August 12, 2026
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    दुर्ग

    दुर्ग (5011)

    1.242 किलो नकली सोने के बिस्किट, सिक्का, कार व मोबाइल जब्त; सस्ते दाम में सोना बेचने का लालच देकर बनाते थे शिकार

    दुर्ग। जमीन में दबा खजाना मिलने की मनगढ़ंत कहानी सुनाकर लोगों को नकली सोना बेचने वाले अंतरजिला ठगी गिरोह का दुर्ग पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना उतई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 1.242 किलोग्राम नकली सोने जैसे धातु के बिस्किट, एक नकली सिक्का, घटना में प्रयुक्त कार, मोबाइल फोन तथा अन्य साक्ष्य सामग्री बरामद की गई है।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि बोरसी निवासी जितेंद्र साहू की शिकायत पर उतई थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि उन्हें जमीन में गड़ा हुआ हंडा मिला है, जिसमें सोने के बिस्किट और प्राचीन सिक्के हैं। इसके बाद वे नकली धातु को असली सोना बताकर बाजार मूल्य से बहुत कम कीमत पर बेचने का लालच देते थे और लाखों रुपये की ठगी कर लेते थे।

    पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, निगरानी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर विभिन्न जिलों में दबिश दी और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तार आरोपी

    • दिनेश कुमार टंडन (50), गाड़ाडीह, थाना उतई, जिला दुर्ग
    • पन्नालाल कुर्रे (42), सीपत पिपरिया, जिला कोरबा
    • गणेशराम गंधर्व (56), सहसपुर लोहारा, जिला कबीरधाम
    • रामस्वरूप रौतेल (30), जगतपुर, थाना करंजिया, जिला डिंडोरी (मप्र)
    • भानुप्रताप डहरिया (40), तारा भाटापारा, थाना पाटन, जिला दुर्ग

    बरामद सामग्री

    • 1 किलो 242 ग्राम नकली सोने जैसे धातु के बिस्किट
    • 6.38 ग्राम वजन का नकली सिक्का
    • वैगनआर कार (CG-04-HC-6220)
    • मोबाइल फोन एवं अन्य साक्ष्य सामग्री

    पुराने मामलों की भी पड़ताल

    पुलिस जांच में आरोपी पन्नालाल कुर्रे के खिलाफ इसी प्रकार की ठगी के अन्य मामलों की जानकारी मिली है। वहीं दिनेश कुमार टंडन के विरुद्ध पूर्व से मारपीट और संपत्ति संबंधी अपराध दर्ज पाए गए हैं।

    पुलिस की अपील

    दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से सस्ते दाम में सोना-चांदी या अन्य कीमती वस्तुएं खरीदने के लालच में न आने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी लेन-देन से पहले वस्तु का सत्यापन अवश्य करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

    तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई के आधार पर इस संगठित अंतरजिला ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

    5 संस्थानों और व्यक्तियों को नोटिस जारी, 50 हजार रुपये जुर्माना की तैयारी

    दुर्ग, । नगर पालिक निगम दुर्ग ने शहर की सुंदरता और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अवैध होर्डिंग एवं प्रचार सामग्री लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल के निर्देश पर बाजार विभाग द्वारा चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान में बिजली खंभों, पेड़ों और सार्वजनिक संपत्तियों पर बिना अनुमति विज्ञापन लगाए जाने के कई मामले सामने आए।

    निरीक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बिजली के खंभों एवं पोलों पर निजी चिकित्सा संस्थानों के प्रचार संबंधी होर्डिंग लगाए गए पाए गए। वहीं शहर के उद्यानों की दीवारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों का भी व्यावसायिक प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग किया जा रहा था।

    जांच में पेड़ों पर शैक्षणिक संस्थानों के प्रवेश संबंधी विज्ञापन तथा बिजली खंभों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग से जुड़े प्रचार बोर्ड लगाए जाने की पुष्टि हुई। निगम अधिकारियों ने इसे नगर निगम अधिनियम एवं विज्ञापन नियमों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित संस्थानों एवं व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।

