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May 14, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

नई सिल्ली / एजेंसी / देश में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले, वे देश में कहीं भी जाकर अपनी उपज बेच सकें इसके लिए मोदी कैबिनेट ने दो अहम अध्यादेशों को मंज़ूरी दे दी है. सरकार अब एक नए कानून के जरिए "वन नेशन, वन मार्केट" की तजऱ् पर देश के किसी भी हिस्से में किसानों को उनकी उपज बेचने की सुविधा मुहैया कराएगी.
कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले, उनकी कमाई बढ़े, इसके लिए मोदी कैबिनेट ने बुधवार को 'एक देश, एक कृषि बाजारÓ के लिए कृषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार (संवर्धन एवं सुविधा) अध्यादेश 2020 को मंज़ूरी दे दी. इसके जरिए किसानों को अपना उपज किसी भी राज्य में ले जाकर बेचने की आज़ादी होगी. इससे कृषि उपज का बाधा मुक्?त अंतर-राज्?य व्?यापार संभव हो सकेगा. किसानों को अपना उत्पाद मंडी ले जाने की बाध्यता नहीं होगी. एक देश एक मार्केट भावना को बढ़ावा मिलेगा.
दूसरे अहम फैसले में मोदी कैबिनेट ने आवश्?यक वस्?तु अधिनियम में संशोधन के जरिए अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेलों, प्?याज और आलू जैसी वस्?तुओं को आवश्?यक वस्?तुओं की सूची से हटाने का फैसला किया है. सरकार का दावा है कि इस फैसले से उत्?पादन, भंडारण, ढुलाई, वितरण और आपूर्ति करने की आजादी से व्?यापक स्?तर पर उत्?पादन करना संभव होगा. सिर्फ अकाल, युद्ध, कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि और प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में ही इन कृषि उपजों की कीमतों को नियंत्रित किया जा सकेगा.
साथ ही, कैबिनेट ने 'मूल्य आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा अध्यादेश- 2020Ó को भी स्वीकृति दे दी है. कृषि मंत्रालय के मुताबिक अध्यादेश किसानों को शोषण के भय के बिना समानता के आधार पर प्रसंस्करणकर्ताओं (प्रोसेसर्स), एग्रीगेटर्स, थोक विक्रेताओं, बड़े खुदरा कारोबारियों, निर्यातकों आदि के साथ जुडऩे में सक्षम बनाएगा.

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सामान्य एपीएल राशनकार्ड में परिवर्तन करने या राशनकार्ड समाप्त करने का कोई प्रस्ताव विभाग में विचाराधीन नही है। प्रदेश के 9.19 लाख राशनकार्डधारी सामान्य परिवारों के 29.45 लाख सदस्यों को योजना का लाभ मिल रहा है। नागरिकों द्वारा एपीएल एवं अन्य योजना के नवीन राशनकार्ड के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र पूर्ण रूप से भरकर आवश्यक दस्तावेज सहित ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय में प्रस्तुत करने पर नियमानुसार नवीन राशनकार्ड जारी किया जाएगा। राज्य में नवीन सामान्य (एपीएल) राशनकार्ड बनाने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
सामान्य, एपीएल राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राज्य शासन द्वारा निर्धारित पात्रता अनुसार 10 रूपए प्रतिकिलो की दर पर चावल प्रदाय किया जा रहा है। राज्य में एपीएल राशनकार्डधारियों को माह अक्टूबर 2019 से खाद्यान्न प्रदाय किया जा रहा है। माह अप्रैल 2020 में 7.45 लाख राशनकार्डधारियों द्वारा 21,756 टन चावल का उठाव उचित मूल्य दुकानों से किया गया। माह जून के लिए आबंटित खाद्यान्न का वितरण जारी है। अभी तक 12, 610 राशनकार्डधारियों द्वारा चावल का उठाव किया गया है। माह जुलाई 2020 के लिए सामान्य, एपीएल चावल का भण्डारण 30 जून 2020 तक उचित मूल्य दुकानों में किया जाएगा।
