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रायपुर ।
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बस्तर संभाग के सुकमा जिले के प्रवास के दौरान सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र, लस्केपारा (छिंदगढ़) की पोषण वाटिका में नन्हें बच्चों के साथ मुनगा एवं पपीता के पौधों का पौधरोपण कर सुपोषण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का प्रेरक संदेश दिया।
इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने “हर-घर मुनगा, घर-घर सुपोषण” का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज की शुरुआत घर और आंगन से होती है तथा पोषण और प्रकृति संरक्षण दोनों को जनआंदोलन बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने बच्चों के साथ संवाद करते हुए मुनगा और पपीता के पौधों के पोषण महत्व को सरल और रोचक तरीके से समझाया। बच्चों के हाथों पौधरोपण कराते हुए उन्होंने प्रकृति से जुड़ाव और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुनगा को ‘सुपोषण वृक्ष’ के रूप में विशेष पहचान मिली है, क्योंकि इसकी पत्तियां, फलियां और फूल आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और कुपोषण जैसी चुनौती से मुकाबला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं पपीता विटामिन एवं खनिज तत्वों का समृद्ध स्रोत है, जो बच्चों, किशोरियों एवं महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार अपने घर एवं आंगन में कम से कम एक मुनगा का पौधा अवश्य लगाए। इससे परिवारों को घर के समीप पौष्टिक आहार उपलब्ध होगा और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण में जनसहभागिता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन, सुपोषित परिवार और हरित भविष्य हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य का संकल्प भी है।
राज्य सरकार द्वारा संचालित सुपोषण अभियान के अंतर्गत पोषण वाटिकाओं के माध्यम से बच्चों, किशोरियों और माताओं को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। बस्तर अंचल से प्रारंभ हुआ यह संदेश अब प्रदेश में पोषण, स्वास्थ्य और हरियाली के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान का रूप लेता दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन मॉडल के तहत सुकमा में औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर तत्काल कार्रवाई; बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से समझौता नहीं
रायपुर/सुकमा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की प्राथमिकता को धरातल पर उतारते हुए सुकमा जिला प्रशासन ने शासकीय छात्रावासों और आश्रमों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले कलेक्टर और सहायक आयुक्त द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर कई अधीक्षकों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया, जबकि कुछ को प्रभार से अलग कर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान छात्रावासों में साफ-सफाई की बदहाल स्थिति, अधिकारियों-कर्मचारियों की अनुपस्थिति, रखरखाव में लापरवाही और पूर्व में दिए गए निर्देशों की अनदेखी जैसी गंभीर कमियां उजागर हुईं। जिला प्रशासन ने इसे विद्यार्थियों के हितों के साथ गंभीर लापरवाही मानते हुए बिना देर किए अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
कार्रवाई के तहत कन्या आश्रम दुब्बाटोटा की अधीक्षिका सुशीला कवासी, प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास दुब्बाटोटा के अधीक्षक पुनेम हिरमा, पोस्ट-मैट्रिक कन्या छात्रावास की अधीक्षिका सविता यादव तथा प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के भोजराज ठाकुर के विरुद्ध निलंबन एवं प्रभार से पृथक करने की कार्रवाई की गई। छात्रावासों का संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए तत्काल वैकल्पिक अधिकारियों को जिम्मेदारी भी सौंप दी गई।
बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि छात्रावासों एवं आश्रमों में अध्ययनरत बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप सभी संस्थानों में स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सुशासन की दिशा में सख्त संदेश
जिला प्रशासन की यह कार्रवाई केवल अनुशासनात्मक कदम नहीं, बल्कि पूरे तंत्र के लिए स्पष्ट संदेश है कि शासकीय संस्थानों में जवाबदेही तय होगी और बच्चों के भविष्य से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।
