August 14, 2026
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    दुर्ग

    दुर्ग (5012)

     हर वार्ड में बनेगा सफाई रजिस्टर, 12 बजे बाद क्लस्टर सिस्टम लागू होगा, कंट्रोल रूम से सीधे दर्ज होंगी शिकायतें

    रिसाली / SHOURYAPATH /
    नगर पालिक निगम रिसाली में सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से महापौर शशि सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कई निर्णय लिए गए। अब से हर वार्ड के सफाई सुपरवाइजरों को प्रतिदिन सफाई कार्यों की जानकारी संबंधित पार्षद को देनी होगी, साथ ही नागरिकों से सफाई की पुष्टि कराकर रजिस्टर में हस्ताक्षर लेना अनिवार्य किया गया है।

    आयुक्त मोनिका वर्मा ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक वार्ड के लिए तीन अलग-अलग रजिस्टर बनाए जाएं, जिनमें:

    1. नाली की सफाई

    2. सड़क-बाजार क्षेत्र की सफाई

    3. पार्षद एवं नागरिकों की शिकायतें
      का रिकॉर्ड रखा जाएगा।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि नाली सफाई की जानकारी “कहां से कहां तक” हुई, यह नागरिकों से प्रमाणित कराना होगा, जबकि सड़क और बाजार क्षेत्र की सफाई कार्यों की जानकारी सुपरवाइजर द्वारा पार्षद को दी जाएगी। यदि किसी पार्षद की ओर से सफाई कार्यों को लेकर कोई शिकायत है, तो उसे रजिस्टर के रिमार्क कॉलम में दर्ज कर तत्काल जन स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराना होगा।

    ? क्लस्टर प्रणाली होगी लागू — दोपहर के बाद भी दिखेंगे सफाईकर्मी

    बैठक में कई पार्षदों ने यह शिकायत की कि दोपहर 12 बजे के बाद सफाईकर्मी वार्डों में नज़र नहीं आते, जबकि उनकी ड्यूटी दोपहर 2 बजे तक की है। इस पर आयुक्त ने एक नई कार्य योजना के तहत निर्देश दिया कि अब 3 से 4 वार्डों का एक क्लस्टर बनाया जाएगा। इन क्लस्टर्स में सफाई कर्मचारी बल्क में एकत्र होकर हर दिन किसी एक वार्ड में गहन सफाई कार्य करेंगे। इसके लिए पार्षदों को रोस्टर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

    ☎️ नागरिकों के लिए कंट्रोल रूम — सीधे शिकायत दर्ज करने की सुविधा

    नवाचार के तहत आयुक्त ने जनस्वास्थ्य विभाग में एक कंट्रोल रूम स्थापित करने की घोषणा की है। शीघ्र ही इसके लिए टेलीफोन नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे, जिससे नागरिक सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
    शिकायतें प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध की जाएंगी और संबंधित सुपरवाइजर को तत्काल कार्रवाई के लिए सौंपा जाएगा।

    ?️ बैठक में उपस्थिति

    बैठक में महापौर शशि सिन्हा के साथ नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र साहू, एमआईसी सदस्य अनिल देशमुख, जहीर अब्बास, रंजीता बेनुआ, ममता यादव, जमुना ठाकुर, चन्द्रभान ठाकुर, गोविन्द चतुर्वेदी, विनय नेताम, धर्मेन्द्र भगत, अनुप डे, शीला नारखेड़े, सोनिया देवांगन, रमा साहू, हरीशचन्द्र नायक, खिलेन्द्र चंद्राकर, पार्वती, सारिका साहू सहित कई पार्षद उपस्थित रहे।


    ? निष्कर्ष:
    रिसाली नगर निगम द्वारा उठाए गए ये कदम पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। यदि यह मॉडल सफल रहा, तो इसे अन्य नगरीय निकायों में भी लागू किया जा सकता है।

    – संवाददाता

     91 कर्मियों की सेवाओं को किया गया सम्मानित, संयंत्र प्रबंधन ने दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं

    भिलाई / SHOURYAPATH /
    सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र से जुलाई 2025 माह में सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन भावपूर्ण वातावरण में किया गया। इस माह कुल 91 कर्मचारी सेवा से निवृत्त हो रहे हैं, जिनमें 14 कार्यपालक तथा 77 गैर-कार्यपालक कर्मचारी शामिल हैं। इन सभी कर्मियों ने संयंत्र की प्रगति में अपने योगदान से नई ऊँचाइयाँ सुनिश्चित कीं।

