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दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग पुलिस के 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत जिलेभर में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने, अड्डेबाजी और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। 10 से 12 जुलाई तक चले विशेष अभियान में 114 लोगों पर छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 36(च) के तहत कार्रवाई की गई।
इस अभियान में मोहन नगर थाना और दुर्ग कोतवाली थाना की कार्रवाई भी प्रमुख रही। मोहन नगर थाना क्षेत्र में 8 और कोतवाली (दुर्ग) थाना क्षेत्र में 7 लोगों के खिलाफ सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन और अड्डेबाजी के मामले में कार्रवाई की गई। दोनों थाना क्षेत्रों में कुल 15 लोगों पर वैधानिक कार्रवाई हुई।
जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पार्क, तालाब और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सघन चेकिंग की गई। वहीं तीन अलग-अलग स्थानों पर अवैध शराब बिक्री के मामलों में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से अवैध शराब और नकदी जब्त की गई।
दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन विश्वास के तहत ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अड्डेबाजी, सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन या अवैध शराब बिक्री की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि जिले में सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण बनाए रखा जा सके।
कैबिनेट से उम्मीद टूटी तो आंदोलन हुआ और उग्र, खून से लिखा पत्र, इच्छामृत्यु की मांग, भीख मांगकर और एक पैर पर खड़े होकर जताया विरोध
दुर्ग ।
छत्तीसगढ़ में अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। 1 जुलाई से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है और 8 जुलाई की राज्य कैबिनेट बैठक में संविलियन और समायोजन को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं होने के बाद शिक्षकों का आक्रोश और तेज हो गया है। खास बात यह है कि आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र दुर्ग जिला बना हुआ है, जो प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का गृह क्षेत्र भी है।
कैबिनेट बैठक के बाद फूटा आक्रोश
कैबिनेट बैठक से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद लगाए बैठे अतिथि शिक्षकों को जब कोई राहत नहीं मिली, तो आंदोलन और अधिक उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने रैली निकालकर दुर्ग कलेक्ट्रेट का घेराव किया और शासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
भावुक शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के नाम अपने खून से पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की अनुमति तक मांग डाली। उनका कहना है कि वर्षों तक सेवा देने के बावजूद उन्हें न तो सम्मान मिला और न ही भविष्य की कोई सुरक्षा।
बारिश में भी नहीं डिगा आंदोलन
लगातार बारिश के बावजूद हजारों अतिथि शिक्षक धरना स्थल पर डटे हुए हैं। शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए उन्होंने कई अनोखे तरीके अपनाए हैं।
एक पैर पर खड़े होकर विरोध प्रदर्शन।
हाथों में कटोरा लेकर भीख मांगते हुए प्रदर्शन।
खून से पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की मांग।
लगातार धरना और रैलियों के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास।
इन प्रदर्शनों ने प्रदेशभर में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।
क्या हैं शिक्षकों की प्रमुख मांगें?
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 10 से 12 वर्षों से दूरस्थ और ग्रामीण सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें केवल लगभग ₹20,000 मासिक मानदेय पर कार्य करना पड़ रहा है।
उनकी प्रमुख मांगें हैं—
संविलियन (नियमितीकरण)
समान कार्य के लिए समान वेतन
पूर्ण सेवा सुरक्षा
सम्मानजनक रोजगार एवं भविष्य की स्थायी व्यवस्था
₹2,000 बढ़ोतरी का प्रस्ताव ठुकराया
सूत्रों के अनुसार सरकार की ओर से ₹2,000 मानदेय वृद्धि और 12 महीने के भुगतान से जुड़ा एक प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन अतिथि शिक्षक संघ ने इसे पूरी तरह अस्वीकार कर दिया।
संघ का स्पष्ट कहना है कि उनका आंदोलन केवल वेतन वृद्धि के लिए नहीं, बल्कि संविलियन और स्थायी सेवा सुरक्षा के लिए है। जब तक इस संबंध में ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा है कि सरकार शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है और कई विषयों पर प्रक्रिया जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को रायपुर में आंदोलन करना चाहिए क्योंकि वे पूरे प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए हैं।
मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि शिक्षकों की कुछ व्यावहारिक मांगों, जैसे रविवार अवकाश आदि, पर शासन सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है।
