेगा। जिन स्थानों पर सडकों की आवश्यकता है, वहां सडकों का निर्माण करायेंगे।
श्री चन्द्राकर ने एक प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि वैशाली नगर विस क्षेत्र भाजपा का गढ नही है, जनता सर्वोपरि है, जिनको जनता जिताती है, वह उसी का गढ हो जाता है, मिथक किसी का नही होता,जनता विकास को जानती हेै,और उसी आधार पर अपना मतदान कर उसको विजयी बनाती है। प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने पांच सालों में प्रदेश का चहुमुखी विकास किया है। सर्वहारा वर्ग को लेकर चले और सबका मान सम्मान बढाया। पांच साल में दो साल तक तो कोरोना काल में निकल गया, इस दौरान भी प्रदेश की भूपेश सरकार एवं भिलाई की शहर सरकार के साथ ही कांग्रेसियों ने लोगों की कोरोना में जमकर सेवा कार्य किया। बाकी तीन सालों में ही छग की कांग्रेसनीत सरकार काम कर पाई।
शहर सरकार ने चौक चौराहों का सौन्दर्यीकरण का काम शुरू कर दिया है, जिसमें नेहरू नगर चैक में शहीदों का सम्मान में उनका मूर्ति बनाकर वहां का सौन्दर्यीकरण किया गया। वही सुपेला के घडी चौक का भी बेहतर रूप से सौन्दर्यीकरण किया गया यहां भी छग के स्वप्न दृष्टा व पूर्व सांसद चंदूलाल चंद्राकर का प्रतिमा स्थापना के साथ ही यहां ताजमहल के प्रतीक के रूप में यहां भी ताजमहल बनाकर इसका सौन्दर्य बढाया गया।
मुकेश चन्द्राकर ने आगे कहा कि भाजपा की 15 सालों की सरकार और भूपेश बघेल के तीन साल के कार्यकाल को सब देख रहे हैं और समझ रहे हैं, इसी आधार पर जनता कांग्रेस को अपना मत देकर विजयी बनायेगी। इससे पहले वैशाली नगर विस का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा नेताओं ने हमेंशा जनता को मूर्ख बनाया। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के विधायक एवं वैशाली नगर विस क्षेत्र के
पर्यवेक्षक इंदरदत्त लखनपाल, महापौर नीरज पाल, पूर्व साडा उपाध्यक्ष बृजमोहन सिंह, कांग्रेस नेता अतुलचंद साहू, अजय षिशवबावीरकर, पूर्व पार्षद मो रफीक, ब्लॉक अध्यक्ष नंदू कश्यप, मो शरीफ खान, गिरिराव, अषशोक गुप्ता, अली हुसैन सिद्धिकी सहित बडी संख्या में कांग्रेस के लोग उपस्थित थे।
दुर्ग में मोदी की सभा में भिलाई से जाएंगे हजारों कार्यकर्ता, पार्षदों को भी मिली जिम्मेदारी
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग में कल 4 नवंबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में उनकी सभा होगी। इस सभा के लिए भाजपाइयों को कई दिशा-निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम भिलाई के उप नेता प्रतिपक्ष दया सिंह ने कहा कि पार्षदों को भी जिम्मेदारी दी गई है। पार्षद अपने-अपने क्षेत्र से कार्यकर्ता और जनमानस को लेकर पहुंचेंगे। कार्यकर्ताओं में जबरदस्त माहौल है। उप नेता प्रतिपक्ष दया सिंह ने कहा कि इस साल चुनाव में मोदी की सभा से माहौल बदल जाएगा। लोगों ने ठान लिया है कि ऐ दारी कमल खिलाना है। दया सिंह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी को लेकर लोगों में भारी उत्सुकता बनी हुई है। हमारे सभी भाजपा पार्षद ग्राउंड में उतरकर काम कर रहे हैं। इसका परिणाम आने वाले 3 दिसंबर को देखने को मिलेगा। उप नेता प्रतिपक्ष दया सिंह ने यह भी कहा कि, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इससे छत्तीसगढ़ का माहौल बदल गया है। सभी वर्गों को ध्यान में रखकर घोषणापत्र जारी किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में भाजपा के घोषणा पत्र में बड़ी घोषणाएं
