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भिलाई / शौर्यपथ / ज़िक्र-ए-शोहदा-ए-करबला मदरसा दारुल राहत आलिमा के द्वारा फरीद नगर में 9 दिवसीय तकरीर का आयोजन सीरते जहरा कॉन्फ्रेंस में किया गया। यहां खास तौर पर बिहार से आलिमा फ़ाज़िला चांदनी और अलिमा फ़ाज़िला नीलोफर ने करबला के शहीदों का बयान किया। तकरीर के दौरान फरीद नगर और आसपास की महिलाएं बड़ी तादाद में जुटी। तकरीर के बाद सिटी हेल्थ केयर मेडिकल ने यहां निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। जहां प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पूजा सिंह ने अपनी निशुल्क सेवाएं दी। डॉ पूजा ने शिविर में निशुल्क जांच करते हुए महिलाओं को सामान्य जांच और माहवारी व गर्भावस्था से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी। उन्होंने महिलाओं को खुद को स्वच्छ रखते हुए अपने घर-आंगन और मोहल्ले को भी साफ-सुथरा रखने की हिदायत दी। इस निशुल्क स्वास्थ्य शिविर संयोजक मोहम्मद सादिक ताजी ने बताया कि आगे भी यह सिलसिला अलग-अलग मौकों पर जारी रहेगा। इस दौरान कैम्प-1 साक्षरता चौक के सामने स्थित ताज दरबार नानी अम्मा की सदर हज्जन बदरुन्निसा ताजी ने सभी के लिए दुआएं की।
स्व. बाबूराम गहलोत एवं स्व. चंदा देवी गहलोत की स्मृति में निर्मित मंदिर में बीकानेर से आए 11 वैदिक आचार्यों ने संपन्न कराए धार्मिक अनुष्ठान
भिलाई नगर / शौर्यपथ / लिंक रोड, कैम्प-2 भिलाई में स्वर्गीय बाबूराम गहलोत एवं स्वर्गीय चंदा देवी गहलोत की स्मृति में निर्मित भव्य भैरव बाबा मंदिर में सप्ताहभर चले वैदिक अनुष्ठानों के बाद श्रद्धा एवं भक्तिभाव के वातावरण में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न हो गया। इस अवसर पर आयोजित शोभायात्रा, महाआरती एवं महाभंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
आयोजन की शुरुआत 22 जून से हुई थी। पहले दिन मंडप निर्माण, वेदी पूजन, अग्नि प्रकट एवं स्थापना, मूर्ति जलाधिवास तथा पुष्याधिवास के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। इसके बाद क्रमशः घृताधिवास, तैलाधिवास, फलाधिवास और धान्याधिवास सहित विभिन्न वैदिक विधियां संपन्न कराई गईं। महोत्सव के दौरान 26 जून को भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों और जयघोष के साथ नगर भ्रमण किया। शोभायात्रा मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।
27 जून को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नित्य पूजन, हवन, भैरव बाबा की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा, पूर्णाहुति, महाआरती एवं महाभंडारे का आयोजन किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति अर्पित कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
आयोजक ढालचंद गहलोत ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा के लिए राजस्थान के बीकानेर से 11 विद्वान पंडितों की टीम को आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने संपूर्ण अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराए। समारोह यज्ञाचार्य एवं ज्योतिषाचार्य पंडित आशीष भादाणी तथा यज्ञ ब्रह्मा योगेश ओझा शास्त्री के सान्निध्य में संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि मंदिर में स्थापित भैरव बाबा की प्रतिमा भी विशेष रूप से बीकानेर से मंगाई गई है।
शोभायात्रा एवं धार्मिक कार्यक्रमों में चिन्ना राव, लक्ष्मण गहलोत, रिंकू जैन, सुनील गहलोत, संतोष पति, पूनम गहलोत, हुकुमचंद गहलोत, शिवरतन शर्मा, लकी गहलोत, पूर्व पार्षद सविता राव, पार्षद विनोद तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता त्रिलोचन सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
भक्ति, वैदिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता से परिपूर्ण इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया।
निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर आरोप; वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग
भिलाई / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कराए गए करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों और भुगतान प्रक्रिया में कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं का मामला सामने आया है। भाजपा के उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह ने नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) से जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए मंत्री अरुण साव ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं।
दया सिंह का आरोप है कि नगर निगम में कई विकास कार्यों के दौरान वैधानिक प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई तथा कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों की जवाबदेही तय करने के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
ज्ञापन में लगाए गए प्रमुख आरोप
■ अवैध प्लॉटिंग को लाभ पहुंचाने का आरोप
ज्ञापन के अनुसार वार्ड-22 स्थित शीतला तालाब के दक्षिण मार्ग पर 15वें वित्त आयोग की राशि से लगभग 72.30 लाख रुपये की लागत से डामरीकरण कार्य कराया गया। आरोप है कि आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों के बिना यह सड़क अवैध प्लॉटिंग वाले क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई तथा गुणवत्ता परीक्षण के बिना लगभग 52 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया।
■ PF और ESI जमा किए बिना भुगतान
ज्ञापन में दावा किया गया है कि सफाई ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों का PF और ESI जमा नहीं किया गया, इसके बावजूद निगम ने भुगतान जारी कर दिया। आरोप है कि पूर्व आयुक्तों द्वारा भुगतान रोकने के निर्देश होने के बाद भी नियमों की अनदेखी कर ठेकेदार को लाभ पहुंचाया गया।
■ चार पानी टंकियों के निर्माण में पेनल्टी नहीं
दया सिंह ने आरोप लगाया कि निगम की चार ओवरहेड पानी टंकियों का निर्माण निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हुआ। फाइल में समय सीमा नहीं बढ़ाने की टिप्पणी होने के बावजूद देरी पर ठेकेदार के विरुद्ध पेनल्टी नहीं लगाई गई और करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है।
■ निर्माण कार्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने का आरोप
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि 50 हजार से 70 हजार रुपये तक के अनेक छोटे निर्माण कार्यों को नियमों से बचने के लिए अलग-अलग हिस्सों में स्वीकृत कराया गया, ताकि निविदा प्रक्रिया से बचते हुए पसंदीदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा सके।
EOW जांच की मांग
दया सिंह ने मंत्री अरुण साव से अनुरोध किया है कि निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की EOW से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, जिससे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और यदि कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भिलाई जिला प्रभारी रामजी भारती, जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, नेता प्रतिपक्ष भोजराज भोजू, पार्षद पीयूष मिश्रा, भाजपा महामंत्री मनीष अग्रवाल, जिला कोषाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, पूर्व सभापति श्याम सुंदर राव सहित भाजपा संगठन के पदाधिकारी एवं पार्षद उपस्थित रहे।
नोट: यह समाचार भाजपा उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों और मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन पर आधारित है। इन आरोपों की आधिकारिक जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना शेष है।
एसपी विजय अग्रवाल का बड़ा प्रशासनिक फैसला, पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए जारी हुए तबादला आदेश
दुर्ग। जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त, प्रभावी एवं जनकेंद्रित बनाने की दिशा में दुर्ग पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 10 थाना एवं चौकी प्रभारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार विभिन्न थाना प्रभारियों एवं अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि उनके स्थान पर अन्य अधिकारियों की पदस्थापना की गई है।
जारी आदेश के मुताबिक वैशाली नगर, पद्मनाभपुर, धमधा, उतई, नंदिनी, सुपेला, पुरानी भिलाई, छावनी, स्मृति नगर चौकी तथा आरसीयू सहित कई महत्वपूर्ण इकाइयों में अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य अनुभव, कार्यकुशलता और क्षेत्रीय आवश्यकता के अनुरूप अधिकारियों की नई तैनाती कर पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
