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प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर महापुरुषों की जीवनियां तक उपलब्ध, हर ब्लॉक में प्रतिभावान विद्यार्थियों के सम्मान का भी निर्णय
शौर्यपथ संवाददाता | संतराम कुर्रे
महासमुंद। प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज ने शिक्षा और सामाजिक जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए महासमुंद जिले की पहली सामाजिक लाइब्रेरी की शुरुआत की है। यह लाइब्रेरी पे बैक सोसायटी के सहयोग से बागबाहरा स्थित सुनसुनिया सामाजिक भवन में प्रारंभ की गई, जिसका संचालन समाज के शिक्षा प्रकोष्ठ, बागबाहरा द्वारा किया जाएगा।
इस अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता समाज के जिलाध्यक्ष विजय बंजारे ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है और यह लाइब्रेरी विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं, नौकरीपेशा लोगों तथा महिलाओं के लिए ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी।
महापुरुषों की जीवनियां और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें होंगी उपलब्ध
लाइब्रेरी के प्रारंभिक चरण में भारत के महान संतों, समाज सुधारकों और महापुरुषों की जीवनियों के साथ-साथ उनके द्वारा लिखित ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी साहित्य को शामिल किया गया है। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित पुस्तकें भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि जिले के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री एक ही स्थान पर मिल सके।
जिलाध्यक्ष विजय बंजारे ने शिक्षा प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों से लाइब्रेरी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक विद्यार्थियों एवं युवाओं को नियमित रूप से पुस्तक अध्ययन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
हर ब्लॉक में प्रतिभावान विद्यार्थियों का होगा सम्मान
बैठक में महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा और बसना ब्लॉक में संगठनात्मक चुनाव कराने के लिए गांव-गांव सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा प्रत्येक ब्लॉक के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं की सूची तैयार कर उनका सम्मान समारोह आयोजित करने पर भी सर्वसम्मति बनी।
समाज के पदाधिकारियों ने शिक्षा, संगठन सुदृढ़ीकरण और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों को आगामी दिनों में प्राथमिकता के साथ संचालित करने का संकल्प भी लिया।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
बैठक में जिलाध्यक्ष विजय बंजारे, जिला उपाध्यक्ष चिंता साय, सचिव रेखराम बघेल, प्रवक्ता राजेंद्र कुमार मारकंडेय, मीडिया प्रभारी सोमनाथ टोंडेकर, जिला कार्यकारिणी सदस्य सेतलाल खुंटे, पवन कुमार घृतलहरे, हेमन कुमार ढीढी, हरक मन्नाडे, ब्लॉक अध्यक्ष चित्र कुमार भारती (महासमुंद), तरुवर कोसरिया (पिथौरा), शिक्षा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राजेश रात्रे, बागबाहरा अध्यक्ष महेंद्र बंजारे, राधेश्याम परमार, राधेश्याम निराला, चिंता कुर्रे, भूपेंद्र निराला, बालकदास कोसरे तथा युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष तेजराम चौलिक एवं पिथौरा ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश मधुकर सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
भिलाईनगर / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई की नवनियुक्त आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह ने शुक्रवार को निगम सभागार में शहर के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया प्रतिनिधियों के साथ पहली बार परिचयात्मक एवं सीधा संवाद स्थापित किया। इस संवाद में 50 से अधिक मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया और शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं तथा निगम की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा की।
आयुक्त ने कहा कि नगर निगम का मूल उद्देश्य नागरिकों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजल, स्वच्छता, सड़क, जलनिकासी और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शहर के समग्र विकास के लिए प्रभावी कार्ययोजना पर काम किया जाएगा।
वर्षा में जलभराव वाले क्षेत्रों पर होगी त्वरित कार्रवाई
संवाद के दौरान आयुक्त ने कहा कि बारिश के दौरान जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सामने आ रही है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्य कर नागरिकों को राहत पहुंचाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण कर स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