    50 हजार रुपये तक जुर्माना, जवाब नहीं तो होगी कठोर कार्रवाई

    मौका निरीक्षण के उपरांत बाजार विभाग द्वारा अवैध रूप से होर्डिंग एवं प्रचार सामग्री लगाने वाले पांच संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक प्रकरण में 50 हजार रुपये तक जुर्माना अधिरोपित किया जा सकता है। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार आर्थिक दंड के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

    शहर की सुंदरता से समझौता नहीं : आयुक्त

    नगर निगम आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल ने कहा कि शहर की स्वच्छता, सौंदर्यता एवं हरित वातावरण बनाए रखना निगम की प्राथमिकता है। सार्वजनिक स्थलों, बिजली खंभों, पेड़ों एवं शासकीय संपत्तियों का अवैध विज्ञापन के लिए उपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि निगम द्वारा ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा। शहर की पहचान और सौंदर्य को प्रभावित करने वाले तत्वों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    थोक कचरा उत्पादकों पर निगम की सख्ती, नियमों की अनदेखी पर होगी वैधानिक कार्रवाई

    दुर्ग, । स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत भारत सरकार एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लागू किए गए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत नगर निगम क्षेत्र के सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों (बल्क वेस्ट जनरेटर्स) के लिए नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    नगर निगम आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल ने बताया कि ऐसे संस्थान, आवासीय परिसर, होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन, शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, छात्रावास, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं अन्य बड़े परिसर जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है, उन्हें अपने परिसर में उत्पन्न गीले (जैविक) कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण एवं निपटान स्वयं करना होगा।

    उन्होंने बताया कि इसके लिए कम्पोस्टिंग, बायोगैस, बायो-मीथनेशन अथवा अन्य स्वीकृत तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना होगा तथा आवश्यक जानकारियां समय-समय पर पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी।

    स्रोत पर कचरा पृथक्करण भी अनिवार्य

    निगम प्रशासन के अनुसार गीले एवं सूखे कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण करना भी अनिवार्य रहेगा। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और निगम की टीमें विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण कर नियमों के पालन की समीक्षा करेंगी।

    निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थान को नोटिस जारी किया जाएगा। निर्धारित अवधि में सुधार नहीं करने पर जुर्माना, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    लगातार उल्लंघन पर बिजली और पानी की सुविधा भी हो सकती है बंद

    नगर निगम ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप नियमों की लगातार अवहेलना करने वाले थोक अपशिष्ट उत्पादकों के विरुद्ध बिजली एवं जल प्रदाय सेवाएं बंद करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों को भी कार्रवाई हेतु अनुशंसा भेजी जाएगी।

    स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल शहर निर्माण में करें सहयोग

    नगर निगम प्रशासन ने सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों से पर्यावरण संरक्षण एवं शहर की स्वच्छता में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। गीले कचरे का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण करने से लैंडफिल पर भार कम होगा, जैविक खाद एवं ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।

    आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छ एवं सतत शहर निर्माण के लिए सभी संस्थानों का सहयोग आवश्यक है। नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रत्येक संस्था की जिम्मेदारी है और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    सीसी रोड, नाली और पुलिया निर्माण से मजबूत होगी आधारभूत संरचना, नागरिकों को मिलेगी बेहतर सुविधा

    दुर्ग, । नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा शहर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार एवं नागरिकों को बेहतर आवागमन और जल निकासी व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों को लगातार गति दी जा रही है। इसी क्रम में महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने वार्ड क्रमांक 38 एवं 39 में सीसी रोड, आरसीसी नाली एवं पुलिया निर्माण कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया।

    वार्ड क्रमांक 39 में डॉ. कौशिक के निवास से मुकुंद भवन तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गई। वहीं वार्ड क्रमांक 38 में पदम पाटनी के निवास से आशीष मारूति के निवास तक, मधुबन वाटिका से खंडेलवाल कॉलोनी तक तथा अन्य विभिन्न स्थानों पर आरसीसी नाली एवं पुलिया निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इसके अतिरिक्त मिलपारा क्षेत्र में भी नाली एवं पुलिया निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया।

    बारिश से पहले मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना प्राथमिकता: महापौर अलका बाघमार

    भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य प्रत्येक वार्ड में नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में जलभराव और आवागमन संबंधी समस्याओं को रोकने के लिए सड़क, नाली और पुलिया निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। नगर निगम जनहित से जुड़े विकास कार्यों को निरंतर गति प्रदान कर रहा है तथा नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाबद्ध ढंग से विकास कार्य किए जा रहे हैं।

