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दुर्ग । शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ प्रदेश के एकमात्र A+ शासकीय महाविद्यालय साइंस कॉलेज दुर्ग में जमीन को लेकर एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आदित्य नारंग के नेतृत्व में तथा एनएसयूआई के पदाधिकारीयो एवं छात्र-छात्राओं द्वारा दो दिवसीय उपवास सत्याग्रह का आयोजन महाविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने किया गया।
एनएसयूआई की मांग जो कि कॉलेज में पार्किंग की असुविधा को लेकर प्राचार्य महोदय को ज्ञापन के द्वारा पूर्व में अवगत कराया गया था। जिसे कॉलेज प्रशासन द्वारा पूर्ण नहीं किया अतः पार्किंग की जमीन को अन्य विभाग को आबंटित कर दिया गया। जिसके विरोध मे पदाधिकारियों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा दो दिवसीय सत्याग्रह उपवास किया। छात्रो की मांग है कॉलेज पार्किंग को कॉलेज को वापस सौंप दिया जाए।
साथ ही कॉलेज का एकमात्र ग्राउंड जो की फुटबॉल ग्राउंड बनाया जा रहा है, जिससे एनसीसी का कैंप एवं भर्ती प्रक्रिया अन्य महाविद्यालय के खेल का आयोजन किया जाता था तथा अन्य खेल जैसे की क्रिकेट, गोला फेक, जैवलिन थ्रो, तथा अन्य खेल का आयोजन नहीं हो पाएगा !
इन्हीं दो मुद्दों को लेकर एनएसयूआई के पदाधिकारी एवं छात्र-छात्राओं ने उपवास सत्याग्रह का कार्यक्रम किया !
जिससे कॉलेज का अस्तित्व बचाया जा सके !
इस मुद्दे को लेकर कलेक्टर महोदय एवं प्राचार्य महोदय जी को ज्ञापन सौंपा गया !
इस कार्यक्रम को समर्थन देने के लिए मुख्य रूप से दुर्ग शहर के पूर्व महापौर एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल जी, दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुरदीप भाटिया, कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री अभिषेक बोरकर, एनएसयूआई के उपाध्यक्ष सोनू साहू, छात्र नेता उस्मान रजा, युवा तिरुपति चंद्राकर, चैतन्य बंछोर, पियुष सिन्हा, मृदुल सिंह, तुषार कुमार, आयुष शर्मा, लक्ष्य शर्मा, कर्तिक विश्वकर्मा, भानुप्रताप कोरेटी, चेतनलाल निषाद, लीलेश्वर पोहाई, देवानंद कोड़ापे, खुशांन कुमार यादव, विपुल साहू, गितेश कुमार साहू, तरुण देव, मोहित कुमार, विवेक सिंह, मयंक देशमुख, दीपेश बंजारे, योगेश सिन्हा एवं महाविद्यालय के सैकड़ो छात्र उपस्थित रहे।
दुर्ग।
दुर्ग शहर कांग्रेस इन दिनों संगठनात्मक राजनीति और अंदरूनी समीकरणों के चलते चर्चा के केंद्र में है। खासकर महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर हलचल तेज होती नजर आ रही है, जहां एक ओर पुराने और अनुभवी नाम हैं, वहीं दूसरी ओर नई सक्रियता के सहारे उभरती दावेदारियां भी सामने आ रही हैं।
इसी कड़ी में शहर कांग्रेस की महामंत्री निकिता मिलिंद का नाम अचानक सुर्खियों में आ गया है। हाल के दिनों में उनके द्वारा लगातार प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से केंद्र सरकार पर हमलावर रुख अपनाना और मीडिया में सक्रिय बने रहना, पार्टी के भीतर नई चर्चा को जन्म दे रहा है।
क्या सक्रियता का लक्ष्य ‘कुर्सी’?
राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि—
क्या यह सक्रियता संगठन में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति है?
या फिर शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल की नजरों में जगह बनाकर महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद की दावेदारी मजबूत करने की कोशिश?
