August 19, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाली के फैसले के लिए मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह, शॉल एवं पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री बघेल ने राज्य के वर्ष 2022-23 के बजट में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की घोषणा की है।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक  कमल वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा संवेदनशीलता के साथ लिए गए इस ऐतिहासिक निर्णय से छत्तीसगढ़ के अधिकारियों-कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। इस निर्णय से अधिकारियों-कर्मचारियों में हर्ष है।  कमल वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन द्वारा मुख्यमंत्री जी का वृहद अभिनंदन समारोह नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में शीघ ही आयोजित किया जाएगा। उन्होंने अभिनंदन समारोह में शामिल होने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया। मुख्यमंत्री  बघेल ने इसके लिए सहर्ष सहमति प्रदान की। इस अवसर पर होली के पूर्व लंबित 14 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने हेतु मांग पत्र भी सौंपा गया।

    फेडरेशन के प्रतिनिधिमण्डल में सर्वश्री आर.के. रिछारिया, सतीश मिश्रा, राजेश चटर्जी, लक्ष्मण भारती, बी.पी. शर्मा, विजय झा, संजय सिंह, पंकज पांडे, चंद्रशेखर तिवारी, आर.एन. ध्रुव, डी.एस. भारद्वाज, मूलचंद शर्मा, यशवंत वर्मा, मनीष ठाकुर, सत्येन्द्र देवांगन, राकेश शर्मा, राम सागर कौशले, होरीलाल छेदैया, डी.एस. पाटिल, विजय लहरे, मनीष मिश्रा, अश्वनी वर्मा, नीरज सिंह, देवलाल भारती, अश्वनी चेलक एवं फेडरेशन के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    इस बार गोबर के इको फ्रेंडली गुलाल से रंगीन होगी होली

    फूलों से बने हर्बल गुलाल से होली सबने खेली होगी, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस बार गोबर के बने गुलाल से होली रंगीन होगी। देश में गोबर से गुलाल बनाने का यह अभिनव प्रयोग पहली बार किया गया है। प्रदेश के दूरस्थ दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले की सांई बाबा स्व सहायता समूह की महिलाएं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन मंे गोबर से गुलाल तैयार कर रही हैं। इससे पहले महिलाओं ने फूल, सब्जियों से गुलाल तैयार किया था। प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के द्वारा गोधन के माध्यम से आर्थिक समृद्धि की तैयार की गई राह से प्रेरित होकर महिलाओं ने गोबर से हर्बल गुलाल तैयार किया हैै, जिसे ’गोमय हर्बल गुलाल’ नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के परिसर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय किसान मेला में 12 मार्च को गोमय गुलाल लांच किया है।

    इस बार गोबर के इको फ्रेंडली गुलाल से रंगीन होगी होली

    गोमय गुलाल को छतीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में बिक्री के लिए भेजा जा रहा है। एनएमडीसी बैलाडीला, बचेली, कलेक्टेªड परिसर दंतेवाड़ा, रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में लगे स्टॉल में भी इसे बेचा जा रहा है इसके साथ ही इसकी खरीदी ऑनलाइन भी की जा सकती है।
    औषधीय गुणों से भरपूर है

    कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ नारायण साहू ने बताया कि गोमय हर्बल गुलाल प्रसंस्कृत गोमय (गोबर), प्रसंस्कृत वर्मी कम्पोस्ट और हल्दी, चंदन, चुकन्दर, कत्था, अरारोट, अपराजिता, सिंदूरी, मेंहदी तथा प्राकृतिक पदार्थों का हस्त निर्मित रंग संयोजन है। यह औषधीय गुणों से भरपूर है। यह एंटी रेडिएशन, एंटी बैक्टेरियल गुणों से युक्त है। यह सुगंधित है और त्वचा को ठंडकता प्रदान करता है। बालों और त्वचा की धुलाई, सफाई करता है।
    इको फ्रेंडली और ह्यूमन फ्रेंडली है

