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दुर्ग /शौर्यपथ /
नगर निगम के भाजपा के पूर्व एल्डरमैन डॉ.प्रतीक उमरे ने छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए पहल करने का आग्रह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से किया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने छत्तीसगढ़ी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने हेतु पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा छत्तीसगढ़ राज्य के लोगों के सम्मान और पहचान का विषय है।छत्तीसगढ़ी भाषा का समृद्ध एवं गौरवशाली इतिहास रहा है।छत्तीसगढ़ी भाषा में कविताएं,नाटक,निबंध,शोध ग्रंथ आदि सब कुछ लिखे गये हैं।उन्होंने कहा कि 1885 में छत्तीसगढ़ व्याकरण में श्री हीरालाल काव्योपाध्याय द्वारा लिखा गया जिसका अंग्रेजी अनुवाद प्रतिष्ठित जनरल ऑफ एसियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल में 1890 में प्रकाशित हुआ।छत्तीसगढ़ी की महत्ता केवल आंचलिक दृष्टि से नहीं बल्कि एक अत्यंत प्राचीन संस्कृति के इतिहास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।रामचरित मानस में भी छत्तीसगढ़ी के शब्द मिलते हैं जैसे बाल काण्ड में माखी,सोवत,जरहि,बिकार किष्किन्धाकाण्ड में पखवारा,लराई,बरसा सुन्दरकाण्ड में सोरह,आंगी,मुंदरी आदि छत्तीसगढ़ी शब्द हैं।वर्तमान में भी बहुत से शब्द छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा में समान रूप से उपयोग किये जाते हैं।छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने से निश्चित तौर पर हिंदी भाषा और समृद्ध होगी और उसके विकास में सहयोग मिलेगा।
छत्तीसगढ़ सरकार को इस विषय पर पहल करना चाहिए।डॉ.प्रतीक उमरे ने बताया कि 28 नवम्बर 2007 को छत्तीसगढ़ की विधान सभा में सर्वसम्मति से छत्तीसगढ़ राजभाषा (संशोधन) विधेयक 2007 पारित कर छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा दिया गया।छत्तीसगढ़ी को संवैधानिक मान्यता मिलने से छत्तीसगढ़ वासियों को अनेक लाभ मिलेंगे।इससे संविधान के अनुच्छेद 344 (1) एवं 351 के अंतर्गत हिंदी भाषा को समृद्ध बनाने के लिए गठन की जाने वाली समिति में छत्तीसगढ़ी भाषा से प्रतिनिधित्व संभव हो पाएगा।
*छत्तीसगढ़ी भाषा की लिपि देवनागरी है*
डॉ.प्रतीक उमरे ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा की लिपि देवनागरी है। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग ने अंग्रेजी से छत्तीसगढ़ी और हिंदी से छत्तीसगढ़ी में प्रशासनिक शब्दकोष प्रकाशित किए हैं जिससे राजकाज उपयोग में सुविधा रहे।उन्होंने कहा,छत्तीसगढ़ी को बोलने और समझने वालों की संख्या आठवीं अनुसूची में शामिल कई भाषाओं को बोलने वालों से ज्यादा है।इसके बावजूद इसे आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं करना समझ से परे है।कई राज्यों का क्षेत्रफल छत्तीसगढ़ से कम है,लेकिन उनकी भाषाएं आठवीं अनुसूची में शामिल है जैसे केरल (मलयालम),गोवा (कोंकणी),मणिपुर (मणिपुरी) आदि।इसलिए छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने राज्य सरकार को पहल करना चाहिए।
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत आज ठगड़ा बांध निष्कारी तालाब में वर्षा जल संचयन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए,नगर निगम दुर्ग की महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने आज मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
