August 10, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    राजनीति

    राजनीति (1228)

    10 से 850% बढ़ोतरी से गरीब-किसान-व्यापारी त्रस्त, सरकार को भारी राजस्व नुकसान

    रायपुर, 13 जनवरी 2026।
    जमीन गाइडलाइन दरों में बेतहाशा वृद्धि और दावा–आपत्ति के बाद भी उसमें कोई सुधार नहीं करने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने इसे सीधा-सीधा तानाशाही रवैया करार देते हुए कहा कि सरकार जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं है।

    धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार ने बिना सर्वे, बिना संवाद और बिना ज़मीनी हकीकत जाने प्रदेशभर में जमीन गाइडलाइन दरों में 10 प्रतिशत से लेकर 850 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी। इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस के साथ-साथ आम जनता, व्यापारी और किसान लगातार विरोध जता रहे हैं।

    दावा–आपत्ति सिर्फ दिखावा, जनता को गुमराह किया

    कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों से घबराकर सरकार ने गाइडलाइन दर वृद्धि पर 31 दिसंबर तक दावा–आपत्ति आमंत्रित करने और उसके बाद दरों में सुधार का आश्वासन दिया था। लेकिन दावा–आपत्ति की अवधि समाप्त होने के बाद भी सरकार ने मनमानी बढ़ोतरी पर कोई फैसला नहीं लिया, जो यह साबित करता है कि दावा–आपत्ति की प्रक्रिया सिर्फ जनता को गुमराह करने का जरिया थी।

    उन्होंने कहा कि अब जनता सरकार की मंशा समझ चुकी है और एक बार फिर सड़कों पर उतरने को मजबूर है।

    हर वर्ग पर मार, रियल एस्टेट ठप

    धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि गाइडलाइन दरों में इस तानाशाही बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी पर पड़ रहा है—

    • गरीब परिवार घर बनाने के लिए जमीन नहीं खरीद पा रहे

    • किसान कृषि भूमि लेने में असमर्थ हैं

    • व्यापारी व्यावसायिक संस्थान खोलने से पीछे हट रहे हैं

    • जरूरतमंद लोग जमीन बेच भी नहीं पा रहे

    उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री लगभग ठप होने से सरकार को भी भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    कांग्रेस सरकार के फैसलों की दिलाई याद

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय—

    • 5 डिसमिल से कम जमीन की रजिस्ट्री शुरू की गई

    • गाइडलाइन दरों में 30 प्रतिशत तक की छूट दी गई

    इन्हीं फैसलों से प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर में जान आई और कोरोना जैसे संकट के समय भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रही।

    भाजपा के फैसले से बेरोजगारी और आर्थिक संकट

    धनंजय सिंह ठाकुर ने चेतावनी दी कि मौजूदा सरकार के निर्णय से—

    • बेरोजगारी बढ़ेगी

    • रियल एस्टेट सेक्टर में भारी गिरावट आएगी

    • प्रदेश की अर्थव्यवस्था कमजोर होगी

    उन्होंने सरकार से मांग की कि जमीन गाइडलाइन दर बढ़ोतरी के खिलाफ आई सभी दावा–आपत्तियों का तत्काल निराकरण किया जाए और बढ़ाई गई दरों को तुरंत वापस लिया जाए, अन्यथा कांग्रेस और जनता का आंदोलन और तेज होगा।

    रायपुर ।
    चौथी कक्षा की परीक्षा में कुत्ते के नाम से जुड़े प्रश्न के विकल्प में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम का नाम शामिल किए जाने को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने इस पूरे मामले को करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार और सनातन विरोधी षड्यंत्र करार देते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।

    उन्होंने कहा कि पहले महासमुंद और फिर गरियाबंद जिले में सामने आए इस मामले ने धर्म के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा का राम-द्रोही चेहरा उजागर कर दिया है। इतना संवेदनशील मामला होने के बावजूद न तो अब तक एफआईआर दर्ज की गई और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी पर ठोस कार्रवाई हुई है, जिससे साफ है कि सरकार दोषियों को संरक्षण दे रही है।