    कार्यपालकों हेतु विदाई समारोह इस्पात भवन स्थित निदेशक प्रभारी सभागार में आयोजित किया गया, जहाँ संयंत्र के वरिष्ठ कार्यपालक निदेशकगण एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। वहीं गैर-कार्यपालकों के लिए समारोह का आयोजन भिलाई निवास परिसर में हुआ, जहाँ सहकर्मियों ने आत्मीय वातावरण में उन्हें विदाई दी।

    सेवानिवृत्त होने वाले कार्यपालकों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:

    • मुख्य महाप्रबंधक: राजीव कुमार श्रीवास्तव

    • महाप्रबंधक: सुधीर सोरते, सेवाराम जटरेले, श्याम नारायण सिंह

    • अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी: डॉ. नोहर सिंह ठाकुर

    • उप महाप्रबंधक: सुनील कुमार

    • सहायक महाप्रबंधक: मोहम्मद आरिफ खान, मृदुल कुमार श्रीवास्तव, राजिल कुमार रणदीवे, दीपांकर कुमार मजुमदार, राज कुमार शुक्ला, जीएमवी पद्मिनी कुमार

    • वरिष्ठ प्रबंधक: बीरेंद्र कुमार सिंह

    • उप प्रबंधक: अनिल कुमार फुले

    कार्यक्रम में संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति आदेश-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया और उनके समर्पित कार्यकाल की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई।

    भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने सेवानिवृत्त सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि “संयंत्र की आधारशिला को मजबूत बनाने में आपके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। आपका परिश्रम, अनुशासन और संगठन के प्रति निष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।”

    इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को स्वस्थ, सम्मानजनक एवं आनंदमय जीवन की शुभकामनाएं दी गईं।

    पीओपी मूर्तियों पर नगर निगम का बड़ा फैसला,अब सिर्फ मिट्टी के गणेश ही होंगे विराजमान, महापौर और आयुक्त ने की नागरिकों से अपील
    दुर्ग निगम सख्त, पीओपी मूर्ति बेचने पर होगी कड़ी कार्रवाई और जुर्माना
    नगर निगम का बड़ा फैसला – पीओपी मूर्तियाँ बैन, विक्रेताओं को जारी की चेतावनी
    दुर्ग /शौर्यपथ /आगामी गणेश उत्सव को देखते हुए नगर पालिक निगम दुर्ग एवं जिला प्रशासन ने शहर में पीओपी प्लास्टर ऑफ पेरिस से निर्मित मूर्तियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आदेश के अनुसार, अब नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत सभी घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक पंडालों में केवल मिट्टी से बनी गणेश मूर्तियाँ ही स्थापित की जा सकेंगी।
    महापौर श्रीमती अलका बाघमार एवं आयुक्त सुमित अग्रवाल ने मूर्ति विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे केवल मिट्टी से निर्मित गणेश मूर्तियाँ ही विक्रय के लिए रखें। पीओपी से बनी मूर्तियाँ न केवल जल स्रोतों को प्रदूषित करती हैं, बल्कि इनके अपघटन में भी लंबा समय लगता है जिससे जल जीवों और पर्यावरण को गंभीर नुकसान होता है।
    महापौर अलका बागमार ने कहा-नगर निगम का यह प्रयास शहर को स्वच्छ और हरित बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पीओपी मूर्तियाँ हमारे तालाबों और नदियों को दूषित करती हैं। हम सभी को मिलकर इस पहल में सहयोग करना चाहिए। मैं शहर के सभी नागरिकों से अपील करती हूँ कि वे मिट्टी से बनी गणेश मूर्तियाँ ही खरीदें और इस बार एक पर्यावरण-अनुकूल गणेश उत्सव मनाएं।”
    नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने कहा निगम द्वारा लगातार निगरानी की जाएगी। यदि किसी विक्रेता या आयोजक को पीओपी मूर्तियाँ बेचते या स्थापित करते पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी वसूला जाएगा। निगम की टीम बाजारों और मूर्ति विक्रय स्थलों पर नियमित निरीक्षण करेगी।"
    उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख चौकों, बाजारों और वार्डों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को पीओपी मूर्तियों के दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी जा सके और वे मिट्टी की मूर्तियाँ अपनाने के लिए प्रेरित हों।
    निगम की अपील:
    नागरिक मिट्टी से बनी मूर्तियाँ ही खरीदें
    पीओपी मूर्तियों की जानकारी मिलने पर नगर निगम को सूचित करें
    मूर्ति विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थानों का ही उपयोग करें
    यह कदम न सिर्फ पर्यावरण के हित में है, बल्कि भावी पीढ़ियों को एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान है। नगर निगम ने सभी धार्मिक समितियों, गणेश उत्सव मंडलों और गणेश मूर्ति विक्रेताओं से भी सहयोग की अपेक्षा की है।

