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भिलाईनगर / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम, भिलाई क्षेत्रांन्तर्गत गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी केन्द्रों में गोबर से कंडे तैयार किए जा रहे हैं। तैयार किए जा रहे कंडे की तादाद बढ़ती जा रही है। प्रत्येक जोन में इसका कार्य तीव्रता से हो रहा है। महिला समूहों द्वारा बनाये जा रहे कंडे की विक्रय की व्यवस्था निगम ने प्रारंभ कर दिया है। आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने आज अपने निरीक्षण के दौरान उपायुक्त एवं नोडल अधिकारी गोधन न्याय योजना अशोक द्विवेदी को इसके कार्ययोजना तैयार करने को लेकर निर्देशित किया है। आयुक्त रघुवंशी गोधन न्याय योजना को लेकर बेहद गंभीर है, शासन के मुख्य योजना पर कोई भी लापरवाही नही चाहते है। इसके संर्दभ में उन्होंने जोन आयुक्तों को कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिये है। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त तरुण पाल लहरें मौजूद रहे!
पर्यावरण प्रदूषण कम करने के कारगार साबित होगा गोबर का कंडा
प्रत्येक जोन क्षेत्रों में तीव्र गति से गोबर से कंडे बनाये जाने का काम किया जा रहा है। जोन कं. 02 एवं 03 को अधिक से अधिक कंडे तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। मुक्तिधाम में कंडे से दाह संस्कार होने से प्रदूषण में कमी आयेगी। लकड़ी का उपयोग कम होगा। कंडा की खासियत यह है कि यह पूरी तरह से जल जाता है, राख के अलावा कोई भी अवशेष नहीं बचता। गोबर और भूंसे के इस्तेमाल से बना कंडा तीव्रता से जलता है। जिसका उपयोग मुक्तिधाम में लकड़ी के साथ किया जाता रहा है। अब स्व सहायता समूह की महिलाओं से गोबर कंडा खरीद कर मुक्तिधाम में इसका व्यापक उपयोग निगम भिलाई करेगा!
महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ राजस्व की होगी बचत
गोबर से बने कंडे को निगम खरीदेगी और इसका उपयोग दाह संस्कार के लिए रामनगर और छावनी मुक्तिधाम में किया जाएगा। 2रू प्रतिकिलो की दर से क्रय किये जा रहे गोबर से कंडे तैयार करने में आ रही लागत का आंकलन व प्रचलित बाजार दरो की तुलना करते हुए निगम कंडे क्रय करके मुक्तिधाम में दाह संस्कार के लिये उपयोग करेगी। महिलाओं को कंडे बेचने से प्राॅफिट भी होगा और रोजगार भी मिलेगा। लकड़ी खरीदी में लागत अधिक लगता है इसमें भी कमी आयेगी इससे निगम का राजस्व भी बचेगा। रामनगर मुक्तिधाम में अक्टूबर माह के डेथ रेट में कमी आई है, एक शव के लिये लगभग 300 कंडे की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है!
भिलाईनगर/ शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र का एक ऐसा डंपिंग साइट जिसमें वर्ष 1995 से समस्त जोन क्षेत्र के कचरे को एकत्र कर निरंतर कचरा डाला जाता रहा है! यह डंपिंग साइट अब धीरे-धीरे समाप्ति की ओर है! भिलाई निगम के संपूर्ण क्षेत्र से निकलने वाला कचरा कुरूद के ट्रेंचिंग ग्राउंड में डाला जाता रहा है! वहां कचरा इस कदर जमा हो गया था कि 200-300 मीटर के क्षेत्र में बदबू का आलम हो गया था! रहवासी परेशान थे! साथ ही इस रास्ते से गुजरना मुमकिन नहीं था! कचरे का ढेर 25 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया था! इस स्थल पर वाहनों का आवागमन तो दूर व्यक्ति के खड़े होने की जगह नहीं बची थी! चारों ओर केवल कचरा ही कचरा नजर आता था!