    जनसुविधाओं के विस्तार के लिए निगम प्रतिबद्ध: देव नारायण चन्द्राकर

    लोक कर्म प्रभारी श्री देव नारायण चन्द्राकर ने कहा कि निगम क्षेत्र में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सड़क, नाली एवं पुलिया जैसे निर्माण कार्य सीधे तौर पर आम नागरिकों की सुविधा से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर वार्डों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

    इस अवसर पर एमआईसी सदस्य श्री शेखर चन्द्राकर, श्री नीलेश अग्रवाल, पार्षद श्री गुलाब वर्मा, श्री रामचंद्र सेन, श्रीमती रंजीता पाटिल, सहायक अभियंता श्री सुरेश केवलानी, उप अभियंता श्री मोहित मरकाम सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने बारिश से पूर्व महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की सौगात मिलने पर महापौर श्रीमती अलका बाघमार एवं नगर निगम प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विकास कार्यों की सराहना की।

    प्रतिभाओं का समर कैंप समापन समारोह में समिति अध्यक्ष दीपक कुमार हुए सम्मानित

    भिलाई। खुर्सीपार में आयोजित एक माह के "प्रतिभाओं का समर कैंप" के समापन समारोह में समाजसेवा एवं मानवता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए निस्वार्थ सेवा भाव समिति का सम्मान किया गया। समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार को रक्तदान जागरूकता एवं रक्तदान सेवा के माध्यम से हजारों जरूरतमंदों के जीवन में नई आशा का संचार करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

    गौरतलब है कि खुर्सीपार में 9 मई से 7 जून तक आयोजित समर कैंप में लगभग 700 बच्चों ने योग, फिजिकल ट्रेनिंग, कराटे, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, क्रिकेट एवं फुटबॉल सहित विभिन्न खेल एवं शारीरिक गतिविधियों में भाग लिया। कैंप का उद्देश्य बच्चों में खेल प्रतिभा, अनुशासन और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना था।

    समापन समारोह का आयोजन खुर्सीपार स्थित श्रीराम चौक दशहरा मैदान में किया गया, जिसमें विधायक देवेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया।

    इसी क्रम में निस्वार्थ सेवा भाव समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार को रक्तदान के क्षेत्र में किए जा रहे सतत जनसेवा कार्यों, रक्तदाताओं को प्रेरित करने तथा जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त उपलब्ध कराने में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

    कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण जैन, भिलाई की प्रथम महापौर नीता लोधी, एमआईसी सदस्य लक्ष्मीपति राजू, ब्लॉक अध्यक्ष गुड्डू खान, विधायक प्रतिनिधि इंद्रजीत सिंह सेनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं नागरिक उपस्थित रहे।

     durg / shouryapath / सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग द्वारा अधिकारियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता संवर्धन तथा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘प्रखर – व्यक्तिगत उत्कृष्टता की ओर पथ’ (प्रखर– द पाथ टू पर्सनल मास्टरी) का आयोजन बीएमडीसी में किया गया। भावनात्मक बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य एवं कल्याण, तनाव प्रबंधन, ध्यान तथा योग जैसे समकालीन एवं प्रासंगिक विषयों पर आधारित यह कार्यक्रम वर्तमान गतिशील कार्य परिवेश में अधिकारियों को व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने हेतु सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

    कार्यक्रम का उद्घाटन महाप्रबंधक (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री सौरभ वार्ष्णेय द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने सतत व्यावसायिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए भावनात्मक बुद्धिमत्ता, आत्म-देखभाल तथा समग्र स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय सहभागिता करने तथा प्राप्त ज्ञान को अपने दैनिक जीवन एवं कार्यस्थल पर व्यवहार में लाने के लिए प्रेरित किया।