बीएसपी के साथ बेहतर समन्वय से सुधरेंगी नागरिक सुविधाएं
सुश्री सिंह ने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यों को गति दी जाएगी। विशेष रूप से बीएसपी क्षेत्र की सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए बीएसपी प्रबंधन के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी।
हर सोमवार होगी जनसुनवाई, लंबित प्रकरणों का होगा त्वरित निराकरण
आयुक्त ने घोषणा की कि प्रत्येक सोमवार सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक निगम कार्यालय में नियमित जनसुनवाई आयोजित की जाएगी, जहां नागरिकों की समस्याएं सीधे सुनी जाएंगी और उनके त्वरित समाधान का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि निगम में लंबित फाइलों की समीक्षा कर विलंब के कारणों का विश्लेषण किया जाएगा तथा सभी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
100 प्रतिशत ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने का लक्ष्य
निगम की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली को शत-प्रतिशत लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे फाइलों के निस्तारण में गति आएगी और कार्यों की ऑनलाइन निगरानी भी संभव होगी।
राजस्व बढ़ाने के लिए कर वसूली और दुकानों की पारदर्शी नीलामी
नगर निगम की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए करों की समयबद्ध वसूली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही निगम की दुकानों की पारदर्शी नीलामी कर राजस्व में वृद्धि के प्रयास किए जाएंगे, ताकि विकास कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता बढ़ सके।
'मिशन क्लीन सिटी' में शामिल कराने की तैयारी
स्वच्छता को लेकर आयुक्त ने कहा कि भिलाई को 'मिशन क्लीन सिटी' में शामिल कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। इससे शासन से अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्राप्त होगी और शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
नई पानी टंकियां, शहीद पार्क और संजय नगर तालाब भी प्राथमिकता में
आयुक्त ने बताया कि शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नई पानी टंकियों के निर्माण की योजना तैयार की जा रही है। इसके साथ ही शहीद पार्क सेक्टर-5 के बेहतर संचालन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) की योजनाओं को गति देने तथा संजय नगर तालाब के सौंदर्यीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
मॉल पार्किंग व्यवस्था होगी व्यवस्थित
शहर के प्रमुख मॉलों में पार्किंग शुल्क और पार्किंग व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी आयुक्त ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्षों से चर्चा कर नागरिकों की सुविधा के अनुरूप व्यवस्थित और पारदर्शी पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की दिशा में पहल की जाएगी।
मीडिया के सुझावों का होगा स्वागत
संवाद के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने जलभराव, स्वच्छता, पेयजल, कर वसूली, पार्किंग, बीएसपी क्षेत्र की समस्याओं सहित अनेक जनहित के मुद्दे उठाए। आयुक्त ने सभी प्रश्नों का तथ्यपरक एवं विस्तार से उत्तर देते हुए भरोसा दिलाया कि नगर निगम पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता के साथ शहर के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि मीडिया और नगर निगम के बीच सकारात्मक समन्वय शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए नागरिकों तक विकास कार्यों की सही और समय पर जानकारी पहुंचाने के लिए संवाद की यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी।
रायपुर। शौर्यपथ । संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली द्वारा आयोजित सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स में सहायक कमांडेंट भर्ती परीक्षा-2026 का आयोजन 19 जुलाई 2026 को जिले के 4 परीक्षा केंद्रों में किया जाएगा। परीक्षा प्रथम पाली में प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा में कुल 1704 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी पर्यवेक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पेयजल, विद्युत, बैठक व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक परीक्षार्थी की प्रवेश से पूर्व फ्रिस्किंग एवं फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी की जाए।
परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण 19 जुलाई को जिला कोषालय, रायपुर से किया जाएगा। परीक्षा के संचालन हेतु डिप्टी कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर को को - ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर, डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम प्रसाद रजक को सहायक को - ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर एवं रोजगार अधिकारी विशेष रोजगार कार्यालय श्री केदारनाथ पटेल को कंट्रोल रूम प्रभारी नियुक्त किया गया है।
सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर प्रथम पाली में 9:30 बजे एवं द्वितीय पाली में 1:30 बजे तक पहुंचें, ताकि फ्रिस्किंग, फेस ऑथेंटिकेशन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जा सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
दुर्ग । शौर्यपथ । पंचशील नगर स्थित चंद्रशेखर आज़ाद स्कूल में कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटना को लेकर पटरी पार मंडल अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पूरे मामले की जानकारी दी और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कथित रूप से एक छात्र द्वारा अन्य बच्चों को गोलियां दिए जाने के बाद कई बच्चों की तबीयत खराब हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मनमोहन शर्मा ने तत्काल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को अवगत कराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि जामुल हॉस्पिटल में भर्ती सभी बच्चों के उपचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि घटना के वास्तविक कारणों का शीघ्र पता लगाया जाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस दौरान मंडल उपाध्यक्ष बलराम यादव, कोषाध्यक्ष यशवंत चंद्राकर, महेंद्र यादव, चंद्रशेखर यादव एवं सुदीप शर्मा भी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में घटना की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की।
दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका, डॉग स्क्वाड और क्राइम ब्रांच जांच में जुटी
दुर्ग। पुलगांव थाना क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब पुलगांव नाला किनारे जंगलनुमा क्षेत्र में एक 55 वर्षीय महिला का अर्धनग्न शव बरामद हुआ। मृतका की पहचान उरला निवासी भगवंतीन बाई (55 वर्ष) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, महिला गुरुवार से लापता थी। परिजनों ने शुक्रवार को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी बीच पुलगांव नाला के पास जंगलनुमा इलाके में उसका शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली।
सूचना मिलते ही पुलगांव थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। साक्ष्य जुटाने के लिए डॉग स्क्वाड की भी मदद ली जा रही है।
महिला का शव अर्धनग्न अवस्था में मिलने से दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास और शिक्षा की एक नई इबारत लिखी गई है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘स्कूल केइंता’ (स्कूल चलो) अभियान के तहत नारायणपुर जिले के सुदूर ग्राम कोहकापार में आजादी के बाद पहली बार प्राथमिक शिक्षा की शुरुआत हुई है। शिक्षा की यह अलख जगाने के लिए जिले की कलेक्टर स्वयं संकीर्ण रास्तों, नदी-नालों, पहाड़ों और घने जंगलों को पार करते हुए बाइक से 100 किलोमीटर दूर इस अंतिम गांव तक पहुंचीं और गांव की पहली प्राथमिक शाला का शुभारंभ किया।
पारंपरिक मुकुट पहनाकर हुआ नौनिहालों का स्वागत
कलेक्टर ने गांव के घोटूल में संचालित होने वाली इस नई कक्षा का फीता काटा और स्वयं बच्चों की क्लास लेकर उन्हें पढ़ाया। शाला के पहले ही दिन गांव के 21 बच्चों का नामांकन (11 छात्राएं और 10 छात्र) हुआ। कलेक्टर ने सभी बच्चों का पारंपरिक रूप से मुकुट पहनाकर स्वागत किया और उन्हें स्कूल बैग व पाठ्यपुस्तकें वितरित कीं। बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बेहतर भविष्य और समग्र विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। बच्चे नियमित स्कूल आएं और मन लगाकर अपने सपनों को साकार करें।
घर-घर सर्वे से मिले 2,000 से अधिक बच्चे
कलेक्टर ने बताया कि ‘स्कूल केइंता’ अभियान के माध्यम से अबूझमाड़ के उन बच्चों को खोजा जा रहा है, जो या तो कभी स्कूल नहीं गए या फिर बीच में ही पढ़ाई छोड़ चुके थे। घर-घर किए गए शैक्षणिक सर्वेक्षण के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक जिले के 2,000 से अधिक बच्चों को विभिन्न शासकीय विद्यालयों और छात्रावासों में दाखिला दिलाया जा चुका है। कोहकापार में स्कूल खुलना इस अभियान की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
‘माड़ संवाद’ में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
स्कूल के शुभारंभ के बाद कलेक्टर ने ग्रामीणों के साथ “माड़ संवाद” किया। उन्होंने गांव में राशन, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी और पोषण स्तर की समीक्षा की। ग्राम पंचायत के सरपंच मनु ध्रुव ने बताया कि 25 परिवारों और करीब 128 की आबादी वाले इस गांव में नल-जल योजना, बिजली और मोबाइल टावर जैसी बुनियादी सुविधाओं की सख्त जरूरत है। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को इन समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने की अपील