लॉकडाउन होने से विभिन्न राज्यों से वापस आये छत्तीसगढ़ के श्रमिकों प्रवासी व्यक्तियों जिनके पास राशनकार्ड नही है, उन्हें ऑफलाईन आवेदन के साथ ऑनलाईन आवेदन करने की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रवासी श्रमिकों जिनके पास केन्द्र या राज्य सरकार की पीडीएस योजना के तहत राशनकार्ड नहीं है, उन्हें मई व जून में प्रति सदस्य 5 किलो चावल व प्रति परिवार एक किलो चना नि:शुल्क दिया जा रहा है। राज्य में प्रवासी व्यक्तियों व श्रमिकों का चिन्हांकन एवं पंजीयन कराकर उन्हें उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। इसके लिए राज्य में 10 हजार 38 टन चावल और 528.30 टन चना का आबंटन प्रतिमाह जारी किया जा रहा है। खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए प्रवासी श्रमिकों एवं व्यक्तियों का पंजीयन खाद्य विभाग की जनभागीदारी वेबसाईट ीजजचेरूाींकलंण्बहण्दपबण्पदध्बपजप्रमदध्बपजप्रमदीवउमण्ेंचग में ऑनलाईन पंजीयन का प्रावधान है। इसके माध्यम से प्रवासी व्यक्ति तथा श्रमिक सीधे अपना पंजीयन कर सकते हैं। अथवा जिला प्रशासन के माध्यम से करवा सकते हैं। प्रवासी व्यक्तियों एवं श्रमिकों के पंजीयन की सुविधा के लिए मोबाइल एप्प भी विकसित किया जा रहा है।

         रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश में विकासखण्ड स्तर पर स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में आईटीआई के साथ समन्वय स्थापित करके ऐसे व्यवसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं जिनसे छात्र-छात्राओं को रोजगार से जोड़ा जा सके। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार व्यवसायिक पाठ्यक्रम इसी शिक्षा सत्र से प्रारंभ किया जाना है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने सभी कलेक्टरों को कार्ययोजना बनाकर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टरों से कहा गया है कि विकासखण्ड स्तर पर स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और आईटीआई प्राचार्यों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाए, जिसमें विकासखण्ड के महत्वपूर्ण उद्योगों को भी आमंत्रित किया जाए। इस बैठक में इस बात का आंकलन किया जाए कि वहां स्थानीय रूप से कौन-कौन से ट्रेड में प्रशिक्षण देने से रोजगार की अधिक संभावना है। जिला कलेक्टरों को प्रत्येक विकासखण्ड के लिए ऐसे दो या तीन ट्रेड का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं।
         कलेक्टरों से कहा गया है कि विकासखण्ड मुख्यालय स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और आईटीआई के भवनों का निरीक्षण करके इस बात का आंकलन करें कि जो ट्रेड चयनित किए गए हैं उनके लिए स्कूल या आईटीआई में पर्याप्त स्थान, प्रयोगशाला, उपकरण और मानव संसाधन उपलब्ध हो। भवन और लैब के रिनोवेशन और अतिरिक्त निर्माण की आवश्यकता के साथ ही चयनित ट्रेड के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक उपकरण और उपयुक्त प्रशिक्षकों आदि की पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली जाए।
        प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने जिला कलेक्टरों को अवगत कराया है कि विस्तृत पाठ्यक्रम तैयार करने का कार्य स्टेट काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) और छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा किया जा रहा है।

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य में आत्मनिर्भर योजना के तहत प्रवासी श्रमिकों और अन्य व्यक्तियों को मई-जून माह के लिए 5-5 किलोग्राम चावल प्रति व्यक्ति एवं 1-1 किलोग्राम चना प्रति कार्ड नि:शुल्क दिया जाएगा।
खाद्य विभाग द्वारा आज मंत्रालय महानदी भवन से जारी आदेश के अनुसार भारत सरकार द्वारा शुरू की गई आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत हितग्राहियों की पहचान के लिए आधार नंबर नहीं होने पर मतदाता परिचय पत्र, पैन कार्ड, किसान फोटो पासबुक अथवा राज्य शासन, जिला प्रशासन द्वारा जारी अन्य कोई फोटोयुक्त परिचय पत्र को भी मान्य किया जाएगा।
भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन 23 मार्च 2020 से लेकर आत्मनिर्भर भारत योजना लागू होने तक छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जिन राशन कार्ड विहीन प्रवासी व्यक्तियों का राशन कार्ड राज्य योजना के तहत जारी किया गया है। ऐसे राशन कार्ड धारियों को भी मई-जून 2020 में खाद्यान्न और चने का वितरण किया जाएगा। खाद्य विभाग द्वारा राज्य के सभी कलेक्टरों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

  दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे आज सुबह-सुबह दुर्ग शहर के विभिन्न लैंड मार्क के निरीक्षण पर पहुंचे। यहां उन्होंने पेयजल व्यवस्था, सौंदर्यीकरण, बसाहट एवं साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने ठगड़ा बांध के सौंदर्यीकरण के संबंध में आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि यह जगह बहुत खूबसूरत है और यहां पर अच्छी प्लानिंग से लोगों के मनोरंजन की मुकम्मल व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने यहां से अतिक्रमण हटाने के लिए भी कहा साथ ही उन्होंने यहां से विस्थापित परिवारों को बोरसी में बसाने की शीघ्र कार्रवाई हेतु एसडीएम एवं निगम आयुक्त को निर्देश दिए।
      कलेक्टर ने अमृत मिशन के कार्य युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है इस संबंध में अति शीघ्र कार्रवाई कर काम पूरा किया जाए। कलेक्टर ने गौठान का निरीक्षण भी किया। यहां 10 लाख रुपए की लागत से शेड बनाने का निर्देश उन्होंने निगम को दिया। कलेक्टर स्टेशन रोड भी पहुंचे। यहां उन्होंने सौंदर्यीकरण के लिए किए गए कार्यों की सराहना की तथा अन्य स्थलों पर भी इसी तरह का काम करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने इंटरवेल का भी निरीक्षण किया और मुकम्मल पेयजल व्यवस्था के संबंध में आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए। वे पीएम आवास की साइट पर भी पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माण कार्यों को देखा और इंजीनियरों को निर्देशित किया।
      कलेक्टर ने इंदिरा मार्केट का निरीक्षण किया। शहर की बसाहट के संबंध में चौक चौराहों के सौंदर्यीकरण के संबंध में तथा आवश्यक निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर निर्देश भी उन्होंने दिए। इस दौरान आयुक्त श्री इंद्रजीत बर्मन ने उन्हें निगम के द्वारा भेजे गए प्रस्तावों और इन पर हुई प्रगति के संबंध में जानकारी दी। भ्रमण के दौरान कार्यपालन अभियंता राजेश पांडे सहायक अभियंता जितेन्द्र समैया उप अभियंता ए आर रहंगडाले भीमराव अमृत मिशन के कपीश सिंह आदि मौजूद थे ।

० अन्य राज्यों से आए श्रमिकों के लिए जीविकोपार्जन के साधन उपलब्ध कराने आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश
० किसानों और खेतिहर श्रमिकों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने अन्य आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाए : वर्मा

      राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विज्ञान केन्द्र, पशुपालन, मछलीपालन, सिंचाई विभाग, बीज विकास निगम, विपणन, खाद्य, शिक्षा, रेशम, क्रेडा एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर श्री वर्मा ने अधिकारियों से कहा कि अन्य राज्यों से आए प्रवासी श्रमिकों के लिए जीविकोपार्जन के साधन उपलब्ध कराने की दिशा में समन्वित तरीके से जुड़कर कार्य करें। किसानों एवं श्रमिकों को रोजगार के और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए उन्हें अन्य आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उनके आय में वृद्धि करने के लिए विशेष प्रयास करने की जरूरत है। किसानों एवं श्रमिकों का जीवन स्तर के उन्नयन के लिए शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर उन्हें हरसंभव लाभान्वित करें।
