August 11, 2026
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    राजनीति

    राजनीति (1228)

    ​रायपुर:
    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर राज्य में एक बड़ा राजनीतिक बवंडर खड़ा हो गया है। सत्ताधारी दल भाजपा के नेताओं द्वारा राहुल गांधी पर की गई बेहद निजी और तल्ख टिप्पणियों के बाद दोनों पार्टियों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। जहां भाजपा विधायकों और मंत्रियों ने राहुल गांधी के दौरे को लेकर तंज कसे हैं, वहीं कांग्रेस ने भी इस पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए करारा जवाब दिया है।
    ​1. विधायक पुरंदर मिश्रा का बयान: "दिल्ली से आ रहा जोकर"
    ​छत्तीसगढ़ के रायपुर उत्तर से भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने राहुल गांधी के दौरे पर टिप्पणी करते हुए विवादित बयान दिया है।
    ​क्या कहा भाजपा विधायक ने: राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आगमन के संदर्भ में पुरंदर मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा, "दिल्ली से जोकर आ रहा है और 10 दिन तक सर्कस चलेगा।"
    ​कांग्रेस का पलटवार: विधायक मिश्रा के इस बयान पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा विधायक का 'मानसिक दिवालियापन' करार दिया। कांग्रेस ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि भाजपा विधायक का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है, तो कांग्रेस उनके इलाज का पूरा खर्च उठाने के लिए तैयार है।
    ​2. वन मंत्री केदार कश्यप का तंज: "दारू से धोएं राहुल के चरण"
    ​विवाद को और हवा तब मिली जब छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने राहुल गांधी के दौरे से ठीक पहले एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस पर सीधा हमला बोला।
    ​क्या कहा वन मंत्री ने: कांग्रेस के स्वागत कार्यक्रमों पर कटाक्ष करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने पिछले 5 साल के शासनकाल में केवल शराब घोटाला किया है। उन्होंने आगे कहा, "इसलिए जब राहुल गांधी छत्तीसगढ़ आएं, तो कांग्रेसियों को (गंगाजल या पानी के बजाय) उनके चरण 'दारू' से धोने चाहिए।"
    ​कांग्रेस का पलटवार: वन मंत्री के इस बयान पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने मोर्चा संभाला। बैज ने कहा कि यह बयान भाजपा के 'निचले स्तर के चरित्र' को उजागर करता है। उन्होंने राज्य की संस्कृति का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अतिथियों का स्वागत हमेशा 'धान' (अक्षत) से किया जाता है, लेकिन भाजपा ने अपने बयानों और नीतियों से राज्य को शराब का गढ़ बना दिया है।
    ​सियासी गलियारों में चर्चा:
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी के दौरे से पहले इस तरह की बयानबाजी यह दर्शाती है कि राज्य में आगामी दिनों में राजनीतिक मुकाबला और भी दिलचस्प और आक्रामक होने वाला है। जहां भाजपा कांग्रेस को उसके पिछले कार्यकाल के मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अपमान और भाजपा की हताशा के रूप में पेश कर रही है।

    कारण बताओ नोटिस, अयोग्यता की मांग और कार्यकर्ताओं को संभालने की कवायद; महा विकास अघाड़ी के सामने भी नई चुनौती

      राजनीतिक विश्लेषण
    2022 में पार्टी का संगठन और चुनाव चिन्ह खोने के बाद उद्धव ठाकरे ने लोकसभा चुनावों में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता साबित की थी।
    अब यदि 9 में से 6 सांसद अलग राह चुनते हैं, तो यह केवल संख्या का नुकसान नहीं बल्कि नेतृत्व पर विश्वास के संकट का संकेत माना जाएगा।
    संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत UBT गुट लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष अयोग्यता की मांग कर रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय संसदीय प्रक्रिया और उपलब्ध तथ्यों पर निर्भर करेगा।
    महाराष्ट्र की राजनीति में इसका सीधा असर महा विकास अघाड़ी (MVA) की एकजुटता और भविष्य की चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है।
    दूसरी ओर, यदि ये सांसद एनडीए के साथ जाते हैं तो महाराष्ट्र में भाजपा-शिंदे गठबंधन की राजनीतिक ताकत और बढ़ सकती है।
    सबसे बड़ा सवाल
    उद्धव ठाकरे के सामने अब चुनौती केवल बागी सांसदों पर कार्रवाई की नहीं, बल्कि यह साबित करने की है कि चुनाव चिन्ह, संगठन और लगातार हो रही टूट-फूट के बावजूद उनकी पार्टी अभी भी महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रभावशाली शक्ति बनी हुई है।
    तीखा राजनीतिक निष्कर्ष
    "पहले धनुष-बाण गया, फिर संगठन का बड़ा हिस्सा गया, और अब यदि सांसद भी साथ छोड़ते हैं तो उद्धव ठाकरे के सामने लड़ाई सिर्फ सत्ता की नहीं, बल्कि राजनीतिक अस्तित्व बचाने की होगी।