0 प्रति क्विंटल 3100 रुपए एकमुश्त मिलेगा
0 भूमिहीन मजबूरों को सालाना 10,000
0 पांच सौ रुपये में गैस सिलेंडर
0 10 लाख तक गरीबों का मुफ्त इलाज। 5 लाख आयुष्मान से। उसके ऊपर मुख्यमंत्री विशेष सहायता से।
0 5500 में खरीदेंगे तेंदूपत्ता
0 4500 रुपये तक बोनस
0 चरण पादुका व अन्य सुविधा
0 बस्तर और सरगुजा का अलग से घोषणापत्र जारी होगा
0 सभी 90 विधानसभा क्षेत्र के लिए स्थानीय जरूरत को ध्यान में रखते हुए पृथक घोषणा पत्र
0 छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए रामलला दर्शन योजना
0 1000 किलोमीटर लंबी शक्तिपीठ परियोजना
0 जुड़ेंगी 5 शक्तिपीठ
0 डेढ़ लाख बेरोजगार युवाओं को भर्ती कर सार्वजनिक घर पहुंच सेवा
0 उद्यम क्रांति के तहत 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ब्याजमुक्त ऋण
0 बनेंगे 18 लाख प्रधानमंत्री आवास
0 दो साल के भीतर हर घर निर्मल जल
0 दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर एससीआर स्टेट केपिटल रीजन
0 इनोवेशन हब में 6 लाख रोजगार के अवसर
0 विद्यार्थियों को मिलेगा ट्रेवल एलाउंस
0 इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ के तहत देशी विदेशी कंपनियों से निवेश आमंत्रण
दुर्ग । शौर्यपथ। एक तरफ जहां दुर्ग कांग्रेस में अभी भी मान मनौव्वल का दौर चल रहा है वहीं भारतीय जनता पार्टी के पुराने नेताओं के सक्रियता और कई नेताओं की घर वापसी के कारण भाजपा मजबूत होती नजर आ रही है दुर्ग शहर में एक ऐसा युवा नेता भी है जो अपने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन करने के मामले में जाना व पहचाना जाता था हम बात कर रहे हैं वरुण जोशी की वरुण जोशी को सारा शहर बहुत अच्छे से जानता एवं पहचानता है कई अनोखे आंदोलन एवं विभिन्न प्रकार के धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम दुर्ग शहर की जनता के लिए सफलतापूर्वक करवा चुके हैं पिछले कुछ सालों से वह भारतीय जनता पार्टी के कुछ शीर्ष नेताओं की नीतियों से नाराज चल रहे थे किंतु चुनावी मौसम में एक बार फिर दुर्ग जिला अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा की कोशिशें का ही परिणाम है कि वरुण जोशी भारतीय जनता पार्टी में फिर शामिल हो गए । वरुण जोशी के अनुसार उनका वापस आना घर वापसी का प्रतीक है और इसी घर वापसी के प्रतीक के रूप में वरुण जोशी सांय काल में भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश स्तर के नेता राजीव अग्रवाल के समक्ष अपने 40*50 समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी में से जुड़ गए । वरुण जोशी के जुड़ने से कहीं ना कहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी गजेंद्र यादव की स्थिति और मजबूत होगी ।
आमजनमानस ने दुर्ग शहर को परिवारवाद मुक्त होने का संकल्प लेते हुए मत रूपी शुभ आशीष देने का किया वादा : यादव
दुर्ग / शौर्यपथ /
दुर्ग कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा पर परिवारवाद का बड़ा आरोप लगाते हुए भाजपा प्रत्याशी गजेन्द्र यादव ने कहा कि दुर्ग की जनता अब परिवार वाद की राजनीति से उब चुकी है .