    यह कार्यक्रम महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री संजीव कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ प्रबंधक (बीआरएम) श्री शिव कुमार, एडीएमओ (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. माला चौधरी, प्राचार्य सुश्री महेश्वरी खोबरागड़े तथा पूर्व मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (राउरकेला इस्पात संयंत्र) सुश्री अताशी प्रमाणिक ने संकाय सदस्य के रूप में अपनी विशेषज्ञता एवं व्यावहारिक अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए। प्रशिक्षण में नेतृत्व हेतु भावनात्मक बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य एवं तैयारी, रणनीतिक तनाव प्रबंधन, ध्यान, योग तथा सजग जीवनशैली जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    संवादात्मक सत्रों, केस स्टडी, समूह चर्चा, व्यावहारिक प्रदर्शनों एवं अनुभवात्मक अधिगम गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को आत्म-जागरूकता, भावनात्मक संतुलन, मानसिक दृढ़ता, प्रभावी संप्रेषण, तनाव प्रबंधन तथा स्वस्थ जीवनशैली संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों की व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक प्रभावशीलता में वृद्धि करते हुए उन्हें अधिक सक्षम, संतुलित एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना था।

    कार्यक्रम में संयंत्र के विभिन्न विभागों से कुल 29 अधिकारियों ने सहभागिता की। उद्घाटन सत्र का संचालन सुश्री पारुल वर्मा द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम का समन्वयन श्री विकास सरीन द्वारा किया गया।

    मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग द्वारा समय-समय पर ऐसे नवोन्मेषी एवं आवश्यकता-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जो कर्मचारियों की व्यावसायिक दक्षता के साथ-साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास एवं मानसिक-शारीरिक कल्याण को भी प्रोत्साहित करते हैं।

    दुर्ग संभाग के गंभीर शिशुओं के लिए संजीवनी बनी अत्याधुनिक एम्बुलेंस; चलती-फिरती आईसीयू (ICU) जैसी सुविधाओं से है लैस

    दुर्ग:शौर्यपथ । 

    दुर्ग संभाग के चिकित्सा इतिहास में आज का दिन एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य लाभ देने और आपातकालीन स्थिति में उनकी जान बचाने के लिए जिला अस्पताल दुर्ग को पहली अत्याधुनिक 'नियोनेटल एम्बुलेंस' (Neonatal Ambulance) की सौगात मिली है।

    यह विशेष और हाईटेक एम्बुलेंस पूरे दुर्ग संभाग में एक माह तक के गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को बिना समय गंवाए उच्च चिकित्सा सुविधा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने में सबसे बड़ी मददगार साबित होगी।

    एम्बुलेंस नहीं, यह है 'व्हील्स पर आईसीयू' (ICU on Wheels)

    नवजात शिशुओं की नाजुक स्थिति को देखते हुए इस एम्बुलेंस को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इसमें वे सभी जीवनरक्षक उपकरण मौजूद हैं जो किसी बड़े अस्पताल के आईसीयू में होते हैं:

    हाई ऑक्सीजन सपोर्ट: सांस लेने में तकलीफ से जूझ रहे बच्चों के लिए त्वरित ऑक्सीजन की व्यवस्था।

    मेडिकल वार्मर (Warmer): समय से पहले जन्मे (Pre-mature) बच्चों के शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए आधुनिक वार्मर।

    इन्फ्यूजन पंप (Infusion Pump): सफर के दौरान भी शिशु को अत्यंत सटीक मात्रा में दवाइयां और जरूरी तरल पदार्थ देने की सुविधा।

    विशेष मानवीय पहल: इस अत्याधुनिक सेवा के तहत एक बेहद संवेदनशील और विशेष सुविधा जोड़ी गई है— यात्रा के दौरान गंभीर शिशु के साथ उसकी मां भी इस एम्बुलेंस में सफर कर सकेगी, ताकि बच्चे को मानसिक और शारीरिक संबल मिलता रहे।

    आपातकाल में कैसे करें संपर्क? नोट करें ये जरूरी नंबर

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए त्वरित हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:

    बुकिंग के लिए: एक माह तक के नवजात शिशु को इस एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल में भर्ती कराने के लिए सीधे 108 सेवा पर कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (108) के मोबाइल नंबर 7000085006 पर भी संपर्क साधा जा सकता है।

    लोकेशन ट्रैकिंग के लिए: आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस की लाइव लोकेशन और स्थिति जानने के लिए परिजन मोबाइल नंबर 6269002641 पर कॉल कर सकते हैं।