    दुर्ग। आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ, अत्यधिक ई-चालान की कार्रवाई और परिवहन सेवाओं की बढ़ी हुई शुल्क दरों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने जोरदार प्रदर्शन कर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने इसे आम नागरिकों, वाहन चालकों, विद्यार्थियों, श्रमिकों और मध्यमवर्गीय परिवारों से जुड़ा गंभीर जनहित का मुद्दा बताते हुए तत्काल राहतकारी कदम उठाने की मांग की।

    ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने कहा कि यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली के कारण आम लोगों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। ई-चालान की बढ़ती संख्या और परिवहन सेवाओं के शुल्क में वृद्धि से लोगों को अतिरिक्त वित्तीय भार उठाना पड़ रहा है, जिससे व्यापक जनअसंतोष की स्थिति निर्मित हो रही है।

    जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज बनकर सड़कों पर उतरी है। आम नागरिकों की जेब पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को कम करने के लिए सरकार और संबंधित विभागों को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसुविधा के नाम पर जनता पर आर्थिक भार डालना उचित नहीं है और कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार संघर्ष करती रहेगी।

    कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि ई-चालान प्रणाली को अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और जनहितकारी बनाया जाए तथा परिवहन सेवाओं की बढ़ी हुई शुल्क दरों की पुनर्समीक्षा कर आम लोगों को राहत प्रदान की जाए। साथ ही वाहन चालकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की गई।

    धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी सदैव जनसरोकारों के मुद्दों पर जनता के साथ खड़ी रही है और भविष्य में भी आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

    मुख्य मांगें

    ? अत्यधिक ई-चालान की कार्रवाई पर पुनर्विचार।

    ? परिवहन सेवाओं की बढ़ी हुई शुल्क दरों में कमी।

    ? ई-चालान प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना।

    ? आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के लिए ठोस राहतकारी उपाय लागू करना।

      राजनांदगांव - भारतीय जनता पार्टीके प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी तथा जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत की सहमति से भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पुष्पा गायकवाड ने महिला मोर्चा के विभिन्न मंडलों के पदाधिकोरियोंकी नियुक्ति की घोषणा की है।  

    डोंगरगांव मंडल:- अध्यक्ष एकल बाई साहू, उपाध्यक्ष विभा हिरवानी, मनीषा साहू, मधु यदु, संतोषी मानिकपुरी, महामंत्री अनिता वाल्दे, चित्ररेखा, मंत्री ज्योति साहू, रानी तिवारी, महेश्वरी गंजीर, स्वाति पंसारी, कोषाध्यक्ष ममता उईके, मीडिया प्रभारी अंजना यादव, सोशल मीडिया प्रभारी नीलम चतुर्वेदी, बुथ मित्र प्रभारी कुमारी वैष्णव, सांस्कृतिक प्रभारी अनिता साहू, प्रवक्ता अरूणा पाण्डेय, कार्यालय प्रभारी कुंती आल्हा, मन की बात प्रमुख प्रतिभा पटेल।

    राजनांदगांव दक्षिण मंडल:- अध्यक्ष मधु बैद, उपाध्यक्ष शशि सहारे, मंजू यादव, संध्या वर्मा, कृति प्रजापति, महामंत्री करूणा राजपूत, तूईशा वांदिले, मंत्री चन्द्रिका साहू, प्रतिमा खण्डेलवाल, लता यादव, भारतीय सोनकर, कृती साहू, कोषाध्यक्ष ज्योति जैन, मीडिया प्रभारी ज्योति सहारे, सोशल मीडिया प्रभारी अनिता सिन्हा, सह-सोशल मीडिया प्रभारी उतरा दामले, बुथ मित्र प्रभारी लता यादव, सांस्कृति प्रभारी अमृता सिन्हा, प्रवक्ता गीताजंली साहू, कार्यालय पभारी दूर्गा साहू, मन की बात कार्यालय प्रभारी अर्चना अग्रवाल।