अतिवृष्टि और जलभराव से निपटने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की दिन-रात ड्यूटी तय, त्वरित राहत देने का दावा
दुर्ग,। मानसून 2026 के दौरान संभावित अतिवृष्टि, जलभराव एवं बाढ़ जैसी आपात परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नगर पालिक निगम दुर्ग ने बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ का गठन कर दिया है। निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश पर निगम कार्यालय में 24 घंटे संचालित होने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो पूरे मानसून सीजन में लगातार कार्य करेगा।
बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ की संपूर्ण मॉनिटरिंग एवं विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी कार्यपालन अभियंता प्रकाशचंद्र थवानी को नोडल अधिकारी के रूप में सौंपी गई है। उनके सहयोग के लिए स्वास्थ्य, अभियंत्रिकी एवं कार्यशाला शाखा के अधिकारियों की टीम भी गठित की गई है।
नगर निगम ने कंट्रोल रूम के सुचारु संचालन के लिए सप्ताह के सातों दिन दिन एवं रात्रि पाली में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
निगम प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान यदि कहीं जलभराव, बाढ़ अथवा अन्य आपदा की स्थिति उत्पन्न होती है तो बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ पूरी तरह सक्रिय रहकर त्वरित कार्रवाई करेगा। साथ ही नागरिकों की सुरक्षा एवं राहत कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय एकात्मता का अनूठा अभियान हुआ सफल ,प्रदेश के विशिष्टजनों ने किया प्रथम ज्योतिर्लिंग के दर्शन
रायपुर /भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय स्वाभिमान और आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा देने वाली छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ’’सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा’’ आज सफलता के साथ संपन्न हुई। पांच दिवसीय इस ऐतिहासिक यात्रा के बाद प्रदेश के सभी जिलों से शामिल 1040 विशिष्टजन सकुशल रायपुर लौटे, जहां रायपुर रेलवे स्टेशन पर उनका आत्मीय, गरिमामय एवं भव्य स्वागत किया गया। यात्रियों के चेहरों पर संतोष, श्रद्धा और आत्मिक आनंद की झलक इस अभिनव यात्रा की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण बनी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष सांस्कृतिक यात्रा ने केवल श्रद्धालुओं को भारत के प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन का अवसर ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें देश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपरा और राष्ट्रीय एकात्मता का भी जीवंत अनुभव कराया। यात्रा ने यह संदेश भी दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रीय गौरव को भी समान प्राथमिकता दे रही है।
इस यात्रा में प्रदेश के पद्मश्री सम्मान प्राप्त विभूतियों, राष्ट्रीय एवं राज्य सम्मान से सम्मानित कलाकारों, साहित्यकारों, संस्कृति कर्मियों, समाजसेवियों तथा अन्य विशिष्टजनों ने सहभागिता की। इससे छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, कला, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली।
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ के सुव्यवस्थित प्रबंधन में आयोजित इस यात्रा की देशभर में सराहना हुई। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग, गुजरात राज्य सरकार के समन्वय तथा सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के आत्मीय सहयोग से यात्रा का प्रत्येक चरण अत्यंत सुव्यवस्थित, सुरक्षित और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान सोमनाथ के दिव्य दर्शन-पूजन के साथ मंदिर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन किया। प्रतिभागियों ने भारत की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक सोमनाथ धाम के महत्व को निकट से अनुभव किया। अनेक प्रतिभागियों ने अपने क्षेत्रों की पावन मिट्टी और नदियों का जल भगवान सोमनाथ को अर्पित कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एकता के सूत्र से जोड़ने का संदेश दिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास पर आधारित आकर्षक लाइट एंड साउंड शो का भी अवलोकन किया, जिसने मंदिर के पुनर्निर्माण, भारतीय सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान की प्रेरक गाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