कलेक्टर वर्मा ने उप संचालक कृषि से चालू खरीफ मौसम की तैयारी के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को धान के अलावा उद्यानिकी फसलें सब्जियों तथा फल-फूलों की खेती के लिए बढ़ावा देना चाहिए। किसानों को दलहनी तथा तिलहनी फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने खरीफ मौसम के लिए बीज की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली। उप संचालक कृषि ने बताया कि वर्तमान में खाद का उठाव 39 प्रतिशत हो गया है। खेती की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही खादों के उठाव में और अधिक गति आएगी। कलेक्टर ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि किसानों के व्यापक हित में सिंचाई के साधनों का अधिकतम उपयोग होना चाहिए। श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए मनरेगा के कार्यों से जोडं¸े। आदिवासी क्षेत्रों में पशुपालन, मुर्गीपालन एवं मछलीपालन की गतिविधियों की बढ़ावा देने की जरूरत है। कलेक्टर ने किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को ऋण प्रदान करने के कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
उप संचालक पशुपालन ने बताया कि जिले के लगभग 200 किसान डेयरी व्यवसाय अपनाकर दुग्ध संघ से जुड़े है। जिले के छुईखदान एवं गंडई क्षेत्र में दुग्ध संघ के जरिए 2 हजार लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। कलेक्टर ने नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट बनाने के कार्य को बढ़ावा देने के लिए कहा। क्रेडा के अधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में दिए गए सोलर पंप के बारे में बताया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, सहायक कलेक्टर ललितादित्य नीलम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाईनगर विधायक व महापौर छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य देवेन्द्र यादव का छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय परिसर में प्रथम आगमन व भ्रमण 03 जून को हुआ।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.एन.पी.दक्षिणकर ने विश्वविद्यालय में चल रही शैक्षणिक, अनुसंधान एवं विस्तार की गतिविधियों का विवरण एवं जानकारी से उन्हें अवगत कराया। चारा इकाई में लगाए गए विभिन्न फसलों जैसे –बरसीम, नेपियर, सुडान घास एवं मुनगा पौधो की जानकारी, कोसली नस्ल की स्थानीय गायों में जेनेटिक इनफ्रूवमेंट एवं कृत्रिम गर्भाधान के द्वारा नस्ल सुधार किया जा रहा है, पशुपालन के विभिन्न आयामों पर सतत् विश्वविद्यालय स्तर एवं ग्रामीण कृषकों, पशुपालकों एवं बेरोजगार युवाओं हेतु समय समय पर प्रिशक्षण का आयोजन किया जाता है।
     देवेन्द्र यादव ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित चारा उत्पादन इकाई, बकरी इकाई, कुक्कुट पालन इकाई, एन.सी.सी., घुड़सवारी रेजीमेंट, डेयरी फार्म, प्रयोगशाला, वेटनरी क्लीनिकल कॉम्पलेक्स आदि का भ्रमण एवं अवलोकन कर उन्होने कहा कि किसानोंपयोगी, पशुपालकों एवं नवजवान युवाओं के लिए रोजगार एवं उनकी आय में वृद्वि के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर उसे कार्यान्वित करें। विश्वविद्यालय को हर संभव शासन स्तर पर सहयोग देने का आश्वासन दिया। भ्रमण एवं अवलोकन के दौरान विश्वविद्यालय के निदेशकगण, अधिष्ठातागण, प्राध्यापकगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