    राजनांदगांव ग्रामीण पश्चिम मंडल:- अध्यक्ष गायत्री साहू, उपाध्यक्ष पुर्णिमा साहू, मीनाक्षी अम्बादे, दुलारी बाई साहू, लता साहू, महामंत्री भुनेश्वरी साहू, मनिषा साहू, मंत्री मीना चतुर्वेदी, ममता धु्रव, बिसन्तीन नेताम, प्रभा साहू, टोमीन लाउत्रे, कोषाध्यक्ष ज्योति भारद्वाज, मीडिया प्रभारी मिशा साहू, सोशल मीडिया प्रभारी सीमा साहू, मन की बात प्रमुख सोमिता साहू।
    अर्जुनी मंडल:- अध्यक्ष ममता पटेल, उपाध्यक्ष कविता साहू, मंजू साहू, नूतन साहू, फुलेश्वरी साहू, महामंत्री पूनम साहू, मंजू वैष्णव, मंत्री चम्पा धनकर, शैल साहू, उमा साहू, जयश्री राधा सोनकर, पूर्णिमा साहू, चन्द्रकली साहू, कोषाध्यक्ष महेश्वरी निषाद, सह-कोषाध्यक्ष ललती निषाद, मीडिया प्रभारी चांदनी निषाद, सह-मीडिया प्रभारी लुकेश्वरी साहू, प्रवक्ता कल्याणी धनकर, सह-प्रवक्ता नीतू साहू, सोशल मीडिया प्रभारी पूजा वैष्णव, पदमनी साहू, बुधंमीन साहू, रेश्मी आदिवासी, कार्यालय मंत्री कामनी रामटेके, सांस्कृतिक कांति साहू, दुलारी बाई साहू।

    इस अवसर पर जिला अध्यक्ष पुष्पा गायकवाड ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी संगठन कार्यकर्ताओं की मेहनत, समर्पण और सेवा भाव के आधार पर निरंतर आगे गढ़ रही है। महिला मोर्चा की नई टीम संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के साथ-साथ पार्टी की रीति-नीति, सिद्धांतों एवं केन्द्र तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जिला अध्यक्ष पुष्पा गायकवाड ने विश्वास व्यक्त किया कि महिला मोर्चा की नईटीम संगठन के विस्तार एवं पार्टी की मजबूती के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेगी तथा आगामी कार्यक्रमों एवं अभियानों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। 

    स्वास्थ्य सेवा और संगठन विस्तार को नई गति देने 16 मंडलों के संयोजकों की नियुक्ति

    राजनांदगांव। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन महामंत्री श्री पवन साय, भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. देवेन्द्र कश्यप तथा भाजपा जिलाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत की सहमति से भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ. निलेश सिंह ने जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ एवं जिले के 16 मंडलों की नई कार्यकारिणी की घोषणा की है।

    जारी सूची के अनुसार डॉ. निलेश सिंह को जिला संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं सह-संयोजक के रूप में डॉ. चन्द्रेश साहू, डॉ. पी. डी. मानिकपुरी, डॉ. आलोक भट्टाचार्य, डॉ. जितेन्द्र तिवारी, डॉ. लोकेश चन्द्राकर एवं डॉ. हरिश्चन्द्र साहू को नियुक्त किया गया है। डॉ. अशोक तिवारी को जिला मीडिया प्रभारी तथा डॉ. कामेश साहू को महत्वपूर्ण दायित्व प्रदान किया गया है।

    मंडल स्तर पर राजनांदगांव उत्तर से डॉ. प्रमोद साहू, राजनांदगांव दक्षिण से डॉ. यशवंत कुमार साहू, राजनांदगांव ग्रामीण पूर्व से डॉ. अनुपम श्रीवास्तव, राजनांदगांव ग्रामीण पश्चिम से डॉ. गुणीत साहू, डोंगरगढ़ शहर से डॉ. राजेश राघोत्रे, डोंगरगढ़ ग्रामीण से डॉ. मोरध्वज वर्मा, घुमका से डॉ. लक्ष्मण वर्मा, तिलई से डॉ. नारायण मानिकपुरी, डोंगरगांव शहर से डॉ. ललित रामटेके, डोंगरगांव ग्रामीण से डॉ. फग्गू पटेल, मुसरा-मुरमुंदा से डॉ. श्यामलाल साहू, तुमड़ीबोड़ से डॉ. भूपेन्द्र वर्मा, अर्जुनी से डॉ. टीमेश्वर साहू, लाल बहादुर नगर से डॉ. उत्तम कुमार विश्वास, छुरिया से डॉ. हेमंत कुमार लड़े, कुमर्दा से डॉ. हेमंत बनपेला तथा गैंदाटोला से डॉ. अश्वनी कुमार साहू को मंडल संयोजक नियुक्त किया गया है।