कांग्रेस का भी मिला समर्थन
अतिथि शिक्षकों के आंदोलन को विपक्षी दल कांग्रेस का भी समर्थन मिला है। कांग्रेस नेताओं ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलनरत शिक्षकों के साथ एकजुटता जताई और सरकार से शीघ्र समाधान निकालने की मांग की।
सरकार के सामने बढ़ती चुनौती
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सरकार के लिए भी बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है। नई शिक्षा सत्र की शुरुआत के बीच हजारों अतिथि शिक्षकों की हड़ताल का सीधा असर स्कूलों में पढ़ाई पर पड़ने लगा है।
अब सबकी निगाहें सरकार पर
अतिथि शिक्षक संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द संविलियन और सेवा सुरक्षा पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। ऐसे में अब पूरे प्रदेश की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है कि क्या संवाद से समाधान निकलेगा या फिर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेगा।
भव्य कांवर यात्रा की तैयारियां तेज, हजारों शिवभक्त होंगे शामिल; सेवा, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का बनेगा संगम
पाटन। बोल बम कांवर यात्रा समिति, पाटन की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को रेस्ट हाउस पाटन में समिति के संयोजक श्री जितेन्द्र वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन के तीसरे सोमवार, 17 अगस्त को पाटन से टोलाघाट तक भव्य एवं विशाल कांवर यात्रा निकाली जाएगी। आयोजन को अधिक व्यवस्थित, भव्य और श्रद्धामय बनाने के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
इस वर्ष की यात्रा का विशेष आकर्षण "एक मुठ्ठी अन्नदान" अभियान रहेगा। भगवान शिव के नाम पर शिवभक्तों से प्राप्त एक-एक मुठ्ठी अन्न से महाप्रसाद तैयार किया जाएगा, जो सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता का अनूठा संदेश देगा।
समिति के संयोजक श्री जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि कांवर यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था, अनुशासन, सेवा और सामाजिक एकता का महापर्व है। प्रत्येक वर्ष हजारों शिवभक्त "बोल बम" के जयघोष के साथ भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए इस यात्रा में शामिल होते हैं। इस वर्ष भी यात्रा पाटन ओग्गर तालाब स्थित भगवान भोलेनाथ मंदिर से आशीर्वाद लेकर टोलाघाट के लिए रवाना होगी।
बैठक में यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, पेयजल, भोजन, विश्राम स्थल, यातायात समन्वय, स्वच्छता, प्रचार-प्रसार तथा स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए विभिन्न दायित्वों का निर्धारण किया गया।
बैठक के अंत में श्री जितेन्द्र वर्मा ने पाटन क्षेत्र के सभी सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों, युवा मंडलों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, स्वयंसेवकों एवं शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी एक व्यक्ति या समिति का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था और सामूहिक सहभागिता का महापर्व है।
बैठक में भाजपा प्रदेश मंत्री श्री जितेन्द्र वर्मा, भाजपा महामंत्री श्री दिलीप साहू, योगेश (निक्की) भाले, कमलेश वर्मा, रानी केशव बंछोर, कमलेश चंद्राकर, धर्मेन्द्र सिन्हा, ज्योतिप्रकाश साहू, पी.एन. दुबे, राकेश पाण्डेय, निशा सोनी सहित बड़ी संख्या में समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिवभक्त उपस्थित रहे।
दुर्ग। भारतीय जनता पार्टी अंजोरा मंडल एवं अंडा निकुम मंडल युवा मोर्चा के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की परिचयात्मक बैठक शनिवार को अंजोरा (ख) में आयोजित हुई। मुख्य अतिथि दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए संगठन को बूथ स्तर से लेकर गांव-गांव तक मजबूत बनाने का आह्वान किया।
विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा राष्ट्र निर्माण की ऊर्जा और संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से संगठन की विचारधारा और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज सेवा और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही संगठन की नींव और मजबूत होती है।
जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष हिमांशु सिंह ने कहा कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं पर संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने सेवा, समर्पण और अनुशासन के साथ कार्य करते हुए सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अंजोरा मंडल अध्यक्ष हेमंत सिन्हा, जिला मंत्री गिरेश साहू, अंडा निकुम मंडल अध्यक्ष लिकेश्वर देशमुख, महिला मोर्चा अध्यक्ष रामकली साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष माया बेलचंदन, जनपद सदस्य संगीता साहू, जिला महामंत्री अनिकेत यादव सहित बड़ी संख्या में युवा मोर्चा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
