August 19, 2026
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    दुर्ग

    दुर्ग (5014)

     दुर्ग / शौर्यपथ / छावनी थाना पुलिस ने करीब पौने दो साल पहले मछली मार्केट में हुए अंधेकत्ल की गुत्थी को सुलझाने में सफलता मिली है। केम्प दो के मछली मार्केट में खून से लथपथ लाश मिली थी जिसमें आरोपी ने पत्थर से सीने को कुचलकर उसकी हत्या कर दी थी। इस मामले में आरोपी तक पहुंचने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लगभग 20 माह बाद हत्यारा भिलाई पहुंचा और पुलिस की गिरफ्त में आ गया। छावनी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की।
    बीस माह पहले हुआ था क़त्ल
    1 सितंबर 2022 दिन बुधवार को कैंप 2 मछली मार्केट में एक शख्स की खून से लथपथ लाश मिली थी। सुबह जैसे ही लाश देखी गई आसपास सनसनी फैल गई। आनन फानन में पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त मोहम्मद फिरोज (49) के रूप में की। आसपास के लोगों ने बताया कि फिरोज मजदूरी करता था और अक्सर यहीं चबुतरे पर सो जाया करता था। अब इसकी हत्या किसने और क्यों की इसकी किसी को जानकारी नहीं थी। पुलिस ने शुरुआती जांच पड़ताल के बाद पीएम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इस मामले में छावनी पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना में लिया।
    पहले छोटे भाई पर हुआ शक
    हत्या की विवेचना के दौरान पुलिस को मृतक के छोटे भाई पर शक हुआ था। पारिवारिक विवाद के कारण छोटे भाई द्वारा इस वारदात को अंजाम दिए जाने के एंगल से पुलिस ने उसे हिरासत में भी लिया लेकिन पुलिस का संदेह गलत निकला। अब पुलिस के सामने आरोपी की खोज एक चुनौती बन गई। जिस जगह हत्या हुई वहां आसपास कहीं भी सीसी टीवी फुटेज पुलिस को नहीं मिला जिससे जांच काफी कॉम्पलीकेटेड हो गई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस को एक युवक के बारे में पता चला जिसका नाम शहजाद है जो वारदात के दिन से ही गायब था।पुलिस को पता चला कि शहजाद अक्सर मृतक फिरोज के साथ वहीं रहता था। पुलिस शुरू की शहजाद की तलाश इसके बाद पुलिस ने शहजाद की तलाश शुरू की। लेकिन पुलिस को पता ही नहीं चल पा रहा था कि शहजाद कहां गया। इस बीच पुलिस को शहजाद के मूल निवास क्षेत्र कोरबा का पता चला तो वहां भी खोजबीन कराई गई लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया। इधर पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी और उधर आरोपी खुद ही पुलिस की चंगुल में फंस गया। दरअसल शहजाद हत्याकांड के 20 माह बाद भिलाई लौटा। इस बीच पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शहजाद को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में शहजाद ने फिरोज की हत्या करने की बात मानी और इसकी वजह भी बताई।
    चबुतरे पर सोने के लिए होता था विवाद
    आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में जो बताया वह चौंकाने वाला था। शहजाद ने बताया कि जिस चबुतरे पर फिरोज सोता था वहीं पर यह भी सोता था। चबुतरे पर सोने को लेकर मोहम्मद फिरोज अक्सर शहजाद को मां बहन की गंदी गालियां दिया करता था। इससे तंग आकर शहजाद ने 31 अगस्त 2022 को फिरोज की हत्या का प्लान बनाया। इसके बाद शहजादा ने पत्थर से सोए हुए मोहम्मद फिरोज के सीने पर वार कर दिया और वहां से उसी रात फरार होकर नागपुर चल गया। कोरबा का रहने वाला शहजाद भिलाई में काम करता था और वारदात के बाद नागपुर भाग गया था। हत्या के इतने दिन बाद शहजाद को लगा कि मामला शांत हो गया है और इसी विश्वास से वह भिलाई पहुंचा।

        दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम आयुक्त लोकेश चन्द्राकर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चल रहे आवास निर्माण का नोडल अधिकारी एवं कार्यपालन अभियंता दिनेश नेताम, सहायक नोडल अधिकारी जितेंद्र समैया,मोहित मरकाम,प्रीतम एवं ठेकेदारों के साथ निरीक्षण किया। इसके अलावा इस योजना से जुड़े अधिकारियों से जानकारी ली गई।
    आयुक्त लोकेश चन्द्राकर ने निर्माणाधीन आवास के संबंध में नोडल अधिकारी व ठेकेदारों को कार्य की गुणवत्ता बनीं रहे इस ओर विशेष ध्यान देने कहा। निर्धारित समय सीमा में आवासों का निर्माण पूर्ण करने सख्त निर्देश दिए गए। ताकि पात्र हितग्राहियों को जल्द से जल्द उक्त आवास का आबंटन पात्रता अनुसार किया जा सके। आयुक्त ने सभी इंजीनियरों से कहा कि वे पूर्व में सौंपे गये दायित्वों के साथ-साथ वर्तमान कार्य का भी संपादन करना सुनिश्चित करें। इस मौके पर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवास जैसे गणपति विहार 108 आवास एवम पोटिया रोड 116 आवास को सर्वसुविधा युक्त बनाने आवासों के नोडल अधिकारी को निर्देशित किया। समय पर गुणवत्तापूर्ण एवं मापदंड के अनुरूप काम पूरा किया जाये, ताकि समय पर इसका लाभ हितग्राहियो को मिल सके। आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान पोटिया रोड प्रधानमंत्री आवास के ग्राउंड सहित क्षेत्र के आस पास साफ सफाई, समतलीकरण सहित पानी की व्यवस्था हेतु नल कनेक्शन एवं प्रधानमंत्री आवास के सामने फ्रेंसिंग से कालोनी को सुरक्षित करने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने की बात कही।
      उन्होंने निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारियो से कहा कि 15 दिवस के भीतर पात्र हितग्राहियों को आवास का आबंटन हो सके ऐसा प्रयास करें।उन्होंने गणपति विहार आवास का निरीक्षण करते हुए पानी की व्यवस्था के साथ साथ बिजली के कार्यो को प्राथमिकताओं के साथ पूरा करने कहा। कालोनी में विद्युतीकरण  लेटलतीफी को लेकर ठेकेदार को फटकार लगाते हुए नाराजगी जाहिर की।निरीक्षण के दौरान गणपति विहार के पास अवैध रूप से हो रहें अतिक्रमण पर कार्रवाही कर हटवाने के निर्देश भवन अधिकारी गिरीश दिवान को दिये।
     गौरतलब है कि निगम आयुक्त  के निर्देश पर आवास आवंटन की प्रक्रिया  शीघ्रता से कार्रवाई की जा रही है। ताकि लोगों को आवास का लाभ यथाशीघ्र मिल सके। आयुक्त ने निरीक्षण में निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही की जावेगी।

       भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस विभाग में 16 मई को पाली एवं कर्म शिरोमणि पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 'जनवरी से मार्च' 2024 तिमाही के लिए प्रबन्धक मयंक वर्मा को पाली शिरोमणि पुरस्कार तथा मार्च 2024 के लिए सुनाराम टुडु एवं राजकुमार त्यागी एवं अप्रैल 2024 के लिए  बिसर्जन पटेल व मुन्नाराम ध्रुव को कर्म शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कृत कार्मिकों को प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह एवं उनके जीवन साथी के लिए एक प्रशंसा पत्र भी प्रदान किया गया।
    इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक ब्लास्ट फर्नेस सौम्य तोकदार ने विषम परिस्थितियों में सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने हुए विभाग में उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन करने के लिए सभी पुरस्कृत कार्मिकों को बधाई दी एवं भविष्य में भी इसी प्रकार कार्य करने तथा अपने सहकर्मियों को भी प्रोत्साहित करने का आव्हान किया।
    कार्यक्रम के प्रारम्भ में सहायक महाप्रबंधक कार्मिक बीजू जॉर्ज ने सभी पुरस्कृत कर्मचारियों को बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन कनिष्ठ अधिकारी कार्मिक  मदन मोहन श्रीवास्तव के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अतिरिक्त श्रमकल्याण अधिकारी श्री सोहील अहमद तथा श्रीमती ममता एवं श्रीमती दिव्यांका का विशेष योगदान रहा।

           भिलाई चरौदा। शौर्यपथ । नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा के हृदय स्थल दक्षिण वसुंधरा नगर में करोडो की लागत से शापिंग काम्पलेक्स का निर्माण किया गया है। निगम क्षेत्र का यह एकमात्र  शापिंग काम्पलेक्स है जिसमें 140 दुकानें और 10 बडे हॉल है। वर्ष 2017-18 से निगम प्रशासन द्वारा शापिंग काम्पलेक्स की दुकानो की नियमानुसार विक्रय करने की प्रक्रिया को प्रारंभ किया गया था। जिसमें अब तक 60 दुकानों का आवंटन हो चुका है जबकि 80 दुकानो का आबंटन नही हो पाया है। गौरतलब है कि निगम कमिश्नर डी.एस.राजपूत द्वारा इस मामले का संज्ञान लेकर आवंटित दुकानदारों से गुरुवार 16 मई को अपने कार्यालय कक्ष में भेंट मुलाकात की गयी। साथ ही आवंटित दुकानदारों से अपना कार्य व्यवसाय आवंटित दुकानों में शीघ्र प्रारंभ करने के संबंध में चर्चा संपन्न हुयी।
       यह बता दे कि निगम प्रशासन द्वारा ग्रिल लगाकर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को सुरक्षित रखने का कार्य किया गया है साथ ही कॉम्प्लेक्स के पिछले हिस्से में भी बाउंड्रीवाल निर्माण कर उसे सुरक्षित किया गया है जिससे किसी भी प्रकार के असामाजिक तत्वों का जमावड़ा शापिंग काम्पलेक्स परिसर में ना हो। वसुंधरा नगर शापिंग काम्पलेक्स में जिन व्यवसायियों को दुकानें आवंटित की गयी है। उन सभी ने निगम कमिश्नर  से रूबरू चर्चा के दौरान अपनी समस्या और मांग उनके समक्ष रखी है। शापिंग काम्पलेक्स में नियमित साफ-सफाई किये जाने, परिसर में शौचालय एवं पेयजल आपूर्ति करने तथा विद्युत व्यवस्था प्रदान किये जाने की मांग की गयी है। आवंटित दुकानदारों ने कमिश्नर श्री राजपूत के समक्ष शापिंग काम्पलेक्स में उप पंजीयक कार्यालय खोले जाने संबंधी प्रस्ताव रखा है। इससे शापिंग काम्पलेक्स में लोगों की आवाजाही बढ़ेगी और शेष आवंटित दुकानों के भी विक्रय की स्थिति का निर्माण होगा।
    आबंटित दुकानदारों द्वारा शापिंग काम्पलेक्स की छत पर जमा होने वाले पानी की निकासी तथा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में सिक्युरिटी गार्ड की व्यवस्था करने की मांग निगम प्रशासन के समक्ष रखी गयी। इन सभी विषयों को गंभीरता से सुनने के बाद कमिश्नर डी एस राजपूत ने हर संभव सहायता प्रदान करने का भरोसा आवंटित दुकानदारों को दिलाया है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / जुनवानी स्थित चौहान ग्रीन वैली में पानी को लेकर बवाल मचा हुआ है। चौहान ग्रीन वैली के सैकड़ों परिवार बीते डेढ़ माह से पानी की समस्या झेल रहे हैं। शनिवार को सोसायटी में रहने वाले लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और सड़क पर आ गए। सैकड़ों की संख्या में महिलाएं व पुरुषों के साथ बच्चों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान मटकी फोड़ी और खाली बाल्टियां लेकर चौहान ग्रीन वैली सोसायटी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। वहीं सोसायटी प्रबंधन ने यहां रह रहे लोगों पर ही पानी की चोरी का आरोप लगा दिया।