    शिशु मृत्यु दर को कम करने में मिलेगी ऐतिहासिक कामयाबी

    दुर्ग संभाग के ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ अंचलों में कई बार सही समय पर इलाज न मिल पाने के कारण नवजात शिशुओं की स्थिति बिगड़ जाती थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस हाईटेक नियोनेटल एम्बुलेंस के सड़क पर उतरने से अब अस्पताल पहुंचने के दौरान (In-transit) भी बच्चों का इलाज जारी रहेगा। यह अनूठी पहल क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) में प्रभावी कमी लाने में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी।

       भिलाई/शौर्यपथ। सुपेला थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने ई-चालान के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर एक युवक के खाते से 4 लाख 24 हजार रुपये से अधिक की ठगी कर ली। ठगों ने चोरी की गई राशि से ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट पर सैमसंग S-26 अल्ट्रा के तीन महंगे मोबाइल फोन खरीद लिए। मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, अंकेश सिन्हा (30 वर्ष) निवासी कमला कॉलेज रोड, बसंतपुर (राजनांदगांव) ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 6 जून 2026 को वे भिलाई के शिक्षक नगर, कोहका स्थित अपने ससुराल आए हुए थे। इसी दौरान शाम करीब 5:41 बजे उनके मोबाइल पर एम-परिवहन (M-Parivahan) के नाम से ई-चालान संबंधी एक संदेश प्राप्त हुआ।

    लिंक पर क्लिक करते ही बैंक खाते तक पहुंच

    मैसेज में उनकी एक्टिवा CG-08-NV-4191 पर 1000 रुपये का चालान लंबित होने की जानकारी दी गई थी। चालान जमा करने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही साइबर ठगों ने उनके मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी तक पहुंच बना ली।

    कुछ ही देर बाद शाम 7:03 बजे और 7:06 बजे उनके आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड से क्रमशः 1,31,762 रुपये और 2,92,611 रुपये की ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर ली गई। इस तरह कुल 4,24,373 रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।

    फ्लिपकार्ट से खरीदे तीन सैमसंग S-26 अल्ट्रा

    जांच में सामने आया है कि ठगों ने निकाली गई राशि से फ्लिपकार्ट पर सैमसंग S-26 अल्ट्रा के तीन मोबाइल फोन खरीदे। शिकायत के अनुसार इन मोबाइलों की डिलीवरी नोएडा (उत्तर प्रदेश) निवासी अमन राय के पते पर कराई गई।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला

    सुपेला थाना पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, डिलीवरी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगों की तलाश में जुटी हुई है।

    सावधान रहें

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ई-चालान, केवाईसी अपडेट, बैंक सत्यापन या अन्य सरकारी सेवाओं के नाम पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी भुगतान या जानकारी साझा करने से पहले संबंधित वेबसाइट या ऐप की आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें।

    दुर्ग, । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शासकीय वी.वाई.टी. पीजी स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग परिसर हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से गूंज उठा। 37 छत्तीसगढ़ बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में आयोजित वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम में एनसीसी कैडेटों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।

    कार्यक्रम के दौरान एनसीसी के 30 कैडेटों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल की। महाविद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों ने न केवल हरित वातावरण का संदेश दिया, बल्कि युवाओं की प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को भी प्रदर्शित किया।

    इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि वृक्ष ही मानव जीवन, जैव विविधता और सतत विकास के सबसे मजबूत आधार हैं।

    एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट प्रशांत दुबे ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य केवल एक दिन पौधे लगाना नहीं, बल्कि युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति दीर्घकालिक चेतना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ही हरित और स्वच्छ भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी।

    कार्यक्रम में शासकीय संगीत महाविद्यालय दुर्ग की प्राचार्य डॉ. रिचा ठाकुर, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. जगजीत कौर सलूजा, डॉ. एस.डी. देशमुख, डॉ. संजू सिन्हा, डॉ. सीतेश्वरी चन्द्राकर, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. मीना मान एवं डॉ. मोतीराम साहू सहित अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा स्वच्छ, स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण के निर्माण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। महाविद्यालय परिसर में आयोजित यह आयोजन पर्यावरण के प्रति जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और युवा शक्ति की सकारात्मक भागीदारी का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।

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