यह निरीक्षण तालपुरी बांध में जल स्तर कम होने की स्थिति को देखते हुए किया गया, ताकि बरसात के समय ठगड़ा तालाब में जल संग्रहण कर भविष्य में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात के दौरान चैनल निर्माण कर जल प्रवाह को ठगड़ा तालाब तक लाया जाए, जिससे स्थानीय क्षेत्र में जल आपूर्ति सुदृढ़ हो सके।निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य देवनारायण चंद्राकर, एसडीओ श्री एन.शुक्ला, एवं इंजीनियर यशवंत लाल चंद्राकार उपस्थित रहे।यह योजना ठगड़ा क्षेत्रवासियों के लिए जल संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी और सराहनीय कदम है।
महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने तालाब और बांध में जल स्तर को बनाए रखने के लिए एक रणनीति बनाई है। इस रणनीति में, तालाबों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण, और कटाव को रोकने के उपाय शामिल किया जाएगा/
दुर्ग/ शौर्यपथ /नगर पालिक निगम कार्यालय के सभागार में मंगलवार को एनडीआरएफ के द्वारा आपदा से निपटने को लेकर लोगों को सभागार में गुरुवार को प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण
मौके पर महापौर श्रीमती अलका बाघमार,सभापति श्याम शर्मा,एमआईसी देवनारायण चन्द्राकर,उपायुक्त मोहेंद्र साहू अधिकारी/कर्मचारी मौजूद उपस्थिति थे।
नगर निगम सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम में एनडीआरएफ कटक ओडिशा की टीम के द्वारा विभिन्न प्रकार के आपदा से निपटने के लिए प्रखंड और अंचल कर्मियों को प्रशिक्षण दिया. जिसका नेतृत्व एनडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर विकास शर्मा एवं उनके टीम कर रहे थे. इस दौरान प्रखंड और अंचल कर्मियों को विभिन्न प्रकार के राहत कार्य की जानकारी देकर लोगों को जागरूक किया. एनडीआरएफ के प्रशिक्षकों ने प्राकृतिक आपदा से बचाव की जानकारी दी. बाढ़ के अलावे भूकंप, सर्पदंश, हृदय रोग, सड़क सुरक्षा के दौरान शारीरिक क्षति से संबंधित बचाव की भी जानकारी दी गयी. पानी में डूबे व्यक्ति को बचाने और शव को पानी से बाहर निकालने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की तकनीकी पहलुओं की विस्तृत रूप से जानकारी दी.उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के खून को नियंत्रित करने की विधि से भी आपदा प्रबंधन विभाग के प्रशिक्षित कर्मियों को अवगत किया.प्रशिक्षण के मौके पर पार्षद गोविंद्र देवांगन,संजय अग्रवाल,साजन जोसेफ,ललिता ठाकुर,मनीषा सोनी,नीरा खिचरिया,सरस निर्मलकर,रेशमा सोनकर,खिलावन मटियारा,ललित ढीमर,हिरौंदी चंदानिया,खालिक रिजवी,लोकेश्वरी ठाकुर,सविता साहू,मनोज सोनी,सावित्री दमाहे,जिंतेंद्र महोबिया,रामचंद्र सेन,सरिता चन्द्राकर,सुरुचि उमरे,सहित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
गर्मी में मानव हो या फिर पशु-पक्षी सभी को ठंडे जल की तलाश रहती है। पक्षियों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है:महापौर
दुर्ग/शौर्यपथ /सिकोला बस्ती स्थित ओम सत्यम शिक्षण एवं जन विकास समिति द्वारा गोंडवाना भवन सिविल लाइन में सकोरा पक्षियों के पानी के पात्र का वितरण महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने लोगो को किया।