दुर्ग / शौर्यपथ / विकास खण्ड पाटन के ग्रामो में इन दिनों जमकर लकड़ी तस्करी का कार्य हो रहा है। अभी पिछल्े सप्तहा ही वन विभाग ने कार्यवाही करते हुए दो आरा मशीन को सील किया था। उसके बाद भी लकड़ी तस्करी में कमी नही आ रही है, और लगातार जारी है। वन विभाग ने फिर कौहा लकड़ी से भरी एक मेटाडोर को दबिश देकर पकडा है। मेटाडोर लकड़ी सहित पाटन डिपो में खड़ी कराई गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक गाड़ाडीह स्थित तिवारी सा मिल में कौहा की बड़े बड़े गोले को खपाने की फिराक भी था। लेकिन इसकी सूचना फारेस्ट विभाग को मिल गई। मुखबिर की सूचना पर और एसडीओ फारेस्ट अभय पांडे के निर्देश पर फारेस्ट विभाग ने कार्रवाई की। बताया जाता है कि लकड़ी से भरी मेटाडोर को आरा मिल में ले गया। फारेस्ट विभाग की टीम गाडी का पीछा करते हुवे आरा मिल तक जा पहुंची। वहां से कौहा लकड़ी के गोला से भरी गाड़ी को जप्त किया। इसके बाद मिल को भी सील कर दिया गया। इस कार्रवाई में अजय कुमार चौबे डिप्टी रेंजर पाटन , हर्ष वीर कंकडे, गोवर्धन नेताम, घनश्याम वर्मा सराहनीय रही।

    भिलाई तीन / शौर्यपथ / वृद्धावस्था के चलते बीमार रहने वाली महिला की मौत के बाद लिए गए सेंपल में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने से भिलाई-चरोदा निगम क्षेत्र में हड़कम्प मच गई है। प्रशासन ने आधी रात को ही मृतका के निवास क्षेत्र न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी चरोदा को सील कर दिया है। इसके साथ ही परिवार के सभी पांच सदस्यों को होम क्वारेंटाइन कर सुरक्षा के प्रति सतर्कता बरती जा रही है।
चरोदा के दादर रोड पर स्थित न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी में रहने वाली 64 वर्षीया महिला की मंगलवार को मौत हो गई। महिला पिछले चार महीने से बीमार थी। उसे वात के साथ ही पैर में कस्टूटी की शिकायत से चलने फिरने में दिक्कत थी। इस वजह से कोरोना के चलते घोषित लॉकडाउन के दौरान वह घर पर ही रह रही थी। बावजूद इसके मौत के बाद कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि ने प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं।
बताया जाता है कि सोमवार की शाम मृतका महिला को बीएमवाय चरोदा स्थित रेलवे अस्पताल ले जाया गया था। महिला का पति रेलवे का सेवानिवृत्त कर्मचारी है और इस वजह से पति पत्नी को रेलवे अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा प्राप्त थी। रेलवे में गंभीर बीमारी होने पर बीएमवाय चरोदा अस्पताल से रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल रिफर किया जाता है। सोमवार को जब परिजन महिला को लेकर चरोदा रेलवे अस्पताल पहुंचे तो उसे रामकृष्ण केयर ले जाने की सलाह के साथ रिफर पर्ची बना दिया गया।
     मंगलवार को परिजन महिला को लेकर रामकृष्ण केयर अस्पताल पहुंचे। यहां दो ढाई घंटे उपचार के बाद चिकित्सकों ने एम्स ले जाने की सलाह दी। लेकिन एम्स पहुंचने से पहले महिला ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद कोरोना संक्रमण की जांच के लिए सेंपल लेकर शव को सुरक्षित रखवा दिया गया। लेकिन रात 8 बजे के करीब जांच रिपोर्ट में मृतका के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कम्प सी मच गई। जिला मुख्यालय से स्वास्थ्य विभाग की टीम, नगर निगम व पुलिस बल के साथ चरोदा के न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी आधी रात को ही पहुंच गई। तहसीलदार शेखर मंगई, निगम आयुक्त कीर्तिमान सिंह राठौर व प्रशासनिक और स्वास्थ्य अमले को आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे। कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे मौके पर मौजूद अधिकारियों से पल-पल की खबर लेते रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी गंभीर सिंह ठाकुर ने भी आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