हालांकि, इस पद के लिए अब तक महापौर प्रत्याशी प्रेमलता साहू का नाम सबसे प्रबल माना जा रहा है। उनके संगठन में पुराने और मजबूत संबंध, खासकर शहर अध्यक्ष के साथ, उन्हें स्वाभाविक दावेदार बनाते हैं।
विपक्ष की भूमिका पर उठते सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बड़ा सवाल यह भी है कि शहर कांग्रेस स्थानीय मुद्दों पर कितनी सक्रिय है?
जहां एक ओर शहरी सरकार पर भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के आरोप लग रहे हैं, वहीं कांग्रेस के पार्षदों की अपेक्षित आक्रामक भूमिका नजर नहीं आ रही।
दिलचस्प बात यह है कि निगम की सामान्य सभा में सत्ता पक्ष (भाजपा) के पार्षद ही अपनी सरकार को घेरते दिखे, जबकि कांग्रेस अपेक्षाकृत शांत नजर आई।
सोशल मीडिया बनाम ज़मीनी राजनीति
दुर्ग कांग्रेस में अब यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि राजनीति का केंद्र जमीनी आंदोलनों से हटकर सोशल मीडिया और प्रेस विज्ञप्तियों तक सिमटता जा रहा है।
निकिता मिलिंद की बढ़ती मीडिया सक्रियता को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है—जहां जमीनी मुद्दों की बजाय राष्ट्रीय राजनीति पर बयानबाजी ज्यादा दिख रही है।
बदलते समीकरण, नई टीम की तैयारी
दुर्ग कांग्रेस की राजनीति में पिछले कुछ समय में बड़ा बदलाव आया है। एक समय तक प्रभावी रहे वोरा परिवार का वर्चस्व अब लगभग समाप्त हो चुका है, और शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में नई टीम और नए चेहरे उभर रहे हैं।
पूर्व राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे राजेश यादव और धीरज बाकलीवाल का साथ आना भी इन बदलते समीकरणों का संकेत है।
क्या संभव है ‘तेज प्रमोशन’?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महामंत्री पद मिलने के तुरंत बाद महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन
“राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं”—खासकर तब, जब संगठन में बड़े बदलाव की प्रक्रिया चल रही हो।
अब देखना यह होगा कि—
क्या अनुभव और पुराने संबंध बाजी मारेंगे?
या फिर नई सक्रियता और रणनीति संगठन में नया समीकरण बनाएगी?
फिलहाल, दुर्ग कांग्रेस में एक बात साफ है—
“कुर्सी एक, दावेदार कई… और सियासत अपने पूरे रंग में!”
लेख - राजनीतिक चर्चाओं के आधार पर
दुर्ग/रायपुर: प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों और बढ़ते अपराधों के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। 17 मार्च को राजधानी रायपुर में होने वाले विशाल विधानसभा घेराव की तैयारियों को लेकर आज दुर्ग के राजीव भवन में एक महत्वपूर्ण रणनीति बैठक संपन्न हुई।
बैठक में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' से लेकर 'अवैध अफीम खेती' जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बनाई गई।
"प्रदेश का हर वर्ग त्रस्त, सरकार मस्त" – अय्यूब खान
प्रदेश कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2023 से प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार आई है, कानून-व्यवस्था पूरी तरह लाचार हो चुकी है। उन्होंने तीखा हमला करते हुए कहा:
"महंगाई और बेरोजगारी ने जनता की कमर तोड़ दी है। न किसान खुश है, न युवा और न ही व्यापारी। भाजपा के दावे 'ढाक के तीन पात' साबित हो रहे हैं।"
प्रमुख मुद्दे जिन पर घेरेगी कांग्रेस:
अवैध अफीम की खेती: पूर्व विधायक अरुण वोरा ने सवाल उठाया कि प्रशासन की नाक के नीचे इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती किसके संरक्षण में हो रही थी? सरकार को स्पष्ट करना होगा कि इस गोरखधंधे के पीछे असली चेहरे कौन हैं।
मनरेगा पर प्रहार: वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर गरीबों की जीवनरेखा 'मनरेगा' को कमजोर कर रही है।
बढ़ता अपराध: प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और असुरक्षा के माहौल को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया।
दुर्ग की रहेगी बड़ी भागीदारी
दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर एवं शहर अध्यक्ष धीरज बकलीवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तय किया गया कि दुर्ग जिले से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता अपनी गाड़ियों के साथ रायपुर कूच करेंगे।
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
पूर्व विधायक अरुण वोरा, पीसीसी महामंत्री दीपक दुबे, सचिव अय्यूब खान, पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा, छाया महापौर श्रीमती प्रेमलता साहू सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ कांग्रेस जन।
मुख्य आकर्षण (Highlight Boxes)
नारा: "जनता की आवाज, विधानसभा के द्वार"
मिशन: 17 मार्च, रायपुर चलो!