      बता दें चौहान ग्रीन वैली जुनवानी में एक प्राइवेट सोसायटी हैं। यहां पर अधिकतर लोग बीएसपी, सीएसईबी व अन्य सरकारी संस्थाओं से रिटायर्ड व नौकरी पेशा लोग निवासरत हैं। यहां बने एकल मकानों में सोसायटी द्वारा बोर की सुविधा दी गई है लेकिन अपार्टमेंट में पानी की जिम्मेदारी सोसायटी की है। सोसायटी में प्रतिमाह मेंटेनेंस के नाम पर 900 से 1000 रुपए लिया जा रहा है लेकिन लोगों की मूलभूत जरूरत को पूरा नहीं किया जा रहा है। चुंकि यह एक निजी कॉलोनी है इसलिए यहां पर नगर निगम की दखल कम रहती है इसके बाद भी जरूरत पडऩे पर निगम द्वारा यहां जलापूर्ति कराई जा रही है। बड़ी सोसायटी होने के कारण निगम के प्रयास भी नाकाफी हैं और रही बात सोसायटी का मेंटेनेंस देखने वालों की तो वे अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ते दिख रहे हैं। इसे देखते हुए सोसायटी में रहने वाले लोगों ने शनिवार को हल्लाबोल कर दिया। लोगों ने मटकी फोड़कर व खाली बाल्टियों के साथ प्रदर्शन किया।
    डेढ़ माह से जारी है समस्या
      चौहान ग्रीन वैली में रहने वाले लोगों का कहना है कि पिछले डेढ़ माह से सोसायटी में यह समस्या बनी हुई है। सोसायटी में मेंटेनेंस व शिकायतों के निराकरण के लिए बकायदा ऑफिस है लेकिन यहां लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि कंप्लेन करों तो उसका निराकरण नहीं होता। लोगों का कहना है कि पानी को लेकर कॉल करो तो कोई फोन नहीं उठाता है। पिछले डेढ़ माह से लोगों को पानी नहीं मिल रहा है जिसके कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को तकलीफें यहीं तक सीमित नहीं है। लोगों का कहना है कि पानी की कमी के साथ यहां बिजली कटौती ने भी परेशान कर रखा है।
    बच्चों ने कहा तीन-तीन दिन नहा नहीं पाते
    सड़क पर महिलाओं व पुरुषों के साथ बच्चे भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन किया। बच्चों का कहना है तीन तीन दिन में एक बार नहाने को पानी मिल रहा है। पीने के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है। वहीं डेली यूज के लिए पानी की काफी कमी है। बच्चों का कहना है कि पीने के लिए तो जैसे तैसे पानी खरीद रहे हैं लेकिन बाकी जरूरतों के लिए कैसे करें। बड़ों के साथ बच्चों ने भी सोसासटी की समस्या पर जमकर बवाल किया। इस दौरान चौहान ग्रीन वैली सोसायटी से कोई भी जिम्मेदार सामने नहीं आया। सोसायटी की एचआर अमृता सिंह जरूर वहां मौजूद रहीं और लोगों के आरोप को झुठलाती रहीं।
    मीडिया से भागती रहे सोसायटी की एचआर
      लोगों के मटकाफोड़ प्रदर्शन के दौरान सोसायटी की एचआर अमृत सिंह मीडिया से बचकर भागती रही। मीडिया के सवालों का जवाब देने के बजाय उन्होंने सोसायटी के लोगों पर ही पानी चोरी का आरोप लगा दिया। जब उनसे पानी की कमी को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पानी की कोई कर्मी नहीं है बल्कि लोग अपने घरों पर टुल्लुपंप के माध्यम से पानी चुरा रहे हैं। इसके बाद भी कमी होने पर टैंकर से पानी की सप्लाई कराई जाती है। एचआर का कहना था कि जरूरत पडऩे पर 20 से 25 टैंकर पानी सोसायटी में आता है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के ग्राम बोडेगांव में फैले डायरिया की स्थिति अब नियंत्रण में है। प्रभावितों का ईलाज अब उनके घर पर ही स्वास्थ्य अमला द्वारा किया जा रहा है। जिले के ग्राम बोड़ेगांव ननक_ी में उल्टी-दस्त की आऊटब्रेक की सूचना होने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा 14 मई  से नियमित रूप से सक्रिय सर्वेलेंस किया जा रहा है। डॉ. जे.