कलेक्टर ने ग्रामीणों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए प्रेरित किया, ताकि शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने दुर्गम क्षेत्र में जाकर सर्वे करने वाले स्कूल समन्वयक खेमा अंगारे के प्रयासों की विशेष सराहना की।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर के कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए एक 6 वर्षीय मासूम की जान बचा ली है। बैगा जनजाति के इस बालक ने खेलते समय गलती से सिक्का निगल लिया था, जो उसकी आहार नली (अन्ननली) में फंस गया था। डॉक्टरों की टीम ने बेहद जटिल और आपातकालीन स्थिति में सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर सिक्के को बाहर निकाला।
पेंड्रा से सिम्स बिलासपुर किया गया था रेफर
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले के कोटा तहसील अंतर्गत ग्राम सरगोंड का निवासी 6 वर्षीय बालक नरेंद्र खेलते समय सुबह करीब 7 बजे अचानक सिक्का निगल गया। इसके तुरंत बाद उसे कुछ भी निगलने में अत्यधिक परेशानी होने लगी। परिजन आनन-फानन में उसे पेंड्रा के एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बालक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों के समन्वित प्रयास से मिली सफलता
बालक को शाम करीब 6.30 बजे सिम्स लाया गया, जिसके बाद अस्पताल का पूरा अमला सक्रिय हो गया। रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने तत्काल एक्स-रे कर अन्ननली के ऊपरी भाग (श्वासनली के मुहाने के ठीक पीछे) में फंसे सिक्के की सटीक लोकेशन की पहचान की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति की टीम ने बच्चे को सामान्य एनेस्थीसिया दिया। इसके बाद ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आरती पाण्डेय एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. श्वेता मित्तल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने रिजिड इसोफैगोस्कोपी तकनीक के जरिए अत्यंत सावधानी से सिक्के को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पूरी प्रक्रिया बिना किसी जटिलता के संपन्न हुई और ऑपरेशन के बाद बालक की स्थिति पूरी तरह सामान्य और संतोषजनक है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की दक्षता का परिणाम
इस सफल उपचार पर सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया और ईएनटी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की दक्षता, आधुनिक तकनीकों और आपसी तालमेल के कारण ही इस जटिल आपातकालीन मामले को समय पर सुलझाया जा सका। सिम्स का लक्ष्य हर मरीज को सुरक्षित और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं देना है।
चिकित्सा अधीक्षक और डॉक्टरों ने अभिभावकों के लिए जारी की सलाह
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने आगाह किया कि छोटे बच्चों द्वारा सिक्का, बटन, बैटरी या चुंबक जैसी चीजें निगलना एक गंभीर आपात स्थिति है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार के घरेलू नुस्खे अपनाने के बजाय सीधे विशेषज्ञ अस्पताल पहुंचना चाहिए। ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती पाण्डेय ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की पहुंच से सिक्के, छोटी बैटरी और छोटे खिलौने दूर रखें। यदि बच्चा कोई वस्तु निगल लेता है और उसे लार टपकने, गले में दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें, तो बिना समय गंवाए तुरंत डॉक्टरों से संपर्क करें।
छेरा पहरा की पावन परंपरा का निर्वहन कर दिया सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड स्थित ग्राम दोकड़ा में आयोजित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव-2026 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ परंपरागत गजपति महाराजा की भूमिका का निर्वहन करते हुए भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने छेरा पहरा की पावन परंपरा का निर्वहन करते हुए सोने की झाड़ू से भगवान के रथ के आगे मार्ग का प्रतीकात्मक रूप से मार्जन किया तथा चंदन मिश्रित पवित्र जल का छिड़काव किया। इसके बाद उन्होंने हजारों श्रद्धालुओं के साथ भगवान श्री जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर रथयात्रा का शुभारंभ किया। पूरे दोकड़ा क्षेत्र में "जय जगन्नाथ" के जयघोष, शंखध्वनि, भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मुख्यमंत्री साय ने सभी श्रद्धालुओं को रथयात्रा की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि दोकड़ा की ऐतिहासिक रथयात्रा आस्था, संस्कृति और सनातन परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1942 से चली आ रही यह गौरवशाली परंपरा आज भी जनआस्था