मुद्दा: कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, और कि
सानों की अनदेखी।
रायपुर/ शौर्यपथ / भाजपा सरकार ने निर्णय लिया है कि अब 1 अप्रैल से फाइबर की बोतल में शराब मिलेगी। साथ ही 35 नई दुकाने भी खोली जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि शराब बंदी की बात करने वाली भाजपा शराब की खपत बढ़ाने में लगी है। शराब की काली कमाई के लालच में भाजपा की सरकार ने पिछले दो वर्षों में आधा दर्जन बार आबकारी नीति में परिवर्तन किया है। पूर्व में संचालित लगभग 700 दुकानों में कंपोजिट व्यवस्था लागू करके अंग्रेजी में देसी और देसी शराब दुकानों में अंग्रेजी शराब भी बेचने का निर्णय लिया अर्थात पुरानी दुकानों की क्षमता दुगनी होकर 400 हो गयी। इस सरकार ने पिछले साल 67 नई शराब दुकानें खोले, जिसका जमकर विरोध हुआ, अब नई नीति में 35 और शराब दुकान खोले जा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि भाजपा की सरकार हर तरफ से शराब की बिक्री बढ़ाने में लगी है। विगत दिनों अंबिकापुर में सी-मार्ट को बंद कर प्रीमियम शराब दुकान खोली गई, अब नई शराब नीति के तहत और भी प्रीमियम दुकान खोलने का फैसला भाजपा की सरकार ने लिया है। पिछले 2 साल में सीमावर्ती पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उड़ीसा से शराब की तस्करी बढ़ी है। कोचियों और बिचौलियों का कारोबार बेख़ौफ़ चल रहा है, नाबालिक बच्चों तक अवैध नशे की सामग्री पहुंच रही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि साय सरकार में शराब की कोचियागिरी बड़े पैमाने पर जारी है। नकली सरकारी होलोग्राम लगाकर शराब बेचा जा रहा है। राजनांदगांव, मुंगेली सहित प्रदेश के अनेकों स्थानों से लगातार खबरे आ रही है सरकारी शराब दुकानों से 200 रू. प्रति पेटी अतिरिक्त लेकर गली, मुहल्लों में कोचिये शराब पहुंचा रहे है। हाल ही में डोंगरगढ़ में बाटलिंग प्लांट यूनिट में पानी मिलाते रंगे हाथों पकड़े गये। दूसरे राज्यों की शराब बस्तर, सरगुजा सहित मैदानी क्षेत्रों में निर्बाध पहुंच रहे है। नकली और अवैध शराब का धंधा सत्ता के संरक्षण में तेजी से फल-फूल रहा है। भाजपा की सरकार बनने के बाद अवैध शराब की बिक्री बढ़ गई, दूसरे प्रांतो से शराब तस्करी कर के आ रही, बिना होलोग्राम, नकली होलोग्राम के शराब सरकारी दुकानों से बेची जा रही। पूरी सरकार शराब की काली कमाई में डूबी हुई है।
प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि साय सरकार के द्वारा लगातार शराबखोरी को संरक्षण देने वाले निर्णयों से प्रमाणित है कि भाजपा का शराबबंदी के लिए प्रदर्शन केवल राजनैतिक पाखंड था। साय सरकार का शराब प्रेम मनपसंद ऐप और 67 नई शराब दुकान खोलने के निर्णय से स्पष्ट है। भाजपा नेताओं का फोकस केवल कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार में है और इसके लिए प्रदेश को नशे में डूबोने का षड़यंत्र रचा है।
भाजपा सरकार बताये प्रति पशु चारा के लिए प्रतिदिन 10 रु में पशुधन को भरपेट खुराक कैसे मिलेगा?