    यह गुलाल पूर्णत इकोफ्रेंडली और हयूमन फ्रेंडली है। यह महिलाओं के आय सृजन हेतु कम लागत में तैयार किया गया है जो गोठानों के शुद्ध गोबर से बनाया गया है। सांई बाबा स्वसहायता समूह में 20 महिलाए जुड़ी है। कृषि विज्ञान केन्द्र से जुड़कर विभिन्न तरीके से गुलाल बनाने के साथ गोबर से गुलाल बनाकर समूह की दीदियां काफी उत्साहित हैं। समूह की शांति कश्यप, पूजा बघेल सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि गोबर से गुलाल बनाने की जब बात आई तो हमने भी उत्साहित होकर काम किया। डॉ नारायण साहू ने बताया कि इससे महिलाओं को अच्छी आय प्राप्त हो रही है।

    मनोरंजन /शौर्यपथ/

    प्रभास और पूजा हेगड़े स्टारर फिल्म 'राधे श्याम' को बॉक्स ऑफिस पर 'द कश्मीर फाइल्स' के रिलीज होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है लेकिन बावजदू इसके साउथ में फिल्म अभी भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। हाथों की लकीरें देखकर तकदीर बताने वाले एक ज्योतिष की कहानी पर आधारित फिल्म 'राधे श्याम' 11 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म 150 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है और लगातार 200 करोड़ मार्क को टच करने की तरफ बढ़ रही है।

    राधा कृष्ण कुमार के निर्देशक में बनी फिल्म 'राधे कृष्ण' एक लव स्टोरी ड्रामा फिल्म है। कोविड के चलते फिल्म को लगातार पोस्टपोन किया जाता रहा था और काफी वक्त तक डिले किए जाने के बाद फिल्म को रिलीज किया गया। बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो फिल्म को तेलुगू, तमिल, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी भाषा में रिलीज किया गया है, लेकिन फिल्म का हिंदी वर्जन कुछ खास कमाल नहीं दिखा पा रहा है।

    200 करोड़ हो जाएगा वर्ल्डवाइड कलेक्शन

    ट्रेड एनालिस्ट मनोबाला विजयबालन ने फिल्म की वर्ल्डवाइड कलेक्शन के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि फिल्म अपने रिलीज डे पर ही 72 करोड़ 41 लाख रुपये की कमाई कर चुकी है और दूसरे दिन फिल्म ने 39 करोड़ 65 लाख रुपये का बिजनेस किया था। तीसरे दिन फिल्म ने 38 करोड़ 29 लाख रुपये कमाए और चौथे दिन इसने 14 करोड़ 83 लाख रुपये का बिजनेस किया। फिल्म का 4 दिनों का कुल बिजनेस 165 करोड़ 18 लाख रुपये हो चुका है।

    100 करोड़ की तरफ बढ़ रही फिल्म

    जाहिर तौर पर राधे श्याम ने बॉक्स ऑफिस पर अपने आप को साबित किया है और जहां तक बात आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की है तो यहां भी सिर्फ चार दिनों में 85 करोड़ 38 लाख रुपये का बिजनेस कर लिया है और माना जा रहा है कि जल्द ही ये 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगी। फिल्म में जबरदस्त VFX और स्पेशल इफैक्ट्स इस्तेमाल किए गए हैं।

    खेल /शौर्यपथ/

    आईसीसी वुमेंस वर्ल्ड कप 2022 में इंग्लैंड के हाथों मिली 4 विकेट से हार के बाद भारत को ताजा आईसीसी महिला वर्ल्ड कप प्वॉइंट्स टेबल में नुकसान हुआ है। भारत चार मैचों में 4 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर बना हुआ है, मगर इस हार के साथ रन रेट पर बुरा असर पड़ा है। वहीं इंग्लैंड ने लगातार तीन मैच हारने के बाद प्वॉइंट्स टेबल में अपना खाता खोल लिया है, वहीं पाकिस्तान और बांग्लादेश से ऊपर 6ठें स्थान पर पहुंच गई है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 4 में से चार मैच जीतकर 8 अंकों के साथ टॉप पर है।

    इस हार के बाद भारत का नेट रन रेट +0.632 का रह गया है। पिछले मुकाबले में वेस्टइंडीज को मात देने के बाद टीम इंडिया का रन रेट 1 से आधिक का था। वहीं प्वॉइंट्स टेबल में इस समय सबसे बेहतरीन रन रेट 6 बार की चैंपियन टीम ऑस्ट्रेलिया का है। ऑस्ट्रेलिया +1.744 के साथ टॉप पर है।

