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रामगढ़ महोत्सव-2026 का भव्य समापन, ₹1 करोड़ की विकास राशि और नई नगर पंचायत की घोषणा; पहाड़ी कोरवा बच्चों का कराया शाला प्रवेश
रायपुर। सरगुजा जिले के ऐतिहासिक रामगढ़ महोत्सव-2026 का भव्य समापन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का संकल्प दोहराते हुए क्षेत्र के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा की। साथ ही उदयपुर एवं डूमरडीह को मिलाकर नई नगर पंचायत बनाने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामगढ़ केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जनश्रुतियों के अनुसार भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने वनवास के दौरान इस क्षेत्र में समय व्यतीत किया था। सीताबेंगरा गुफा, जोगीमारा गुफा और हाथीपोल जैसी ऐतिहासिक धरोहरें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य पहचान हैं।
उन्होंने कहा कि सीताबेंगरा गुफा को भारत की सबसे प्राचीन नाट्यशालाओं में माना जाता है, जबकि जोगीमारा गुफा अपने प्राचीन भित्तिचित्रों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकवि कालिदास द्वारा मेघदूतम् की रचना इस क्षेत्र से जुड़ी मानी जाती है, जिससे रामगढ़ का साहित्यिक महत्व भी और बढ़ जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रामगढ़ क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर रही है ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक यहां की ऐतिहासिक धरोहरों, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें। उन्होंने यह भी घोषणा की कि रामगढ़ महोत्सव का आयोजन भविष्य में भी इसी भव्यता के साथ प्रतिवर्ष किया जाएगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि सरगुजा जिले में पिछले ढाई वर्षों में 2,387 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास तैयार हो रहे हैं।
उन्होंने किसानों के लिए 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल धान खरीदी, 13 लाख किसानों को बकाया बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, रामलला दर्शन योजना, तीर्थयात्रा दर्शन योजना, युवाओं के लिए रोजगार तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
समारोह का भावनात्मक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के छह बच्चों का मंच से शाला प्रवेश कराया। उन्होंने बच्चों को तिलक लगाकर मिठाई खिलाई तथा स्कूल बैग, वॉटर बॉटल और अध्ययन सामग्री भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने 26 से 30 जून तक सरगुजा के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर डॉक्यूमेंट्री तैयार करने वाले टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को भी प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।
समारोह में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, क्षेत्रीय विधायकगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ ने बजट में किए 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान, 318 प्रकार के विकास कार्यों से गांवों को मिलेगा नया स्वरूप
रायपुर । ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल 'विकसित भारत-जी राम जी योजना' का शुभारंभ 1 जुलाई 2026 से देशभर में किया जाएगा। रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण अधोसंरचना को नई गति देने वाली इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को मांग के आधार पर वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान की जाएगी।
योजना का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-2047' के संकल्प को साकार करते हुए गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाना है। इसके अंतर्गत रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ जल संरक्षण, कृषि आधारित कार्य, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण और टिकाऊ परिसंपत्तियों के विकास जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ सरकार ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना के अंतर्गत 318 प्रकार के विकास कार्यों को शामिल किया गया है, जिससे गांवों की आधारभूत संरचना मजबूत होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
योजना का औपचारिक शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इस अवसर पर वे देशभर के राज्यों से वर्चुअल संवाद करेंगे। छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित होगा, जहां उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीणों से जुड़ेंगे।
योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान, कार्य उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता, डिजिटल जॉब कार्ड, तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली तथा पारदर्शी भुगतान व्यवस्था जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
नई व्यवस्था में ग्राम सभा की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाया गया है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना ग्राम सभा के माध्यम से तैयार होगी, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा। साथ ही सामाजिक अंकेक्षण और डिजिटल निगरानी के माध्यम से पारदर्शिता एवं जवाबदेही को भी मजबूत किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि विकसित भारत-जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और गांवों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना विकसित भारत के लक्ष्य को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक व्यापक पहल मानी जा रही है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी की प्रशासकीय स्वीकृति, सभी जिलों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश
रायपुर,। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय एवं शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक संवर्ग को बड़ी राहत देते हुए शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक पुनर्नियुक्ति प्रदान करने की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। इस निर्णय से प्रदेशभर के विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था की निरंतरता सुनिश्चित होगी।
मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश के अनुसार, लोक शिक्षण संचालनालय के प्रस्ताव पर शासन ने सहायक शिक्षक से लेकर प्राचार्य स्तर तक पात्र शिक्षक संवर्ग को पुनर्नियुक्ति देने का अनुमोदन प्रदान किया है।
शासन ने संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय को निर्देशित किया है कि जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र शिक्षकों को शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक पुनर्नियुक्ति प्रदान करने की आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण की जाए। साथ ही सभी जिलों में इस संबंध में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शासन के इस फैसले से शासकीय एवं शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बनी रहेगी, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी व्यवधान के संचालित हो सकेगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस निर्णय से शैक्षणिक सत्र के दौरान शिक्षण कार्य की निरंतरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी तथा विद्यालयों के संचालन में स्थिरता आएगी।
कोंडागांव। जिला मुख्यालय स्थित डाकघर में पदस्थ कर्मचारी शेख रूहुल ताज पर लगे गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक विभागीय कार्रवाई न होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों में इस मामले को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार शेख रूहुल ताज के खिलाफ अब तक तीन अलग-अलग शिकायतें सामने आ चुकी हैं। पहला मामला एक डॉक्टर से दुर्व्यवहार का है, जिसमें डॉक्टर ने संभागीय अधीक्षक को लिखित शिकायत दी थी। हालांकि, आरोप है कि इस मामले को झूठी रिपोर्ट बनाकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
दूसरा मामला कोपाबेड़ा निवासी सुमित्रा नेताम से जुड़ा है। आरोप है कि उनसे खाते में जमा करने के नाम पर 20 हजार रुपये लिए गए, लेकिन एक साल तक राशि खाते में जमा नहीं की गई। बाद में रकम लौटा दी गई, पर खाते में जमा नहीं की गई, जिसे ठगी की श्रेणी में माना जा रहा है।
तीसरा मामला कोंडागांव के 20 से अधिक व्यापारियों से जुड़ा है। व्यापारियों को पोस्टर लगाने के नाम पर 6 महीने से 1 साल तक विज्ञापन का आश्वासन दिया गया, लेकिन पोस्टर एक महीने के भीतर ही हटा दिए गए। जब इस संबंध में डाकघर में जानकारी ली गई, तो पता चला कि ऐसी कोई योजना विभाग में थी ही नहीं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि व्यापारियों को गुमराह कर ठगी की गई।
इन तीनों मामलों की जांच के बाद यह बात सामने आ रही है कि संबंधित कर्मचारी पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप हैं। मामले को लेकर जब जगदलपुर के संभागीय अधीक्षक से चर्चा की गई, तो उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन 15 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इस देरी से लोगों में विभागीय मिलीभगत की आशंका भी गहराने लगी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि डाकघर जैसे भरोसेमंद संस्थान में इस प्रकार की घटनाएं होती हैं, तो आम जनता का विश्वास कमजोर होना स्वाभाविक है।
