August 14, 2026
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    दुर्ग

    दुर्ग (5012)

      ​भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव लगातार अपने क्षेत्र की जनता से मिलते रहे है और उनकी समस्याओं का समाधान करते है। रविवार को भी विधायक देवेंद्र यादव ने अपने सेक्टर 5 स्थिति निवास स्थान में लोगों से भेट मुलाकात की। इस दौरान एचएलसीएल सेक्टर 6 के लोग भी विधायक के पास पहुंचे। लोगों ने विधायक को बताया कि उनके क्षेत्र में बिजली की बड़ी समस्या है। आए दिन बार-बार बिजली गुल होता है। बार-बार शिकायत के बाद भी बिजली को सुधार नहीं जाता। कई दिन 12 घंटे 24 घंटे तक भी लाइट गोल रहता है। इस वजह से क्षेत्र के लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की समस्याओं को सुनकर विधायक देवेंद्र यादव ने लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों से बातचीत की और व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। इनके अलावा छावनी और कुर्सी पर क्षेत्र से भी सैकड़ो की संख्या में लोग आए। जिन्होंने विकास कार्य और विभिन्न सुविधाओं की मांग की और अपनी-अपनी समस्याएं भी विधायक देवेंद्र यादव को बताई. कुछ युवा साथी भी विधायक देवेंद्र यादव से मिलने पहुंचे जिन्होंने बताया कि महेंद्र कर्मा यूनिवर्सिटी बस्तर में  भर्ती प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी की गई है। इस वजह से योग्य उम्मीदवारों को जगह नहीं मिल पा रही है। रायपुर से कबीर पंथी का एक प्रतिनिधि मंडल विधायक देवेंद्र यादव से मिलने आया था।   इस दौरान उनसे मिलने के लिए भिलाई नगर विधायन सभा क्षेत्र के सैकड़ों महिलाएं पुरूष व युवा वर्ग पहुंचे। सभी से विधायक श्री यादव बारी-बारी से मिले। सब का कुशल क्षेम जाना साथ ही सभी की समस्याएं भी सूनी। इस दौरान लोगों ने अपने विधायक से विभिन्न तरह की मांग की। गरीब व असहाय लोगों की विधायक श्री यादव ने म​दद की। कई लोग राशन कार्ड की मांग लेकर पहुंचे। कुछ लोग अपने बच्चों के एडिमशन के लिए मदद की गुहार लगाई। कई लोगों के बेहतर इलाज के लिए मदद की। अस्पताल प्रबंधन को फोन कर लाइनअप किया और बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए। अपने क्षेत्र के लोकप्रिय और सब के मदद करने वाले विधायक देवेंद्र यादव से मिलकर लोग काफी उत्साहित हुए। इसके अलावा बहुत सी महिलाएं व पुरूष जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था, वे भी विधायक के पास योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग लेकर पहुंचे। जिन्होंने अपनी परेशानी विधायक को बताई। तब विधायक श्री यादव ने संबंधित अधिकारियों को फोन कर जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए।

      दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नगपुरा में स्थित प्राकृतिक एवं योगोपचार संस्थान श्री उवसग्गहरं पार्श्व तीर्थ नगपुरा में आरोग्यम उत्सव, आरोग्यम रत्न अलंकरण एवं जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग ग्रामीण विधायक व राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर अध्यक्षता दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव विशेष अतिथि, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे , जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुलेश्वरी देवांगन , जिला पंचायत सदस्य सुश्री प्रिया साहू , मंडल अध्यक्ष हेमंत सिन्हा जी, पूर्व मंडल अध्यक्ष गिरेश साहू सरपंच संघ अध्यक्ष ओमेश्वर (राजू) यादव  और सरपंच ग्राम पंचायत नगपुरा श्रीमती सरोज रिगरी सम्मिलित हुए।
    कार्यक्रम के दौरान समाज सेवा में उत्कृष्ट कार्य कर रहे डॉक्टरों का सम्मान किया गया और नवनिर्वाचित सरपंचों का सम्मान कर उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अंतर्गत आयोजित योग कार्यक्रम में छात्रों द्वारा किए योग प्रदर्शन देखा।
      इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा  डॉ और सरपंच आप लोगों के सम्मिलित प्रयासों से गांव स्वास्थ क्षेत्र में बेहतर काम हों सकता है अपने प्रयासों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हो
      आगे श्री चंद्राकर ने योग  के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि योग कोई नई पद्धति नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन सनातन परंपरा का अभिन्न अंग है, जिसे ऋषि-मुनियों ने विकसित किया। विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया, जिसके परिणामस्वरूप 2015 से प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में विश्वभर में मनाया जा रहा है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि आज 175 से अधिक देशों में योग की गूंज सुनाई देती है।
     आगे श्री चंद्राकर ने कहा कि दिन के 24 घंटों में से कुछ समय योग के लिए अवश्य निकालें। इससे न केवल गंभीर बीमारियां दूर होती हैं, बल्कि भविष्य में रोग होने की संभावना भी कम होती है।
    कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संस्थान और सभी सहयोगियों को शुभकामनाएं।
      दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव ने मानव सेवा कर रहे डॉ व गांव के विकास के लिए सेवा प्रदान करने वाले जनप्रतिनिधियों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित किया और नागरिकों से "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत वृक्षारोपण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु शुरू हो चुकी है, जो पौधरोपण के लिए उपयुक्त समय है। अधिक से अधिक वृक्षा रोपण करे,।आरोग्यम उत्सव और योग कार्यक्रम के आयोजन से लोगों में स्वास्थ्य और योग के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
      इस अवसर पर संस्थान की ओर से प्रमुख रूप से अध्यक्ष गजराज पगारिया, मैनेजमेंट ट्रस्टी पुखराज दुग्गड़ जी, मूलचंद जैन, सुरेश बाघमार, सुखदेव देवांगन नंदू निर्मलकर, विनोद साहू सहित संस्थान के स्टाफ गण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए।

    प्रभारी महापौर ने कहा नाला सफाई का काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए ताकि बारिश के मौसम में किसी भी प्रकार की समस्या न हो:
       दुर्ग/शौर्यपथ/नगर पालिक निगम/महापौर अल्का बाघमार दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर इंदौर रवाना हुई हैं। उनकी अनुपस्थिति में नगर निगम के सुचारू रूप से संचालन के लिए उन्होंने वित्त प्रभारी नरेंद्र बंजारे को महापौर का प्रभार सौंपा है, महापौर श्रीमती बाघमार के मार्गदर्शन में प्रभारी महापौर नरेन्द्र बंजारे ने आज प्रभारी महापौर का प्रभार मिलने के बाद पहला कार्य आज स्वास्थ्य विभाग अमला के साथ आल सुबह ने वार्ड क्रमांक 43 सहगल ऑटो से लेकर सुभाष नगर तक में नाला सफाई कार्य का निरीक्षण किया।
    निरीक्षण के दौरान प्रभारी नरेंद्र बंजारे ने नाला सफाई की व्यवस्था और गुणवत्ता का जायजा लिया और आवश्यक सुधारों के लिए निरीक्षण के दौरान जोन नोडल अधिकारी को निर्देश दिए।
    उन्होंने कहा मुख्य रूप से, नाला सफाई की वर्तमान स्थिति और वर्षा पूर्व तैयारियों पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने सफाई के दौरान नाला के अंदर आस पास झाड़ियों को काटकर सफाई कर हटवाए।
    निरीक्षण में प्रभारी महापौर श्री बंजारे ने नाला सफाई के काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को चेताया और सफाई व्यवस्था में लापरवाही न हो, इसके लिए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नाला सफाई का काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए ताकि बारिश के मौसम में किसी भी प्रकार की समस्या न हो।प्रभारी महापौर नरेंद्र बंजारे ने वार्ड के निवासियों से भी अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को नाला-नालियों में न डालें, बल्कि नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहनों में ही डालें। इससे नाला सफाई में आसानी होगी और वार्ड में स्वच्छता बनी रहेगी।
    संक्षेप में,प्रभारी महापौर ने वार्ड 43 में नाला सफाई का निरीक्षण किया और इस महत्वपूर्ण कार्य में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए।