    रात में ही पूरी कालोनी को कटेंटमेंट जोन घोषित कर आवाजाही वाले रास्तों को सील किया गया। मृतका का निवास कालोनी के प्रवेश द्वार पर बने चरोदा हाईट्स बहुमंजिली इमारत में है। इस इमारत पर किसी को भी आने जाने नहीं दिया जा रहा है। मृतका के पति, पुत्र, पुत्रवधु, पोता और मां को होम क्वारेंटाइन कर दिया गया है। इसी कड़ी में आज सुबह कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी पहुंचकर करोना संक्रमण को फैलने से रोकने बरती गई कवायद का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
कोलोनी का किया गया सेनेटाईज
        नगर निगम भिलाई-चरोदा द्वारा आज सुबह न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी दादर रोड सहित आसपास की बस्तियों को सैनिटाइज किया गया। इसके लिए दो टैंकर सैनिटाइजर्स का घोल इस्तेमाल किया गया। इस दौरान निगम आयुक्त कीर्तिमान सिंह राठौर और सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अश्वनी चंद्राकर मौजूद रहकर महकमे के कर्मचारियों को निर्देशित करते रहे। निगम द्वारा फोरलेन से जुडऩे वाली दादर रोड को दोनों ओर से बेरिकेट्स लगाकर सील कर दिया। इसके अलावा कालोनी के पीछे खुले मैदान से होकर लोगों की आवाजाही न हो इस पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कालोनी के सामने लगने वाले सब्जी बाजार समेत आसपास के सभी दुकानों को भी बंद करा दिया गया है।
अस्पताल स्टाफ को किया क्वारेंटाइन
    रामकृष्ण केयर अस्पताल भेजे जाने से पहले महिला अपना उपचार कराने घर के नजदीक स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और रेलवे अस्पताल गई थी। महिला की मौत के बाद कोरना संक्रमण की पुष्टि होने पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल हरकत में आ गई। इसके साथ ही कालोनी के प्रवेश द्वार के ठीक सामने स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सील करने साथ ही पूरे स्टाफ को होम क्वारेंटाइन में रहने की सलाह दे दी गई है। इस केन्द्र में मृतका कभी-कभी इंजेक्शन लगाने आती थी। सोमवार को महिला चरोदा रेलवे अस्पताल गई थी। यहां के चिकित्सक स्टाफ को महिला के संपर्क में आने की वजह से होम क्वारेटाइन पर भेज दिया गया है। इसके साथ ही महिला के घर पर आने जाने वालों के बारे में पतासाजी करने में निगम का अमला जुटा हुआ है।

रायपुर / शौर्यपथ / कोविड-19 के संक्रमण से रोकथाम एवं बचाव के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (एसआईएचएफडब्लू) रायपुर द्वारा राज्य के चिकित्सको, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य सहयोगी एवं कर्मियों को प्रशिक्षण का आयोजन15 मार्च से नियमित किया जा रहा है।
इन प्रशिक्षण में एएनएम, मितानिन, पुलिसकर्मी, एवं स्वयं सेवीयों को भी कोविड-19 से लड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है । प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शुरू करने फैसला 12 मार्च को स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में कोविड-19 के संक्रमण, रोकथाम एवं बचाव के लिए एक रणनीति तैयार की गयी थी जिसके तहत राज्य के डॉक्टर्स, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस विभाग एवं एनसीसी के कैडेट्स को दक्ष बनाया जाना था। अब तक राज्य में 95,124 कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है ।
संस्थान द्वारा कोविड-19 हॉस्पिटल और आइसोलेशन वार्ड्स के साथ-साथ क्वॉरेंटाइन सैंटरो पर सेवाएं दे रहे लोगों को भी कोविड-19 के प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया गया है । प्रशिक्षण की जानकारी देते हुए डॉ.प्रशांत श्रीवास्तव, ने बताया राज्य की स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह के नेतृत्व में राज्य स्तरीय फॉर्मल ट्रेनिंग कमेटी बनाई गई थी जिसमें राज्य में होने वाले प्रशिक्षणों में एमडी, एनएचएम,डॉ प्रियंका शुक्ल को प्रशिक्षण का मुखिया बनाया गया । डॉ.शुक्ल के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई । राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (एसआईएचएफडब्लू) रायपुर को प्रशिक्षण की नोडल एजेंसी बनाया गया । प्रशिक्षण में संचालक संचानालय स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड का मार्गदर्शन भी नियमित मिला है।