पूरी यात्रा के दौरान आवागमन, आवास, भोजन, चिकित्सा, सुरक्षा तथा अन्य सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर पर सुनिश्चित की गईं। संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे स्वयं विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ पूरी यात्रा में उपस्थित रहे और प्रत्येक यात्री की सुविधा का विशेष ध्यान रखा। यात्रियों ने व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि शासन ने उन्हें परिवार जैसा स्नेह और सम्मान प्रदान किया।
यात्रा से लौटे प्रतिभागियों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताते हुए कहा कि वर्षों से संजोई गई सोमनाथ दर्शन की उनकी इच्छा शासन की इस निःशुल्क और सुव्यवस्थित पहल से पूरी हो सकी। उन्होंने कहा कि भगवान सोमनाथ के दिव्य दर्शन, वहां का आध्यात्मिक वातावरण, ऐतिहासिक लाइट एंड साउंड शो तथा उत्कृष्ट यात्रा प्रबंधन ने उन्हें आत्मिक शांति के साथ भारतीय संस्कृति के प्रति नया गर्व प्रदान किया।
रायपुर रेलवे स्टेशन पर लौटे श्रद्धालुओं का पारंपरिक रीति-रिवाज, पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और आत्मीय अभिनंदन के साथ भव्य स्वागत किया गया। स्वागत समारोह के दौरान यात्रियों ने छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा केवल तीर्थाटन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का प्रेरक अभियान रही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच के अनुरूप यह यात्रा इस बात का प्रमाण बनी कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर से जन-जन को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में संस्कृति विभाग द्वारा किए गए सफल आयोजन ने यह भी सिद्ध किया कि इस तरह के आयोजन समाज में आत्मगौरव, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।
सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा की सफलता ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय सांस्कृतिक परिदृश्य में नई पहचान प्रदान की है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, गुजरात राज्य सरकार, सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट तथा छत्तीसगढ़ शासन के समन्वित प्रयासों से संपन्न यह ऐतिहासिक यात्रा आने वाले समय में सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय एकात्मता के क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में याद की जाएगी।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच, डीईओ ने की त्वरित कार्रवाई; ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी के बाद उठाया गया कदम
जांजगीर-चांपा। जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला, खैरवार पारा (बोड़सरा) में पदस्थ एक शिक्षक और एक शिक्षिका का कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में वीडियो सही पाए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अशोक सिन्हा ने दोनों शिक्षकों को उनके वर्तमान विद्यालय से हटाकर अलग-अलग बीईओ कार्यालयों में अटैच कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। इसके बाद डीईओ द्वारा गठित जांच दल ने प्रारंभिक जांच में वायरल वीडियो की पुष्टि की।
जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षक को नवागढ़ विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय तथा शिक्षिका को अकलतरा बीईओ कार्यालय में आगामी आदेश तक अटैच करने के आदेश जारी किए हैं। विभागीय स्तर पर मामले की आगे की जांच और नियमानुसार कार्रवाई जारी है।
नाम सार्वजनिक नहीं किए गए
जिला शिक्षा अधिकारी तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रारंभिक जानकारी में संबंधित शिक्षक और शिक्षिका के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। विभागीय प्रक्रिया एवं गोपनीयता संबंधी नियमों का पालन करते हुए प्रशासन ने केवल विद्यालय, पद और की गई प्रशासनिक कार्रवाई की पुष्टि की है।
विभाग की सख्त मंशा
शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यालय जैसी संवेदनशील संस्था की गरिमा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि विभागीय जांच में किसी भी प्रकार का अनुशासनहीन आचरण सिद्ध होता है, तो नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