    भिलाईनगर / शौर्यपथ /
    विश्वभर में स्वास्थ्य, आत्म-संयम और मानसिक शांति के प्रतीक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज भिलाई नगर निगम द्वारा पायनियर मोन्यूमेंट, सिविक सेंटर सेक्टर-05 में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रातः 8:00 बजे से 9:00 बजे तक चला, जिसका संचालन सुप्रसिद्ध योग गुरु ममता साहू के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
     इस अवसर पर शहर के योगाचार्य, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, छात्र एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की। जीवनशैली में तेजी से आए बदलाव, तकनीकी निर्भरता और बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग ने एक जीवनशैली के रूप में पुनः समाज में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने योग को केवल व्यायाम न मानते हुए इसे मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए संपूर्ण समाधान बताया।
      नगर निगम भिलाई द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर भी योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें भेलवा तालाब, लोकांगन, सियान सदन, श्रीराम चौक कुर्सीपार, तारामंडल उद्यान, कुसुम कानन उद्यान और एनडीआरएफ प्रमुख रहे। इन स्थलों पर भी बड़ी संख्या में नागरिकों ने योगाभ्यास किया।
     मुख्य आयोजन सिविक सेंटर में हुआ, जिसमें बतौर विशिष्ट अतिथि उद्योगपति उमेश चितलांगिया, जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता एवं सेक्टर-5 पार्षद सेवन कुमार ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
      इस आयोजन को सफल बनाने में नगर निगम के विशेष सहयोगी मनोज ठाकरे (संत नामदेव आरोग्य सेवा समिति, दुर्ग), महर्षि दयानंद स्कूल (सेक्टर-6), एसएनजी स्कूल (सेक्टर-4), सेंट जेवियर्स स्कूल आदि शैक्षणिक संस्थानों की अहम भूमिका रही।
      कार्यक्रम में नगर निगम भिलाई से अजय शुक्ला, वैभवकांत सैमुएल, शरद दुबे, दीपक देवांगन, श्वेता माहेश्वर, संजय शर्मा, सागर दुबे सहित अनेक योग शिक्षक, स्कूल शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। योग दिवस का यह आयोजन न केवल नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली की प्रेरणा देने वाला रहा, बल्कि सामूहिक सहभागिता के माध्यम से शहर को एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता की अनुभूति भी कराता रहा।

    भिलाई / शौर्यपथ / नंदनी रोड स्थित अंग्रेजी शराब भट्ठी के सामने तलवार लहराते हुए डॉन बनने की कोशिश कर रहे दो युवकों को छावनी पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी राह चलते लोगों को अश्लील शब्दों से अपमानित कर डरा रहे थे, साथ ही शराब दुकान के कर्मचारी से जबरन पैसे मांगने की भी कोशिश की। दोनों आरोपियों के पास से धारदार तलवार जब्त कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
      दुर्ग पुलिस की प्रवक्ता श्रीमती पद्मश्री तंवर ने बताया कि मामला छावनी थाना क्षेत्र का है। आरोपियों ने शराब दुकान के कर्मचारी टेकेश कुमार देवांगन से पैसे की मांग की और तलवार लहराते हुए स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल बनाया। प्रार्थी की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए छावनी पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को धरदबोचा।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:
    1. अकरम खान, निवासी – शीतला मंदिर के पास, कैम्प 02, भिलाई
    2. बंटी खान उर्फ अजीम, निवासी – मछली मार्केट, कैम्प 02, भिलाई
      पुलिस ने अकरम खान के पास से एक लोहे की धारदार तलवार जब्त की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 322/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 119(1), 296, 351(3), 115(2) एवं आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
      इस त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी नवी मोनिका पांडेय, सउनि ईतवारी डेहरे, प्रधान आरक्षक उमेश गंगराले, आरक्षक आकाश तिवारी, महताब अहमद और धर्मेंद्र सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई। दुर्ग पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। शांति भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।

     राजनितिक विश्लेषण/शौर्य पथ समाचार
     दुर्ग शहर की कांग्रेस राजनीति एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां पारंपरिक नेतृत्व की पकड़ कमजोर होती जा रही है, वहीं एक नया नेतृत्व उभरने की कोशिश में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह उभरता चेहरा है दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, जो अब तक ग्रामीण कांग्रेस तक सीमित माने जाते थे, लेकिन अब उनकी सक्रियता और रणनीति दुर्ग शहर विधानसभा सीट की ओर इशारा कर रही है।