वहीं, कोंडागांव डाकघर के मुख्य अधिकारी श्री मिश्रा ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार करते हुए बताया कि उनका स्थानांतरण हो चुका है और इस विषय में उनके वरिष्ठ अधिकारी ही जवाब देंगे।
रायपुर स्थित उच्च अधिकारी अजय सिंह चौहान से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया।
अब सवाल यह उठता है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है? क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण इस मामले में शामिल है, या फिर इसे जानबूझकर दबाया जा रहा है? आम जनता अब इस मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।
3 पीड़ितों से 5.50 लाख की धोखाधड़ी की शिकायत पर कार्रवाई, पूछताछ में सामने आया बड़ा फर्जी नौकरी रैकेट; लाखों रुपये साथी के खातों में ट्रांसफर करने का खुलासा।
बालोद ।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक कथित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बालोद पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है, जो स्वयं को छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव से परिचित बताकर लोगों को सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देती थी। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त वीवो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान लता धीवर (36 वर्ष), पति आकाश धीवर, निवासी पाण्डेपारा, वार्ड क्रमांक-05, थाना एवं जिला बालोद के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, 28 जून 2026 को डामिन साहू निवासी मरारपारा, बालोद ने शिकायत दर्ज कराई कि करीब डेढ़ वर्ष पहले उसकी मुलाकात योगेश साहू से हुई थी। योगेश ने बताया कि उसने कंप्यूटर शिक्षक की नौकरी के लिए लता धीवर को 3.50 लाख रुपये दिए हैं और सरकारी नौकरी के लिए उसी से संपर्क करने की सलाह दी।
इसके बाद 5 मार्च 2026 को डामिन साहू, बिंदु दुबे और ललिता गजेन्द्र आरोपी के घर पहुंचे। वहां लता धीवर ने दावा किया कि उसकी मुख्य सचिव से सीधी पहचान है और वह कृषि विभाग तथा जिला अस्पताल में नौकरी लगवा सकती है। इसके एवज में उसने प्रत्येक से दो-दो लाख रुपये की मांग की।
शिकायत के अनुसार, डामिन साहू ने 2 लाख रुपये, बिंदु दुबे ने 1.50 लाख रुपये तथा ललिता गजेन्द्र ने 2 लाख रुपये आरोपी को नकद दिए। बाद में न तो किसी की नौकरी लगी और न ही रकम वापस की गई। इस तरह तीनों से कुल 5.50 लाख रुपये की ठगी की गई।
पूछताछ में बड़ा खुलासा
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर 7 लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 25.50 लाख रुपये वसूले। आरोपी के मुताबिक, इस राशि में से 23.92 लाख रुपये साथी द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए, जबकि करीब 1.57 लाख रुपये उसने कमीशन के रूप में अपने पास रखे।
पुलिस ने आरोपी को 29 जून 2026 को शाम 4:10 बजे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस की अपील
बालोद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धन की मांग करने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी सरकारी भर्ती प्रक्रिया में केवल आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें और संदेह होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस कार्रवाई में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, उप निरीक्षक सुरज साहू, प्रधान आरक्षक योगेश सिन्हा, आरक्षक लक्ष्मण साहू, महिला आरक्षक ममता ठाकुर एवं जागृति ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने दो दिवसीय आयोजन, उत्कृष्ट टीमें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में करेंगी बीएसपी का प्रतिनिधित्व
भिलाई ।
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कार्यस्थल पर सुरक्षित कार्य संस्कृति, नवाचार और सतत सुधार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय एकीकृत सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिता ‘सुरक्षा-2026’ का आयोजन 27 एवं 29 जून को मानव संसाधन विकास विभाग के सभागार में किया गया। प्रतियोगिता में संयंत्र के विभिन्न विभागों की 47 सेफ्टी सर्किल टीमों ने सुरक्षा से जुड़े नवाचारों और केस स्टडी प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (मार्केटिंग एंड यूटिलिटीज) बी.के. बेहरा ने किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। दुर्घटनारहित कार्यस्थल के निर्माण के लिए नवाचार और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और अजय टल्लू द्वारा प्रतिभागियों को सुरक्षा शपथ दिलाने के साथ हुई। स्वागत उद्बोधन में मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) डी. सत्पथी ने बताया कि वर्ष 2024 में जहां 35 सेफ्टी सर्किल टीमों से यह पहल शुरू हुई थी, वहीं 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 83 हो गई। उन्होंने बताया कि ‘सुरक्षा-2026’ के लिए कुल 47 केस स्टडी प्राप्त हुईं, जो कर्मचारियों की बढ़ती सुरक्षा जागरूकता और सहभागिता का प्रमाण हैं।