    मेयर ने कहाँ पौधरोपण सिर्फ फोटो खींचने के लिए न हो,बल्कि वृक्षारोपण के बाद पेड़ की
    सेवा देकर उसे बड़ा भी करें:
    मेयर ने कहा कि हम सबका दायित्व है कि हम अपने आसपास में लगे वृक्षों की रक्षा करें एवं आने वाली पीढी को स्वच्छ वातावरण में सांस लेने एक पौधे जरूर लगाए:
    दुर्ग//शौर्यपथ / नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं शहर को प्रदूषण मुक्त व हराभरा करने नगर निगम के अलावा अन्य संस्थाओं द्वारा भी शहर में वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को पुलिस लाइन वार्ड क्रमांक 48 के मैदान में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में मेयर श्रीमती अलका बाघमार ने पौध रोपण किया।इस दौरान मेयर ने मौजूद लोगो से कहाँ कि पौधरोपण सिर्फ फोटो खींचने के लिए न हो,
    बल्कि वृक्षारोपण के बाद पेड़ की
    सेवा देकर उसे बड़ा भी करें:
    मेयर अलका बाघमार के साथ पार्षद लोकेश्वरी ठाकुर के अलावा बड़ी संख्या मे वार्डवासियो ने वार्ड 48 के मैदान मे नीम, बादाम, गुलमोहर, अमलताश, मौलश्री प्रजाति के पौधे लगाए।
    महापौर ने कहा कि आज शहर को विकसित करने जिस गति से वृक्षों की कटाई हो रही है, उस गति से पेड़ लगाए नहीं जा रहे है, जिसके कारण पर्यावरण प्रदूषित और आक्सीन की कमी हो रही है।
    महापौर ने कहा कि पेड़ न लगाने के कारण पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है और आक्सीन की कमी हो रही है। जिसका परिणाम हमने कोरोना के दूसरी लहर में पूरे देश में आक्सीजन की कमी को देखा है। जिससे अधिकांश लोगों की जाने गई है। पूरा देश इस सदमे से उबर नहीं पाया है। इस बात को ध्यान में रखते हम सबको प्रण लेकर अपने घर एवं उसके आसपास पौधे लगाना है, ताकि भविष्य में आक्सीजन की कमी जैसी स्थिति दोबारा निर्मित न हो। उन्होंने कहा कि हम सबका दायित्व है कि हम अपने आसपास में लगे वृक्षों की रक्षा करें एवं आने वाली पीढी को स्वच्छ वातावरण में सांस लेने एक पौधे जरूर लगाए।

       पाटन/शौर्यपथ — सावन मास के तीसरे सोमवार को भगवान शिव की भक्ति में लीन हजारों शिवभक्तों का कारवां बोल बम के जयघोष के साथ 28 जुलाई को पाटन से टोलाघाट की ओर भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल होने जा रहा है। यह आध्यात्मिक यात्रा बोल बम कांवड़ यात्रा समिति के संयोजक शिवभक्त जितेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में निकाली जाएगी, जो इस बार पहले से अधिक भव्य, अनुशासित और सामाजिक समरसता से परिपूर्ण होगी।

     यात्रा की शुरुआत:यात्रा की शुरुआत सुबह 8 बजे पाटन के ओग्गर तालाब में भगवान शंकर की पूजा-अर्चना और पवित्र जल संग्रह के साथ होगी। तत्पश्चात शिवभक्त कांवड़ लेकर पैदल टोलाघाट के लिए प्रस्थान करेंगे।

    यात्रा की विशेषताएं:

        धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का संगम
        मार्ग में आध्यात्मिक झांकियां, भजन-कीर्तन, सेवा शिविर
        भगवान शिव को जल अर्पण के साथ "जल संरक्षण" और "सर्वे भवन्तु सुखिनः" का संदेश
        प. कृष्ण कुमार तिवारी जी के सानिध्य में रुद्राभिषेक व जलाभिषेक