    भाजपा द्वारा संगठन के विस्तार तथा समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चिकित्सा प्रकोष्ठ की नई टीम का गठन किया गया है। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि चिकित्सा प्रकोष्ठ संगठन की विचारधारा, सेवा कार्यों एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    उन्होंने कहा कि चिकित्सा प्रकोष्ठ की नई टीम समाजसेवा की भावना के साथ स्वास्थ्य संबंधी जनहितकारी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का कार्य करेगी।

     
    सरकार की प्राथमिकता के लोगों को स्वास्थ्य और इलाज नही

       रायपुर/ । भाजपा की सरकार बनने के बाद राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल हो गयी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह बेहद चिंता का विषय है कि छत्तीसगढ़ में जिन मरीजों की मौते हो रही है। उनमें से 60 प्रतिशत से अधिक मरीजो की मौत केवल इसलिये हो रही है कि उनका समय पर ईलाज एक प्रशिक्षित डॉक्टर और स्टाफ से नहीं हो पाता है। सेंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि छत्तीसगढ़ में होने वाली कुल मौतो के पीछे एक बड़ा कारण ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षित डॉक्टरो की कमी है। पूरे देश में छत्तीसगढ़ इस प्रकार की मौतो के मामलो में बिहार और झारखंड के बाद तीसरे स्थान पर है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता में लोगो का ईलाज है ही नही, भाजपा सरकार के लिये स्वास्थ्य विभाग केवल भ्रष्टाचार करने का अड्डा मात्र बना हुआ है। प्रदेश के वर्तमान 10 मेडिकल कालेजो में 2660 स्वीकृत पदो में से 1290 पद लगभग आधे खाली पड़े है। ऐसे में मरीजो का कैसे ईलाज होगा। स्वास्थ्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्रो में 65 प्रतिशत स्थानों तथा जिला अस्पतालो में 60 प्रतिशत पद खाली पड़े है। राज्य के सरकारी अस्पतालो में ईलाज कम भ्रष्टाचार अधिक होता है। प्रदेश के अधिकांश सरकारी अस्पतालो मेडिकल कालेजो में नकली दवाये उपयोग की शिकायते सामने आ चुकी है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बेहद शर्मनाक है कि राज्य के लोगो की बड़ी उम्मीद मेकाहारा रायपुर तथा डीकेएस अस्पताल भी अव्यवस्था और सरकार की लापरवाही का शिकार है। मेकाहारा में करोड़ो की मशीने स्टालेशन के आभाव में तथा योग्य चिकित्सको होने के बाद मेकाहारा में सुविधाये नहीं होने के कारण लोगो के ईलाज में देरी होती है। सरकार कभी दवाई नहीं उपलब्ध करवा पाती तो कभी एक्सरे फिल्म, तो कभी पैथालाजी के सामन। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि सरकार की लापरवाही और बदनियती के चलते ही छत्तीसगढ़ में मरीज जांच, इलाज और दवा के अभाव में बे-मौत मरने मजबूर हैं। नकली और अमानक दवाएं मरीजों को दी जा रही हैं। सरकारी अस्पतालों में दी जा रही कई दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल हो रही है। समय पर एम्बुलेंस की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है। सिटी स्कैन, एम आर आई, सोनोग्राफी, एक्स रे और खून पेशाब की जांच के लिए मरीज भटक रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में कमीशनखोरी के लिए स्वास्थ्य विभाग अघोषित तौर पर ठेके में संचालित है। सत्ता के संरक्षण में केवल मुनाफाखोरी का खेल चल रहा है। अक्षम स्वास्थ्य मंत्री तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे या उन्हें बर्खास्त करे सरकार।