परिवार वाद पर आरोप लगते हुए गजेन्द्र ने पिछले दिनों हुए एक निजी चेनल के डिबेट में भी यह मुद्दा उठाया था वही दुर्ग शहर में महापुर्शो के मूर्तियों के साथ हो रहे अपमान की बात भी गजेन्द्र यादव द्वारा कही गयी थी . बता दे कि शहर में अखंड भारत का सपना देखने और भारत में स्वतंत्र रियासतों को देश में शामिल करने में अहम्आ भूमिका निभाने वाले सरदार पटेल की मूर्ति अँधेरे में उपेक्षित सी राखी है जिस तीव्र गति से स्व. मोतीलाल वोरा के मूर्ति स्थापना में साज सज्जा में ध्यान दिया गया वही सरदार पटेल की मूर्ति , महात्मा गांधी की मूर्ति , भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की मूर्ति , ग्रीन चौक में शहीद भगत सिंह की मूर्ति स्थापना और सज सज्जा में लेट लतीफी से विपक्ष को कांग्रेस को और कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा को घेरने का बड़ा मौका मिला . शहर की मुलभुत स्व्विधाओ का अभाव शहर की जनता ने लाइव डिबेट में जता ही दिया कि शहर की जनता विधायक वोरा के कार्यो से कितनी नाराज है ऐसे में एक बार फिर भाजपा प्रत्याशी गजेन्द्र यादव उक्त मामलो को लेकर मुखर हो गए .
भाजपा प्रत्याशी गजेन्द्र यादव अपने जनसंपर्क एवं दौरा कार्यक्रम वार्ड नंबर 3 मठ पारा क्षेत्र एवं करहीडीह क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क एवं दौरा किये जनसंपर्क के दौरान आम जनमानस में हार माला तिलक कर स्वागत करते आम जनमानस ने दुर्ग शहर को परिवारवाद मुक्त होने का संकल्प लेते हुए मत रूपी सुभ आशीष देने का वादा किया .
इस अवसर पर विधानसभा प्रत्याशी गजेंद्र यादव ने कहा कि हमने देखा कि शहर की जनता एक परिवार के गिरफ्त में है और उनकी दो पीढ़ी राजनीति कर चुकी है एवं कर रही है और उनकी आने वाली पीढ़ी भी तैयार है आखिर कब तक दुर्ग शहर की जनता इस परिवारवाद को सहन करेगी विकास के नाम पर दुर्ग शहर के विधायक सिर्फ घोषणा करते पर उसका क्रियान्वन कहीं नहीं बस अब दुर्ग शहर परिवर्तन के लिए तैयार है
जनसंपर्क के दौरान मंडल अध्यक्ष विजय ताम्रकार सुनील अग्रवाल नरेंद्र बंजारे हिमांशु शुक्ला पोषण साहू विकास सेन कृष्ण निर्मलकर श्याम शर्मा नरेश शर्मा मनमोहन शर्मा विधानसभा विस्तारक धेनु सेवक नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा नरेंद्र बंजारे शिवेंद्र परिहार अजीत वेध काशीराम कोसरे मनीष साहू राजेश वर्मा अजीत वैध अरुण सिंह डॉक्टर देवनारायण तांडी भारतेंदु गौतम मतिम शेख महेंद्र चोपड़ा बंटी चौहान संजय शुक्ला दीपक सिन्हा अनिकेत यादव अमित पटेल सूरज बंजारे अश्वनी चंदेल कमल देवांगन शुभम साहू रितेश शर्मा अतुल पहाड़े नवीन साहू भूपेंद्र साहू राहुल देवांगन राहुल राजपूत बंटी राजपूत कुंदन साहू शुभम सोनवानी हर प्रसाद आदिल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे .
दुर्ग / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की तैयारी सभी राजनीतिक दलों द्वारा बड़े जोरों स्वरों से की जा रही है द्वितीय चरण के नामांकन की आज अंतिम तारीख थी बुधवार को नाम वापसी की अंतिम तारीख है इसके बाद प्रत्याशियों की स्थिति साफ हो जाएगी कि कौन मैदान में है और कौन अपना नाम वापस ले रहा है परंतु दुर्ग जिले का एक ऐसा प्रत्याशी जो चुनाव लडऩे के लिए किसी भी हद तक जा सकता है उसके लिए संगठन की नीतियां कोई मायने नहीं रखती मायने रखता है तो सिर्फ चुनाव लडऩा हालांकि चुनाव में जीत का परचम भी लहराया जा चुका है परंतु वही इस जीत के साथ यह भी चर्चा जोरो पर रहती है कि हर बार अलग-अलग वार्ड से चुनाव लड़कर वादों के जाल में नए वार्ड के मतदाताओं को आकर्षित किया जाता है .
हम बात कर रहे हैं दुर्ग जिले के वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र की जो कि सालों से भाजपा का गढ़ रहा है पिछले विधानसभा चुनाव में जहां कांग्रेस की लहर थी और दुर्ग जिले के 6 विधानसभा सीट में से पांच विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में गई वहीं वैशाली नगर विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कई दिग्गजों की हार हुई किंतु व्ही आई पी जिला के नाम से प्रदेश में पहचान बन चुके दुर्ग जिले के वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी विद्या रत्न भसीन की जीत हुई के ऊपर निष्क्रियता के भी आप लग चुके हैं बावजूद इसके वैशाली नगर की जनता भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में अपना समर्थन पिछले कई चुनाव से देती आई है . स्व. भसीन जी की मृत्यु के बाद इस बार भारतीय जनता पार्टी से वैशाली नगर में दावेदारों की लंबी फौज के बाद आखिरकार भारतीय जनता पार्टी ने पांच बार के पार्षद रिकेश सेन को चुनावी समर में उतारा विकेश सिंह के चुनावी मैदान में उतरते ही भारतीय जनता पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधियों में विरोध के स्वर बुलंद होने लगे स्थिति यहां तक आ गई की भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पार्षद जयप्रकाश यादव ने निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरने के लिए कदम बढ़ा दिए . वहीं भारतीय जनता जनता पार्टी के छोटेलाल चौधरी ने भी निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनावी ताल ठोक दी टी महिला पदाधिकारी जिनके भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश के दोरान प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव के सानिध्य में हुआ था श्रीमती संगीता केतन शाह ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी जंग का आगाज कर दिया . भिलाई के वरिष्ठ पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्र ने भी वैशाली नगर से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया.
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में यह चर्चा का विषय है कि जिस तरह से निर्दलीय प्रत्याशियों की फौज खड़ी हो गई है जो कि कभी भाजपा की नीतियों के साथ अपने राजनीतिक सफर मैं एक ही कश्ती में सवार थे किंतु रिकेश सेन के प्रत्याशी घोषित होने के बाद विरोध के स्वरूप भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरने से भारतीय जनता पार्टी के वोट प्रतिशत में गिरावट आएगी और जिसके कारण भारतीय जनता पार्टी का गढ़ कहा जाने वाला वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के खाते में जा सकता है अभी नाम वापसी के दो दिन बचे हैं ऐसे में देखना है कि रिकेश सेन और भारतीय जनता पार्टी संगठन किस तरह से रूठे हुए लोगों को मनाती है और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में कार्य करने के लिए तैयार करती है .
उल्लेखनीय है कि रिकेश सेन की राजनीतिक महत्वाकांक्षा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहले वह कांग्रेस के टिकट से चुनावी मैदान में उतरे उसके बाद दल बदल कर भारतीय जनता पार्टी की टिकट से पार्षद का चुनाव लड़े दो बार निर्दलीय चुनावी मैदान में भी उतरे और जीत दर्ज की 2015 के निगम चुनाव में रिकेश सेन ने टिकट न मिलने के विरोध पर आत्महत्या करने की भी कोशिश की थी भिलाई निगम में पांच बार के पार्षद के रूप में रिकेश सेन ने अपनी सेवाएं दी राजनीतिक अनुभव राकेश सेन में के पास तो है परंतु चुनाव लडऩे की जिद में कुछ भी कर गुजरने के व्यवहार से उनकी विश्वसनीयता पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है कि अपनी महत्वाकांक्षा के आगे कहीं भविष्य में फिर राजनितिक दल ना बदल ले .