      "एक मुठ्ठी दान, भगवान शंकर के नाम": इस वर्ष समिति द्वारा एक अनूठी पहल — “एक मुठ्ठी दान भगवान शंकर के नाम” के तहत श्रद्धालुओं से चावल संग्रह कर महाप्रसाद तैयार किया जाएगा। यह प्रसाद हजारों शिवभक्तों को टोलाघाट में वितरित किया जाएगा, जिससे वे पुण्यलाभ अर्जित करेंगे।

     विशेष प्रस्तुति:टोलाघाट को शिवमय करने हेतु छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोकगायिका पायल साहु अपनी भक्ति संगीतमय प्रस्तुति के माध्यम से भगवान शिव की महिमा का गायन करेंगी।

     समिति की अपील:संयोजक जितेन्द्र वर्मा ने समस्त शिवभक्तों, युवा साथियों, सामाजिक संगठनों, माताओं-बहनों और ग्रामवासियों से आग्रह किया है कि इस पुण्य यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और शिव आराधना के इस दिव्य संगम को आत्मसात करें।
     "बोल बम के जयकारों के साथ जब हजारों कांवड़िए पग-पग बढ़ाएंगे, तब टोलाघाट शिवमय हो उठेगा। यह यात्रा न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान होगी, बल्कि सेवा, समर्पण और संस्कृति का जीता-जागता उदाहरण भी बनेगी।"

    भारत स्काउट्स एवं गाइड्स मे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया-कुमुद सिन्हा को मिला राष्ट्रपति पुरस्कार:
    महापौर अलका बाघमार ने निवास जाकर किया सम्मान, दी बधाई:
    दुर्ग/शौर्यपथ / दुर्ग नगर की प्रतिभावान बेटी कुसुम सिन्हा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लगन, मेहनत और मार्गदर्शन के साथ कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। देश के सर्वोच्च स्काउट-गाइड सम्मान ‘राष्ट्रपति गाइड प्रमाणपत्र’ को प्राप्त कर कुसुम ने न केवल अपने परिवार, विद्यालय और नगर का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य का भी गौरव बढ़ाया।
    राष्ट्रपति भवन में हुआ सम्मान समारोह
    दिनांक 22 जुलाई 2025, स्थान राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली — गोदावरी हॉल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में माननीय महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा देशभर से चयनित सीमित स्काउट-गाइड प्रतिभाओं को राष्ट्रपति प्रमाणपत्र प्रदान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ से चुनी गई केवल तीन प्रतिभाओं में से एक रहीं दुर्ग की कुसुम सिन्हा।
    कुसुम की सफलता का सफर
    गयानगर, वार्ड क्रमांक 10 निवासी कुसुम सिन्हा ने वर्ष 2018 में स्काउट गाइड के राष्ट्रपति अवॉर्ड के लिए आवेदन किया था। इसके बाद उन्होंने चरणबद्ध तरीके से सभी आवश्यक ट्रेनिंग, सामाजिक सेवा गतिविधियाँ, शिविर, प्रैक्टिकल परीक्षाएं, और मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूरे किए। उनके उत्कृष्ट कार्य, अनुशासन और सेवा भावना के चलते उन्हें यह गौरव प्राप्त हुआ।यह सम्मान उन प्रतिभागियों को प्रदान किया गया, जिन्होंने 2018, 2019, 2020 और 2021 के चार बैचों की संयुक्त राष्ट्रीय परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त की। इस परीक्षा में कुल 480 प्रतिभागियों ने उत्तीर्णता प्राप्त की, जिनमें से हर वर्ष की प्रत्येक श्रेणी (स्काउट, गाइड, रोवर और रेंजर) से एक-एक चयनित श्रेष्ठ प्रतिभागी, कुल 16 श्रेष्ठ प्रतिभागियों को राष्ट्र स्तर पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
    कुसुम के पिता श्री रामखिलावन सिन्हा और माता श्रीमती देवकी सिन्हा ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया। उनके साथ-साथ शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दुर्ग की प्राचार्य डॉ. कृष्णा अग्रवाल और यूनिट लीडर श्रीमती देविका रानी वर्मा (सेवानिवृत्त शिक्षिका) ने उनके प्रशिक्षण और मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    महापौर स्वयं पहुंचीं बधाई देने
    इस अभूतपूर्व सफलता पर दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने कुसुम सिन्हा के निवास पर पहुँचकर उन्हें शाल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। उनके साथ एमआईसी सदस्य देवनारायण चंद्राकर और पार्षद/एमआईसी सदस्य लीना दिनेश देवांगन भी मौजूद रहीं।
    महापौर ने इस अवसर पर कहा:
    > "कुसुम की यह उपलब्धि केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम की कहानी नहीं है, यह दुर्ग शहर की सामूहिक प्रेरणा और हमारी बेटियों की क्षमताओं का प्रमाण है। एक सामान्य परिवार से निकलकर, इतने कठिन प्रशिक्षण और चयन प्रक्रिया को पार करते हुए राष्ट्रपति से सम्मान प्राप्त करना अत्यंत गौरव की बात है। कुसुम ने यह साबित किया है कि यदि नीयत और मेहनत सच्ची हो तो सफलता निश्चित है। नगर निगम परिवार की ओर से मैं उन्हें ढेरों शुभकामनाएँ देती हूँ।"
    नगर के लिए प्रेरणा बनीं कुसुम
    कुसुम सिन्हा की यह उपलब्धि न केवल उनके समर्पण की मिसाल है, बल्कि शहर की अन्य बालिकाओं और युवाओं को प्रेरित करने वाला उदाहरण भी है। स्काउट गाइड जैसी रचनात्मक और सेवा-प्रधान गतिविधियों में भाग लेकर बच्चों को अनुशासन, नेतृत्व और सेवा का पाठ मिलता है.और कुसुम ने इस यात्रा को सफलता के चरम तक पहुँचाया।