आदेश के अनुसार निरीक्षक प्रशांत मिश्रा को वैशाली नगर से प्रभारी RCU दुर्ग, निरीक्षक प्रमोद रस्तरिया को RCU से पद्मनाभपुर थाना प्रभारी, निरीक्षक महेश ध्रुव को धमधा थाना, निरीक्षक अनिल पटेल को नंदिनी थाना, निरीक्षक राजकुमार लहरे को वैशाली नगर थाना, निरीक्षक विजय यादव को पुरानी भिलाई थाना, निरीक्षक अंबर सिंह भारद्वाज को सुपेला थाना, निरीक्षक राजेश साहू को उतई थाना, उप निरीक्षक रामनारायण ध्रुव को छावनी थाना तथा उप निरीक्षक अमित अंडानी को स्मृति नगर चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बेहतर पुलिसिंग पर प्रशासन का फोकस
पुलिस विभाग के इस प्रशासनिक फेरबदल को कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, अपराध नियंत्रण में तेजी लाने तथा आम जनता को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई पदस्थापनाओं से विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्यप्रणाली में नई गति आएगी और पुलिसिंग अधिक जवाबदेह एवं परिणामोन्मुख बनेगी।
अतिवृष्टि और जलभराव से निपटने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की दिन-रात ड्यूटी तय, त्वरित राहत देने का दावा
दुर्ग,। मानसून 2026 के दौरान संभावित अतिवृष्टि, जलभराव एवं बाढ़ जैसी आपात परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नगर पालिक निगम दुर्ग ने बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ का गठन कर दिया है। निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश पर निगम कार्यालय में 24 घंटे संचालित होने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो पूरे मानसून सीजन में लगातार कार्य करेगा।
बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ की संपूर्ण मॉनिटरिंग एवं विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी कार्यपालन अभियंता प्रकाशचंद्र थवानी को नोडल अधिकारी के रूप में सौंपी गई है। उनके सहयोग के लिए स्वास्थ्य, अभियंत्रिकी एवं कार्यशाला शाखा के अधिकारियों की टीम भी गठित की गई है।
नगर निगम ने कंट्रोल रूम के सुचारु संचालन के लिए सप्ताह के सातों दिन दिन एवं रात्रि पाली में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
निगम प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान यदि कहीं जलभराव, बाढ़ अथवा अन्य आपदा की स्थिति उत्पन्न होती है तो बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ पूरी तरह सक्रिय रहकर त्वरित कार्रवाई करेगा। साथ ही नागरिकों की सुरक्षा एवं राहत कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
3450 दिनों से लगातार निःशुल्क भोजन सेवा दे रही संस्था ने स्टील की थाली, वस्त्र, फल, मिष्ठान और दैनिक उपयोग की सामग्री भी बांटी
दुर्ग / शौर्यपथ / अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) की अमावस्या के पावन अवसर पर जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग ने सेवा और मानवता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए वृद्धाश्रमों, रेलवे स्टेशन तथा शहर के विभिन्न स्थानों पर रह रहे जरूरतमंदों के बीच भोजन और आवश्यक सामग्री का वितरण किया। संस्था द्वारा वृद्धजनों को सम्मानपूर्वक भोजन कराने के साथ ही स्टील की थाली, गिलास, चम्मच, वस्त्र एवं दैनिक उपयोग की सामग्री भी भेंट की गई।
संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ‘बंटी’ ने बताया कि जन समर्पण सेवा संस्था पिछले 9 वर्ष 6 माह (लगभग 3450 दिनों) से बिना किसी व्यवधान के प्रतिदिन दुर्ग रेलवे स्टेशन एवं अन्य स्थानों पर अस्थायी रूप से निवासरत मजदूरों, असहायों, महिलाओं, बच्चों एवं दिव्यांगजनों को रात्रि में निःशुल्क भोजन उपलब्ध करा रही है। संस्था के स्वयंसेवक विभिन्न पर्व एवं त्योहारों पर भी जरूरतमंदों की हरसंभव सहायता करते हैं।
अधिकमास अमावस्या के अवसर पर संस्था के सदस्यों ने पुलगांव स्थित वृद्धाश्रम तथा कादंबरी नगर स्थित महिला अनाथ एवं वृद्ध आश्रम पहुंचकर वृद्धजनों को नई स्टील की थाली, गिलास एवं चम्मच प्रदान किए और उन्हीं में भोजन परोसा। इसके बाद वृद्ध पुरुषों को लुंगी, महिलाओं को नाइटी तथा सभी को मिष्ठान, नमकीन, फल, बिस्किट, साबुन, निरमा, तेल, टूथपेस्ट, कंघी सहित अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई।