रायपुर। भाजपा सरकार के गौधाम योजना को हवा हवाई बताते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा भाजपा सरकार की गौधाम, गौ-अभ्यारण बनाने की योजना सिर्फ हवा हवाई है, सवा दो साल में धरातल पर कही नजर नही आ रही है। सरकार जब मान रही है, प्रदेश में 1 लाख 84 हजार 993 से अधिक छुट्टा घुमन्तु गौवंश पशुधन है, जिसका कोई मालिक नही है। ऐसे में सवा दो साल में मात्र 3 गौधाम बनाकर पशुधन की संरक्षण की दावा झूठा एवं नकली है। सवा दो साल में 11 गौधाम का पंजीयन हुआ जिसमें मात्र 3 ही बन पाये है, एक गौधाम की क्षमता 200 पशुधन की है, ऐसे में 600 पशुधन को ही गौधाम में जगह मिला, शेष 1 लाख 84 हजार 303 पशुधन अभी भूखे प्यासे सड़क पर भटक रहे है। दुर्घटना और खुली चराई का कारण बन रहे है, ये सब भाजपा सरकार की गोठान के प्रति राजनीतिक द्वेष के चलते हो रहा है, गोठान में तालाबंदी के कारण हो रहा है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने प्रदेश में 10000 से अधिक गोठान बनाए थे, उसमें से 7000 से अधिक गोठान आत्मनिर्भर थे। सरकार की उसमें फूटी कौड़ी नहीं लगती थी, महिला स्वसहायता समूह और गौठान समिति मिलकर उसका संचालन करती थी, गांव-गांव में पैरा दान होता था और डे केयर के रूप में वह पशुधन को संरक्षण देते थे, भाजपा की सरकार ने गोठानों में ताला लगाकर पशुधन के साथ अन्याय किया है, महिला स्व सहायता समूह से भी काम छीना है। गोठानो में तालाबंदी के चलते किसान भी खुली चराई से फसल बचाना मुश्किल हो रहा है। परेशान है दुर्घटनाएं हो रही है अभी सरकार ने सवा दो साल में पशुधन संरक्षण के लिए कोई काम नहीं किया।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा भाजपा सरकार बताये गौधाम योजना में चारा के लिए प्रति पशु प्रतिदिन 10 रु. निर्धारित किया गया है, इसमें कौन सा चारा मिलेगा? 10 रु. में पशुधन को भरपेट भोजन कैसे मिलेगा? 10 रु. में पशुधन के लिए चारा की व्यवस्था करने का निर्णय हास्यपद है। सरकार दावा कर रही है कि 1460 गौधाम बनायेगे तो जिसमे 5 एकड़ चारागाह के लिए जमीन दी जायेगी तो कितने स्थानों पर चारागाह की जमीन की व्यवस्था की गई है। भाजपा का गौधाम योजना सिर्फ फर्जी विज्ञापन बाजी है। भाजपा आरएसएस से जुड़े लोगों को पालने पोसने एवं सरकारी जमीन पर कब्जा देने की योजना है। इससे पशुधन को कोई लाभ नही होगा बल्कि संघ भाजपा के नेता मालामाल होंगे।
बिजली दरों में कटौती और 400 यूनिट तक रियायत दे सरकार, समाधान योजना से ईमानदार उपभोक्ताओं को कोई लाभ नहीं - कांग्रेस
रायपुर। बिजली बिल के समाधान योजना 2026 को सरकार का प्रोपोगेंडा बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार ईमानदारी से अपने बकाया का भुगतान करने वाले बिजली उपभोक्ताओं को हतोत्साहित करना चाहती है, यदि सरकार वास्तविक राहत और रियायत देना चाहती है तो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की तरह बिना किसी भेदभाव के 400 यूनिट तक घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में आधी छूट का लाभ दे और दो सालों में 5-5 बार की गई भारी भरकम मूल्य वृद्धि वापस ले। स्मार्ट मीटर की बाध्यता खत्म करे, अनियंत्रित मुनाफाखोरी, लूट और अधिक वसूली तत्काल बंद करें।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि एक तरफ यह सरकार आम जनता को राहत देने के बजाय बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में अतिरिक्त चार्ज लगा दी है, दूसरी तरफ समाधान योजना का ढोल पीटकर केवल पुराने बकायादारों के बिलों पर सरचार्ज में शत प्रतिशत और मूल राशि में 75 प्रतिशत की मामूली राहत को मास्टर स्ट्रोक बताने केवल विज्ञापनबाजी कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि बिजली बिल हॉफ योजना में दुर्भावना पूर्वक किए गए संशोधन और बार-बार बिजली के दाम बढ़ाने से आम लोगों के घरों का बिजली बिल 4 गुना अधिक आ रहा है। महंगी बिजली के बाद भी यह सरकार जनता