प्रतियोगिता के पहले दिन 20 टीमों और दूसरे दिन 27 टीमों ने अपने केस स्टडी चार मूल्यांकन पैनलों के समक्ष प्रस्तुत किए। प्रत्येक पैनल में दो विशेषज्ञ निर्णायक शामिल थे। प्रस्तुतियों में कार्यस्थल पर संभावित जोखिमों की पहचान, दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित कार्य प्रणालियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकसित नवाचारी उपायों का प्रदर्शन किया गया।
आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों का चयन उच्च स्तरीय एकीकृत सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिताओं में भिलाई इस्पात संयंत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाएगा।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक, वरिष्ठ अधिकारी, निर्णायक, मेंटर, सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सेफ्टी सर्किल टीमों के सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु
भिलाई इस्पात संयंत्र में आयोजित हुई ‘सुरक्षा-2026’ एकीकृत सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिता।
47 सेफ्टी सर्किल टीमों ने सुरक्षा नवाचारों और केस स्टडी प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता का उद्देश्य कार्यस्थल पर सुरक्षित कार्य संस्कृति और नवाचार को बढ़ावा देना।
उत्कृष्ट टीमों को उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भिलाई इस्पात संयंत्र का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने दो दिवसीय आयोजन, उत्कृष्ट टीमें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में करेंगी बीएसपी का प्रतिनिधित्व
भिलाई ।
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कार्यस्थल पर सुरक्षित कार्य संस्कृति, नवाचार और सतत सुधार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय एकीकृत सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिता ‘सुरक्षा-2026’ का आयोजन 27 एवं 29 जून को मानव संसाधन विकास विभाग के सभागार में किया गया। प्रतियोगिता में संयंत्र के विभिन्न विभागों की 47 सेफ्टी सर्किल टीमों ने सुरक्षा से जुड़े नवाचारों और केस स्टडी प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (मार्केटिंग एंड यूटिलिटीज) बी.के. बेहरा ने किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। दुर्घटनारहित कार्यस्थल के निर्माण के लिए नवाचार और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और अजय टल्लू द्वारा प्रतिभागियों को सुरक्षा शपथ दिलाने के साथ हुई। स्वागत उद्बोधन में मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) डी. सत्पथी ने बताया कि वर्ष 2024 में जहां 35 सेफ्टी सर्किल टीमों से यह पहल शुरू हुई थी, वहीं 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 83 हो गई। उन्होंने बताया कि ‘सुरक्षा-2026’ के लिए कुल 47 केस स्टडी प्राप्त हुईं, जो कर्मचारियों की बढ़ती सुरक्षा जागरूकता और सहभागिता का प्रमाण हैं।
प्रतियोगिता के पहले दिन 20 टीमों और दूसरे दिन 27 टीमों ने अपने केस स्टडी चार मूल्यांकन पैनलों के समक्ष प्रस्तुत किए। प्रत्येक पैनल में दो विशेषज्ञ निर्णायक शामिल थे। प्रस्तुतियों में कार्यस्थल पर संभावित जोखिमों की पहचान, दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित कार्य प्रणालियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकसित नवाचारी उपायों का प्रदर्शन किया गया।
आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों का चयन उच्च स्तरीय एकीकृत सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिताओं में भिलाई इस्पात संयंत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाएगा।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक, वरिष्ठ अधिकारी, निर्णायक, मेंटर, सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सेफ्टी सर्किल टीमों के सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु
भिलाई इस्पात संयंत्र में आयोजित हुई ‘सुरक्षा-2026’ एकीकृत सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिता।
47 सेफ्टी सर्किल टीमों ने सुरक्षा नवाचारों और केस स्टडी प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता का उद्देश्य कार्यस्थल पर सुरक्षित कार्य संस्कृति और नवाचार को बढ़ावा देना।
उत्कृष्ट टीमों को उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भिलाई इस्पात संयंत्र का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