      दुर्ग / शौर्यपथ / ऑपरेशन विश्वास अभियान के तहत थाना पद्मनाथपुर पुलिस ने एक बार फिर नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर पोटिया चौक दुर्ग स्थित शिव मंदिर गार्डन के पास दबिश देकर एक आरोपी को गांजा बेचते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
      गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान शेष नारायण वर्मा उर्फ जुगनू (उम्र 52 वर्ष, निवासी वार्ड 54, पोटियाकला, आबादीपारा, दुर्ग) के रूप में हुई है।

    ? जब्त सामग्री का विवरण:
        गांजा (1.100 किग्रा) — मूल्य ₹5,500

        बिक्री की नगदी — ₹500
        मोबाइल फोन (Vivo) — मूल्य ₹15,000
          कुल जब्ती राशि — ₹21,000

    पुलिस ने मादक पदार्थ को चिन्हांकित कर शीलबंद किया है। आरोपी के खिलाफ धारा 20(ख), 27(क) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह अपराध अजमानतीय श्रेणी में आता है, इसलिए आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
      दुर्ग पुलिस ने कहा है कि ऑपरेशन विश्वास के अंतर्गत नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इस तरह की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
     "नशे के सौदागरों पर कसेगा शिकंजा, विश्वास दिलाएगी पुलिस!"

    भिलाई, 27 जुलाई:
    गुरुद्वारा बेबे नानकी जी सेक्टर-11, भिलाई की प्रबंधक कमेटी ने अपने 2 वर्ष के सफल कार्यकाल की समाप्ति के उपरांत एक ऐतिहासिक निर्णय लिया। छत्तीसगढ़ सिख पंचायत भिलाई-दुर्ग के अध्यक्ष सरदार जसवीर सिंह चहल की अध्यक्षता में आयोजित एक विशेष धार्मिक समारोह में, सर्वसम्मति से सरदार कुलवंत सिंह को गुरुद्वारा बेबे नानकी जी का नया प्रधान चुना गया।

    यह शुभ निर्णय श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन हजूरी में अरदास के साथ लिया गया, जिसके उपरांत सरदार कुलवंत सिंह को सिरोपाओ देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सिख यूथ सेवा समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू व कोषाध्यक्ष मलकीत सिंह ललू ने उन्हें बधाई दी और उनके आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।

    सिख पंचायत के महासचिव गुरनाम सिंह ने बताया कि नई प्रबंधक कमेटी का कार्यकाल दो वर्षों का होगा और आने वाले पांच दिनों में कमेटी गठन की सूची सिख पंचायत को सौंप दी जाएगी।

    इस ऐतिहासिक अवसर पर कई गणमान्य सिख नेता एवं समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे जिनमें शामिल हैं:
    गुरमीत सिंह गांधी (वाइस चेयरमैन), पलविंदर सिंह रंधावा, जसबीर सिंह सैनी, हरभजन सिंह चहल, बलदेव सिंह, तेजिंदर सिंह हुंदल, गुरमीत सिंह चहल, अमरजीत सिंह बल, हरपाल सिंह हैप्पी, बलजिंदर सिंह कलेर, हरपाल सिंह कमल, सरूप सिंह, पुष्पक सिंह गिल, बलविंदर सिंह काला, स्वर्ण सिंह कोक, गुरप्रीत सिंह वाधवा, अजित सिंह काले, राजेंद्र सिंह अरोरा, और अन्य सम्मानित सदस्य।