3450 दिनों से लगातार निःशुल्क भोजन सेवा दे रही संस्था ने स्टील की थाली, वस्त्र, फल, मिष्ठान और दैनिक उपयोग की सामग्री भी बांटी
दुर्ग / शौर्यपथ / अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) की अमावस्या के पावन अवसर पर जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग ने सेवा और मानवता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए वृद्धाश्रमों, रेलवे स्टेशन तथा शहर के विभिन्न स्थानों पर रह रहे जरूरतमंदों के बीच भोजन और आवश्यक सामग्री का वितरण किया। संस्था द्वारा वृद्धजनों को सम्मानपूर्वक भोजन कराने के साथ ही स्टील की थाली, गिलास, चम्मच, वस्त्र एवं दैनिक उपयोग की सामग्री भी भेंट की गई।
संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ‘बंटी’ ने बताया कि जन समर्पण सेवा संस्था पिछले 9 वर्ष 6 माह (लगभग 3450 दिनों) से बिना किसी व्यवधान के प्रतिदिन दुर्ग रेलवे स्टेशन एवं अन्य स्थानों पर अस्थायी रूप से निवासरत मजदूरों, असहायों, महिलाओं, बच्चों एवं दिव्यांगजनों को रात्रि में निःशुल्क भोजन उपलब्ध करा रही है। संस्था के स्वयंसेवक विभिन्न पर्व एवं त्योहारों पर भी जरूरतमंदों की हरसंभव सहायता करते हैं।
अधिकमास अमावस्या के अवसर पर संस्था के सदस्यों ने पुलगांव स्थित वृद्धाश्रम तथा कादंबरी नगर स्थित महिला अनाथ एवं वृद्ध आश्रम पहुंचकर वृद्धजनों को नई स्टील की थाली, गिलास एवं चम्मच प्रदान किए और उन्हीं में भोजन परोसा। इसके बाद वृद्ध पुरुषों को लुंगी, महिलाओं को नाइटी तथा सभी को मिष्ठान, नमकीन, फल, बिस्किट, साबुन, निरमा, तेल, टूथपेस्ट, कंघी सहित अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई।
इसके पश्चात संस्था की टीम ने दुर्ग रेलवे स्टेशन एवं शहर के विभिन्न फुटपाथों पर रहने वाले जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया तथा साबुन एवं अन्य उपयोगी सामग्री का भी वितरण किया।
संस्था ने बताया कि पद्म पुराण एवं अन्य धर्मग्रंथों में अधिकमास के दौरान अन्नदान एवं जरूरतमंदों की सेवा को अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। मान्यता है कि इस माह में किया गया दान सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक फलदायी होता है तथा इससे मानव सेवा के साथ आध्यात्मिक संतोष की भी प्राप्ति होती है।
सेवा कार्य में रहे उपस्थित
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ‘बंटी’, प्रतिभा शर्मा, पार्षद राम भाऊ, सुरेश गुप्ता, मनोज गुप्ता, लाला, अर्चला शर्मा, सरिता शर्मा, चंचल शर्मा, पिंकी पुरोहित, किरण सेन, सुमन शर्मा, गिरधर शर्मा, राजेंद्र ताम्रकार, अर्जित शुक्ला, आशीष मेश्राम, सुजल शर्मा, विनय मिश्रा, संदीप गुप्ता, अंकेश पेसवानी, वाशु शर्मा, सार्थक शर्मा, अनस खान, अंश पाण्डेय, मंटू गुप्ता, मोक्ष शर्मा सहित संस्था के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
मानपुर में दर्दनाक हादसा, बैरिकेड्स तोड़कर फरार हुआ आरोपी; पुलिस की तत्परता से गिरफ्तारी, क्षेत्र में आक्रोश
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौक / शौर्यपथ / जिले के मानपुर क्षेत्र में तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। कथित रूप से नशे की हालत में ट्रक चला रहे चालक ने 8 वर्षीय बालिका को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 60 किलोमीटर तक पीछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और आक्रोश का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही मानपुर पुलिस ने तत्काल जिलेभर में अलर्ट जारी किया और ट्रक को रोकने के लिए प्रमुख मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए। लेकिन आरोपी चालक ने रुकने के बजाय बैरिकेड्स को तोड़ते हुए ट्रक दौड़ा दिया और भागने का प्रयास किया।
60 किलोमीटर तक चला पीछा, पुलिस ने दिखाई मुस्तैदी
घटना के बाद पुलिस की कई टीमें सक्रिय हुईं। लगातार पीछा करते हुए पुलिस ने कोर-कोरकट्टी के पास ट्रक को घेरकर रोक लिया और आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने ट्रक को भी जब्त कर लिया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चालक के नशे में होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
एक परिवार का उजड़ गया संसार
हादसे में 8 वर्षीय मासूम की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने दोषी चालक के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सवाल फिर वही—कब थमेगा तेज रफ्तार का आतंक?