       रायपुर/ । धान के अलावा अन्य फसल लेने पर 15000 रू. प्रति क्विंटल देने के फैसले को भेदभाव पूर्ण और धान के किसान विरोधी बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, धान के किसान हमारी पहचान है, प्रदेश के अर्थव्यवस्था की धूरी है, भाजपा की सरकार दुर्भावना पूर्वक इसे मिटाने पर तुली है। आखिर इस सरकार को धान के किसानों से इतनी हिकारत क्यों? प्रदेश का जनवायु और मानसून धान के अनुकूल है। दलहन, तिलहन एवं अन्य फसल लेने के लिये न किसानों की तैयारी है, न ही वातावरण अनुकूल। सरकार पहले जो खाद का संकट सामने खड़ा है, उसका निराकरण करे।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार का फैसला अव्यावहारिक है। धान के खेत में तिली, राहेर, कोदो, कुटकी, रागी, कपास, उड़द, मूंग कैसे बोयेंगे किसान? क्या किसान मेढ़ पार फोड़ कर, धान के खेत को पाट कर भर्री बना दे? छत्तीसगढ़ में मानसून, वर्षा, मिट्टी, जलवायु, धान के खेती के अनुकूल है, जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध कराने में नाकाम सरकार अपनी अक्षमता छुपाने अब 15 हजार का प्रलोभन दे रही है, पहले अन्य फसलो की समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था करें सरकार।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार खाद नहीं दे पा रही है इसलिए प्रलोभन दे रही है। पिछले तीन साल में धान की एमएसपी वृद्धि का लाभ पहले ही किसानों से छीन लिया गया है, साय सरकार आने के बाद 117 फिर 69 और 72 रुपए की वृद्धि धान के एमएसपी में हो चुकी है कुल 258 रुपए बढ़े है लेकिन यह सरकार 3358 की जगह केवल 3100 रुपए प्रति क्विंटल ही दे रही है, आगे भी धान की कीमत बढ़ाने का इरादा इस सरकार का नहीं है जबकि कृषि लागत पिछले ढाई साल में 12 से 15 हजार रुपए प्रति एकड़ बढ़ चुका है।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार बताये, खरीफ के लिये कितने उर्वरको की व्यवस्था हो पाई है? सरकार का खुद का दावा है कि लक्ष्य 15 लाख 54 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के विपरीत केवल 11 लाख 11 हजार मीट्रिक टन का कुल भंडारण है, जिसमें से अभी तक कुल केवल 4 लाख 11 हजार मीट्रिक टन का वितरण हुआ है जो कुल डिमांड का मात्र 26 प्रतिशत है। सोसायटियों तक पर्याप्त खाद कब तक पहुंचेगा? सरकार किसानों के लिये आवश्यक यूरिया डीएपी की व्यवस्था करे।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोदी निर्मित महंगाई के कारण खेती की लागत बढ़ गई है, डीजल महंगा होने से जुताई, मताई, हार्वेस्टिंग की लागत 20 प्रतिशत बढ़ गया है, खाद बीज के दाम बढ़ाए, पोटास एन पी के महंगा हुआ है, एक तरफ यह सरकार एनपीके को डीएपी का विकल्प बता रही है, दूसरी तरफ एन पी के और पोटास के दाम में 15 और 30 प्रतिशत की वृद्धि कर देती है, यह कैसा विकल्प? यह तो किसानों पर दुगुना आर्थिक बोझ है। कृषि की लागत पिछले साल की तुलना में कम से कम 12 से 15 हजार रुपए प्रति एकड़ बढ़ गई है। वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी की गुणवत्ता पर किसानों को भरोसा नहीं है। भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ नकली खाद नकली बीज अमानत दावों को खपाने का संरक्षण स्थल बन चुका है सत्ता के संरक्षण में जमकर कालाबाजारी हो रही है किसान शोषण के शिकार हैं। कीटनाशक के दाम बढ़ाए, लेकिन धान के एम एस पी में वृद्धि का लाभ किसानों को नहीं मिलेगा? कांग्रेस ने 2500 का दावा करके 2640 और 2660 रुपए दिया यह सरकार एम एस पी वृद्धि को खुद ही खा रही है। यह सरकार तरह-तरह के बहाने बनाकर अड़ंगे लगा रही है। किसानों को पिछले खरीफ सीजन में दिए गए डीएपी की मात्रा से 40 प्रतिशत और यूरिया में 20 प्रतिशत कम देने का तुगलकी फरमान जारी किया गया है। सहकारी समितियों से खाद का कोटा तय करके (प्रति एकड़ के हिसाब से) कम खाद का वितरित किया जा रहा है। पिछले साल तक किसानों को सोसायटी से नगदी और सामग्री का अनुपात 60रू40 था जिसे अब घटाकर 70रू30 कर दिया गया है अर्थात खाद बीज (सामग्री) लेने की की लिमिट 10 प्रतिशत घटा दिया गया है। यदि राहत देना है तो बिना भेदभाव के सभी किसानों को 15 हजार प्रति एकड़ की दर से इनपुट सब्सिडी दे सरकार।
      रायपुर/ । प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपुत ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्रदेश में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण सरकारी स्कूलों में आज भी शिक्षकों की भारी कमी है.भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े विज्ञापन और घोषणाएं कर शिक्षकों की भर्ती का वादा तो किया, लेकिन आज तक भर्ती प्रक्रिया जमीन पर दिखाई नहीं दे रही है। स्कूल खुलने जा रहे हैं, लेकिन 57000 हजार पद खाली पड़े हैं। सरकार की नीयत केवल प्रचार तक सीमित है, जबकि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पूरी तरह उपेक्षित है।

    प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 5000 शिक्षकों के पद इसी शिक्षा सत्र में भरने की घोषणा किया था, वही भी नहीं भरे गये।  भाजपा सरकार बताए कि आखिर शिक्षकों की भर्ती की घोषणा केवल सुर्खियां बटोरने के लिए थी या वास्तव में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए? यदि सरकार गंभीर होती तो नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले नियुक्तियां पूरी हो चुकी होतीं।भाजपा सरकार में शिक्षकों की भर्ती की घोषणा के बावजूद अभी तक स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियाँ क्यों नहीं हो पाई। शिक्षा बजट खर्च होने के बाद भी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी क्यों है ? क्या भाजपा सरकार के लिए बच्चों का भविष्य प्राथमिकता नहीं है?

    प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वन्दना राजदूत ने कहा कि भाजपा सरकार “सुशासन” और “विकास” के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हजारों स्कूल बिना पर्याप्त शिक्षकों के संचालित हो रहे हैं। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक के भरोसे पूरी व्यवस्था चल रही है, वहीं अनेक विषयों के शिक्षक अब तक नियुक्त नहीं किए गए हैं। इसके अलावा नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहे हैं लेकिन निजी विद्यालयों को अभी तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। शिक्षा विभाग को बच्चों में मतभेद ना कर अच्छी शिक्षा देने पर फ़ोकस करना चाहिए। प्रदेश के अभिभावक जानना चाहते हैं कि जब स्कूल खुलने की तारीख पहले से तय थी, तो शिक्षकों की भर्ती और पदस्थापना समय पर क्यों नहीं हुई?
      रायपुर/ । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने आवास एवं पर्यावरण मंत्री द्वारा बिल्डरों एवं हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक के सन्दर्भ में कहा कि प्रदेश की आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवार  मूलभूत सुविधाओं के अभाव, अधूरी परियोजनाओं और बिल्डरों की मनमानी से परेशान हैं। ऐसे में केवल बैठक कर फोटो खिंचवाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार को यह बताना चाहिए कि अब तक इन समस्याओं के समाधान के लिए क्या ठोस कार्रवाई की गई है।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि राजधानी में ही हजारों सोसायटियां में इस भीषण गर्मी में पानी कि प्रायप्त व्यवस्था नगर निगम नहीं कर पा रही हैँ,पानी के टैंकरो से कॉलोनीयों में जल आपूर्ति भी यह सरकार जनता को इस भीषण गर्मी में राहत देने में विफल साबित हो रही हैँ और साथ ही अनेक स्थानों पर सड़क, ड्रेनेज, जल निकासी, पार्क, पेयजल, बिजली कटौती तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी है। यदि इतने बड़े पैमाने पर समस्याएं मौजूद हैं तो यह राज्य सरकार और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था की विफलता  है।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिन बिल्डरों ने बिना आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए कॉलोनियों का हैंडओवर किया या जिन परियोजनाओं में नियमों का उल्लंघन हुआ, उनके खिलाफ अब तक कितनी कार्रवाई की गई है। केवल समीक्षा बैठकों से जनता की समस्याएं दूर नहीं होंगी।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार समस्याओं के समाधान से अधिक प्रचार पर ध्यान दे रही है। यदि सरकार वास्तव में गंभीर है तो प्रत्येक कॉलोनी की समस्याओं के निराकरण के लिए समयबद्ध कार्य योजना जारी करें, जिम्मेदार अधिकारियों और बिल्डरों की जवाबदेही तय करे तथा उसकी प्रगति को सार्वजनिक करे। नहीं तो  कांग्रेस पार्टी आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी तथा सरकार को जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए बाध्य करेगी।
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