कचरे के ढेर के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरने के कारण आए दिन कचरे में आग लगने की शिकायत प्राप्त होने लगी! उस दौरान 300 टन कचरा प्रतिदिन पूरे निगम क्षेत्र से निकलकर सीधे ट्रेंचिंग ग्राउंड में पहुंचता था! तब एक भी एसएलआरएम सेंटर निगम क्षेत्र में नहीं बना था, जिससे कचरे का निष्पादन किया जाता! इन परिस्थितियों को देखते हुए महापौर एवं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने कुरूद स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड के डंपिंग साइट को पूर्ण रूप से समाप्त करने का फैसला लेते हुए अधिकारियों को कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए! वर्ष 2016 में निगम क्षेत्र में पहला एसएलआरएम सेंटर नेहरू नगर ऑक्सीडेशन पॉन्ड में तैयार किया गया! जिसके तैयार होने से कचरे के ढेर में कमी होने लगी! एक एसएलआरएम सेंटर होने के कारण कुरूद का कचरा डंपिंग साइट को पूर्ण रूप से समाप्त करना एक बड़ी चुनौती थी!
महापौर यादव के निर्देश पर वर्ष 2018 में डंपिंग साइट को पूर्णत: विलोपित करने का कार्य प्रारंभ किया गया! सिस्टम था बायोरेमेडीएशन जैसी आधुनिक तकनीक का! डंपिंग साइट समाप्त करने की कड़ी चुनौती को महापौर ने स्वीकार करते हुए कार्य प्रारंभ कराया और प्रतिदिन 10 टन कचरे की छनाई शुरू हुई, इसमें से 2 टन खाद के अलावा, पॉलिथीन तथा अन्य प्रकार के कचरे अलग अलग होते गए, कचरा का ढेर धीरे-धीरे समाप्त होने लगा! इसी बीच खुर्सीपार सहित अन्य क्षेत्रों में एसएलआर सेंटर का निर्माण हुआ! कुरूद स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड का कचरा धीरे-धीरे सिमटने लगा! ट्रेंचिंग ग्राउंड से निर्मित हुए खाद को विक्रय किया गया और अब तक 700 टन खाद तैयार होकर विक्रय हो चुका है, जिससे निगम को 15 लाख 40 हजार का राजस्व प्राप्त हुआ है!
आयुक्त रघुवंशी ने निगम की पदस्थापना के बाद से ही इस पर फोकस किया और लगातार फीडबैक लेते रहे अब स्थिति यह है कि कुरूद स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड का कचरे का ढेर 80 से 90% तक समाप्त किया जा चुका है! संबंधित ठेकेदार ने बताया कि बचे हुए कचरे को जल्द ही समाप्त कर दिया जाएगा!
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के प्रभारी सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज पाटन विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर यहां कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम सिकोला में बनाए गए गौठानों का अवलोकन कर किसानों से गोबर की खरीदी, वर्मी कम्पोस्ट की जानकारी ली। गौठान में पानी की व्यवस्था से भी अवगत हुए। यहां नलजल योजनांतर्गत उच्चस्तरीय पानी टंकी का निर्माण किया जा रहा है। पाइप लाइन बिछाने के कार्य सहित ग्राम के सभी घरों में नल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति करने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली।
उन्होंने योजनांतर्गत कार्य को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने को कहा। इसी तरह ग्राम फुंडा, ग्राम पंदर में पहुंचकर नलजल योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। प्रभारी सचिव ने ग्राम देवादा में जिम का निरीक्षण किया। जिम में पहुंचकर उन्होंने इसकी सराहना किया। लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन करने के साथ ही सड़क के किनारे नाली निर्माण में बहाव पर विशेष ध्यान रखने कहा। जिससे नाली से पानी की निकासी सुगमता पूर्वक हो सके।