    बात मुकाबले की करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लिश टीम के सामने 135 रनों का लक्ष्य रखा था जिसे उन्होंने 112 गेंदें शेष रहते हासिल कर लिया। इंग्लैंड की कप्तान नाइट ने इस दौरान 53 रनों की नाबाद पारी खेली। भारत के लिए मेघना सिंह ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। पहले 10 ओवर में भारत ने यस्तिका भाटिया, मिताली राज और दीप्ति शर्मा के रूप में तीन विकेट खो दिए थे। श्रबसोल ने यहां दो विकेट लिए हैं, वहीं दीप्ति शर्मा रन आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने स्मृति मंधाना के साथ 33 रनों की साझेदारी कर कुछ देर साथ जरूर दिया, मग डीन ने उन्हें 14 के निजी स्कोर पर पवेलियन का रास्ता दिखाया। इसी ओवर में स्नेह राणा को भी डीन ने अपना शिकार बनाकर भारत को 5वां झटका दिया।

    टीम इंडिया की उम्मीदें तब टूटी जब 22वें ओवर में एक्लेस्टोन ने 35 के निजी स्कोर पर मंधाना को LBW आउट किया। मंधाना ने रिव्यू जरूर लिया मगर थर्ड अंपायर ने उन्हें आउट करार दिया। मंधाना के बाद भारत को 7वां झटका पूजा वास्त्राकर के रूप में लगा वह 6 के निजी स्कोर पर पवेलियन लौटी। इसके बाद आखिरी तीन विकेट भी भारत ने जल्द खो दिए। मंधाना के अलावा ऋचा ने 33 और झूलन ने 20 रनों की पारी खेली।

    खाना खजाना /शौर्यपथ/

    मीठा खाने वालों को देसी मिठाई बहुत पसंद होती है। जैसे, बेसन के हलवे को देसी मिठाई भी कहा जाता है। बेसन का हलवा बनाना न सिर्फ बहुत आसान होता है बल्कि इसे बनाने में भी ज्यादा टाइम नहीं लगता। आप इसे कई दिनों तक खा सकते हैं। आप अगर वेट लॉस जर्नी पर हैं, तो आप हलवे में गुड़ का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। चीनी की जगह गुड़ डालने से हलवे का टेस्ट भी बढ़ जाएगा। वहीं, बेसन को सूजी से ज्यादा पौष्टिक माना जाता है।बेसन में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके सेवन से आपको पोटेशियम, मैग्नीशियम, विटामिन बी 6, विटामिन के, आयरन, कैल्शियम, सोडियम, फाइबर, जिंक, कॉपर आदि मिलते हैं। इसमें कार्बोहाइडेट और प्रोटीन भी पर्याप्त मात्रा में होता है। इस वजह से किसी दूसरी मिठाई की तुलना में बेसन का हलवा बहुत फायदेमंद होता है।
    बेसन का हलवा की सामग्री
    1 कप बेसन
    1 कप दूध
    1 कप चीनी
    1/3 कप घी
    1 टेबल स्पून पिस्ता
    4 छोटी इलायची
    बेसन का हलवा बनाने की विधि
    बेसन को दूध में एकदम चिकना होने तक घोल कर 5 मिनट के लिए ढककर रख दें। अब पैन में घी डाल कर गरम करें और इसमें घुला हुआ बेसन डाल दें। बेसन को धीमी आंच पर 12- 15 मिनट तक हल्का ब्राउन दिखने तक सेंक लें। भुने बेसन में 1 कप पानी और चीनी डालकर मिक्स करें। हलवा गाढ़ा होने तक पकाएं। आपका बेसन का हलवा तैयार है। इसके ऊपर घी, पिस्ते और इलायची के साथ गार्निश करके सर्व करें।

    सेहत /शौर्यपथ/

    कुछ ही दिनों में होली का त्योहार दस्तक देने वाला है। ऐसे में होली के दिन हर घर में स्वादिष्ट व्यंजनों से भरी हुई टेबल नजर आने वाली है। आंखों में सामने जब लजीज व्यंजन रखे हुए हो तो किसी भी व्यक्ति को अपने मन पर काबू रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। खासतौर पर जब आपकी फेवरेट मिठाई या स्वीट डिश सामने रखी हुई हो, तो मन को कंट्रोल करना किसी के लिए भी थोड़ा मुश्किल होगा। तो अगर आप भी होली पर जमकर मस्ती और मिठाइयां खाने वाले हैं तो उसके बाद बॉडी को डिटॉक्स करना न भूलें। आइए जानते हैं शरीर को डिटॉक्स करने के कुछ नेचुरल तरीके।