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा, नशे की हालत में वाहन चलाने और भारी वाहनों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं बरती गई तो मासूम जिंदगियां इसी तरह तेज रफ्तार की भेंट चढ़ती रहेंगी।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह मामला तेज रफ्तार, लापरवाही और कथित रूप से नशे की हालत में वाहन चलाने से जुड़ा माना जा रहा है।
राजनांदगांव/शौर्यपथ । भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, राजनांदगांव द्वारा गुरुवार को पीटीएस ऑडिटोरियम में “Caring for Community – Health Awareness & BLS Training Program” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन एवं विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने वाली तकनीकों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. अतुल मनोहरराव देशकर, संयुक्त संचालक सह चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय राजनांदगांव ने “जीवनशैली में परिवर्तन का महत्व – नींद एवं योग की भूमिका” विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बेहतर स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नींद, संतुलित जीवनशैली और नियमित योगाभ्यास को आवश्यक बताया।
इस अवसर पर डॉ. प्रकाश खुंटे, सहायक प्राध्यापक, चिकित्सा विभाग द्वारा बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने हृदयाघात जैसी आपात स्थिति में सीपीआर (CPR) की उपयोगिता और प्राथमिक उपचार के महत्व के बारे में बताया तथा प्रतिभागियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम में पुलिस विभाग की प्रशिक्षण टीम ने भी विशेष सहयोग दिया। टीम के सदस्यों ने आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, प्राथमिक उपचार एवं जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम में PTS School, Rajnandgaon के संकाय सदस्यों सहित करीब 200 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. अजय कुमार, डॉ. आदान भाटिया एवं अनिमेष श्रीवास्तव का विशेष योगदान रहा। प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य जागरूकता और जीवनरक्षक प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की आवश्यकता जताई।
140 आवेदनों के साथ जनता पहुंची कलेक्टर दरबार, भूमि, आवास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे रहे प्रमुख
दुर्ग। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम एक बार फिर आम नागरिकों की उम्मीदों का केंद्र बना, जहां विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर बड़ी संख्या में लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्वयं लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनदर्शन में कुल 140 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अवैध कब्जा, भूमि सीमांकन, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास योजना, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता एवं अन्य जनहित से जुड़े मामले शामिल रहे। कलेक्टर ने कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
28 साल बाद भी नहीं मिला पट्टे की जमीन का पता
जनदर्शन में सबसे मार्मिक मामला भिलाई की एक विधवा महिला का सामने आया। महिला ने बताया कि वर्ष 1998 में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत उनके और उनके दिवंगत पति के नाम पर भू-स्वामित्व पट्टा जारी किया गया था, लेकिन लगभग तीन दशक बीत जाने के बाद भी उन्हें अपनी जमीन का वास्तविक स्थान नहीं बताया गया।
महिला ने प्रशासन को बताया कि वर्तमान में वह बीएसपी क्वार्टर में निवास कर रही हैं और जर्जर आवासों को तोड़े जाने की प्रक्रिया के चलते उनका परिवार आवासीय संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने पट्टे की भूमि का चिन्हांकन कर कब्जा दिलाने तथा मकान निर्माण की अनुमति प्रदान करने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तहसील नजूल को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
फोरलेन सड़क के मापदंड पर उठे सवाल
बोरसी क्षेत्र के नागरिकों ने प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण में एक समान मानक अपनाने की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। नागरिकों का कहना था कि महाराजा चौक से बोरसी चौक तक अधिकांश हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण 20 मीटर के मानक पर किया जा रहा है, जबकि एक विशेष हिस्से में 22 मीटर चौड़ाई प्रस्तावित है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इससे उनकी निजी संपत्तियां प्रभावित होंगी। उन्होंने पूरे मार्ग में समान रूप से 20 मीटर चौड़ाई के आधार पर नापजोख कराने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
50 कुत्तों से दहशत, रहवासियों ने मांगी राहत
पदमनाभपुर क्षेत्र के शकुंतला नगरवासियों ने एक आवास में बड़ी संख्या में पालतू कुत्ते रखे जाने की शिकायत दर्ज कराई। आवेदकों के अनुसार संबंधित मकान में लगभग 50 कुत्ते रखे गए हैं, जिन्हें कई बार बिना निगरानी के बाहर छोड़ दिया जाता है।
रहवासियों ने बताया कि कुत्तों के झुंड के कारण क्षेत्र में भय का वातावरण बना हुआ है तथा राहगीरों और मवेशियों पर हमले की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इस संबंध में पूर्व में थाना पदमनाभपुर में शिकायत देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने की बात कही गई। कलेक्टर ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई हेतु एसडीएम दुर्ग को निर्देशित किया।
जनदर्शन बना उम्मीदों का मंच
जनदर्शन में सामने आए मामलों ने यह स्पष्ट किया कि नागरिक आज भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन को सबसे भरोसेमंद मंच मानते हैं। भूमि, आवास, सड़क और सुरक्षा जैसे मुद्दे सीधे आम जनजीवन से जुड़े हैं और इनके समाधान की अपेक्षा प्रशासन से की जाती है।
कलेक्टर द्वारा कई मामलों में तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह बनाना यह संकेत देता है कि प्रशासन समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर है। अब नागरिकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जनदर्शन में दिए गए निर्देश धरातल पर कितनी तेजी से अमल में आते हैं।
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