     जन्मदिन पर लगे पोस्टरों से शुरू हुई राजनीतिक चर्चा
      हाल ही में राकेश ठाकुर के जन्मदिन पर दुर्ग शहर में जगह-जगह लगे पोस्टरों और बैनरों ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी। इन पोस्टरों में न तो पूर्व विधायक अरुण बोरा दिखाई दिए, न ही उनके गुट से जुड़े किसी नेता की मौजूदगी रही। इसके विपरीत राकेश ठाकुर की राजनीतिक छवि को अलग और स्वतंत्र रूप में उभारने का प्रयास स्पष्ट नजर आया।
    पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल के साथ भी ठाकुर के संबंध महज औपचारिकता की सीमाओं तक सिमटे दिखे।  यह परिस्थितियाँ साफ संकेत देती हैं कि ठाकुर शहर की राजनीति में अपनी जमीन बनाने के अभियान पर हैं, और यह अभियान महज संगठनात्मक नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव की गहरी तैयारी का हिस्सा हो सकता है।
     कांग्रेस का निष्क्रिय संगठन और घटती पकड़
      वर्तमान समय में दुर्ग शहर कांग्रेस एक निष्क्रिय इकाई बन चुकी है। अध्यक्ष स्तर से लेकर बूथ स्तर तक कहीं कोई ठोस राजनीतिक गतिविधि नहीं दिखती। विपक्ष की भूमिका निभाने वाली पार्टी के रूप में कांग्रेस जनता से कटती जा रही है, और यही खाली जगह अब राकेश ठाकुर जैसे नेता अपने आंदोलन, विरोध प्रदर्शन और जनसरोकार वाले कार्यों से भरने में लगे हैं। ठाकुर की यह सक्रियता न सिर्फ शहर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रेरित कर रही है, बल्कि निष्क्रिय नेतृत्व पर सवाल भी खड़े कर रही है।
     स्व. मोतीलाल वोरा का युग और उनके जाने के बाद की राजनीतिक शून्यता
      यह भी एक राजनीतिक यथार्थ है कि स्वर्गीय मोतीलाल वोरा के जीवनकाल में दुर्ग शहर कांग्रेस में किसी अन्य नेता का उभार संभव नहीं था। उनकी गहरी पकड़ और संगठन पर प्रभाव के चलते अधिकांश कार्यकर्ता उनकी छत्रछाया में ही सीमित रहते थे। उनकी मृत्यु के बाद यह छत्रछाया खत्म हो गई, और धीरे-धीरे अरुण बोरा की पकड़ भी कमजोर होती गई। अब कांग्रेस कार्यकर्ता खुलकर बोरा के विरोध में भी उतरने लगे हैं, जैसा कि पिछली विधानसभा चुनाव में स्पष्ट रूप से देखा गया।
     पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का कांग्रेस से ही विरोध
      दुर्ग शहर विधानसभा सीट से पिछले छह बार चुनाव लड़ चुके पूर्व विधायक अरुण बोरा के खिलाफ पार्टी के भीतर ही व्यापक असंतोष दिखाई दिया था। 2023 के विधानसभा चुनाव में यह असंतोष खुले विरोध में तब्दील हो गया, जब कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रचार में भाग नहीं लिया, बल्कि गुप्त रूप से अन्य प्रत्याशियों के पक्ष में काम किया। यह परिदृश्य बताता है कि दुर्ग कांग्रेस में आपसी गुटबाजी केवल अंदरूनी मसला नहीं रह गया, बल्कि चुनाव में हार की मुख्य वजह बन चुका है।
     पाटन, भिलाई और दुर्ग ग्रामीण: तय दावेदार, पर दुर्ग शहर में असमंजस
      पाटन विधानसभा से भूपेश बघेल का टिकट लगभग तय माना जा रहा है। दुर्ग ग्रामीण से पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू दोबारा दावेदारी को लेकर सक्रिय हैं। भिलाई नगर से देवेंद्र यादव का कद प्रदेश स्तर तक स्थापित हो चुका है। इन सभी सीटों पर स्पष्टता होने के बाद सिर्फ दुर्ग शहर विधानसभा सीट पर ही टिकट को लेकर संशय और खींचातानी का माहौल है। यही वह मौका है जहां राकेश ठाकुर जैसे नेता अपनी भूमिका को धीरे-धीरे मजबूत करने में लगे हैं।
     राकेश ठाकुर: रणनीति, संगठन और सक्रियता का समन्वय
      राकेश ठाकुर की सबसे बड़ी ताकत है -उनकी जमीनी सक्रियता और युवाओं के बीच बढ़ता समर्थन। ग्रामीण इलाकों से जुड़ा होने के बावजूद, वह शहर में जन आंदोलनों, विरोध प्रदर्शन और मुद्दों पर बेबाक बयानबाजी के जरिए तेजी से एक प्रभावी चेहरा बनते जा रहे हैं। उनकी सक्रियता कांग्रेस हाईकमान की निगाहों से दूर नहीं रह सकती, और यदि शहर कांग्रेस में निष्क्रियता बनी रही तो पार्टी नेतृत्व भी नई सोच के साथ नया चेहरा आजमा सकता है।
     भविष्य की संभावनाएं और खतरे
    इस बदलते परिदृश्य में दो बातें तय हैं:
    1. अगर कांग्रेस दुर्ग शहर में भीतरघात, निष्क्रियता और गुटबाजी से नहीं उबरी, तो आगामी चुनाव में फिर हार की नौबत आ सकती है।
    2. अगर राकेश ठाकुर जैसे सक्रिय नेताओं को उचित मंच और संगठनात्मक सहयोग मिला, तो वे पार्टी को एक नया जीवन दे सकते हैं।
     परंतु, यह भी सच है कि कांग्रेस के लिए एक और गुट का उभार जहां नई ऊर्जा ला सकता है, वहीं पुराने नेताओं की असहजता और आंतरिक कलह को और गहरा भी कर सकता है।