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले का वैशाली नगर विधानसभा काफी सालो से भाजपा का गढ़ रहा है किन्तु पूर्व में स्व. भसीन के कार्यकाल में निष्क्रियता का लगातार आरोप लगता रहा वही इस बार भाजपा ने ऐसे प्रत्याशी को मैदान में उतारा जो पांच अलग अलग वार्डो से चुनाव तो जीते है किन्तु वार्ड बदलने के कारण पुराने वार्ड में किये वादों को पूरा नहीं कर पाने का भी लगातार आरोप लग रहा है वही भाजपा के डो नेता जयप्रकाश यादव , छोटेलाल चौधरी के निर्दलीय मैदान में उतरने से वोट प्रतिशत में गिरावट आएगी . वशिष्ठ नारायण मिश्र के निर्दलीय नामांकन भरने से वैशाली नगर भाजपा प्रत्याशी की राह और भी ज्यादा मुश्किल हो गयी . आत्महत्या काण्ड की वजह से भी आम जनता में विश्वसनीयता खो चुके भाजपा प्रत्याशी रिकेश सेन के दावे और वादे क्षेत्र की जनता पर खास असर नही डाल पा रहे है .
दूसरी तरफ वैशाली नगर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष मुकेश चंद्राकर को अपना प्रत्याशी घोषित किया है . मुकेश चंद्राकर काफी वर्षो से संगठन में कार्य करते हुए अपने अध्यक्ष कालीन उपलब्धि में भिलाई नगर निगम का सफल और सुखद सञ्चालन कर कार्यकर्ताओ में ख़ास जगह बनाई . 15 सालो से भी अधिक समय से दुर्ग जिले की गाडियों से शुल्क लेने वाले टोल नाका ( धमधा नाका टोल प्लाज़ा पर बड़ा आन्दोलन कर जिले की गाडियों को निःशुल्क करवाया . मधुर एवं मिलनसार व्यवहार के रुपमे पहचान के साथ वासुदेव चंद्राकर जैसे राजनीतिग्य के परिवार से सम्बन्ध का नतीजा है कि पूर्व पुराने निष्क्रिय कांग्रेसी भी सक्रियता से चुनावी जंग में उतर गए है .
कांग्रेस मुकेश चंद्राकर प्रचार के दौर को पूरा करने के बाद चुनाव प्रचार का दूसरा दौरा वार्ड क्रमांक 16 में किये जहां शीतला तालाब शिव मंदिर से उन्होंने अपने डोर टू डोर कैंपेन को की शुरुआत की , जगह-जगह कांग्रेस पार्टी और मुकेश चंद्राकर जिंदाबाद के नारे लगाए गए और उनका स्वागत हुआ। बच्चे बूढ़े महिलाएं घरों से बाहर निकलकर जनसंपर्क अभियान में बड़े उत्साह से शामिल हो रहे है और जिस तरीके से लोगों ने चंद्राकर जी के डोर टू डोर कैंपेन का खुले मन से अभिवादन किया है उसे तरीके से चुनाव में वह अपने प्रतिद्वंदियों से मीलों आगे नजर आ रहे हैं। उनके इस समय प्रचार में उनके साथ दे रहे थे, आज के प्रचार का अंत उन्होंने श्री राम मंदिर में भगवान से वैशाली नगर की मंगल कामना करके किया। उनके प्रचार में आज केशव चौबे , वासु पांडे,ललित पाल , अनुसूया मरकाम सहित कांग्रेसी कार्यकर्त्ता उपस्थित थे .