'त्योहारों के मौसम में कोरोना संक्रमण से कैसे बचें' : चिकित्सक से ली गई विशेष भेंटवार्ता आज आकाशवाणी रायपुर से प्रसारित
रायपुर / शौर्यपथ / आकाशवाणी केंद्र, रायपुर द्वारा आज एक विशेष कार्यक्रम- 'त्योहारों के मौसम में कोरोना संक्रमण से कैसे बचें' प्रसारित किया जाएगा। इसके अंतर्गत रायपुर मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर ओ. पी. सुंदरानी से ली गयी विशेष भेंटवार्ता प्रसारित की जाएगी। प्रादेशिक समाचार एकांश द्वारा तैयार किया गया यह कार्यक्रम सुबह साढ़े दस बजे प्रसारित होगा, जिसे छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केंद्र रिले करेंगे।
दुर्ग / शौर्यपथ / स्वसहायता समूहों द्वारा गोबर से बने हुए डिजाइनर दीये लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं और देश-विदेश से इनकी माँग आ रही है। इन हुनरमंद लोगों द्वारा बनाये गए उत्पादों से जिले के नागरिक भी पूरी तरह से रूबरू हों इसके लिए मुकम्मल तैयारी जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने निगम अधिकारियों को निर्देशित किया है कि दीपावली के अवसर पर बड़ा बाजार सजेगा, इसमें स्थानीय उत्पादों का काफी बड़ा बाजार होगा। दीपावली में परंपरागत रूप से दीयों के द्वारा रौशनी की परंपरा है। हमारी स्वसहायता समूहों की महिलाओं ने बीते महीने इस संबंध में बहुत अच्छा कार्य किया है।
उन्होंने गोबर के डिजाइनर दीये, धूपबत्ती आदि बनाये हैं। इसके साथ ही वे स्थानीय उत्पाद भी काफी गुणवत्तापूर्वक तैयार कर रही हैं। दीपावली के मौके पर वे बाजार के आर्थिक लाभ की संभावनाओं का पूरा दोहन कर सकें, इसके लिए जरूरी है कि उन्हें प्राइम लोकेशन पर अपने उत्पादों के विक्रय और डिस्प्ले के लिए जगह दी जाए। कलेक्टर ने कहा कि इसके साथ ही स्वसहायता समूहों की महिलाओं का नियमित प्रशिक्षण भी जरूरी है ताकि वे बाजार की डिमांड को समझकर उसके अनुरूप उत्पाद तैयार कर सकें। इसके लिए गुणवत्ता, मूल्य निर्धारण, बाजार तक पहुंच आदि चीजें बहुत जरूरी हैं। इस संबंध में इन्हें पूरा मार्गदर्शन दें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक ने इन गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर भिलाई निगम कमिश्नर श्री ऋतुराज रघुवंशी, रिसाली निगम कमिश्नर श्री प्रकाश सर्वे, अपर कलेक्टर बीबी पंचभाई, सहायक कलेक्टर जितेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
लिफ्ट इरीगेशन की संभावनाओं पर होगा काम- कलेक्टर ने कहा कि जिले में लिफ्ट इरीगेशन की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इसका पूरा दोहन करना है। इसके लिए उन्होंने विद्युत कंपनी के अधिकारियों के साथ संयुक्त दौरा करने के निर्देश क्रेडा अधिकारियों को दिये। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कहा कि जहां कहीं भी नहरों में झाड़ी, गाद आदि जमा होता है वहां ठीक करा लें ताकि ज्यादा से ज्यादा बूंद सिंचित की जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाले हफ्ते वे इस कार्य का अवलोकन करेंगे।