इस अवसर पर एमआईसी सदस्य नरेंद्र बंजारे,ज्ञानेश्वर ताम्रकार,नीलेश अग्रवाल उपस्थित हुए सकोरा वितरण राहगीर एवं जागरूक जनता को प्रदान किया गया ओम सत्यम शिक्षण एवं जन विकास समिति के अध्यक्ष सीता राम ठाकुर सचिव।दिलीप ठाकुर सदस्य के आर मुदलियार लेखु यादव द्वारा सेवा व रचनात्मक कार्य में उल्लेखनीय भूमिका निभाई गई ज्ञातव्य हो कि समिति के तत्वाधान में विगत लगभग 30 वर्षों से वृद्धाश्रम,सेंट्रल जेल आदिवासी छात्रावास ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ परीक्षण एवं मार्गदर्शन शिविर आयोजित हो रही हे और पक्षियों के लिए सकोरा वितरण भी कई वर्षों से संपादित हो रही है,लोग इसे संवेदना युक्त क्रिया कलाप की संज्ञा भी देते हैं।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने कहा कि भीषण गर्मी में आसमान से आग बरस रही है। गर्मी में मानव हो या फिर पशु-पक्षी सभी को ठंडे जल की तलाश रहती है। लोगों के लिए तो जगह-जगह प्याऊ व नल के साथ ही पानी की उचित व्यवस्था मिल ही जाती है, लेकिन पक्षियों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है।
ऐसे में लोगों की जिम्मेदारी है कि वे पक्षियों के लिए दाना व पानी की उचित व्यवस्था कर अपने जिम्मेदारी का निर्वाहन करें। ताकि खुले आसमान और धूप में विचरण करने वाले पंछियों को राहत मिल सके।
भीषण गर्मी को देखते हुए शहर में बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भी दाना-पानी का इंतजाम करने का अभियान शुरू कर दिया। यह अभियान घरों घर चलाया जा रहा है, जिसमें जागरूक और पर्यारण प्रेमी शामिल हैं।
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत आगामी दिनों पड़ने वाली भीषण गर्मी में विद्युत संबंधी तकनीकी खामी के चलते पानी सप्लाई बाधित होने से रोकने तथा शिवनाथ नदी इंटकवेल व फिल्टर प्लांट में किसी भी प्रकार के विद्युत व मशीनरी कार्य में दिक्कत न हो इसे ध्यान में रखते हुए नगर निगम के जलगृह विभाग ने कल 17 अप्रेल गुरुवार को एक साथ अलग अलग स्तर पर व्यापक तौर पर संधारण कार्य करने जा रही है जिसके चलते कल गुरुवार को शहर के 42 एम एल डी प्लांट के किसी भी टंकी से शाम की पाली की पानी सप्लाई नहीं होगा।
इस अत्यावश्यक कार्य की पूर्व तैयारी को लेकर आज सुबह महापौर श्रीमती अलका अलका बाघमार ने आयुक्त सुमित अग्रवाल की उपस्थिति में जल गृह प्रभारी श्रीमती लीना दिनेश की जलघर स्थित चेंबर में आपात बैठक लेकर विभागीय अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ संधारण कार्य पूरी करने व शट डाउन के दौरान आवश्यकतानुसार प्रभावित क्षेत्र में टैंकर की वैकल्लिप व्यस्था करने के निर्देश दिए है।
साथ ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आ रही लो प्रेशर बोरिंग नल मरम्मत जैसे कार्यों के लेट लतीफी के लिए अधिकारियों सख्त निर्देश देते हुए प्राथमिकता से रिपेयर कार्य पूरे करने कहा है बैठक में जल घर प्रभारी लीना दिनेश देवांगन के अलावा, लोक कर्म प्रभारी देवनारायण चंद्राकर,विद्युत विभाग प्रभारी ज्ञानेश्वर ताम्रकार,कार्यपालन अभियंता दिनेश नेताम, सहायक अभियंता गिरीश दीवान, जलकार्य निरीक्षक नारायण ठाकुर सहित निगम के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
गुरुवार को निगम के जल गृह विभाग द्वारा जिन बड़े संधारण व अन्य कार्य किए जाएंगे।