को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध नहीं करा पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 8 से 9 घंटे तक बिजली कटौती से जनता परेशान है। ज़मीन हमारी, कारखाने हमारे, कोयला हमारा, पानी हमारा, हमारे ही राज्य में बिजली का सरप्लस उत्पादन फिर भी हमें ही महंगी दरों पर बिजली बेची जा रही है। सारे राहत और रियायत, छत्तीसगढ़ के संसाधनों को केवल भाजपा के चहेतों पर ही लुटाए जा रहे हैं। अब तो कोयले पर लगने वाला सेस भी हट गया है जिसके कारण कोयले के दाम पर न्यूनतम 400 रुपए प्रति टन कम हुआ है लेकिन बिजली के उत्पादन लागत में कमी का लाभ भी यह सरकार आम जनता से छिन रही है।
मृणेन्द्र चौबे
राजनांदगांव।शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नीलू शर्मा आज पश्चिम बंगाल के पुरुलिया ज़िले के मानबाजार विधानसभा क्षेत्र में आयोजित परिवर्तन यात्रा (रथ यात्रा) में शामिल हुए। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की भीड़ उमड़ी और लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
नीलू शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण की नई दिशा देने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन यात्रा में कार्यकर्ताओं और नागरिकों का उत्साह इस बात का संकेत है कि पश्चिम बंगाल में अब बदलाव की मजबूत इच्छा दिखाई दे रही है और जनता भाजपा के विज़न को स्वीकार कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन यात्रा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास और समर्थन का प्रतीक है। भाजपा का उद्देश्य प्रदेश में विकास, सुशासन और जनकल्याण की नई शुरुआत करना है।
कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय राज्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र दुबे, पुरुलिया के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो और वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली सहित प्रदेश और जिला स्तर के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
मानबाजार विधानसभा में आयोजित परिवर्तन यात्रा ने यह संदेश दिया कि पश्चिम बंगाल अब बदलाव की राह पर आगे बढ़ रहा है और भाजपा के नेतृत्व में विकास का नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है।
रायपुर/ राजनीति /
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि शराबबंदी की बात करने वाली भाजपा सरकार अब शराब में खुलेआम कमीशनखोरी की व्यवस्था तैयार कर रही है।
शुक्ला ने कहा कि साय सरकार द्वारा शराब निर्माता कंपनियों से उनके ब्रांड के रेट पर टेंडर मंगाया गया है, जिसमें सरकार कंपनियों द्वारा दिए गए रेट में अपना सेस जोड़कर वही दर शराब की बोतलों पर चस्पा करेगी और उसी के आधार पर बिक्री कराई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा रेट नेगोशिएशन की कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही है, जिससे निर्माता कंपनियां सत्ता में बैठे लोगों का कमीशन जोड़कर रेट तय करेंगी और सरकार उसी दर पर शराब खरीदेगी।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष ने कहा कि जिन राज्यों में शराब दुकानें निजी ठेकेदारों के माध्यम से संचालित होती हैं, वहां शराब निर्माता कंपनियां 40 से 60 प्रतिशत तक डिस्काउंट देती हैं। वहीं वही ब्रांड अन्य राज्यों में कम दर पर उपलब्ध होते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार पूरे रेट पर शराब खरीदी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया से घोटाले की बू आ रही है।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा जब विपक्ष में थी, तब शराबबंदी को लेकर बड़े-बड़े आंदोलन और प्रदर्शन किए गए, लेकिन सत्ता में आते ही भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि साय सरकार के फैसले स्पष्ट रूप से शराबखोरी को संरक्षण देने वाले हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा मनपसंद मोबाइल ऐप लागू करने, 67 नई शराब दुकानें खोलने और अब इस वर्ष 30 और नई दुकानों की तैयारी से यह साबित हो गया है कि भाजपा का शराबबंदी का दावा केवल राजनीतिक पाखंड था।