    क्या होता है बॉडी डिटॉक्सिफिकेशन-

    डिटॉक्सिफिकेशन का मतलब अपने शरीर को अंदर और बाहर से रिलैक्स, क्लीन्ज करने के साथ पोषण देना भी है। इस प्रकिया में शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर स्वस्थ पोषक तत्वों का सेवन करना शामिल होता है।गंदगी सिर्फ हमारे आसपास ही मौजूद नहीं होती है, बल्कि यह हमारे शरीर में भी होती है। इसके कारण ही कई प्रकार की बीमारियां जैसे- तनाव, अनिद्रा, कोल्ड एंड फ्लू, अपच, वजन बढ़ना आदि होने लगती हैं। समय रहते इनका उपचार न किया जाए, तो ये सामान्य बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं। शरीर की गंदगी को साफ करने के लिए डिटॉक्सिफिकेशन किया जाता है।
    शरीर को डिटॉक्स करने के टिप्स-

    गर्म पानी में नींबू का रस-

    शरीर को डिटॉक्स करने के लिए अपने दिन की शुरुआत सबसे पहले एक गिलास गर्म पानी से करें। इस पानी में नींबू का रस भी मिला लें। पानी और नींबू का यह कॉम्बिनेशन शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है।

    मेडिटेशन-

    मेडिटेशन ना सिर्फ मन को शांत करके स्ट्रेस दूर करने का काम करता है बल्कि यह शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है। मेडिटेशन करते समय लंबी और गहरी सांस लेते समय आपके शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है जिससे शरीर के सभी हिस्से सही तरीके से काम करते हैं।
    कैफीन नहीं, ग्रीन टी-

    चाय या कॉफी जैसे कैफीन ड्रिंक्स, आपके शरीर को फायदा नहीं नुकसान ज्यादा पहुंचा सकते हैं। इनके हानिकारक दुष्प्रभावों से बचने के लिए आप ग्रीन टी पिएं। ग्रीन टी पाचन तंत्र को साफ करने के अलावा शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में भी मदद करती है। जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।
    फल खाएं-

    फलों में मौजूद विटामिन और मिनरल कोशिकाओं के निर्माण के लिए बहुत जरुरी होते हैं। इसके अलावा फलों में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट कोशिकाओं को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से भी बचाते हैं। यही वजह है कि मिठाई खाने के बाद जमकर फल खाने चाहिए

    एक्सरसाइज-

    शरीर को डिटॉक्स करने के लिए अपने एक घंटे के वर्कआउट रूटीन में योग या रस्सी कूदने जैसे एक्सरसाइज शामिल करें।एक्सरसाइज का मतलब जिम जाना और भारी वजन उठाना या कार्डियो करना नहीं है। आप स्पीड वाकिंग, साइकिल चलाने या घर पर दस मिनट की बॉडीवेट एक्सरसाइज की तरह कुछ हल्के-फुल्के वर्कआउड कर सकते हैं।
    पूरी नींद-

    अच्छी सेहत के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेना बेहद जरूरी है। जब हम सोते हैं तो हमारा दिमाग खुद को रिऑर्गनाइज और रिचार्ज करता है। साथ ही पूरे दिन में जमा हुए टॉक्सिन्स को भी रिमूव करता है। नींद बॉडी डिटॉक्सीफिकेशन के लिए बेहद जरुरी है

    ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ/

    सर्दियों में अक्सर लोग धूप सेंक-सेंककर स्किन को टैन कर लेते हैं। ऐसे में गर्मियां आते-आते स्किन की और भी प्रॉब्लम्स शुरू हो जाती हैं। ऐसे में टैनिंग को हटाना बहुत जरूरी है, जिससे कि बाकी स्किन प्रॉब्लम शुरू न हो पाएं। आज हम आपको ऐसे होममेड फेस मास्क बता रहे हैं, जो स्किन को रिपेयर करने के लिए बहुत कारगर हैं।
    हरी मूंग दाल
    मूंग दाल टैनिंग को हटाने के साथ चेहरे के दाग-धब्बे को भी ठीक कर देती है। मूंग दाल को पीसकर उसका पाउडर बना लें, अब इसमें चंदन और संतरे की छिलके के पाउडर को मिला लें। इसमें नींबू का रस, गुलाब जल और कड़ी पत्तों को मिला लें। वहीं, त्वचा को मॉइश्चराइजर करने के लिए दाल को रातभर भिगोकर रखें और उसमें शहद मिला लें। इसके अलावा टैनिंग से छुटकारा पाने के लिए मूंग दाल पाउडर में दही मिलाकर चेहरे पर लगा लें। कुछ देर बाद धो लें।
    नीम का मास्क
    एक्ने और किसी भी तरह के बैक्टीरियल इंफेक्शन से लड़ने के लिए नीम बेस्ट ऑप्शन है। नीम एक ग़ज़ब का टोनर भी होता है। नीम की पत्तियां लें और उसे पीस लें। इसमें नींबू के रस के साथ पानी मिला लें। इस मास्क को चेहरे पर लगा लें। कुछ देर बाद गुनगुने पानी से धो लें। इसमें आप चंदन का पाउडर भी मिला सकती हैं। चेहरे के दाग-धब्बों को मिटाने के लिए नीम के पेस्ट में गुलाब जल मिलाकर लगाएं।
    हल्दी चंदन
    त्वचा की खूबसूरती के लिए हल्दी और चंदन से बेहतर कुछ नहीं। ये न सिर्फ आपकी स्किन के टोन को ईवन करता है बल्कि ग्लो भी देता है। एक्ने से छुटकारा पाने के लिए हल्दी पाउडर में चंदन का पाउडर और एक चम्मच नींबू का रस मिला लें। इसे चेहरे पर लगाएं और 10 मिनट बाद धो लें। टैनिंग दूर करने के लिए इसमें शहद और दूध मिला सकती हैं।

    ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ/

    डैंड्रफ एक ऐसी कंडीशन है जिसकी वजह से बालों में बहुत ज्यादा खुजली होती है। वैसे ये समस्या काफी कॉमन है। इस मौसम में बहुत सारे लोग इस परेशानी का सामना करते हैं। डैंड्रफ से स्कैल्प तो अफेक्ट होता है साथ ही दूसरी समस्याएं भी होने लगती हैं। कई बार लोगों को इस परेशानी के कारण शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ता है। क्योंकि अगर आप अपने बालों में इसे खुरच देते हैं तो ये उभर कर बालों में बिखर जाता है, जो दिखने में काफी खराब लगता है। क्या आप जानते हैं कि आखिर डैंड्रफ होता क्या है और इसके क्या टाइप हैं।
    डैंड्रफ एक ऐसी स्कैल्प कंडीशन है जिसकी वजह से आपकी स्किन पर एक पपड़ीदार लेयर बन जाती है। ये एक फंगस के कारण होता है, जिसे मलासेजिया कहते हैं। कई लोगों को ये समस्या स्कैल्प के अलावा आईब्रो या फिर बॉडी के किसी भी पार्ट पर नजर आने लगे, तो इसे सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस कहा जाता है।
    इसको लेकर अक्सर चर्चा होती है, दादी-नानी को आपने कहते सुना होगा की डैंड्रफ खराब हेल्थ के कारण होता है। कहते हैं कि लाइफस्टाइल, डायट, प्रोडक्ट और हेल्थ जैसे कई कारकों के कारण ये परेशानी होती है। हालांकि ये शरीर के स्तर में असंतुलन के कारण हो जाते हैं। इसके अलावा रोजाना सिर न धोना, टेंशन, ज्यादा ऑयली या ड्राई स्कैल्प के कारण डैंड्रफ की समस्या होती है।
    घरेलू उपचार
    1) दही है फायदेमंद