दुर्ग। दुर्ग पुलिस द्वारा "जन मित्र" अभियान के तहत मेघगंगा ग्रुप एवं स्पर्श अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में नई पुलिस लाइन, थगड़ा बांध में रविवार को एक दिवसीय मेगा मेडिकल कैंप आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने वृक्षारोपण एवं फीता काटकर किया। इस दौरान 843 पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी तथा उनके परिजनों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि पुलिसकर्मी तनावपूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं, इसलिए उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ पुलिस बल ही बेहतर कानून व्यवस्था की आधारशिला है।
कार्यक्रम में अभिषेक शांडिल्य ने कहा कि अनियमित दिनचर्या के कारण पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे स्वास्थ्य शिविर गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करने और पुलिस बल को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं विजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि शिविर का उद्देश्य पुलिसकर्मियों के साथ-साथ सेवानिवृत्त कर्मियों एवं उनके परिवारों को भी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
मेगा मेडिकल कैंप में 22 विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में NABL प्रमाणित पैथोलॉजी जांच, नेत्र एवं दंत परीक्षण, संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण तथा विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य परीक्षण के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी दिया।
इस अवसर पर कलेक्टर अभिजीत सिंह, पुलिस विभाग एवं नगर सेना के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में उनके परिजन उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मेघगंगा ग्रुप, स्पर्श अस्पताल और लाइफ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर के सहयोग की सराहना करते हुए शिविर को पुलिस कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के अपर आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग, नवा रायपुर में स्थानांतरण पर निगम परिवार ने होटल अमित पार्क इंटरनेशनल में भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके कार्यकाल, कुशल प्रशासन, सौम्य व्यवहार एवं विकास कार्यों में योगदान को याद करते हुए शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन में राजीव कुमार पांडेय ने निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, निर्माणाधीन स्विमिंग पूल, नालंदा परिसर, हॉर्स राइडिंग, स्केटिंग ट्रैक एवं रेलवे किनारे बायपास रोड जैसी प्रमुख परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही कार्यकाल के दौरान अनजाने में हुई किसी भी त्रुटि के लिए खेद भी व्यक्त किया।
समारोह में मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, उपायुक्त डी.के. कोसरिया, जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, येशा लहरे, कुलदीप गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने श्री पांडेय को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य और नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में कर्मचारी विनोद कुमार यादव (38) की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब वे ओवरहेड क्रेन पर कार्य कर रहे थे। घटना के बाद संयंत्र में शोक का माहौल है।
O 30-40 फीट ऊंचाई पर लगा हाई वोल्टेज करंट
जानकारी के अनुसार वैशाली सेक्टर निवासी विनोद कुमार यादव यूनिवर्सल रेल मिल में जूनियर इंजीनियर एसोसिएट के पद पर कार्यरत थे। वे द्वितीय पाली में ड्यूटी पर पहुंचे थे। शाम करीब 4:30 बजे 30 से 40 फीट ऊंचे ओवरहेड क्रेन पर कार्य के लिए चढ़े। इसी दौरान उन्हें हाई वोल्टेज डीसी करंट लग गया और वे मौके पर ही बेहोश हो गए।
O 20 मिनट तक ऊंचाई पर फंसे रहे कर्मचारी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कर्मचारी को नीचे उतारने में करीब 15 से 20 मिनट लग गए। इसके बाद उन्हें मेडिकल पोस्ट ले जाया गया, जहां से सेक्टर-9 अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
O बंद होनी थी बिजली, फिर कैसे दौड़ा करंट?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब भी कोई कर्मचारी ओवरहेड क्रेन पर कार्य करने जाता है, तो पहले विद्युत सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी जाती है। इसके बावजूद कर्मचारी के ऊपर चढ़ने के बाद करंट लगना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि ऐसे कार्य के दौरान कम से कम तीन प्रशिक्षित कर्मचारियों की मौजूदगी अनिवार्य होती है। लेकिन घटना के समय प्रबंधन ने केवल एक अप्रशिक्षित (अनस्किल्ड) ठेका श्रमिक को तैनात किया था। उसके पास आपात स्थिति से निपटने का अनुभव नहीं था, जिससे समय पर बचाव नहीं हो सका।
जांच और जवाबदेही की मांग
हादसे के बाद कर्मचारियों में आक्रोश है। वे पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, सुरक्षा मानकों की समीक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सुरक्षा प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