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस और वोरा परिवार एक सिक्के के दो पहलु है या यह भी कहा जा सकता है कि दुर्ग कांग्रेस मतलब वोरा परिवार . स्व. मोतीलाल वोरा के राजनैतिक पहुँच और गांधी परिवार से निकटता का परिणाम रहा कि लगातार तीन हार के बाद भी कांग्रेस पार्टी के द्वारा 2013 के विधानसभा चुनाव में अरुण वोरा को ही प्रत्याशी घोषित किया गया . दुर्ग शहर में यह बात ऍम चर्चा में रहती है कि विधायक अरुण वोरा कि काबिलियत बस इतनी ही थी कि पिता स्व. मोतीलाल वोरा के गांधी परिवार की निकटता के कारण हार पर हार के बावजूद टिकिट उन्हें ही मिलता रहा और जीत का असर इतना रहा कि गुटबाजी और कमजोर प्रत्याशी इसकी वजह बनी .
अगर विधायक अरुण वोरा के चुनावी समर पर एक बारगी नजर डाले तो 1993 से वर्तमान समय तक किस्मत और स्व. मोतीलाल वोरा ही सबसे बड़ी वजह रहे टिकिट मिलने व जीत हांसिल करने में . कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा के जीत और हार का सफ़र 1993 से आरम्भ होता है .
विधायक प्रत्याशी के रूप में पहली बार 1993 में अरुण वोरा चुनावी मैदान में उतरे तब छत्तीसगढ़ का उदय नहीं हुआ था तब दुर्ग विधानसभा मध्यप्रदेश में आता था 1993 में उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के राज्यपाल के रूप में स्व. मोतीलाल वोरा का नाम सामने था पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में भी पहचान थी एवं सामने पहली बार चुनावी जंग में उतरे स्व. हेमचंद यादव भाजपा को दुर्ग शहर में पहचान देने में लगे हुए थे परिणाम यह रहा कि प्रथम चुनाव में अरुण वोरा की जीत हुई किन्तु अपने दुसरे चुनाव 1998 में जब प्रदेश में एक बार फिर कांग्रेस की सरकार बनी किन्तु अरुण वोरा की हार हुई हार का यह सिलसिला 2003 छत्तीसगढ़ का उदय और छत्तीसगढ़ के प्रथम चुनाव में भी कायम रहा एक बार फिर अरुण वोरा की हार हुई .2004 में केन्द्र में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद 2008 के विधानसभा चुनाव में काफी विरोध के बावजूद भी एक बार फिर अरुण वोरा को कांग्रेस ने दुर्ग से अपना उम्मीदवार बनाया लेकिन तब तक दुर्ग शहर में स्व. हेमचंद यादव इतने ज्यादा लोकप्रिय हो गए थे कि 2008 के विधान सभा चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा की हार हुई लगातार तीसरी हार के बाद दुर्ग की जनता और कांग्रेस के कार्यकर्ता 2013 के चुनावी समर के लिए भाग्य आजमाने और अपनी बारी का इंतज़ार करने लगे किन्तु सभी कांग्रेसी कार्यकर्ताओ की उम्मीद पर पानी फेरते हुए कांग्रेस पार्टी ने लगातार तीन हार के बावजूद भी पुनः अरुण वोरा को प्रत्याशी बनाया इस बार फिर से किस्मत ने अरुण वोरा का साथ दिया 2013 तक दुर्ग भाजपा में गुटीय राजनीती शुरू हो चुकी थी. 10 साल तक महापौर फिर विधानसभा की जीत के बाद दुर्ग लोकसभा सांसद के रूप में डॉ. सरोज पाण्डेय का गुट मजबूत हो चुका था और इसी गुटीय राजनीति एवं तथाकथित भीतरीघात का परिणाम रहा कि तीन हार के बाद कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा की जीत हुई वही यह भी चर्चा रही कि इसी गुटीय राजनीति का असर लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिला जब पुरे देश में भाजपा की लहर चली और छत्तीसगढ़ के 11 लोकसभा सीट में 10 में भाजपा की जीत किन्तु दुर्ग में भाजपा प्रत्याशी डॉ. सरोज पाण्डेय की हार हुई थी .