इसके पश्चात संस्था की टीम ने दुर्ग रेलवे स्टेशन एवं शहर के विभिन्न फुटपाथों पर रहने वाले जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया तथा साबुन एवं अन्य उपयोगी सामग्री का भी वितरण किया।
संस्था ने बताया कि पद्म पुराण एवं अन्य धर्मग्रंथों में अधिकमास के दौरान अन्नदान एवं जरूरतमंदों की सेवा को अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। मान्यता है कि इस माह में किया गया दान सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक फलदायी होता है तथा इससे मानव सेवा के साथ आध्यात्मिक संतोष की भी प्राप्ति होती है।
सेवा कार्य में रहे उपस्थित
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ‘बंटी’, प्रतिभा शर्मा, पार्षद राम भाऊ, सुरेश गुप्ता, मनोज गुप्ता, लाला, अर्चला शर्मा, सरिता शर्मा, चंचल शर्मा, पिंकी पुरोहित, किरण सेन, सुमन शर्मा, गिरधर शर्मा, राजेंद्र ताम्रकार, अर्जित शुक्ला, आशीष मेश्राम, सुजल शर्मा, विनय मिश्रा, संदीप गुप्ता, अंकेश पेसवानी, वाशु शर्मा, सार्थक शर्मा, अनस खान, अंश पाण्डेय, मंटू गुप्ता, मोक्ष शर्मा सहित संस्था के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
140 आवेदनों के साथ जनता पहुंची कलेक्टर दरबार, भूमि, आवास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे रहे प्रमुख
दुर्ग। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम एक बार फिर आम नागरिकों की उम्मीदों का केंद्र बना, जहां विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर बड़ी संख्या में लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्वयं लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनदर्शन में कुल 140 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अवैध कब्जा, भूमि सीमांकन, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास योजना, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता एवं अन्य जनहित से जुड़े मामले शामिल रहे। कलेक्टर ने कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
28 साल बाद भी नहीं मिला पट्टे की जमीन का पता
जनदर्शन में सबसे मार्मिक मामला भिलाई की एक विधवा महिला का सामने आया। महिला ने बताया कि वर्ष 1998 में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत उनके और उनके दिवंगत पति के नाम पर भू-स्वामित्व पट्टा जारी किया गया था, लेकिन लगभग तीन दशक बीत जाने के बाद भी उन्हें अपनी जमीन का वास्तविक स्थान नहीं बताया गया।
महिला ने प्रशासन को बताया कि वर्तमान में वह बीएसपी क्वार्टर में निवास कर रही हैं और जर्जर आवासों को तोड़े जाने की प्रक्रिया के चलते उनका परिवार आवासीय संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने पट्टे की भूमि का चिन्हांकन कर कब्जा दिलाने तथा मकान निर्माण की अनुमति प्रदान करने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तहसील नजूल को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
फोरलेन सड़क के मापदंड पर उठे सवाल
बोरसी क्षेत्र के नागरिकों ने प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण में एक समान मानक अपनाने की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। नागरिकों का कहना था कि महाराजा चौक से बोरसी चौक तक अधिकांश हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण 20 मीटर के मानक पर किया जा रहा है, जबकि एक विशेष हिस्से में 22 मीटर चौड़ाई प्रस्तावित है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इससे उनकी निजी संपत्तियां प्रभावित होंगी। उन्होंने पूरे मार्ग में समान रूप से 20 मीटर चौड़ाई के आधार पर नापजोख कराने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
50 कुत्तों से दहशत, रहवासियों ने मांगी राहत
पदमनाभपुर क्षेत्र के शकुंतला नगरवासियों ने एक आवास में बड़ी संख्या में पालतू कुत्ते रखे जाने की शिकायत दर्ज कराई। आवेदकों के अनुसार संबंधित मकान में लगभग 50 कुत्ते रखे गए हैं, जिन्हें कई बार बिना निगरानी के बाहर छोड़ दिया जाता है।