प्रभावित क्षेत्रः- 24 एमएलडी टंकी रायपुर नाका, पांच बिल्डिंग सिविल लाईन, बोरसी- वार्ड नं. 49 (बोरसी पश्चिम), वार्ड नं. 50 (बोरसी पूर्व), वार्ड नं. 51 (बोरसी उत्तर), वार्ड नं. 52 (बोरसी दक्षिण) के आंशिक व वार्ड नं. 46 (पद्मनाभपुर पूर्व) के आंशिक,पोटिया टंकि वार्ड नं. 52 बोरसी दक्षिण, वार्ड नं. 53 पोटियाकला उत्तर, वार्ड नं. 54 पोटियाकला दक्षिण,बघेरा- वार्ड नं. 1 नयापारा, वार्ड नं. 2 राजीव नगर, वार्ड नं. 03 मठपारा दक्षिण, वार्ड नं. 04 मठपारा उत्तर रामनगर, बघेरा, बटालियन,सिकोला उरला- वार्ड नं. 14 सिकोला भाटा, वार्ड नं. 15 सिकोला बरती दक्षिण, वार्ड नं. 16 सिकोला बस्ती उत्तर, वार्ड नं. 57 उरला पश्चिम, वार्ड नं. 58 उरला पूर्व,कातुलबोर्ड:- वार्ड नं. 21 तितुरडीह आंशिक, वार्ड नं. 59 कातुलबोर्ड पूर्व, वार्ड नं. 60 कातुलबोर्ड पश्चिम,गंजपारा- वार्ड नं. 37 आजाद वार्ड, वार्ड नं. 38 मिलपारा, वार्डनं. 39 कचहरी वार्ड, वार्ड नं. 40 सुराना कॉलेज)₹, वार्ड नं. 41 केलाबाड़ी, वार्ड नं. 42 कसारीडीह पश्चिम में प्रथम चरण दिनांक 17 अप्रैल दिन गुरुवार को सुबह की सप्लाई नहीं हो पायेगी, दूसरे दिवस 18 अप्रैल को सुबह से वाटर सप्लाई सामान्य रूप से किया जावेगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन की वार्षिक बैठक का आयोजन इस्पात नगरी के एक निजी होटल में किया गया। बैठक में स्थानीय ट्रांसपोर्टर्स के हित में अनेक निर्णय पारित किया गया। पदाधिकारियों व सदस्यों ने अध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह छोटू का भव्य स्वागत किया।
इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह छोटू ने कहा कि यह संगठन पिछले 50 वर्षों से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों की आवाज बना हुआ है। पिछले तीन वर्षों में संगठन ने उल्लेखनीय प्रगति की है और कईं अहम बदलावों को अंजाम दिया है। उन्होंने बताया कि आज यूनियन में सभी ट्रांसपोर्टरों को बराबर अवसर मिल रहा है और अब किसी का काम कोई दूसरा नहीं छीन रहा। पहले बाहरी ठेकेदारों द्वारा काम हथियाने की प्रवृत्ति थी। लेकिन अब स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को ही प्राथमिकता दी जा रही है।
जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा एलडी स्लैग ढोने वाली गाड़ियों को 7 नंबर गेट से प्रवेश की अनुमति दी गई है। यह मांग लंबे समय से एसोसिएशन द्वारा की जा रही थी, जिस पर अब सकारात्मक निर्णय हुआ है। इस निर्णय से प्रतिदिन 70 ट्रकों को प्रवेश मिलेगा। जिससे ट्रांसपोर्टरों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस मौके पर अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू का सभी ट्रांसपोर्टरों ने जोरदार स्वागत किया और उन्हें विशाल फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। यूनियन द्वारा किए गए सेवा कार्यों की भी सराहना हुई। जिसमें इस वर्ष 75 ड्राइवरों की बेटियों की शादी में 25-25 हजार की आर्थिक सहायता, 800 यूनिट रक्तदान, 2500 से अधिक हेलमेट वितरण और ट्रांसपोर्टरों का स्वास्थ्य परीक्षण व 5 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस शामिल है।
बैठक का संचालन महासचिव मलकीत सिंह लल्लू एवं आभार प्रदर्शन कार्यकारी अध्यक्ष अनिल चौधरी ने किया। इस अवसर पर संरक्षक प्रभुनाथ मिश्रा, गनी खान, सुधीर सिंह ठाकुर, महेंद्र सिंह पप्पी, दिलीप खटवानी, बलजिंदर सिंह, शहनवाज़ कुरैशी, राहुल जैन, सतेंद्र शर्मा, राजू भसीन, कमलेश्वर सिंह, सुनिल यादव, विक्रम अग्रवाल, वाजिद अंसारी, रमन, आनंद सिंह, निर्मल सिंह निम्मे, अभिषेक जैन, गुरप्रीत सिंह, गोनी सिंह, चिंटू सिंह, टिप्पर ग्रुप से लाला यादव, कमलेश्वर सिंह, गिरीश खंडेलवाल, पंकज शर्मा, सुनील यादव, वाजिद अंसारी, हर्ष शर्मा, मनोज अग्रवाल,रिजू सिंह,दलजीत सिंह, लिफ्टर कृष्णा सिंह, प्रेम सिंह, ईश्वरी साहू,विक्रम अग्रवाल, अश्वनी राय,भोज भारत त्रिवेदी, टी राजेश, दुबे समेत अन्य गणमान्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