    डैंड्रफ से छुटकारा पाने के लिए आप दही का इस्तेमाल कर सकते हैं, इसके लिए दही में नींबू का रस मिलाएं और फिर इसे अच्छे से मिक्स करें। इस पेस्ट को अपने स्कैल्प पर कजम से कम 20 से 25 मिनट के लिए लगाएं और फिर माइल्ड क्लिंजर के साथ इसे धो लें। ध्यान रखें कि अगर आपका ड्राई स्कैल्प है तो सिर्फ दही लगाएं। इसे हफ्ते में एक बार इस्तेमाल किया जा सकता है।
    2) मुल्तानी मिट्टी

    स्किन के साथ ही मुल्तानी मिट्टी बालों के लिए काफी फायदेमंद होती है। इसके लिए मुल्तानी मिट्टी को पानी में कुछ देर भिगो दें। फिर इसमें नींबू की रस मिलाएं। इसका पेस्ट तैयार करें और स्कैल्प पर 30 मिनट के लिए लगाएं और फिर माइल्ड शैम्पू से हेयर वॉश करें। इसे हफचे में एक या दो बार लगाएं। अगर आपका ड्राई स्कैल्प है तो नींबू की जगह एलोवेरा मिलाएं।

    3) नारियल तेल में मिलाएं कपूर

    स्टडी के मुताबिक किसी भी एंटी-डैंड्रफ एप्लिकेशन में कपूर मिलाने से स्कैल्प की खुजली को कम किया जा सकता है। ऐसे मे आप नारियल तेल में कपूर मिलाएं और इसे हल्का सा गर्म करें ताकि कपूर नारियल तेल में घुल जाए। फिर स्कैल्प पर लगाएं। इसे राजभर के लिए लगा रहने दें और फिर अगले दिन सुबह बाल धो लें। इसे हफ्ते में दो बार लगाएं।
    4) जैतून का तेल आएगा काम

    ड्राई डैंड्रफ के लिए जैतून का तेल फायदेमंद है। इसके लिए थोडे़ से जैतून के तेल में शहद मिलाएं। फिर इसे अच्छे से मिक्स करें और बालों में कम से कम आधे घंटे के लिए लगाएं और माइल्ड शैम्पू से हेयर वॉश करें।

    धर्म आस्था /शौर्यपथ/

    हिंदू धर्म में होली का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया जाता है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है और इसके अगले दिन रंग वाली होली खेली जाती है। इस साल होलिका दहन 17 मार्च को किया जाएगा, जबकि रंग वाली होली 18 मार्च को खेली जाएगी। होलिका दहन के दिन लोग होली पूजा करने के साथ ही एक-दूसरे को गुलाल-अबीर लगाकर होली की बधाई देते हैं। इस साल होली पर कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। जिन्हें जनमानस के लिए शुभ बताया जा रहा है।
    होलिका दहन 2022 शुभ मुहूर्त-
    होलिका दहन 17 मार्च को किया जाएगा। इसके अगले दिन रंगों की होली 18 मार्च को खेली जाएगी। होलिका दहन का मुहूर्त इस बार रात 9 बजकर 03 मिनट से रात 10 बजे 13 मिनट तक रहेगा। इस साल पूर्णिमा तिथि 17 मार्च को दिन में 1 बजकर 29 बजे शुरू होगी और पूर्णिमा तिथि का समापन 18 मार्च दिन में 12 बजकर 46 मिनट पर होगा।
    1. मान्यता है कि होलिकादहन करने या फिर उसके दर्शन मात्र से भी व्यक्ति को शनि-राहु-केतु के साथ नजर दोष से मुक्ति मिलती है।
    2. माना जाता है कि होली की भस्म का टीका लगाने से नजर दोष तथा प्रेतबाधा से मुक्ति मिलती है।
    3. धार्मिक मान्यता के अनुसार, किसी मनोकामना को पूरा करना चाहते हैं तो जलती होली में 3 गोमती चक्र हाथ में लेकर अपनी इच्छा को 21 बार मन में बोलकर तीनों गोमती चक्र को अग्नि में डालकर अग्नि को प्रणाम करके वापस आ जाएं।
    4. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि कोई व्यक्ति घर में भस्म चांदी की डिब्बी में रखता है तो उसकी कई बाधाएं अपने आप ही दूर हो जाती हैं।
    5. अपने कार्यों में आने वाली बाधा को दूर करने के लिए आटे का चौमुखा दीपक सरसों के तेल से भरकर उसमें कुछ दाने काले तिल,एक बताशा, सिन्दूर और एक तांबे का सिक्का डालकर उसे होली की अग्नि से जलाएं। अब इस दीपक को घर के पीड़ित व्यक्ति के सिर से उतारकर किसी सुनसान चौराहे पर रखकर बगैर पीछे मुड़े वापस आकर अपने हाथ-पैर धोकर घर में प्रवेश कर लें।