धान खरीदी केंद्रों में मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित करें- कलेक्टर ने कहा कि आने वाले दिनों में धान खरीदी आरंभ होगी। धान खरीदी केंद्रों में सारी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करा लें। जिन 7 अतिरिक्त केंद्रों में धान खरीदी इस साल से शुरू होनी है वहां भी धान खरीदी की तैयारियों की मुकम्मल व्यवस्था करा लें। हर समिति में चबूतरों की उपलब्धता सुनिश्चित करा लें। 30 अक्टूबर तक सभी चबूतरे पूरे होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बारदानों की उपलब्धता तथा कैप कवर की व्यवस्था मुकम्मल कर लें।
कलेक्ट्रेट भवन का रिनोवेशन होगा लेकिन मूल स्वरूप कायम रहेगा- कलेक्टर ने कहा कि कलेक्ट्रेट भवन का रिनोवेशन किया जाएगा लेकिन भवन का मूल स्वरूप इसी तरह से कायम रहेगा। अन्य निर्माण कार्यों के संबंध में उन्होंने कहा कि एजेंसियों के निर्माण कार्य कोरोना की वजह से होने वाले लाकडाउन की वजह से प्रभावित हुए हैं। अब इन्हें गति देने की जरूरत है। अधिकारी लगातार मानिटर करें और इन्हें जल्द से जल्द पूरा करें।
सुबह और शाम के दौरों के माध्यम से प्रभावी रूप से हो साफ सफाई की मानिटरिंग- कलेक्टर ने कहा कि निगम अधिकारी सुबह और शाम दोनों समय सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करें। सफाई पुख्ता होनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि टीकाकरण और मातृ स्वास्थ्य के जो कार्यक्रम चल रहे हैं उन पर लगातार मानिटरिंग रहें।
-‘धमधा के किसान श्री विश्राम सिंह पटेल की कहानी’, जिन्हें दूध से ज्यादा आय गोबर बेचकर हुई
- दो किस्तों को मिलाकर अब तक करीब 16 हजार रुपए कमाए, वहीं इस दौरान दूध बेचकर हुई करीब 11 हजार 300 रुपए की आमदनी
-सोच रहे थे अपने मवेशी बेच दें मगर ‘गोधन न्याय योजना’ ने बदल दिया इरादा
-गौपालन को मिला सहारा और जैविक खेती को मिल रहा बढ़ावा पशुपालकों और किसानों के लिए फायदे की योजना है गोधन न्याय योजना
दुर्ग / शौर्यपथ / जनहित में लिया गया एक सही निर्णय किस तरह कारगर साबित होता है इसका साक्षात उदाहरण है धमधा के किसान श्री विश्राम सिंह पटेल। वे बताते हैं कि कुछ महीनों पहले रखरखाव में हो रहे खर्च के कारण उन्होंने इरादा कर लिया था कि वह अपने सारे मवेशी बेच बेच देंगे लेकिन उनका इरादा बदल दिया राज्य शासन की गोधन न्याय योजना ने। जब उनको पता चला कि सरकार ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने से गोबर खरीदने की योजना शुरू की है तो उन्होंने भी सोचा क्यों न वो भी इस योजना का फायदा उठाएं।
40 मवेशियों से मिलता है करीब ढाई से तीन क्विंटल गोबर, दो किस्तों को मिलाकर अब तक करीब 16 हजार रुपए कमाए, वहीं इस दौरान दूध बेचकर हुई करीब 11 हजार 300 रुपए की आमदनी - श्री विश्राम सिंह पटेल बताते हैं शुरुआत में तो केवल आजमाने के लिए उन्होंने गोबर इकट्ठा किया तो देखा 40 मवेशियों से करीब ढाई से 3 क्विंटल गोबर इकट्ठा हो जाता है। उनके पास 10 गायें गिर नस्ल की, 15 देसी नस्ल की हैं और 15 बछड़े और बछिया है। उन्होंने बताया कि एक गाय साल भर दूध नहीं देती जब उसके बछड़े होते तभी दूध देती है। इस लिहाज से एक समय मे 25 में 8 से 10 गायें ही दूध देती हैं । उनके यहाँ देसी गाय एक दिन में डेढ़ से दो लीटर दूध देती है और गिर गाय 7 से 8 लीटर। वर्तमान में 4 देसी और 3 गिर गायें दूध दे रही हैं। जिनसे प्राकृतिक रूप से एक दिन में करीब 15 से 20 लीटर दूध मिलता है। वहीं 40 मवेशियों से करीब ढाई से तीन क्विंटल गोबर मिला जिसे बेचकर पहली किस्त में 6470 और दूसरी किस्त 9450 दोनों को मिलाकर करीब 16 हजार रुपए मिले। वहीं दूध बेचकर इसी अवधि में उनको 11 हजार 300 रुपए की आमदनी हुई। श्री विश्राम सिंह पटेल बताते हैं कि एक दिन उन्होंने करीब 700 रुपए का गोबर बेचा और उसी दिन 500 रुपए का दूध। ये देखकर उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि गोबर से भी उनको इतनी आय हो सकती।