पी. मेश्राम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग के निर्देशानुसार डॉ. एस.के. मेश्राम, जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी, दुर्ग, डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्विलेंस अधिकारी, दुर्ग श्रीमती रितीका मसीह, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, राजेन्द्र वर्मा, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, निकुम, संदीप वर्मा,आरएमए,टेमेन्द्र देशमुख एवं सुश्री महेश्वरी बघेल, आर.एच.ओ., सुपरवाईजर व स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहित काम्बेट टीम के अन्य सदस्यों द्वारा प्रभावित क्षेत्र में चिकित्सकीय उपचार एवं दवाईयों का वितरण किया जाकर आमजनता को चिकित्सकीय लाभ दिया दिया जा रहा है।
       मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.पी. मेश्राम से मिली जानकारी अनुसार 18 मई 2024 को प्रभावित क्षेत्र ग्राम बोड़ेगांव में उल्टी-दस्त के 02 नये मरीज मिले है, जिनमें से 01 पुरूष 01 महिला को
    डायरिया व दस्त के जो अपने घर में ही चिकित्सकीय उपचार ले रहे है। 01 महिला 42 वर्ष जिनका श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज, जुनवानी में चिकित्सकीय उपचार करा रहे हैं, उनकी स्थिति सामान्य है। 14 मई 2024 से आज दिनांक तक ग्राम बोड़ेगांव में कुल 53 प्रकरण में 01 मरीज अस्पताल में चिकित्सकीय उपचार ले रहे हैं व अन्य 52 मरीजों का घर पर ही चिकित्सकीय उपचार चल रहा है व स्वास्थ्य लाभ ले रहे है। काम्बेट टीम व मितानिन द्वारा संक्रमित क्षेत्र का सर्वे किया जा चुका है। मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता को प्रभावित क्षेत्र में सतत् निगरानी किये जाने निर्देशित किया गया है। 24&7 स्वास्थ्य केन्द्रों में ड्यूटी लगायी गयी है। कुल 110 घरों का भ्रमण किया गया 50 ओ.आर.एस.पैकेट, मैट्रोनिडाजोल के 10 टेब. वितरित किये गये है। ग्राम पंचायत में सरपंच की सहायता से गांव में उल्टी-दस्त होने पर सूचना देने की मूनादी करायी जा रही है। स्थानीय चिकित्सा अधिकारी, आर.एम.ए., विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, एरिया सुपरवाईजर, सी.एच.ओ., एन.एन.एम. स्टाफ नर्स, मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा संक्रमित क्षेत्र की सतत् निगरानी की जा रही है।
    प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त दवाईयों का भंडारण किया गया एवं गंभीर मरीजों को तत्काल हायर सेंटर रिफर किया जा रहा है। ग्राम बोड़ेगांव से रवेलीडीह पानी सप्लाई होने वाली पाईपलाईन का मरम्मत किया जा रहा है। वर्तमान में उल्टी-दस्त के प्रभावित क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण पर है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला के निर्देश पर एवं डीएसपी ट्रैफिक सतीष ठाकुर के नेतृत्व में यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा इस वर्ष 4 माह में 280 लापरवाह वाहन चालको के लायसेंस सस्पेंड करने हेतु परिवहन विभाग को प्रेषित किया गया है। जिसमें परिवहन विभाग द्वारा सभी वाहन चालको का लायसेंस को सस्पेंड किया गया है। यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा 280 प्रकरण में से 204 प्रकरण छ.ग. राज्य के सभी जिलों एवं 76 प्रकरण अन्य राज्यों के वाहन चालको का भेजा गया है।