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार बनने के बाद शराब की बिक्री बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से नीतियां बनाई गईं। पहले से संचालित लगभग 700 शराब दुकानों को कंपोजिट कर देशी और अंग्रेजी शराब एक ही दुकान में बेचने की व्यवस्था की गई, जिससे प्रभावी रूप से करीब 1400 काउंटर बन गए और शराब की उपलब्धता दोगुनी कर दी गई।
सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अवैध शराब की बिक्री में वृद्धि हुई है। दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी हो रही है और बिना होलोग्राम या नकली होलोग्राम वाली शराब सरकारी दुकानों से बेची जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरी सरकार शराब से होने वाली काली कमाई में डूबी हुई है।
कांग्रेस ने मांग की कि सरकार शराब नीति, खरीदी प्रक्रिया और रेट निर्धारण की पूरी जानकारी सार्वजनिक करे तथा इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
दुर्ग। शौर्यपथ
जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग में ऊर्जावान, जमीनी और संघर्षशील युवा नेता राहुल शर्मा को पुनः जिला महामंत्री बनाए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवाओं, वरिष्ठ नेताओं और आमजन में हर्ष और उत्साह की लहर है। उनकी नियुक्ति को संगठन में ऊर्जा, अनुभव और निरंतरता का प्रतीक माना जा रहा है।
राहुल शर्मा का राजनीतिक सफर 2005 में नगर शाला अध्यक्ष के रूप में शुरू हुआ। इसके बाद
2006 में एनएसयूआई दुर्ग विधानसभा के उपाध्यक्ष,
2008–09 में मध्य ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के महामंत्री,
2010–2012 तथा 2012–2018 तक श्री आर.एन. वर्मा के नेतृत्व में सचिव एवं महामंत्री,
2018 में गया पटेल की अध्यक्षता वाली समिति में महामंत्री के रूप में उन्होंने संगठन को मजबूती दी।
अब 2026 में उन्हें एक बार फिर जिला महामंत्री का दायित्व सौंपा गया है, जो उनके संगठनात्मक कौशल और नेतृत्व पर विश्वास को दर्शाता है।
राहुल शर्मा का नाम केवल पदों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वे आंदोलनों और जनसंघर्षों में भी अग्रिम पंक्ति में रहे हैं। 2012 में नगर निगम दुर्ग के खिलाफ जनसमस्याओं को लेकर हुए आंदोलन में उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज हुआ, जिसमें वे विवेक मिश्रा, इलियास चौहान, अय्यूब खान, प्रकाश गीते और रज्जन खान के साथ 6 दिन जेल भी गए। इसे उनके संघर्षशील और निडर राजनीतिक जीवन का अहम अध्याय माना जाता है।
अपनी नियुक्ति पर राहुल शर्मा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व विधायक अरुण वोरा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू, तथा शहर कांग्रेस कमेटी दुर्ग के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
उनकी नियुक्ति पर बधाई देने वालों में युवा साथियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की लंबी सूची शामिल है, जिनमें प्रमुख रूप से सुरेश गुप्ता, पिंकी गुप्ता, आशुतोष सिंह, विवेक मिश्रा, नासिर खोखर, विकास पुरोहित, सुरेश देवांगन, प्रकाश शर्मा, गुरदीप भाटिया, विकास राठी, सरोज यादव, प्रवीण चन्द्राकर, छोटे लाला यादव, राकेश सिन्हा, मनीष सोनवानी, लक्ष्मण शर्मा, विक्रांत शर्मा, राजू यादव, योगेश शर्मा, अनूप सिन्हा, विक्की यादव, प्रवीण सिंह, आशीष मेश्राम, सूर्यमणि मिश्रा, बाला पीढ़ियार, सौरभ पांडे, रिंकू शुक्ला, मोनू शर्मा, अजित शुक्ला सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल हैं।
कुल मिलाकर, राहुल शर्मा की पुनर्नियुक्ति को दुर्ग कांग्रेस संगठन के लिए मजबूती, युवा नेतृत्व और संघर्ष की नई ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