12 से 5 मई तक आवेदनो का निराकरण,आयुक्त ने कहाँ आवेदको के घरो मे जाकर करें संपर्क:
सुशासन तिहार, समाधान की ओर एक ऐतिहासिक कदम:
दुर्ग/शौर्यपथ /सुशासन तिहार-2025 की तैयारियों को लेकर निगम के डाटा सेंटर सभा कक्ष में आयुक्त सुमित अग्रवाल ने आज अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार यह तिहार जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा एवं जनसंवाद को सशक्त बनाने हेतु
8 अप्रैल को पहले चरण का शिविर शहर के 6 स्थानों में कार्यक्रम हो चुका है।
आयुक्त कहा कि सुशासन तिहार 2025 तीन चरणों में से 12 मई से दूसरा चरण प्रारम्भ होगा। जिसमे अधिकारीगण सुशासन तिहार के माध्यम से आवेदनों का निराकरण आमजन की समस्याओं का समाधान तत्परता से करें ।
ताकि उन्हें कहीं और भटकना ना पड़े।समाधान की प्रक्रिया अगले एक माह मे पूर्ण किया जाना है।एक माह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
समाधान शिविर 5 मई - 31 मई 2025 शहर के 6 स्थानों में समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा।इन शिविरों में मौके पर ही समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। शेष आवेदनों का समाधान एक माह के भीतर पूरा किया जाएगा।इस अवसर पर कार्यपालन अभियंता मोहन पूरी गोस्वामी, दिनेश नेताम,वीपी मिश्रा,सहायक अभियंता गिरीश दिवान,सजंय ठाकुर,हरिशंकर साहू,सुरेश केवलानी सचिव रेवाराम मनु सहित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।
आयुक्त सुमित अग्रवाल ने अधिकारियो को निर्देशित में कहाँ लोक सेवा के आवेदन पेंडिंग न रहे, साथ ही बाजार विभाग अपनी पूरी तैयारी करके रखें. प्रधानमंत्री आवास की भौतिक सत्यापन करवाना है. 130 आवेदनों का जल्द से जल्द निराकरण करने के निर्देश. उन्होंने कहाँ शहर के 6 स्थानों के शिविर मे प्राप्त आवेदनों के आवेदको के घरों मे जाकर संपर्क करें लोगो से नम्रता से बात कर उन्हें आवेदनो के निराकरण प्रक्रिया की जानकारी पूर्णता के साथ देंगे।लोगो को बताये की आपके आवेदनो को पत्र क्रमांक सहित शासन को भेजा गया है.आवेदनों की जांच के बाद पात्र आवेदनों का निराकरण हेतु शासन से स्वीकृति देते ही तत्काल निराकरण किया जाएगा.
आयुक्त ने अधिकारियों से आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने और सुशासन तिहार समाधान शिविर में नागरिकों के विश्वास को मजबूत करने का एक सफल और ऐतिहासिक अवसर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
समाधान शिविर का आयोजन 5 से 31 मई यानि तीसरे चरण में होगा। पहले चरण में समाधान शिविरों के माध्यम से आम जनता से शिकायतें, सुझाव और आवेदन लिए जा रहे है। इसमें लोग अपनी समस्याएं स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को सौंप सकते हैं।
बिना लाइसेंस के व्यापार,दुकान सील करने की कार्यवाही करेंगी,अभियान शुरू
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम/आज आयुक्त सुमित अग्रवाल ने कहा कि संज्ञान में यह बात आई है कि, अधिकांश करदाताओं के मृत्यु होने, प्रॉपर्टी विकय एवं प्रॉपर्टी कय (प्लैट / स्वतंत्र मकान) की स्थिति में निगम नामांतरण की प्रक्रिया नहीं कराने की स्थिति में प्रॉपर्टी मालिक का नाम टैक्स रसीद में सही दर्ज नहीं हो पाता है।ऐसी स्थिति में निगम की ओर से मृतक प्रॉपर्टी मालिक के नाम से भी नोटिस,डिमांड इत्यादि जारी होता है, जो उचित नहीं है।आयुक्त सुमित अग्रवाल ने अधिकारीयो को निर्देश दिए कि निगम सीमा क्षेत्र सभी दुकानदारों को लाइसेंस बनाना एवं लायसेंस रिनिवल कारवना अनिवार्य है टीम दुकानों में जाकर जांच करें। यदि लायसेंस बनाये बिना व्यापार करते पाए जाते है तो टीम अमला द्वारा अधिकारियों के मौजूदगी में दुकान सील बन्द की कार्यवाही करें।बिना लाइसेंस के व्यापार करने वालो पर गिरेगी गाज,जांच में निकलेगी निगम,बिना लाइसेंस के व्यापार,दुकान सील करने की कार्यवाही करेंगी,अभियान शुरू।