गौपालन को मिला सहारा और जैविक खेती को मिल रहा बढ़ावा पशुपालकों के लिए फायदे की योजना है गोधन न्याय योजना - श्री पटेल ने बताया कि 40 मवेशियों के पालन पोषण रख-रखाव बहुत महंगा पड़ रहा था। हरा चारा तो अपने खेतों से मिल जाता था मगर बाजार से चारा, मवेशियों के टीकाकरण, श्रमिकों की मजदूरी मिलाकर काफी खर्च हो जाता था। एक समय ऐसा आया कि उन्होंने तो गौपालन बंद करने का सोच लिया था लेकिन, ‘गोधन न्याय योजना’ के तहत हो रही गोबर खरीदी से उनके गौपालन को सहारा मिला और उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। अतिरिक्त आमदनी होने से उनको मवेशियों के रख-रखाव में मदद मिलेगी।
दुर्ग / शौर्यपथ / होम आइसोलेशन का दुर्ग माडल बेहद कारगर साबित हुआ है। मरीजों की अंडरटेकिंग लेने के बाद और डॉक्टरों की अनुमति के पश्चात कम लक्षणों वाले जिन मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति दी गई थी, उनमें से अधिकांश मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया जा चुका है। अभी तक 7329 मरीजों को होम आइसोलेशन की स्वीकृति दी गई। इसमें अब तक 6216 पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। अभी 829 एक्टिव पेशेंट होम आइसोलेशन में हैं। मरीजों के स्वस्थ होते जाने से रिकवरी रेट तेजी से बढ़ रहा है और अभी 84 प्रतिशत तक पहुंच गया है। एक्टिव मरीजों की समयावधि पूरी होने पर रिकवरी रेट भी बढ़ती जाएगी। होम आइसोलेशन कंट्रोल सेंटर के माध्यम से मरीजों को दवा की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाती हैं और इनके स्वास्थ्य पर नजर भी रखी जाती है। होम आइसोलेशन कंट्रोल सेंटर में प्रशासकीय व्यवस्था डिप्टी कलेक्टर सुश्री दिव्या वैष्णव देखती हैं। मरीजों के स्वास्थ्य की मानिटरिंग सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर नियमित रूप से करते हैं। मरीजों की स्थिति पर डाक्टरों की टीम लगातार नजर रखती है। स्वास्थ्य में किसी तरह की दिक्कत होने पर मेडिकल कंसलटेंट डॉ. रश्मि भुरे की मानिटरिंग में मेडिकल टीम रिफर किये जाने अथवा ट्रीटमेंट में बदलाव किये जाने का निर्णय लेती हैं। रिफर किये जाने का निर्णय लिये जाने पर अतिशीघ्र मरीज को कोविड हॉस्पिटल पहुंचाया जाता है।
जामुल की बिटावन बाई जो सलाह से अस्पताल जाने तैयार हुईं- जामुल की बिटावन बाई पाजिटिव आईं और शुरू में उनके लक्षण एकदम सामान्य होने पर उनके होम आइसोलेशन को स्वीकृति दी गई। अचानक आक्सीजन लेवल के डाउन होने पर परिजनों को चिंता हुई। बिटावन बाई अस्पताल जाने को तैयार नहीं थीं लेकिन कंट्रोल रूम के स्टाफ के नियमित काल किये जाने की वजह से उनके अच्छे संबंध बन गए थे। उन्होंने बिटावन बाई को समझाया कि देखो आप जल्दी आ जाओगे, हमारे सहयोगी सब अस्पताल में भी हैं आपका पूरा ध्यान रखेंगे। यह सारी बातें छत्तीसगढ़ी में की गईं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में तो पइसा लगहि। कंट्रोल रूम ने बताया कि सरकार फोकट म इलाज कराहि अउ बढिय़ा स्वस्थ करके घर भेजहि। वे अस्पताल जाने तैयार हो गईं। अब वे वहां से डिस्चार्ज हो गई हैं।