2018 के विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले स्व. हेमचंद यादव की लम्बी बीमारी के बाद मृत्यु उपरान्त भाजपा द्वारा तात्कालिक निगम महापौर श्रीमती चंद्रिका चंद्राकर को प्रत्याशी बनाया गया . 4 साल के कार्यकाल के बाद दुर्ग की सबसे निष्क्रिय महापौर के रूप में पहचान बना चुकी भाजपा प्रत्याशी के रूप में श्रीमती चन्द्रिका चंद्राकर के नाम की घोषणा होते ही कांग्रेसी खेमे में जश्न मनाया जाने लगा वही भाजपा के कई कार्यकर्ता चुनावी शंखनाद के पहले ही हताशा की चपेट में आ गए इसके बावजूद भी 21 हजार वोटो से कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा की जीत हुई वही 2018 के विधान सभा चुनाव में प्रदेश में 15 साल से सत्ता पर काबिज भाजपा के प्रति भी विरोध की जबरदस्त लहर तीन लगातार हार के जख्म को दूर करने में विधायक के रूप में अरुण वोरा के लिए वरदान साबित हुआ .
वर्तमान समय में एक बार फिर कांग्रेस ने दुर्ग विधान सभा सीट के लिए विधायक वोरा पर भरोसा जताया किन्तु वर्तमान स्थिति देखे तो आज भाजपा की संगठात्मक ताकत कांग्रेस से बहुत आगे है आर्थिक दृष्टि से भी देखा जाए तो भाजपा यहाँ भी आगे हीनिकल रही है . वही दुर्ग भाजपा में गुटीय राजनीती की चर्चा का ना होना , संघ की पृष्ठभूमि से भाजपा प्रत्याशी गजेन्द्र यादव का आना , आयोग सदस्य के रूप में बेहतरीन कार्यकाल , पिछड़ा वर्ग बहुल दुर्ग में पिछड़ा वर्ग समाजो मे मजबूत पकड़ ,छत्तीसगढ़िया वाद की पुरे प्रदेश में चली हवा के बीच छत्तीसगढ़िया प्रत्याशी के रूप में भाज्पाप्रत्याशी गजेन्द्र यादव की पहचान , संघ के कार्यकर्ताओ का सक्रीय होना जहां भाजपा प्रत्याशी को मजबूती प्रदान कर रहा वही गुटीय राजनीति की छाया इस बार दुर्ग कांग्रेस में स्पष्ट देखने को मील रहा है . पुराने रणनीतिकारो का वोरा बंगले से दुरी और ठेकेदारी करने वालो कार्यकर्ताओ पदाधिकारियों चुनावी कार्यो में अनुभव हीन युवाओ की फौज के भरोसे दुर्ग कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा की राह मुश्किल नजर आ रही है वही निगम के कार्यो में जबरदस्त हस्तक्षेप से कई पार्षदों की नाराजगी का असर विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है . इस बार का चुनाव विधायक वोरा के लियेअसली परीक्षा की घडी साबित हो रही है इस बार स्व. मोतीलाल वोरा के बिना चुनावी जंग ही सबसे बड़ी जंग का रूप ले रही है . 17 नवम्बर को मतदान होना और 03 दिसम्बर को परिणाम जिस पर सिर्फ राजनितिक क्षेत्र में रूचि रखने वालो को ही नहीं दुर्ग की जनता को भी बेसब्री से इंतज़ार रहेगा .
कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा का विधानसभा चुनाव का सफ़र
1993 अरुण वोरा (जीत ) हेमचंद यादव (हार)
1998 हेमचंद यादव (जीत ) अरुण वोरा (हार)
२००३ हेमचंद यादव (जीत ) अरुण वोरा (हार)
2008 हेमचंद यादव (जीत ) अरुण वोरा (हार)
२०१३ अरुण वोरा (जीत ) हेमचंद यादव (हार)
२०१८ अरुण वोरा (जीत ) चन्द्रिका चंद्राकर (हार)
दुर्ग / शौर्यपथ / विधानसभा निर्वाचन-2023 के अंतर्गत दुर्ग जिला में 26 अक्टूबर को 15 अभ्यर्थी क्रमश: विधानसभा 64 दुर्ग शहर से अरूण वोरा, अनूप कुमार पाण्डेय, अरूण कुमार जोशी निर्दलीय, लंगूर ध्रुव कुमार सोनी छत्तीसगढ़ महातारी पार्टी, विनोद सेन कौशिक निर्दलीय, विधानसभा 66 वैशालीनगर से मुकेश चन्द्राकर कांग्रेस, विधानसभा 67 अहिवारा से निर्मल कोसरे कांग्रेस, विधानसभा 63 दुर्ग ग्रामीण से संजीत कुमार विश्वकर्मा आप, ईश्वर निषाद बसपा, विधानसभा 65 भिलाई नगर से हरिचंद ठाकुर, महेन्द्र बंजारे निर्दलीय, विधानसभा भूषण नादिया बसपा, विधानसभा 62 पाटन से हैदर
भाटी, संतोष मार्कण्डेय, सच्चिदानंद कौशिक निर्दलीय ने अपना नामांकन दाखिल किया।
इसी तरह नामांकन पत्र खरीदने वाले अभ्यर्थी 63 दुर्ग ग्रामीण से गिरेन्द्र कुमार खाण्डवे गण सुरक्षा पार्टी, मनोज कुमार गायकवाड़ निर्दलीय, विकास शर्मा जनता कांग्रेस जोगी, 62 पाटन से केहर प्रसाद
खाण्डवे गण सुरक्षा पार्टी, लोकेन्द्र साहू निर्दलीय, संदीप पाल गोण्डवाना गणतंत्र, 67 अहिवारा से आशीष माण्डले, संतोष कुमार जोशी, रामप्रसाद ध्रतलहरे निर्दलीय, श्रीमती रीति देशलहरा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़, 66 वैशालीनगर से गणेश कुमार हिमांशु, रिया सेन भाजपा, शंकर लाल साहू छत्तीसगढ़ स्वाभीमान मंच, 64 दुर्ग शहर से नारायण सोनवानी,भारतभूषण सिंह सिन्हा निर्दलीय, अजय झग्गर साहू एनसीपी शामिल हैै।
दुर्ग / शौर्यपथ / भाजपा विधानसभा प्रत्याशी गजेंद्र यादव ने आज दुर्ग शहर के चंडी माता मंदिर मे दर्शन कर, टप्पा तालाब एवं शतरूपा शीतला मंदिर मे स्थित तालाब में ज्योत विसर्जन दर्शन कर दुर्ग शहर के खुशहाली की कामना करते हुए आम जनमानस से भेंट मुलाकात की
इस अवसर पर शहर विधानसभा प्रत्याशी गजेंद्र यादव ने कहा कि मां आदिशक्ति जगदंबा के आराधना के महापर्व नवरात्रि के दौरान दुर्ग शहर में जो एक धार्मिक माहौल तैयार होता है वह देखने लायक होता है बरसों से हमारा दुर्ग के आस्था का केंद्र चंडी मंदिर, शीतला मंदिर और विभिन्न मंदिरों में माता के दर्शन को लोग पहुंचते हैं इस बार दुर्ग शहर के युवाओं ने भी दुर्ग मान बढ़ाते हुए एक साथ माता की भक्ति चुनरी यात्रा का आयोजन किया जिसमें लगभग 25 से अधिक समितियां ने हिस्सा लिया मैं आदिशक्ति जगत जननी जगदंबा से दुर्ग शहर की खुशहाली की कामना करता हूं आशा करता हूं नवरात्रि में जिस तरह हम सभी छोटे बच्चों से लेकर हर उम्र के मातृ शक्तियों में माता का स्वरूप ढूंढते हैं इस आधार पर सभी आए और प्रण ले वे सुरक्षित रह सके .
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता साथ में सम्मिलित रहे.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