रहवासियों ने बताया कि कुत्तों के झुंड के कारण क्षेत्र में भय का वातावरण बना हुआ है तथा राहगीरों और मवेशियों पर हमले की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इस संबंध में पूर्व में थाना पदमनाभपुर में शिकायत देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने की बात कही गई। कलेक्टर ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई हेतु एसडीएम दुर्ग को निर्देशित किया।
जनदर्शन बना उम्मीदों का मंच
जनदर्शन में सामने आए मामलों ने यह स्पष्ट किया कि नागरिक आज भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन को सबसे भरोसेमंद मंच मानते हैं। भूमि, आवास, सड़क और सुरक्षा जैसे मुद्दे सीधे आम जनजीवन से जुड़े हैं और इनके समाधान की अपेक्षा प्रशासन से की जाती है।
कलेक्टर द्वारा कई मामलों में तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह बनाना यह संकेत देता है कि प्रशासन समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर है। अब नागरिकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जनदर्शन में दिए गए निर्देश धरातल पर कितनी तेजी से अमल में आते हैं।
शौर्यपथ ब्यूरो, नई दिल्ली।
'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' के संकल्प को नई ऊंचाई देते हुए इस्पात मंत्रालय के अधीन महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (SAIL) ने देश की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया है। भारतीय नौसेना के बेड़े में हाल ही में शामिल किए गए तीन अत्याधुनिक और उन्नत जहाजों के निर्माण के लिए सेल ने अकेले ही 5,700 टन विशेष रक्षा-ग्रेड (Defense-Grade) स्टील की आपूर्ति की है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में किया कमीशन
इन तीनों उन्नत और स्वदेशी जहाजों को 21 जून, 2026 को कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर आयोजित एक ऐतिहासिक और भव्य समारोह के दौरान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल (कमिशन) किया गया। इन जहाजों में शामिल हैं:
आईएनएस दूनागिरी (INS Dunagiri): उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट
आईएनएस अग्रय (INS Agray): एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट
आईएनएस संशोधक (INS Sanshodhak): विशाल सर्वेक्षण पोत (लार्ज)
भिलाई, बोकारो और राउरकेला प्लांट का साझा पराक्रम
सेल ने इन तीनों अत्याधुनिक जहाजों की सुरक्षा और मजबूती के लिए विशेष गुणवत्ता वाले DMR 249A ग्रेड हॉट-रोल्ड शीट और प्लेट की सप्लाई की है। इस विशिष्ट डिफेंस ग्रेड स्टील का उत्पादन सेल ने अपने तीन प्रमुख संयंत्रों के जरिए किया है:
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP)
बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL)
राउरकेला इस्पात संयंत्र (RSP)
इस उच्च स्तरीय स्टील का बेहद सावधानीपूर्वक किया गया उत्पादन यह प्रमाणित करता है कि 'सेल' के पास देश की समुद्री सुरक्षा की जटिल और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए विश्वस्तरीय तकनीकी क्षमता मौजूद है।
आयात पर निर्भरता खत्म, राउरकेला में उत्पादन क्षमता बढ़ी
रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती जरूरतों और विदेशी आयात को प्रतिस्थापित (Import Substitution) करने के लिए सेल ने अपनी कमर कस ली है। कंपनी ने डीएमआर (DMR) ग्रेड प्लेटों का उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष रूप से राउरकेला स्टील प्लांट के 'स्पेशल प्लेट प्लांट' में अतिरिक्त एवं आधुनिक पहल लागू किए हैं, ताकि भारतीय सेनाओं को कभी भी स्टील की कमी न हो।
शानदार है सेल का ट्रैक रिकॉर्ड (देश के समुद्री रक्षक)
यह पहली बार नहीं है जब सेल के फौलाद ने देश की सीमाओं को सुरक्षित किया है। इससे पहले सेल ने:
भारत के पहले स्वदेशी विमान वाहक आईएनएस विक्रांत के लिए स्टील दिया।
विशिष्ट प्रोजेक्ट 17A स्टील्थ फ्रिगेट्स - आईएनएस नीलगिरि, आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि का निर्माण किया।
इसके अलावा आईएनएस अजय, आईएनएस निस्तार और आईएनएस अंजदीप जैसे शक्तिशाली जहाजों की रीढ़ भी सेल का विशेष स्टील ही है।
"रणनीतिक स्वतंत्रता को मिलेगी मजबूती" — डॉ. अशोक कुमार पंडा (सीएमडी, SAIL)
सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पंडा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा, "भारत के रक्षा क्षेत्र के एक प्रमुख भागीदार के रूप में, SAIL देश की आत्मनिर्भरता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमने रक्षा क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए राउरकेला के स्पेशल प्लेट प्लांट की उत्पादन क्षमता को पहले ही अपग्रेड कर दिया है। इन उच्च-क्षमता वाली DMR 249A स्टील प्लेटों की आपूर्ति न केवल भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता को मजबूती देती है, बल्कि यह सेल की अत्याधुनिक तकनीकी विशेषज्ञता का भी जीता-जागता प्रमाण है।"
शौर्यपथ संवाददाता, भिलाई।
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के सिन्टरिंग प्लांट-3 (SP-3) के एरिया रिपेयर शॉप से आत्मनिर्भरता और बेहतरीन टीमवर्क की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। यहाँ पिछले 9 वर्षों (वर्ष 2017) से विभिन्न तकनीकी खराबियों के कारण कबाड़ और निष्क्रिय पड़ी एचएमटी निर्मित ड्रिलिंग मशीन (मॉडल आरएम-62) का सफलतापूर्वक पुनरुद्धार (Restoration) कर उसे फिर से चालू कर दिया गया है।
24 जून 2026 को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस पुनरुद्धारित मशीन का भव्य लोकार्पण किया गया।
दिग्गज अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ लोकार्पण
मशीन के पुनः संचालन के अवसर पर बीएसपी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
श्री सजीव वर्गीज - मुख्य महाप्रबंधक (SP-3 एवं OHP)
श्री डी. जगदीश - महाप्रबंधक (MARS-1)
श्री राहुल बिजुरकर - महाप्रबंधक प्रभारी (SP-3)
श्री आई. वी. रमणा - महाप्रबंधक (मैकेनिकल, SP-3)
अधिकारियों का संदेश: "आंतरिक संसाधनों, तकनीकी दक्षता और समन्वित टीमवर्क के माध्यम से इस मशीन का पुनरुद्धार बीएसपी की आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण है। भविष्य में भी ऐसी परिसंपत्ति पुनर्स्थापन (Asset Restoration) पहलों को बढ़ावा दिया जाएगा।"
चुनौतीपूर्ण था सफर: गायब थे स्पेयर्स और तकनीकी दस्तावेज
यह मशीन 2017 से यांत्रिक (Mechanical), विद्युत (Electrical) और हाइड्रोलिक खराबियों के कारण बंद थी। मूल इलेक्ट्रिकल सर्किट डायग्राम (विद्युत परिपथ आरेख) और जरूरी स्पेयर्स न होने के कारण इसका सुधरना नामुमकिन लग रहा था। लेकिन SP-3 की बहु-विभागीय टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया।
इन विभागों और 'मास्टर्स' के तालमेल से हुआ कमाल
मशीन को दोबारा जिंदा करने में संयंत्र के विभिन्न विभागों ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया:
यांत्रिक पुर्जों का निर्माण (MARS-1): क्षतिग्रस्त पार्ट्स का निर्माण महाप्रबंधक श्री डी. जगदीश एवं इंजीनियरिंग एसोसिएट श्री हेमंत वानखेड़े के मार्गदर्शन में मार्स-1 मशीन शॉप में किया गया।
गुमशुदा दस्तावेजों की खोज (HRDC): मूल विद्युत आरेख न होने पर मानव संसाधन विकास केंद्र के प्रशिक्षण अनुभाग से श्री ए. के. तिवारी ने आवश्यक तकनीकी दस्तावेज खोजकर उपलब्ध कराए।
विद्युत प्रणाली का पुनरुद्धार: महाप्रबंधक श्री एस. एस. मौरी, उप महाप्रबंधक श्री दीपक कुमार गुप्ता तथा सहायक महाप्रबंधक श्री एस. सी. साहू के नेतृत्व में इलेक्ट्रिकल सिस्टम को पूरी तरह ठीक किया गया।
हाइड्रोलिक सिस्टम की ओवरहॉलिंग: स्नेहन दल द्वारा सहायक प्रबंधक श्री अशोक राव ठाकरे के नेतृत्व में हाइड्रोलिक प्रणाली को दुरुस्त किया गया।
इनका भी रहा विशेष योगदान: इस पूरे प्रोजेक्ट के सफल निष्पादन में उप महाप्रबंधक श्री एम. यू. राव, वरिष्ठ प्रबंधक श्री जितेश एच. शाहनी, वरिष्ठ प्रबंधक श्री विपिन मौर्य तथा सहायक महाप्रबंधक श्री राजेश साहू के नेतृत्व में मैकेनिकल मेंटेनेंस प्लानिंग एवं एरिया रिपेयर शॉप की टीमों की मुख्य भूमिका रही।
मशीन शुरू होने से बीएसपी को क्या होगा फायदा?
क्षमता में वृद्धि: एरिया रिपेयर शॉप की मशीनिंग और फैब्रिकेशन क्षमताओं को भारी मजबूती मिलेगी।
काम में तेजी: ड्रिलिंग कार्यों के निष्पादन में अब काफी तेजी आएगी।
पैसों की बचत: अनुरक्षण (Maintenance) कार्यों के लिए जरूरी स्पेयर्स का आंतरिक निर्माण अब प्लांट के भीतर ही प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
घटेगी निर्भरता: विशेष ड्रिलिंग कार्यों के लिए अब केंद्रीय इंजीनियरिंग शॉप्स (Central Engineering Shops) पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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