भिलाईनगर/ शौर्यपथ / निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने निगम क्षेत्र में संचालित समस्त गोबर खरीदी केन्द्रों का आज औचक निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन दुर्ग संभाग श्री एस.के. दुबे भी मौजूद रहे। आयुक्त सर्वप्रथम भिलाई नगर रेलवे स्टेशन स्थित गोठान पहुंचे। वहां उन्होंने गोबर खरीदी, वर्मी कम्पोस्ट शेड एवं केचुआं पालन का अवलोकन किया। गोबर की आवक को देखते हुए और अतिरिक्त वर्मी कम्पोस्ट पिट निर्माण करने के निर्देश जोन आयुक्त को दिये, उन्होंने कहा कि रोस्टर सिस्टम से गोबर को पिट में डाले ताकि प्रतिदिन एक पिट से कम्पोस्ट प्राप्त हो सके। गौरतलब है कि जोन 01 में 30 वर्मी कम्पोस्ट पिट बनाए गये है।
नेहरू नगर कोसानाला एसएलआरएम सेंटर का निरीक्षण करते हुए नवीन कम्पोस्ट शेड के निर्माण कार्य का अवलोकन किया। एसएलआरएम सेंटर के जगह का गोधन न्याय योजना के अन्य कार्यों के लिए उचित उपयोग करने के निर्देश दिए! आयुक्त रघुवंशी खम्हरिया में निर्माणाधीन एसएलआरएम सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे वहां उन्होंनें कचरा पृथकीकरण के साथ ही वर्मी पिट भी बनाने के निर्देश दिये। जोन क्रमांक 02 के अंतर्गत कुरूद स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में गोबर खरीदी का अवलोकन आयुक्त महोदय ने किया। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट शेड बनाने के कार्य में लेटलतीफी को लेकर वैशालीनगर के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई तथा कार्य में विलंब को लेकर कार्यवाही करने की चेतावनी दी। खरीदे गये गोबर के बेहतर उपयोग के साथ ही शीघ्र वर्मी कम्पोस्ट शेड तैयार करने के निर्देश दिये। जोन क्रमांक 03 अंतर्गत बैकुंठधाम के एसएलआरएम सेंटर तथा वर्मी कम्पोस्ट शेड का मुआयना किया उन्होंने गोबर से निकलने वाले स्लरी के लिए अलग से टैंक तैयार कर एकत्रित करने के निर्देश दिये, ताकि स्लरी का भी खाद के रूप में उपयोग किया जा सके।
गोबर से बन रहे प्रोडक्ट विक्रय के लिए तैयार जोन क्रमांक 04 के अंर्तगत गोबर से निर्मित हो रहे दिये एवं विभिन्न प्रकार के मनमोहक कलाकृति देखकर महिला समूह द्वारा किए जा रहे कार्य की सराहना करते हुए सत्यमेव जयते की महिलाओं को आयुक्त रघुवंशी ने विक्रय के लिए प्रोत्साहित किया! शहरी आजीविका केंद्र पावर हाउस बस स्टैंड को विक्रय केंद्र बनाया जाएगा ! गोबर से बने विभिन्न प्रोडक्ट खरीदने के लिए भारती पखाले मोबाइल नंबर 7869116172 से संपर्क किया जा सकता है! आईटीआई के पास स्थित गोबर खरीदी केंद्र में गोबर से बने दिये व अन्य कलाकृतियां अपनी ओर आकर्षित कर रही है। गोबर से महिलाओं द्वारा दिये, गमला, सीनरी, प्रतिमा आदि तैयार किया जा रहा है। दीपावली पर्व से पहले अधिक से अधिक दिये बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आयुक्त महोदय ने इसके लिये लक्ष्य भी दिया है, ताकि गोबर से बने दिये अधिक से अधिक लोगो को प्राप्त हो सके। शहरी गोठान के पास भी गोबर से दिये बनाने की तैयारी की जा रही है, इसके लिए मशीन का ऑर्डर दिया गया है। गोबर से कंडे एवं लकड़ी बनाये जा रहे हैं। गोबर के उत्पादों का विक्रय करके महिलाएं अपनी आय में बढ़ोत्तरी करेंगी। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त अशोक द्विवेदी एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे!