पाटन। बोल बम कांवर यात्रा समिति, पाटन द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य एवं विशाल कांवर यात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। यात्रा को सुव्यवस्थित, भव्य एवं श्रद्धामय स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार, 11 जुलाई 2026 को दोप. 3:00 बजे रेस्ट हाउस, पाटन में आयोजित की जाएगी।
समिति के संयोजक श्री जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि कांवर यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन बस नहीं है यह सनातन संस्कृति, आस्था, अनुशासन, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। प्रत्येक वर्ष हजारों शिवभक्त "बोल बम" के जयघोष के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कांवर यात्रा में सम्मिलित होते हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी यात्रा को पहले से अधिक भव्य और सुव्यवस्थित रूप देने की योजना बनाई जा रही है।
समिति के संयोजक वर्मा जी ने कहा कि बैठक में यात्रा के संपूर्ण आयोजन की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, पेयजल एवं भोजन व्यवस्था, विश्राम स्थल, यातायात समन्वय, स्वच्छता, अनुशासन, प्रचार-प्रसार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए सभी पदाधिकारियों एवं शिवभक्तों के सुझाव लिए जाएंगे।
समिति के संयोजक वर्मा ने पाटन क्षेत्र के सभी सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों, युवा मंडलों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारी बंधुओं, स्वयंसेवकों एवं भगवान शिव के सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर अपने सुझाव दें एवं आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।आगे उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी एक व्यक्ति या समिति का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था और सहभागिता का उत्सव है।
69वीं जयंती पर निःशुल्क बहुउद्देशीय प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार केंद्र की शुरुआत, मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प
भिलाई।
आज जब समाज सेवा को अक्सर राजनीति और पद से जोड़कर देखा जाता है, ऐसे दौर में भिलाई के समाजसेवी इंद्रजीत सिंह यह साबित कर रहे हैं कि सेवा के लिए किसी पद या राजनीतिक पहचान की नहीं, बल्कि संवेदनशील सोच और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। वर्षों से वे बिना किसी राजनीतिक पद के समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के कार्य में निरंतर सक्रिय हैं।
इंद्रजीत सिंह अपने पूज्य पिता स्वर्गीय बीरा सिंह के सेवा, सहयोग और मानवता के आदर्शों को जीवन का मार्ग मानते हुए उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्तदान, खेल, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंद परिवारों की सहायता जैसे अनेक क्षेत्रों में उनके सामाजिक कार्य लगातार लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
स्वर्गीय बीरा सिंह की 69वीं जयंती पर उन्होंने समाज के लिए एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए आर्य नगर, कोहका स्थित सर्व समाज कल्याण समिति के कार्यालय में "बहुउद्देशीय प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार केंद्र" का शुभारंभ कराया। इस केंद्र का उद्घाटन उनकी माताजी श्रीमती कुलवंत कौर ने किया।
इस केंद्र में महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, दोना-पत्तल निर्माण, झाड़ू निर्माण, रुई-बाती, दीया एवं अगरबत्ती निर्माण सहित कई स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना है।
इंद्रजीत सिंह की समाज सेवा में उनकी माताजी श्रीमती कुलवंत कौर भी बराबर की भागीदार हैं। जरूरतमंदों की सहायता, महिला कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के प्रत्येक अभियान में उनकी सक्रिय भूमिका इस सेवा यात्रा को पारिवारिक संस्कारों का जीवंत उदाहरण बनाती है।
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना भी इंद्रजीत सिंह की प्राथमिकताओं में शामिल है। वे युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और मंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं, जिससे नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
इंद्रजीत सिंह का मानना है कि समाज में वास्तविक परिवर्तन भाषणों से नहीं, बल्कि निरंतर सेवा, संवेदनशीलता और जनभागीदारी से आता है। उनका स्पष्ट संदेश है कि व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान उसका पद नहीं, बल्कि उसके कर्म होते हैं।
आज इंद्रजीत सिंह उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं जो बिना किसी राजनीतिक मंच या पद के समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहते हैं। स्वर्गीय बीरा सिंह के सेवा-संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए वे यह संदेश दे रहे हैं कि "सेवा ही सबसे बड़ा धर्म, इंसानियत ही सबसे बड़ा पद और समाज की दुआएं ही सबसे बड़ा सम्मान हैं।"
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