    दुर्ग । शौर्यपथ समाचार।
      पुलिस विभाग में कार्यरत जवानों की सेवा और समर्पण का सम्मान करते हुए, आज एक भावुक क्षण तब देखने को मिला जब सड़क दुर्घटना में शहीद हुए आरक्षक क्रमांक 1724 उपेन्द्र कुमार तिवारी की माताजी श्रीमती चंद्रकांति तिवारी को 1 करोड़ रुपये की बीमा राशि का चेक सौंपा गया।
      यह राशि पुलिस सेलरी पैकेज (P.S.P.) के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा प्रदान की गई, जो राज्य पुलिस विभाग और एसबीआई के मध्य हुए साझा एमओयू के तहत बीमा कवरेज में आती है।
      इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, एसबीआई क्षेत्रीय प्रबंधक श्री रूपक मंडल (सेक्टर-1, भिलाई), एवं एसबीआई शाखा गंजपारा, दुर्ग के शाखा प्रबंधक श्री राहुल मोदी की उपस्थिति में चेक प्रदान किया गया।
      आरक्षक उपेन्द्र कुमार तिवारी की 26 दिसंबर 2024 को एक दुखद सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो गई थी। वे जिला पुलिस बल, दुर्ग में सेवाएं दे रहे थे और अपने कर्तव्यों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन कर रहे थे। उनका यह बलिदान पूरे पुलिस विभाग के लिए एक प्रेरणा बन गया है।
     पुलिस सेलरी पैकेज के तहत एसबीआई द्वारा पुलिसकर्मियों को दुर्घटना के कारण मृत्यु, स्थायी पूर्ण विकलांगता या आंशिक विकलांगता की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाती है, जो कि जवानों और उनके परिवारों के लिए एक आश्वस्ति का कार्य करता है।
     इस पहल को देखकर अन्य पुलिसकर्मियों में सुरक्षा की भावना और सिस्टम के प्रति विश्वास और भी मजबूत हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस अवसर पर शहीद आरक्षक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।  यह बीमा पैकेज न केवल एक आर्थिक सहायता है, बल्कि यह पुलिस जवानों के योगदान और बलिदान की सामाजिक स्वीकृति और मान्यता का प्रतीक भी है।

       दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम महापौर श्रीमती अलका बाघमार दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर इंदौर रवाना हो गई हैं। उनकी अनुपस्थिति में, प्रभारी वित्त विभाग के सदस्य नरेंद्र बंजारे को दो दिनों के लिए प्रभारी महापौर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।महापौर श्रीमती बाघमार ने यह आदेश जारी करते हुए शहर के कामकाज को सुचारु रूप से चलाने के लिए यह निर्णय लिया है।
      प्रभारी महापौर नरेंद्र बंजारे शुक्रवार सुबह से महापौर चेंबर में अपना दायित्व संभालेंगे। इस दौरान वे महापौर के विभागीय कार्यों और महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।
     शहर का कामकाज नहीं होगा प्रभावित प्रभारी महापौर श्री बंजारे ने आश्वस्त किया है कि उनकी देखरेख में शहर का कामकाज सुचारु रूप से चलता रहेगा और कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय या कार्य प्रभावित नहीं होगा। वे निकाय के प्रशासनिक कार्यों, जैसे कि सफाई, पानी की आपूर्ति, बिजली, आदि की देखरेख करेंगे और महत्वपूर्ण बैठकों व कार्यक्रमों में भी प्रतिनिधित्व करेंगे।