भिलाई नगर / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए महापौर एवं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने सस्ते दर पर लोगों को नल कनेक्शन दिलाने के लिए जुलाई में अपनी परिषद से प्रस्ताव पारित किया था! महापौर यादव के प्रयास से पारित प्रस्ताव के तहत मात्र 100 रुपए की राशि में नवीन नल कनेक्शन लोगों को प्रदाय किया जा रहा है! कम दरों का लाभ उठाते हुए 26869 लोगों ने अब तक नवीन नल कनेक्शन लिया है! महापौर देवेंद्र यादव कि परिषद ने नवीन नल कनेक्शन को आसान किस्तों में विभाजित कर लोगों को राहत पहुंचाने का कार्य किया है! एकमुश्त राशि जमा करने में अक्षम लोग इसका भरपूर लाभ ले रहे हैं! नल कनेक्शन लेने के लिए इनके आर्थिक भार में भी कमी आ रही है! महापौर परिषद से पारित होने के बाद करदाता के लिए 250 रुपए प्रतिमाह एवं गैर करदाता के लिए 100 रुपए प्रति माह 20 महीनों के आसान किस्तों में अपने नल कनेक्शन की संपूर्ण राशि जमा कर सकते हैं!
नवीन नल कनेक्शन प्रदान करने के लिए प्रथम किस्त की राशि ही काफी है! पहले यह राशि एकमुश्त करदाता के लिए 5000 एवं गैर करदाता के लिए 2000 रुपए थी! जल विभाग के कार्यपालन अभियंता संजय शर्मा ने बताया कि पुराने नल कनेक्शन में 20776 वाटर मीटर लगाए जा चुके हैं तथा अमृत मिशन के तहत 26869 घरों में नवीन नल कनेक्शन के साथ ही इतने ही वाटर मीटर लगाए जा चुके हैं! घरों में नल कनेक्शन एवं वाटर मीटर लगाने का जिम्मा इंडियन ह्यूमन पाइप को दिया गया है! संबंधित एजेंसी ने 47645 घरों में वाटर मीटर लगा दिया है! नवीन नल कनेक्शन के लिए संबंधित क्षेत्र के जोन कार्यालय में आवेदन दिया जा सकता है! जलकर की वसूली स्पैरो की टीम द्वारा की जा रही है जो कि गैर करदाता से 60 रुपए प्रति माह एवं करदाता से 200 प्रति माह शुल्क के हिसाब से जलकर की राशि ले रहे हैं!
अवैध नल कनेक्शन का नियमितीकरण निगम क्षेत्र अंतर्गत घरों में नल कनेक्शन एवं वाटर मीटर लगाने का कार्य किया जा रहा है! इसके साथ ही अवैध नल कनेक्शन को अमृत मिशन योजना के अंतर्गत वैध कनेक्शन में परिवर्तित कर नियमितीकरण करने की कार्रवाई भी की जा रही है! इसके लिए जोन कार्यालय से संपर्क कर अवैध कनेक्शन को वैध में परिवर्तित कर नियमितीकरण करा सकते हैं!