      सुप्रीम कोर्ट के गाईड लाईन के अनुसार मोटर व्हीकल एक्ट के 07 धाराओं जिसमें तेज रफ्तार वाहन चालन,रेड सिग्नल जम्प, शराब सेवन कर वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाईल फोन का प्रयोग करना, लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाना, विपरीत दिशा से वाहन चालन करना एवं माल वाहक में ओवर लोड माल ले जाना में वाहन चालको के लायसेंस सस्पेड करने निर्देशित किया गया है।

    उपचार के बाद होश में आने पर हो गया पूरे मामले का खुलासा,सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
    दो दिन पूर्व नेवई भाठा डेम के पास पत्नी के साथ खून से लथपथ मिला था पुलिस को

      दुर्ग / शौर्यपथ / आज के इस दौर में कोई किसी पर भरोसा नही कर सकता। सबसे पवित्र रिश्ता  पति पत्नी का होता है लेकिन अब इस सोषल मीडिया के जमाने में पति पत्नी द्वारा एक दूसरे को मौत के घाट उतारने के मामले रोज सुर्खियों में आने लगा है। इसी  प्रकार का एक मामला आज फिर दुर्ग जिले के नेवई थाना क्षेत्र में सामने आया, जिसमें पत्नी ने अपनी पति की हत्या करवाने के लिए तीन लोगों को 50 हजार रूपये की सुपारी दी थी और पूरे योजनाबद्ध तरीके से पति को बुलाकर इन तीनों आरोपियेां द्वारा पत्नी के सामने ही गले में धारदार हथियार से वार कर फरार हो गये थे।
       इसी दौरान 16 मई की देर शाम पुलिस के पेट्रोलिंग टीम को रात के अंधेरे में खून से लथपथ पति से उसकी पत्नी विवाद कर रही पत्नी पर नजर पडी और पुलिस ने घायल पति को अस्पताल पहुंचाया था। शख्स को होश आने के बाद जो खुलासा हुआ वह चौंकाने वाला निकला। दरअसल यह पूरा मामला पति-पत्नी के बीच विवाद का निकला। पत्नी ने पति की हत्या के लिए तीन बदमाशों को 50 हजार की सुपारी दी। समय पर पुलिस पहुंच गई और गंभीर रूप से घायल शख्स को बचा लिया। इस मामले में पुलिस ने शातिर महिला के साथ उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। नेवई पुलिस ने इस मामले में धारा 307, 120बी के तहत कार्रवाई कर चारों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
      इस पूरे मामले में शनिवार को एएसपी सुखनंदन राठौर ने पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6 में खुलासा किया। घटना 16 मई की देर शाम लगभग 7 बजे की है। थाना नेवई पेट्रोलिंग द्वारा आउटर एरिया नेवई डेम क्षेत्र के संदिग्धों पर नजर रखने पेट्रोलिंग किया जा रहा था। इस दौरान नेवई डेम किनारे अंधेरे में एक व्यक्ति खून से लथपथ अपनी पत्नि के साथ विवाद कर रहा था। यह देखकर पेट्रोलिंग टीम पास गई तो देखा कि उस व्यक्ति के गले में गंभीर चोट लगी है और काफी खून निकल रहा था। घायल व्यक्ति को पुलिस टीम ने तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया। वह बातचीत करने की स्थिति में नहीं था।
    घायल व्यक्ति को था पत्नी पर शक
      वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर नेवई पुलिस ने हत्या का प्रयास करने वालों की तलाश शुरू कर दी। इधर इलाज के बातचीत करने की हालत में आने पर पुलिस ने उसका बयान लिया तो चौंकाने वाली बात निकली। घायल व्यक्ति ने अपना नाम तौकील आलम निवासी कुरुद रोड कोहका बताया। पूछताछ में उसने बताया कि 16 मई की रात को उसकी पत्नी नीदा अंजुम ने पेट्रोल खत्म होने की बात कहकर पेट्रोल लेकर नेवई डेम पर पहुंचने कहा। उसने बताया कि जब वह रात 8 से 9 बजे के बीच पेट्रोल लेकर नेवई डेम पहुंचा और स्कूटी की चाबी आसपास कहीं गुम हो जाने की बात कही। जब तौकीर आलम ने चाबी ढूंढने लगा तो पास में खड़े एक अज्ञात व्यक्ति जो मुंह में स्कार्फ बांधा था, उसने कहा कि चाबी यहां पर है। तौकीर आलम ने उससे चाबी ली और पीछे मुड़कर गाड़ी की ओर आने लगा तो पीछे से उसने धारदार हथियार से गले पर वार कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस को तौकीर ने यह भी बताया कि इस पूरी घटना के पीछे उसकी पत्नी के होने की आशंका है। बयान के आधार पर पुलिस ने
    अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया।
      विवाद से परेशान होकर रची हत्या की साजिश ...
        इसके बाद पुलिस ने तौकीर आलम की पत्नि संदेही नीदा अंजुम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। जल्द ही नीदा अंजुम ने पूरी सच्चाई बता दी। उसने बताया कि शादी के बाद से पति पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। जिससे परेशान होकर अपने पति तौकीर आलम को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। उसने अपने परिचित आजाद कैवंट को अपना प्लान बताया। तब आजाद केवंट ने अपने दोस्त देव कुमारं चौधरी एवं जय कुमार के साथ मिलकर तौकीर आलम की हत्या करने के लिये 50,000 रुपए में सौदा तय किया। इसके बाद नीदा अंजुम, आजाद केवंट, देव कुमार चौधरी एवं जय कुमार ने तौकीर को जान से मारने की प्लानिंग कर नेवई डेम बुलाया नीदा अंजुम अपनी स्कूटी से तथा आजाद केवट अपनी स्कार्पियों में अपने साथी देव कुमार व जय कुमार को साथ लेकर नेवई डेम पहुंचे। रात करीब 8 बजे योजनाबद्ध तरीक से नीदा अंजुम ने अपने पति तौकीर को पेट्रोल खत्म होने का बहाना कर वाटसअप काल कर नेवई डेम बुलाया। देव कुमार चौधरी व आजाद केंवट स्कार्पियों में बैठकर तथा जय कुमार मुंह में स्कार्फ बांधकर अपने जेब मे धारदार कटर एवं नीदा अंजुम की गाड़ी की चाबी को अपने पास रखकर इंतजार कर रहा था। जैसे ही तौकीर आलम पेट्रोल लेकर नेवई डेम आया और पेट्रोल डालने के लिये स्कूटी का चाबी मांगी तो उसने गुम हो जाने की बात कह दी। तब तौकीर चाबी ढूंढने लगा तो पास खडे जय कुमार ने चाबी यहां पर है कहकर पास बुलाकर चाबी दिया और पास में रखे धारदार कटर से गले में तीन-चार बार वार कर दिया। इसके बाद सभी वहां से भाग गए। पुलिस ने निदा अंजुम के बयान के बाद उसके साथी आजाद कैंवट, देव कुमार चौधरी एवं जय कुमार मेहता गिरफ्तार कर लिया।
    इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक आनंद शुक्ला, निरीक्षक ममता अली शर्मा, एएसआई सुरेन्द्र तारम, प्रधान आरक्षक सूरज पाण्डेय, आरक्षक रवि बिसाई, अजित यादव, आख चंदन भास्कर, आरक्षक विकास शर्मा रोहन दुबे, महिला आरक्षक बिन्दु भाले तथा एसीसीयु के आरक्षक उपेन्द्र यादव, विकांत यदु,शाहबाज खान, का प्रशंसनीय योगदान रहा।

     जनसमस्या एवं जनशिकायत के लंबित प्रकरण तत्परतापूर्वक निपटायें
     पानी की समस्या से निपटने हो समुचित प्रबंध
     अभियान चलाकर करें राजस्व प्रकरणों का निराकरण
     ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से जुनियर खिलाडिय़ों को मिलेगी पहचान
     कलेक्टर सुश्री चौधरी ने की समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा
    दुर्ग / शौर्यपथ /

      कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा कि जिले में ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से विभिन्न खेलों के सब-जुनियर एवं जुनियर वर्ग के प्रतिभाशाली बालक-बालिकाओं को बीएसपी के खेल प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएगी। ताकि वे आने वाले दिनों में अपने प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। उन्होंने इस हेतु जिला खेल अधिकारी को बेहतर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये है।
       कलेक्टर सुश्री चौधरी ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित अधिकारियों की बैठक में जनसमस्याओं एवं जन शिकायतों के प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने लंबित प्रकरणों को त्वरित रूप से निराकरण करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि चुनाव सम्पन्न होने के साथ ही कार्यालयीन रूटीन कार्य पर अधिकारी ध्यान देवें। उन्होंने गर्मी के मौसम में जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या न हो, इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को पानी सप्लाई हेतु समुचित प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है। कलेक्टर ने कहा कि अभियान चलाकर लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया जाए। इसी प्रकार राजस्व न्यायालय के प्रकरण जल्द से जल्द निराकृत किया जाए। किसान किताब एन्ट्री, आधार सींडिंग, डिजीटल हस्ताक्षर, नक्शा बटांकन आदि पर विशेष ध्यान दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि जिला अस्पताल में वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य जांच विशेषज्ञ चिकित्सों के माध्यम से कराने शिविर आयोजित किया जाए।
      उन्होंने इस हेतु सिविल सर्जन को आवश्यक पहल करने के निर्देश दिये। जिले में बायोमेडिकल वेेस्ट पर कार्यशाला आयोजित करने और मानसून के दौरान मौसमी बीमारी की रोकथाम हेतु चिकित्सालयों में समुचित प्रबंध करने सीएमएचओ को निर्देशित किया है। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जिले के सहकारी समितियों एवं पंजीकृत दुकानों में खरीफ फसल बीज व खाद भण्डारण एवं वितरण की जानकारी भी ली। उन्होंने सभी एसडीएम और उप संचालक कृषि को बीज व खाद की सेम्पल जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही कलेक्टर ने बालोद जिले के करकाभांट शक्कर कारखाना को गन्ने की आपूर्ति के लिए जिले में गन्ने की पैदावारी को बढ़ावा देने बालोद जिले से लगे एरिया के किसानों को गन्ने की फसल के लिए प्रोत्साहित करने व आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने उप संचालक कृषि को निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा कि आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी स्कूल, आश्रम एवं छात्रावासों की आवश्यक मरम्मत करा ली जाए।
      जिला शिक्षा अधिकारी, आर.ई.एस. एवं संबंधित जनपद पंचायत इस पर विशेष ध्यान देवें। उन्होंने अधिकारियों को विभाग से संबंधित 31 मार्च तक के सभी लंबित प्रकरण निराकृत कर लेने के निर्देश दिये है। बैठक में एडीएम अरविन्द एक्का,  वनमंडलाधिकारी चन्द्रशेखर परदेशिया, नगर निगम भिलाई के आयुक्त देवेश ध्रुव, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम भिलाई-3 चरोदा के आयुक्त दशरथ राजपूत, नगर निगम रिसाली के आयुक्त सुश्री मोनिका वर्मा, अपर कलेक्टर बी.के. दुबे एवं श्रीमती योगिता देवांगन, सभी एसडीएम व जनपद सीईओ सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

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