रायपुर में 18 मार्च से 21 मार्च तक फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ पहले प्रशिक्षण का आयोजन किया गया । लॉक डाउन में संस्थान द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षणों का आयोजन किया जा रहा है जिसमें संस्थान द्वारा जूम ऐप, गूगल मीटिंग ऐप और माइक्रोसॉफ्ट मीटिंग ऐप का प्रयोग किया गया । ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से राज्य में 3436 डॉक्टर्स को प्रशिक्षित किया गया है जिसमें वरिष्ठ एवं कनिष्ठ डॉक्टर्स के साथ साथ इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टर्स को भी प्रशिक्षण दिया गया है । एम्स के विशेषज्ञों द्वारा 96 डॉक्टर्स को विशेष प्रशिक्षण मिला, वहीं मेडिकल कॉलेज द्वारा 362 डॉक्टर्स को और फॉर्टिस हॉस्पिटल,गुड़गांव ने 271 डॉक्टर्स को वेंटिलेटर संचालन का प्रशिक्षण दिया ।
राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान ने 5,220 लोगों को प्रशिक्षण दिया जिसमें नर्सिंग स्टाफ, नर्सिंग टीचर और नर्सिंग स्टूडेंट्स ने भाग लिया ।वहीं आयुष विभाग के 920 लोगों को भी प्रशिक्षित किया गया । एलाइड हेल्थ केयर प्रोफेशनल कर्मियों में 2526 आरएमए, लैब टेक्नीशियन, माइक्रोबायोलॉजिस्ट,और फिजियोथैरेपिस्ट को भी कोविड-19 के संक्रमण से रोकथाम एवं बचाव के लिए प्रशिक्षित किया गया है ।
प्रशिक्षण पाने वालों में प्रदेश के कुल 80,592 मितानिन और मितानिन प्रशिक्षकों भी शामिल थे जिसमें राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र (एसएचआरसी) द्वारा 69,224 मितानिन और मितानिन प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया, वहीं जपाईगो द्वारा राज्य में 10,893 एएनएम और ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (आरएचओ) को प्रशिक्षण दिया गया । प्रदेश के 1108 एनसीसी कैडेट, अस्पताल सहयोगी और पुलिस कर्मियों ने भी प्रशिक्षण लिया।
इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, अस्पताल सलाहकार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ साथ शिक्षा विभाग , पुलिस विभाग और अन्य सहयोगी विभागों के 1,322 कर्मियों को संस्थान से ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है । प्रशिक्षण की विषय वस्तु में कोविड 19 की रोकथाम,चिकित्सालयीन प्रबंधन, मरीजों के लक्षणों के आधार पर विभिन्न चरणों में उचित प्रबंधन, और मनोवैज्ञानिक प्रबंधन आदि को शामिल किया गया है।
संस्थान के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में डॉ. अनुदिता भार्गव,अतिरिक्त प्रोफेसर (माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट) एम्स रायपुर,डॉ.अरविंद नेरल, एचओडी माइक्रोबायोलॉजी, डॉ.आरके पांडा, एचओडी, डॉ.एस चंद्रवंशी, डॉ.ओपी सुंदरानी, एचओडी, डॉ.तृप्ति नगरिया स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ.कमलेश जैन, एसएनओ,पं.जेएनएम मेडिकल कॉलेज, डॉ.धर्मेंद्र गहवई, एसएनओ, डीएचएस और डॉ.रुपम गहलोत, एसोसिएट प्रोफेसर, का सहयोग रहा । आयोजित हुए प्रशिक्षणों में प्रशिक्षण समन्वयक के रूप में प्रेम वर्मा, ओएसडी डीएचएस, श्वेता अडिल एसटीसी, एनएचएम,राकेश वर्मा, एसटीसी एनएचएम,वरुण साहू, कंसलटेंट, एनएचएम, स्निग्धा पटनायक कंसलटेंट एनएचएम, एवं अनुपम वर्मा आईपीएल ग्लोबल रायपुर की भूमिका भी रही ।
डॉ.प्रशांत श्रीवास्तव,डॉ.अल्का गुप्ता,डॉ.आरके सुखदेव उपसंचालक,एसआईएचएफडब्ल्यू, और डॉ एसके बिंझवार छत्तीसगढ़ राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी के निर्देशन में प्रशिक्षण कराए जा रहे है ।

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