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग प्रेमी के साथ मिलकर महिला ने पति की ही हत्या कर दी। महिला ने पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की, लेकिन 9 वर्षीय बेटे शुभम ने पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दे दी। इसके बाद यह पूरा मामला खुल गया। पत्नी बिंदू और उसके प्रेमी राजेश साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने मिलकर नमित साहू की हत्या कर दी थी। इसके लिए पहले दोनों आरोपियों ने योजना बनाई। महिला ने पुुलिस को बताया कि जब सुबह उसने उठकर देखा तो पति नमित बिस्तर पर अचेत पड़े हुए थे। उन्होंने मौत की खबर अन्य लोगों को दी।
एक साल से अधिक समय से है दोनों में है संबंध
पुलिस की जांच में पता चला है कि बिंदू और प्रेमी राजेश के बीच पिछले करीब एक साल से प्रेम संबंध था। इस बात पर बिंदू और उसके पति नमित के बीच विवाद होता रहता था। जानकारी के मुताबिक दोनों पक्षों ने थाने में शिकायत भी की थी। रक्षाबंधन पर बिंदू अपने प्रेमी के घर भागकर चली गई थी। सूचना मिलने के बाद पति उसे राजेश के घर वापस ले आया था। इसके बाद भी आरोपी राजेश का घर आना-जाना जारी रहा।
प्रेमी के घर से लौटने के बाद ही की हत्या की प्लानिंग
प्रेमी के घर से लौटने के बाद महिला ने पति की हत्या करने की योजना प्रेमी के साथ मिलकर बना ली थी। अक्टूबर 10 के बीच कई बार उसने प्रयास भी किया। लेकिन सफल नहीं हो पा रही थी। घटना वाले दिन पति घर पर नशे मेंं आया था। इसके बाद उसे लगा कि वह बेसुध हालत में पति की हत्या कर सकती है। इस वजह से उसने प्रेमी को फोन लगाकर घर बुला लिया। रात करीब डेढ़ बजे पति के आने के बाद घर के पास छिपा प्रेमी भी आ गया था। इसके बाद दोनों ने मिलकर घटना को अंजाम दिया।
योजना के तहत बेटी को जगाकर गई पति के पास
महिला ने पुलिस को बताया कि पति की मौत हो जाने के बाद वह अपने कमरे में दोनों बेटियों के पास सोने चली गई। तड़के चार बजे उसकी छोटी बेटी बाथरुम जाने के लिए उठी। बेटी को उसने बताया कि पिता को देखने जा रही है। पति के पास जाने के बाद उसने पड़ोसी चाचा ससुर और बाकी परिजन को बुलाकर पति की सीने के दर्द से मौत होने की जानकारी दी। इसके बाद महिला ने रोना धोना शुरु कर दिया। नमित की मौत होने के बाद महिला का प्रेमी अपने घर लौट गया था।
पति से मारपीट के दौरान जाग गया था 9 साल का बेटा
पुलिस के मुताबिक रात डेढ़ बजे महिला और उसके प्रेमी ने नमित के साथ नशे की हालत में जमकर मारपीट की। इसी दौरान उसके साथ सो रहा 9 साल का बेटे की नींद खुल गई। वह डरी सहमी स्थिति में पूरी वारदात देखता रहा। जब पुलिस ने काउंसिलिंग के बाद उससे पूछताछ की तो उसने पूरा सच बयान कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने सबसे पहले महिला और सोमवार शाम उसके प्रेमी राजेश को गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे मामले में बेटे शुभम का पुलिस ने बयान लिया है। इस दौरान वीडियो भी बनाया है। हालांकि पुलिस ने अभ तक वीडियो का खुलासा नहीं किया है।
देवर के साढ़ू से महिला का है अवैध रूप से प्रेम संबंध
पुलिस को महिला ने बताया कि उसका प्रेमी देवर का रिश्ते में साढ़ू भाई है। इस वजह से उसका घर पर आना जाना लगा रहता था। इसी दौरान उससे मुलाकात और प्रेम संबंध बन गए। जिसके बाद दोनों ने साथ में रहकर शादी करने का फैसला कर लिया था। पति को पत्नी के प्रेम संबंध की भनक लग गई थी। जबकि महिला के तीन बच्चे हैं और करीब 10 साल पहले शादी हुई थी।
डरा सहमा हुआ है अब भी बेटा, होगी न्यायिक जांच
पुलिस के मुताबिक पिता की हत्या देखने वाला 9 साल का बेटा घटना के बाद से डरा सहमा हुआ है। सोमवार को पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे घर भेज दिया है। काउंसलिंग के बाद उसके पुलिस को पूरी घटना बताई थी। जिसके बाद पुलिस हत्या की कड़ियों को जोड़ रही है। इसके अलावा घर में साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही है। आरोपियों से पूछताछ जारी
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