को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। जनसहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ और वर्ष 2025 में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरी भव्य रथयात्रा आयोजित हो रही है। उन्होंने गजपति महाराजा की परंपरा निभाने का अवसर देने के लिए दोकड़ावासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्री जगन्नाथ से प्राचीन और आत्मीय संबंध रहा है। देवभोग का चावल आज भी पुरी के महाप्रसाद में उपयोग किया जाता है, जो इस सांस्कृतिक संबंध का जीवंत प्रमाण है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की गारंटी के अनुरूप प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। महतारी वंदन योजना की 29 किस्तें जारी की जा चुकी हैं तथा रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु लाभान्वित हुए हैं। राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरचार्ज माफी योजना की अवधि तीन माह बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से चौबीसों घंटे नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। वहीं अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं सहित 520 से अधिक शासकीय सेवाएँ उनके गाँव में ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि जशपुर जिले को शीघ्र ही रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं।धरमजयगढ़-लोहरदगा रेल परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति से स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएँ विकसित होंगी।
रथयात्रा के दौरान ओडिशा की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों ने भजन एवं संकीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। ढोल, मृदंग, झांझ और शंखध्वनि के बीच श्रद्धालु भगवान के जयघोष लगाते हुए रथयात्रा में शामिल हुए। महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इस आयोजन को आस्था और लोक संस्कृति के विराट उत्सव में बदल दिया।
इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा सहित श्री जगन्नाथ मंदिर आयोजन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
मानसून सत्र के चौथे दिन सदन में तीखी बहस और हंगामे के बीच 63 से अधिक ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। कांग्रेस ने 1,000 से अधिक प्रश्नों के जरिए साय सरकार को कानून-व्यवस्था, किसानों, बिजली, खनन और प्रशासनिक मामलों पर घेरा।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कानून-व्यवस्था, नवा रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई, अवैध उत्खनन, स्मार्ट बिजली मीटर और किसानों को खाद वितरण जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए जवाब मांगा।
सदन में 63 से अधिक ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जबकि कांग्रेस ने 1,000 से अधिक प्रश्नों के माध्यम से विभिन्न जनहित के विषय उठाए। प्रश्नकाल के दौरान नवा रायपुर के सेवाग्राम से जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक मामलों पर विधायक अजय चंद्राकर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच तीखी बहस ने सदन का माहौल गर्मा दिया।
विपक्ष ने राज्य में बढ़ते अपराध, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, अवैध रेत उत्खनन, हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई तथा नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। बस्तर क्षेत्र में फर्जी ग्राम सभाओं के आधार पर उद्योगों की स्थापना के आरोप भी सदन में गूंजे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
किसानों से जुड़े मुद्दों में उर्वरक वितरण में कमी, सहकारी और निजी संस्थाओं द्वारा लक्ष्य के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं कराने तथा मछली पालन के पट्टा आवंटन की प्रक्रिया पर भी विस्तृत चर्चा हुई। वहीं, स्मार्ट बिजली मीटर योजना और बिजली आपूर्ति की पारदर्शिता को लेकर विपक्ष ने सरकार से जवाब तलब किया।
विधायी कार्यों के तहत सरकार ने कई महत्वपूर्ण संशोधन विधेयकों पर चर्चा आगे बढ़ाई। इनमें छत्तीसगढ़ जीएसटी (संशोधन) विधेयक-2026, वैट (संशोधन) विधेयक-2026, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 तथा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 प्रमुख रहे। इन विधेयकों का उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना, निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देना तथा उच्च शिक्षा क्षेत्र में आवश्यक सुधार करना बताया गया।
सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक हलचल भी तेज रही। विपक्ष ने बढ़ते अपराध, कर्मचारियों की हड़ताल और विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की संभावनाओं पर भी चर्चा तेज कर दी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