    अशोक करिहार आत्महत्या मामला बना प्रशासन के लिए बड़ा सवाल ?
    शौर्यपथ समाचार / विशेष रिपोर्ट / दुर्ग
      दुर्ग नगर निगम में कार्यरत सफाई कामगार अशोक करिहार की आत्महत्या ने निगम प्रशासन, विशेषकर उपायुक्त महेंद्र साहू की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 27 सितंबर 2022 की सुबह जब अशोक करिहार अपने ही घर में फांसी पर झूलते मिले, तब न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा नगर निगम सकते में आ गया।
    बीमारी और छुट्टी के लिए संघर्ष बना मौत की वजह?
    अशोक करिहार, जो लंबे समय से विभिन्न बीमारियों से पीडि़त थे, ने छुट्टी के लिए आवेदन दिया था। सूत्रों के अनुसार, उनके पास उपलब्ध वैध छुट्टियां थीं, लेकिन इसके बावजूद उपायुक्त महेंद्र साहू, जो छुट्टी स्वीकृत करने के अधिकृत अधिकारी थे, ने छुट्टी मंजूर नहीं की।
    यह भी चर्चा में आया कि छुट्टी स्वीकृति से संबंधित नोटशीट में जानबूझकर हेराफेरी की गई। रिश्वत की मांग और मानसिक प्रताडऩा की संभावना को लेकर भी चर्चा तेज है। इसी के चलते अशोक करिहार ने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया।
    सुसाइड नोट: सिस्टम पर गंभीर आरोप
      घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित सुसाइड नोट वायरल हुआ जिसमें अशोक करिहार ने अधिकारियों की प्रताडऩा का जि़क्र करते हुए अपने पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति देने की बात लिखी थी। हालांकि इस नोट की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है, लेकिन नगर निगम में इस नोट को लेकर कई चर्चाएं हुईं।
    संदेहास्पद गति से हुई अनुकंपा नियुक्ति
      अशोक करिहार की मृत्यु के मात्र 12 दिन के अंदर उनके पुत्र अनिल करिहार को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान कर दी गई। इस प्रक्रिया में जो बात सबसे अधिक चौंकाती है वह यह कि मृत्यु प्रमाण पत्र और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बिना ही नियुक्ति पूरी कर दी गई।
    10 अक्टूबर 2022 को अशोक करिहार के पुत्र ने नौकरी भी ज्वाइन कर ली , जबकि मृत्यु प्रमाण पत्र 19 अक्टूबर को निर्गत हुआ। इसका अर्थ यह है कि बिना मृत्यु की पूरी औपचारिक पुष्टि के ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
    पूर्ववर्ती आवेदकों की अनदेखी
     जबकि नगर निगम में अन्य लगभग 40 परिवार अनुकंपा नियुक्ति के लिए वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे हैं, ऐसे में इतनी तेजी से सिर्फ अशोक करिहार के पुत्र की नियुक्ति होना संदेह को और गहरा करता है। क्या यह उपायुक्त महेंद्र साहू और अशोक करिहार के बीच हुए विवाद की भरपाई का प्रयास था? या फिर यह उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के संबंधों और प्रभाव का परिणाम?
    संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग?
    स्थापना शाखा के प्रमुख के रूप में महेंद्र साहू की भूमिका अब सवालों के घेरे में है। यदि सत्यता यही है कि बिना नियमों का पालन किए, एक विवादित परिस्थिति में, मात्र राजनीतिक या प्रशासनिक संबंधों के दम पर नियुक्ति की गई, तो यह न केवल संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग है, बल्कि भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा भी है।
    प्रशासन को देना चाहिए जवाब
    यह मामला अब उच्च स्तरीय जांच की मांग करता है। यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु के पीछे प्रशासनिक उत्पीडऩ की भूमिका है, तो यह मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है। नगर निगम प्रशासन और राज्य शासन को इस मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और दोषियों को दंडित करना चाहिए।
    सार
    दुर्ग नगर निगम का यह प्रकरण दर्शाता है कि कैसे एक आम सफाई कर्मचारी को सिस्टम की बेरुखी ने आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया और कैसे बाद में उस मौत का इस्तेमाल संभवत: कुछ अधिकारी अपने कर्तव्यों से बचाव और लाभ के लिए करते दिखाई दे रहे हैं।
    प्रश्न यह है कि—क्या इस मामले की जांच होगी या फिर एक और मौत सिर्फ आंकड़ा बनकर रह जाएगी?

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