    धर्म आस्था /शौर्यपथ/

    रंगों के त्योहार होली का सभी को इंतजार रहता है। इस पर्व पर दुश्मन भी गले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं। होली का त्योहार यूपी, बिहार सहित देश के कई राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश के मथुरा में होली का पर्व कई दिन पहले से शुरू हो जाता है। लोग कभी फूलों की होली, अबीर-गुलाल व लठमार होली खेलते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, होली का पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। हालांकि इस साल लोगों के बीच होलिका दहन व होली की तारीख को लेकर असमंजस है। जानें क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य-
    ज्योतिषाचार्य श्रीराम द्विवेदी के अनुसार, भद्राकाल में होलिका दहन नहीं करना चाहिए। इसके लिए भद्राकाल समाप्त होने का इंतजार करना चाहिए। होलिका दहन के लिए भद्रामुक्त पूर्णिमा तिथि जरूरी है। हिंदू धर्म में भद्रा को अशुभ माना जाता है। इस दौरान शुभ कार्यों की मनाही होती है।
    होलिका दहन 2022 शुभ मुहूर्त-
    ज्योतिषाचार्य के अनुसार, पूर्णिमा तिथि17 मार्च को दोपहर 01 बजकर 29 मिनट से शुरू होकर 18 मार्च दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। भद्राकाल 17 मार्च को दोपहर 01 बजकर 20 मिनट से प्रारंभ हो जाएगा और देर रात 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। भद्रा के समय होलिका दहन नहीं किया जा सकेगा। ऐसे में रात 12 बजकर 57 मिनट के बाद ही होलिका दहन संभव हो सकेगा।
    होलिका दहन 2022 उत्तम मुहूर्त-
    होलिका दहन के लिए 12 बजकर 58 मिनट से रात 02 बजकर 12 मिनट तक है। इसके बाद ब्रह्म मुहूर्त शुरू हो जाएगा।

    होली 2022 कब है?
    इस बार पूर्णिमा तिथि 17 मार्च से शुरू होकर 18 मार्च की दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। इसके बाद प्रतिपदा तिथि शुरू होगी। प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को दोपहर 12 बजकर 13 मिनट तक रहेगी। कुछ लोग रंग वाली होली के लिए 18 मार्च का दिन शुभ मान रहे हैं। वहीं कुछ लोग उदया तिथि के हिसाब से 19 मार्च को रंग वाली होली खेलेंगे। कुछ जगहों पर 18 और 19 दोनों को रंग वाली होली खेली जाएगी।
    हिंदू धर्म में होली के त्योहार का विशेष महत्व है। होली के पर्व की शुरुआत होलिका दहन से होती है। होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। पुराणों में होलिका दहन और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि होलिका दहन के दिन होली पूजन करने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। मां लक्ष्मी की कृपा से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।

    होलिका दहन कैसे करें
    होलिका दहन के बाद जल से अर्घ्य दें। शुभ मुहूर्त में होलिका में स्वयं या परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य से अग्नि प्रज्जवलित कराएं। आग में किसी भी फसल को सेंक लें और अगले दिन इसे सपरिवार ग्रहण करें। मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार के सदस्यों को रोगों से मुक्ति मिलती है।

    होली 2022 की तारीख और शुभ मुहूर्त-
    होलिका दहन 17 मार्च को किया जाएगा। इसके अगले दिन रंगों की होली 18 मार्च को खेली जाएगी। होलिका दहन का मुहूर्त इस बार रात 9 बजकर 03 मिनट से रात 10 बजे 13 मिनट तक रहेगा। इस साल पूर्णिमा तिथि 17 मार्च को दिन में 1 बजकर 29 बजे शुरू होगी और पूर्णिमा तिथि का समापन 18 मार्च दिन में 12 बजकर 46 मिनट पर होगा।

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