    सुरेंद्र वर्मा ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि प्रश्नपत्र प्रिंटर ने अपनी मर्जी से छाप दिया, जबकि प्रश्नपत्र निर्माण की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है—शिक्षकों की समिति द्वारा प्रश्न तैयार किए जाते हैं, अनुमोदन के बाद ही छपाई होती है। इससे स्पष्ट है कि कमीशनखोरी के लालच में अनुभवहीन प्रिंटर को जिम्मेदारी सौंपी गई और पूरा शिक्षा विभाग वसूली गिरोह की तरह काम कर रहा है।

    https://shouryapathnews.in/khas-khabar/35332-2026-01-09-08-31-26

    राम रसोई’ की आड़ में सड़क पर कब्जा, सत्ता-संगठन-प्रशासन तीनों मौन !

    उन्होंने मांग की कि इस अक्षम और धर्मद्रोही शिक्षा मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पूरे प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

    वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और माता शबरी की तपोभूमि है, जहां प्रभु श्री राम को भांचा स्वरूप में पूजा जाता है। ऐसी पवित्र भूमि में बच्चों की परीक्षा में कुत्ते के नाम के प्रश्न के विकल्प में प्रभु श्री राम का नाम देना अत्यंत आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे भी ज्यादा गंभीर बात यह है कि सरकार का रवैया पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना बना हुआ है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है, तब-तब धर्म विरोधी कृत्य हुए हैं—रमन सरकार के कार्यकाल में मंदिरों को तोड़ा गया, एक कथावाचक द्वारा प्रभु श्री राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई और सरकार ने उसे संरक्षण दिया। वहीं, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राम वन गमन पथ का विकास, धार्मिक आयोजन, गौ सेवा और गोठानों की व्यवस्था की गई, जिसे भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही बंद कर दिया।

    सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि भाजपा गाय, गोबर और धर्म के नाम पर केवल राजनीतिक पाखंड करती है, रामकाज से उसका कोई वास्तविक सरोकार नहीं है। यह पूरा मामला भाजपा की कथनी और करनी के बीच के गहरे अंतर को उजागर करता है।

    रायपुर ।
    प्रदेश कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत प्रदेशभर में सशक्त आंदोलन चलाने का ऐलान किया है। दो महत्वपूर्ण बैठकों के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, प्रभारी सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में आंदोलन की रूपरेखा तय की गई।

    बैठकों में धान खरीदी में किसानों की समस्याओं, वंचित मतदाताओं के नाम जोड़ने और मनरेगा संशोधन के खिलाफ अभियान पर विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए संशोधन से ग्रामीण रोजगार और आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा, और इसे वापस लेने तक अभियान जारी रहेगा।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा बजट में कटौती कर रोजगार के दिनों को घटा दिया है। छत्तीसगढ़ में औसत केवल 28 दिन बचा है। कांग्रेस मांग कर रही है कि मनरेगा मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन की जाए और संशोधन वापस लिया जाए।

    नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आंदोलन को आम आदमी और मजदूरों के हित की लड़ाई बताया और कहा कि केंद्र सरकार को मजबूर करना है कि वह मनरेगा के अधिकारों को बहाल करे। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि संशोधनों के संभावित नुकसान जनता के बीच स्पष्ट किए जाएंगे।

    मनरेगा बचाओ संग्राम के कार्यक्रम

    • 10 जनवरी: जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस, संशोधन के दुष्प्रभावों को मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाया जाएगा।

    • 11 जनवरी: एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर।

    • 12–29 जनवरी: पंचायत स्तर पर चौपालें, नुक्कड़ सभाएं और जनसंपर्क।

    • 30 जनवरी: वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरने।

    • 31 जनवरी–6 फरवरी: जिला स्तरीय मनरेगा धरना और ज्ञापन सौंपना।

    • 7–15 फरवरी: राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव।

    • 16–25 फरवरी: क्षेत्रीय एआईसीसी रैलियां।

    बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद, पूर्व मंत्री, जिला अध्यक्ष और युवा नेतृत्व सहित सभी प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे। कांग्रेस ने जनता को मनरेगा के संवैधानिक अधिकारों और रोजगार सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