आयुक्त ने क्षेत्र में समस्त करदाताओं को अपील करते हुए कहा कि, 30 अप्रैल 2025 के पहले अपने प्रापर्टी का सही नामांतरण कर नगर निगम के टैक्स रसीद पर उचित नाम दर्ज कराना सुनिश्चित् करें। ताकि किसी भी करदाता को डिमांड एवं नोटिस गलत नाम या मृतक के नाम से जारी न हो सके।
बता दे कि दुकानदार के लिए लाइसेंस बनाना और उसका नवीनीकरण करवाना अनिवार्य है। यदि वे बिना लाइसेंस के व्यापार करते हैं, तो निगम द्वारा दुकान को सील करने की कार्यवाही की जा सकती है।
दुकानदार को अपनी दुकान या व्यवसाय के प्रकार के अनुसार संबंधित लाइसेंस प्राप्त करना होता है। यह लाइसेंस स्थानीय नगर निगम या अन्य संबंधित प्राधिकारी द्वारा जारी किया जाता है.लाइसेंस का नवीनीकरणःलाइसेंस की अवधि समाप्त होने से पहले उसे नवीनीकृत करना आवश्यक होता है।गैर-अनुपालन यदि दुकानदार बिना लाइसेंस या नवीनीकृत लाइसेंस पर कार्रवाही किया जाएगा।
गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को उचित पोषण, स्तनपान और नवजात शिशु की देखभाल के प्रति किया जागरूक, निकली पोषण रैली एवं पोषण कार्यक्रम के माध्यम जनजागरूकता
दुर्ग/शौर्यपथ /दुर्ग शहरी परियोजना अंतर्गत परिक्षेत्र वार्ड क्रमांक 1 नया पारा अंतर्गत के आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सभी आंगनवाड़ी केंद्रों मे पोषण पखवाड़ा अंतर्गत पोषण एवं स्वास्थ्य सम्बधी जागरूकता कर्यक्रम आयोजित किये गए नयापारा मे कार्यक्रम मे वार्ड पार्षद मनीष साहू की उपस्थिति में प्रतिभागियों को महिलाओ एवं बच्चों के स्वास्थ्य के लिए प्रतिदिन के भोजन मे आवश्यक पोषण समग्रीयों के विषय मे बताया गया की बच्चों के पोषण का ध्यान महिलाओ के गर्भावस्था से ही शुरू करना चाहिए व महिलाओ मे खून की कमी को अपने क्षेत्र मे आसानी से उपलब्ध होने वाली खाद्य समग्रीयों के उचित उपयोग से दूर किया जा सकता है. कार्यक्रम के बाद जन जागरूकता हेतु रैली निकाली गई।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को उचित पोषण, स्तनपान, और नवजात शिशु की देखभाल के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को उचित खानपान व स्तनपान के विषय में जानकारी दी। इसके अंतर्गत उन्होंने महिलाओं को तिरंगा भोजन थाली का महत्व, आयरन और कैल्शियम की दवा का नियमित सेवन, फल, सब्जियां, भाजियों का उपयोग के बारे में बताया।
साथ ही उन्होंने नवजात शिशु की देखभाल, जैसे स्वच्छता, नियमित टीकाकरण, और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने एवं स्तनपान से जुड़ी सामान्य समस्याओं, जैसे दूध की कमी, शिशु का दूध न पीना, एवं स्तन में दर्द जैसी परिस्थितियों पर भी विस्तार से चर्चा की और उनके समाधान के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा जागरूकता रैली निकालकर नारों के माध्यम से भी जागृति लाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग से वार्ड 1 की कार्यकर्ता सीता, इंदु, संध्या दुबे, उर्मिला गुप्ता कविता भोंडेकर, हेमलता हमुख सहायिकान एवं मितानिन एवं अन्य महिलाएं भी शामिल हुईं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