    यह कार्यक्रम न केवल एक प्रशासनिक बदलाव का प्रतीक था, बल्कि संगत के समर्पण और एकता का भी जीवंत प्रमाण रहा। सरदार कुलवंत सिंह के नेतृत्व में गुरुद्वारा बेबे नानकी जी के सेवाकार्यों में और अधिक निखार आने की उम्मीद जताई जा रही है।

    संचालिका सहित 5 आरोपी गिरफ्तार, फरार मालिक की तलाश जारी; पुलिस की सटीक कार्रवाई से बेनकाब हुआ देह व्यापार का पूरा जाल
    भिलाई/शौर्यपथ /शहर की चमचमाती सड़कों और सजधज के पीछे छुपा एक घिनौना सच पुलिस की सतर्कता से सामने आया है। नेहरू नगर चौक स्थित 'द ग्रीन डे स्पा' की आड़ में अनैतिक देह व्यापार संचालित किए जाने का भंडाफोड़ हुआ है। संचालिका संध्या कुमारी सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि स्पा का मुख्य मालिक फरार है जिसकी तलाश जारी है।
     गुप्त सूचना पर की गई दबिश
    नगर पुलिस को सूचना मिली थी कि नेहरू नगर स्थित कोटक महिंद्रा बैंक के पास चल रहे स्पा सेंटर में लड़कियों से अनैतिक कार्य करवा कर अवैध धन अर्जित किया जा रहा है। सूचना की तस्दीक के बाद नगर पुलिस अधीक्षक सत्यप्रकाश तिवारी के निर्देशन में पुलिस टीम ने तत्काल रेड कार्रवाई की।
    स्पा सेंटर से जब्त सामग्री:
    06 मोबाइल फोन
    01 लेनोवा टैब
    08 डायरी, 04 रजिस्टर
    टाइपशुदा मोबाइल नंबरों की सूची
    आपत्तिजनक सामग्री
    नकद -600
     ग्राहक को बुलाने के लिए टेली कॉलिंग नेटवर्क का इस्तेमाल
    पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ कि स्पा सेंटर की टेली कॉलर जैनम खातून और योगिता गंधर्व ग्राहकों को फोन कर प्रलोभन देती थीं और अलग-अलग चार मोबाइल नंबरों से इस गैरकानूनी कारोबार को संचालित किया जाता था।
    आरोपियों पर लगे गंभीर आरोप
    आरोपियों के विरुद्ध अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम 1956 की धारा 3, 4, 5, 7 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
    गिरफ्तार आरोपी:
    1. संध्या कुमारी (34 वर्ष) – संचालिका, निवासी सुपेला
    2. अरविंद यादव (30 वर्ष) – ग्राहक, सुपेला
    3. आदित्य सिंह (29 वर्ष) – ग्राहक, सुपेला
    4. जैनम खातून – टेली कॉलर, सुपेला
    5. योगिता गंधर्व (23 वर्ष) – टेली कॉलर, सुपेला
    मुख्य आरोपी स्पा सेंटर का मालिक घटना के बाद से फरार है, जिसकी पुलिस द्वारा सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
     प्रशासनिक सख्ती
    पुलिस द्वारा नगर पालिका को स्पा सेंटर का गुमास्ता लाइसेंस रद्द करने हेतु प्रतिवेदन भेजा गया है। पुलिस का यह कदम शहर में इस तरह के छिपे हुए अनैतिक कारोबार के विरुद्ध एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
    कार्यवाही में इन अधिकारियों का रहा विशेष योगदान:
    सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी
    निरीक्षक विजय कुमार यादव
    उनि. मनीष वाजपेयी
    प्र. आर. योगेश चंद्राकर, अमर सिंह
    महिला रक्षक टीम प्रभारी संगीता मिश्रा
    महिला आरक्षक: योगिता साहू, सरस्वती ठाकुर, दीपक साहू, स्वाती कुर्रे
     संदेश समाज के लिए
    यह घटना महज एक रेड नहीं, समाज में फैल रही नैतिक पतन की चेतावनी है। स्पा और सैलून जैसे व्यवसायों की आड़ में यदि देह व्यापार पनपने लगे, तो यह महिलाओं की गरिमा, कानून व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों तीनों के लिए संकट है। पुलिस की तत्परता ने इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर एक साहसिक और अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

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