    इस रफ्तार से नीयत समय में सभी किसान धान नहीं बेच पायेंगे - दीपक बैज
    रायपुर । शौर्यपथ
    धान खरीदी की सुस्त व्यवस्था बता रही सरकार किसानों का पूरा धान नहीं खरीदना चाह रही। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 150 लाख मीट्रिक टन धान इस वर्ष खरीदने का लक्ष्य है, लेकिन जिस धीमी रफ्तार से खरीदी हो रही है। नियत समय में लक्ष्य की पूर्ति नहीं हो पायेगी। सरकार का इरादा ठीक नहीं लग रहा है। प्रदेश के सभी 2739 केंद्रों में खरीदी की रफ्तार बहुत धीमी है, कही जगह की कमी है तो कहीं टोकन की दिक्कत किसान भटक रहे है। लिमिट भी एक बड़ी बाधा बनी हुई है।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि धान खरीदी के 50 दिन बाद भी किसान एग्री स्टेक पोर्टल की खामियों के चलते टोकन नही मिलने, रकबा कम होने, धान खरीदी केंद्रों में खरीदी लिमिट नही बढ़ाये जाने एवं खरीदी केंद्रों से धान का उठाव नही होने से बेहद परेशान है, धान खरीद केंद्रों में जाम की स्थिति है, खरीदी बाधित हो रही है। किसान आक्रोशित है, आंदोलन कर रहे है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। कांकेर जिले के ग्राम बारकोट के किसान 150 किलोमीटर चल कर कलेक्टर से मिले लेकिन उनकी समस्या का कोई संतोषजनक हल नहीं हुआ। लगभग हर गांव में यही समस्या है। ये भाजपा सरकार के द्वारा जानबूझकर रचा गया षड्यंत्र है ताकि किसान धान बेचने से वंचित रहे और सरकार धान बेचने से वंचित किसानों को जिम्मेदार ठहरा कर अपनी जिम्मेदारी से बच सके।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 50 दिन में जिस प्रकार से धान खरीदी की गई है इससे स्पष्ट है कि तय तारीख में प्रदेश के 27 लाख से अधिक किसान धान नहीं बेच पाएंगे। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होगा किसान कर्ज में आ जाएंगे और भाजपा की सरकार किसानों को आर्थिक रूप से तंगहाल करना चाहती है भाजपा सरकार चाहती है की किसान हताश और परेशान होकर अपनी उपज को औने पौने दाम पर बिचौलिया के पास बेच दे ताकि भाजपा सरकार किसानों को 3100 रु क्विंटल की दर से भुगतान करने से बचे।धान खरीदी को लेकर जो आंकड़े जारी किए जा रहे है वो संदेहास्पद है।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार धान खरीदी केदो में ही ऑफलाइन टोकन किसानों को दे किसानों के पूरे रकबा की धान खरीदी की जाए धान खरीदी की लिमिट बढ़ाई जाए और कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव तत्काल किया जाये, ताकि सोसायटियों में जगह हो और धान खरीदी सुचारू हो सके।

    बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए सरकार की प्रशासनिक अक्षमता जिम्मेदार
    रायपुर/ शौर्यपथ / राजधानी में कमिश्नरी प्रणाली लागू करने का मंत्रिमंडल का फैसला शुतुरमुर्गी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार राजधानी और प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को सुधारने क्या निर्णय लेना चाहिए यह समझ ही नहीं पा रही है, बीमारी कहीं है, इलाज कहीं और खोजा जा रहा है। पिछले दो साल में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की लचर प्रशासनिक क्षमता के कारण प्रदेश में अपराध बढ़ गये है।
    राजधानी रायपुर अपराध का गढ़ बन गया है। सरकार इसके लिए प्रदेश के अक्षम गृहमंत्री को बदलने के बजाए पुलिस की प्रणाली बदलने जा रही है। कमिश्नरी प्रणाली लागू हो जाने से क्या हो जायेगा? पुलिस कमिश्नर को दंडाधिकारी अधिकार भी मिल जायेंगे। सरकार को क्या ऐसा लगता है वर्तमान में पुलिस और जिला प्रशासन के बीच सामंजस्य का अभाव है, इस कारण राजधानी की कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है, इसलिए कमिश्नर प्रणाली लागू करने जा रहे है।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ऐसे समय जब दुनिया भर में प्रशासनिक सुधार के लिए व्यवस्था का सरलीकरण किया जा रहा है, अधिकारों के विकेन्द्रीयकरण का दौर चल रहा उस समय राज्य सरकार द्वारा कमिश्नरी प्रणाली लागू कर के सत्ता अधिकारों का केंद्रीयकरण किया जा रहा है। एक ही व्यक्ति के अधीन गिरफ्तारी से लेकर जमानत तक के अधिकार दिये जाने के निर्णय लिया जाना सरकार की रूढ़िवादी सोच को दर्शाता है।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था सरकार की लापरवाही, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की अक्षमता के कारण बिगड़ी है। केवल राजधानी नहीं प्रदेश के सभी जिलों में लूट, हत्या, बलात्कार, डकैती, चाकूबाजी की घटनाएं बढ़ गयी है। राजधानी में सरकार बिगड़ती कानून व्यवस्था के नाम पर कमिश्नरी प्रणाली लागू करने जा रही है, शेष प्रदेश में क्या करेंगे? गृहमंत्री का गृह जिला कवर्धा तो दो साल में अपराध की राजधानी बन गयी है। बिलासपुर, जगदलपुर, रायगढ़ हर जगह अपराध का ग्राफ बढ़ा है। वहां के बारे में सरकार की क्या कार्ययोजना है?
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यदि सरकार को ऐसा लगता है कि बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था का समाधान सिर्फ कमिश्नरी प्रणाली लागू करना ही है तो प्रदेश के सभी बड़े शहरों बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर, जगदलपुर, रायगढ़ में भी कमिश्नरी प्रणाली लागू करके देख लें।

    भाजपा सरकार आलोचना से डरी, जनहित के सवाल उठाने वाली इंफ्लुएंसर को तत्काल रिहा करे

    रायपुर । शौर्यपथ
    सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो की गिरफ्तारी को प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार की तानाशाही करार दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है और सरकार में बैठे लोगों में आलोचना सुनने का साहस नहीं बचा है। आकांक्षा टोप्पो को तत्काल रिहा किया जाए।

    ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार दो साल में ही अलोकप्रिय हो चुकी है। जनता के हित में सवाल उठाने वालों को डराने के लिए झूठे मामले दर्ज कर चुप कराने की कोशिश हो रही है। आकांक्षा टोप्पो लगातार खराब सड़क, लचर स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रही थीं। उन्होंने स्थानीय विधायक लक्ष्मी राजवाड़े रामकुमार टोप्पो की कार्यशैली पर भी प्रश्न खड़े किए थे। अगर कोई परिवार वर्षों से एक स्थान पर रह रहा है, जिसमें चार सदस्य दिव्यांग हैं, तो उन्हें खदेड़ा जाए और परिवार दुखी होकर सरकार से इच्छामृत्यु मांगे—ये सरकार के लिए शर्म की बात है।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मंत्री राजवाड़े द्वारा ड्राइवर को दिल्ली में छोड़कर आने की घटना को गलत ठहराया। उन्होंने सवाल किया कि विधायक रामकुमार टोप्पो दिव्यांगों का घर न बचा पाएं, उनकी व्यथा न सुनें तो किस बात के जनप्रतिनिधि? क्या जिम्मेदारों से सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए? आकांक्षा टोप्पो ने नए शराब दुकान खुलने, आरआईटी में शिक्षकों की कमी व लैब बंद होने, मंत्री राजवाड़े के क्षेत्र में बिजली न होने जैसी समस्याओं पर भी आवाज बुलंद की थी। सरकार को सवालों से डर किस बात का? क्योंकि ये सरकार जनता की अपेक्षाओं को दो साल में पूरा नहीं कर पाई, इसलिए फर्जी कार्रवाई कर आक्रोशित जनता की आवाज दबाना चाहती है। सरकार की तानाशाही से न विपक्ष डरेगा, न जनता—सवाल तो पूछे जाएंगे।

    ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के दो साल में सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई हैं। ये सिर्फ विज्ञापन की सरकार है। प्रदेश में धान खरीदी को लेकर रोज आंदोलन हो रहे हैं, आदिवासी वर्ग प्रताड़ित हो रहा है। शासकीय कर्मचारी, व्यापारी, युवा, महिलाएं—सभी आंदोलन कर रहे हैं। फिर भी ये सरकार किसके लिए काम कर रही? लोगों के सामने जल, जंगल, जमीन बचाना चुनौती बन गया है। ऐसे में युवा वर्ग जब जनता की आवाज बन रहा है, तो उसे डराया जा रहा है।

    रायपुर/शौर्यपथ /

    पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में धान खरीदी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से लगातार अव्यवस्था और शिकायतों की सूचनाएँ सामने आ रही हैं, जिससे किसान परेशान हैं।
    बघेल के अनुसार बोवाई के समय किसानों को डीएपी की एक बोरी तक उपलब्ध नहीं कराई गई और अब धान कम खरीदने की रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वन ग्रामों और पट्टाधारी किसानों का धान खरीदा ही नहीं जा रहा है तथा बड़ी संख्या में किसानों के रकबे एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन न होने से कट गए हैं।
    पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि खरीदी केंद्रों पर हर कट्टे में लगभग एक किलो अतिरिक्त धान किसानों से लिया जा रहा है, जिसके चलते केंद्रों में 'अतिरिक्त धानÓ का आंकड़ा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाईन पोर्टल कुछ ही मिनटों में बंद हो जाता है, जबकि ऑफलाईन खरीदी में पक्षपातपूर्ण तरीके से अपने लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
    उन्होंने मिलर्स पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई राइस मिलरों ने अभी तक एग्रीमेंट नहीं किया है, जिसके कारण उठाव बाधित है और सीधे तौर पर किसानों को नुकसान हो रहा है।
    धर्मांतरण मामले में कांकेर बंद पर प्रतिक्रिया
    कांकेर में धर्मांतरण प्रकरण को लेकर कल सामाजिक बंद और चेम्बर ऑफ कॉमर्स के समर्थन के मामले में बघेल ने कहा कि कांग्रेस जबरिया धर्मांतरण के खिलाफ है, लेकिन इस विषय का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बंद के पीछे कुछ ठोस कारण अवश्य होंगे, परंतु मूल प्रश्न समाधान का है। उन्होंने पूछा कि भाजपा की सरकार आने के बाद ऐसी घटनाएँ क्यों बढ़ी हैं।
    महतारी गौरव वर्ष पर हमला
    राज्य सरकार द्वारा अगले वर्ष को 'महतारी गौरव वर्षÓ घोषित करने पर बघेल ने कहा कि सरकार का व्यवहार ही महिलाओं का अपमान करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि महतारी वंदन योजना में करोड़ों महिलाओं को धोखा दिया गया है और राशन कार्डों से 30 लाख नाम हटाए गए हैं। बघेल ने गोधन न्याय योजना, रीपा और बिहान की स्थिति को भी खराब बताया तथा कहा कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़े हैं।
    झीरम कांड पर जेपी नड्डा के बयान का जवाब
    भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के झीरम घाटी मामले को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने कहा कि नक्सलियों से सांठगांठ भाजपा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में नक्सली भाजपा नेताओं से लेवी मांगने एकात्म परिसर तक पहुंचते थे।उन्होंने कहा कि एनआईए ने जांच पूरी नहीं की और भाजपा सरकारों ने हमेशा जांच को रोका। बघेल ने दोहराया कि झीरम कांड एक राजनीतिक और आपराधिक षड्यंत्र है, जिसका लाभ भाजपा को मिला।
    चैतन्य बघेल केस में सेंसेशन फैलाने का आरोप
    चैतन्य बघेल के खिलाफ कोर्ट में पेश चार्जशीट पर बघेल ने कहा कि छह सप्लीमेंट्री में उनका नाम नहीं था, लेकिन अब बिना आधार के सनसनी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दूसरे के व्हाट्सऐप चैट और पप्पू बंसल के बयान पर केस खड़ा किया जा रहा है, जबकि बयान चालान में शामिल तक नहीं है।उन्होंने इसे राजनीतिक बदनाम करने की कोशिश बताते हुए कहा कि उनकी और परिवार की पुरानी संपत्तियों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।