रायपुर ।
छत्तीसगढ़ सरकार की सरस्वती साइकिल वितरण योजना बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना के तहत हाई स्कूल में अध्ययनरत छात्राओं को निःशुल्क साइकिल उपलब्ध कराई जाती है, जिससे दूरदराज क्षेत्रों से स्कूल तक उनका आवागमन आसान हो सके, पढ़ाई में निरंतरता बनी रहे और स्कूल छोड़ने की दर कम हो।
इसी योजना से सूरजपुर जिले के शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा वैष्णवी कसेरा को भी निःशुल्क साइकिल मिली है, जिसने उसके शिक्षा के सपनों को नई उड़ान दी है।
पैदल सफर से साइकिल तक का सफर
सूरजपुर के बाजारपारा की रहने वाली वैष्णवी ने बताया कि पहले वह प्रतिदिन पैदल विद्यालय आती-जाती थी। इससे समय अधिक लगता था और पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। अब निःशुल्क साइकिल मिलने से स्कूल पहुंचना आसान हो जाएगा और वह नियमित रूप से पढ़ाई कर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकेगी।
वैष्णवी ने कहा,
"अब मेरे सपनों को नया पंख मिल गया है। पहले पैदल विद्यालय आती थी, अब साइकिल से विद्यालय जाऊंगी और मन लगाकर पढ़ाई कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करूंगी।"
सरकार के प्रति जताया आभार
वैष्णवी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
राज्य सरकार के अनुसार, सरस्वती साइकिल योजना से छात्राओं में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा है और दूरस्थ क्षेत्रों की बालिकाओं के लिए स्कूल तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हुआ है।
मुख्य बिंदु
सरस्वती साइकिल योजना के तहत हाई स्कूल की छात्राओं को निःशुल्क साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है।
सूरजपुर की छात्रा वैष्णवी कसेरा को योजना का लाभ मिला।
पहले पैदल स्कूल जाने वाली वैष्णवी अब साइकिल से नियमित रूप से विद्यालय जा सकेगी।
योजना का उद्देश्य बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना, आवागमन सुगम बनाना और ड्रॉप-आउट दर कम करना है।
सहकारिता सप्ताह का हुआ भव्य शुभारंभ, किसानों और ग्रामीणों को मजबूत बनाने पर जोर
सहकारिता आंदोलन के जनक पंडित वामनराव बलिराम लाखे को दी गई श्रद्धांजलि
रायपुर / सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारिता सप्ताह के शुभारंभ आज जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, रायपुर में सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य मंे सम्पन्न हुआ। सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि लोगों को साथ लेकर विकास करने की एक मजबूत सोच है। सरकार का मुख्य लक्ष्य सहकारिता को एक जनआंदोलन बनाकर प्रत्येक ग्रामीण परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है।
सहकारिता क्षेत्र को मिली नई पहचान
मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद, केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश में सहकारिता क्षेत्र को एक नई और मजबूत पहचान मिली है। पिछले पांच वर्षों में सहकारिता के माध्यम से किसानों, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए कई ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
गांव-गांव तक सहकारिता को मजबूत कर रही सरकार
राज्य सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सहकारिता को गांव-गांव तक मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्राथमिक कृषि साख समितियों को सशक्त बनाया जा रहा है, किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है तथा सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
साथ मिलकर विकास ही सहकारिता का मूल मंत्र
मंत्री कश्यप ने कहा कि साथ मिलकर विकास ही सहकारिता का मूल मंत्र है और इसी भावना से आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव होगा। उन्होंने सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी सेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आग्रह किया, ताकि सहकारी व्यवस्था पर जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने आगे कहा कि यह सहकारिता सप्ताह केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि सहकारिता की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का महाअभियान है। सप्ताहभर चलने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को सहकारिता से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति देने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारिता आंदोलन के जनक पंडित वामनराव बलिराम लाखे की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर की।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, उपाध्यक्ष अभिनेष कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