    नई दिल्ली। शौर्यपथ  ।

    कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने की मांग के बाद उनके पति रॉबर्ट वाड्रा भी खुले तौर पर इस विचार के समर्थन में सामने आ गए हैं। वाड्रा का कहना है कि प्रियंका को आगे लाने की मांग सिर्फ एक जगह से नहीं,बल्कि हर तरफ से उठ रही है।
    गौरतलब है कि संसद के हालिया शीतकालीन सत्र में राहुल गांधी की विदेश यात्रा के बाद से प्रियंका की सक्रियता को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा पहले से ही तेज थी। वाड्रा का यह बयान कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही संभावित खींचतान को और उभारता दिख रहा है।
    जब रॉबर्ट वाड्रा से इमरान मसूद के बयान पर प्रतिक्रिया पूछी गई, तो उन्होंने आईएएनएस से कहा, "मांग तो सब जगह से है कि प्रियंका आगे आएं। मांग यह भी है कि मुझे राजनीति में आना चाहिए। लेकिन अभी हमें असली मुद्दों पर फोकस करना है, जो लोगों से जुड़े हैं।"
    उधर, इमरान मसूद ने मंगलवार को दावा किया था कि अगर प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री होतीं, तो वह बांग्लादेश की घटनाओं पर इंदिरा गांधी की तरह करारा जवाब देतीं। उन्होंने कहा, "उन्हें प्रधानमंत्री बनाइए और देखिए कि वे कैसी प्रतिक्रिया देती हैं।"
    प्रियंका गांधी ने हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से पड़ोसी देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि धर्म और पहचान के आधार पर हिंसा किसी भी सभ्य समाज में अक्षम्य है और भारत सरकार को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।

            रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जेपी नड्डा ने राजनीतिक बयानबाजी के लिए सारी मर्यादा को तार-तार किया है। जेपी नड्डा के बयान से भाजपा के माथे से झीरम का कलंक नहीं मिटेगा। कांग्रेस ने झीरम हमले में अपने नेताओं की पूरी एक पीढ़ी को खोया है और उस समय राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी। भाजपा केंद्र में पिछले बारह साल से सरकार में है। एनआईए ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह से पूछताछ क्यों नहीं किया? क्यों एनआईए ने आज तक झीरम हमले के दोषियों तक नहीं पहुंच पायी? जेपी नड्डा इस प्रकार का बयान दे रहे है, उनके पास तथ्यात्मक आधार क्या है, एनआईए उनसे पूछताछ करनी चाहिए।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा डरती है झीरम का सच सामने आ जायेगा तो वह बेनकाब हो जायेगी। रमन सिंह से बड़ा क्रूर शासक आजाद भारत में आज तक नहीं हुआ। एक साथ विपक्ष के 32 नेताओं की हत्या हो गयी और तत्कालीन सरकार सच सामने आने देने से रोकने में पूरी ताकत लगा रखी थी। भाजपा के बड़े नेता जीरम की जांच को रोकने लगातार कोशिशें करते रहे उसमें साफ है झीरम के पीछे तत्कालीन भाजपा सरकार की भूमिका संदिग्ध थी। भाजपा के तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक झीरम की जांच रोकने पीआईएल क्यों लगाया था?

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि झीरम घाटी कांड एक ऐसा कांड था जिसने कांग्रेस के नेतृत्व की एक पूरी पीढ़ी को ही समाप्त कर दिया था। स्वतंत्र भारत में हुई दुर्दान्त और हृदय विदारक घटना भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में डॉ. रमन सिंह के राज में घटित हुई थी इसके गुनाहगारों को सजा से बचाने के लिए भाजपा लगातार षड़यंत्र करती रही है।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आज भी छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा को घोर नक्सल इलाके में ही क्यों हटाया गया था? झीरम नरसंहार भाजपा के लिए उसकी तत्कालीन सरकार द्वारा की गई चूक मात्र हो सकती है तथा उसकी तत्कालीन सरकार द्वारा किया गया एक षड्यंत्र मात्र हो सकता है। कांग्रेस के लिए झीरम वह घाव है जो कभी नहीं भर सकता। यह घटना देश के लोकतंत्र के माथे पर लगा वह कलंक है जो कभी नही मिट सकता। कांग्रेस ने झीरम में अपने नेताओं की पूरी पीढ़ी को खोया है।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision