August 11, 2026
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    बिलासपुर

    बिलासपुर (228)

    बिलासपुर / शौर्यपथ /
    दिव्यांग सोनी की ख़ास रिपोर्ट

        उच्च शिक्षा के लिए संभाग का सबसे बड़ा शैक्षणिक संस्थान सी.एम. दुबे स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बिलासपुर में छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज़ाद पैनल छात्रसंघ के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज प्रांगण में धरना प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का पुतला दहन किया और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की।
    छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने प्रवेश के समय आकर्षक विज्ञापनों के माध्यम से छात्रों को झूठे वादों और प्रलोभनों के आधार पर एडमिशन दिलाया, लेकिन प्रवेश के बाद न तो सुविधाएँ दीं, न ही शैक्षणिक माहौल में सुधार किया गया।
     *स्वच्छता की हालत बद से बदतर*
    आज़ाद पैनल ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज परिसर में स्वच्छता की स्थिति बेहद खराब है। महाविद्यालय भवन के अंदर ही केवल कुछ डस्टबिन लगाए गए हैं, जबकि कॉलेज प्रांगण, गलियारों और अन्य आधिकारिक क्षेत्रों में कचरे के ढेर लगे रहते हैं।
    छात्रों ने तंज कसते हुए कहा कि —
    “जब कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना टीम का मूल उद्देश्य ही स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी है, तब ऐसे हालात शर्मनाक हैं। एन एस एस के दस्य स्वच्छता जागरूकता की जगह फोटोशूट तक सीमित हैं।”
     *नकल प्रकरण में नियमों की खुली धज्जियाँ*
    छात्रों ने बताया कि हाल ही में हुई परीक्षा में बीकॉमअंतिम वर्ष के कुछ छात्रों द्वारा मोबाइल फ़ोन का उपयोग कर अपने परिचितों को उत्तर साझा किए गए। यह परीक्षा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है, क्योंकि परीक्षा कक्ष में मोबाइल फ़ोन ले जाना पूर्णतः वर्जित है।
    इसके बावजूद कुछ शिक्षकों ने इस गंभीर उल्लंघन को नज़रअंदाज़ कर दिया, जिससे नकल प्रकरण को बढ़ावा मिला।
     *छात्रसंघ की चेतावनी: अब आर-पार की लड़ाई*
    धरने में उपस्थित आज़ाद पैनल के प्रमुख छात्र नेताओंने कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दी कि—
    “यदि 7 दिनों के भीतर छात्रों से किए गए वादे पूरे नहीं किए गए और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को राज्य स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। हम शांत हैं, पर कमजोर नहीं।”
     *आज़ाद पैनल की प्रमुख मांगे:*
    कॉलेज प्रांगण एवं सभी विभागों में स्वच्छता सुनिश्चित कर पर्याप्त डस्टबिन लगाए जाएँ।
    नकल प्रकरण में दोषी छात्रों व शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई हो।
    छात्रों से दुर्व्यवहार करने वाले कर्मचारियों से सार्वजनिक क्षमायाचना करवाई जाए।
    प्रवेश विज्ञापनों में किए गए झूठे वादों की जांच की जाए और पारदर्शी छात्र समिति गठित की जाए।
    अंत में आज़ाद पैनल ने कहा —
    “यह आंदोलन केवल कॉलेज के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा की सच्चाई और छात्र सम्मान की लड़ाई है। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक धरना, प्रदर्शन और विरोध जारी रहेगा।”

       बिलासपुर / शौर्यपथ / विवादास्पद बयान देने के लिए विख्यात भारतीय जनता पार्टी के लाडले नेता अजय चंद्राकर ने एक बार फिर से अपने आका को खुश करने की कोशिश की। इस बयान को उन्हें संभावित मंत्रिमंडल में शामिल होने से जोड़कर भी देखा जा सकता है। अजय चंद्राकर जो विधानसभा में अपनी ही पार्टी के सरकार को घेरने में लगे रहते हैं। आज बिलासपुर में कहा कि कांग्रेस के नेता दिल्ली स्थित एक परिवार की चाटने और काटने में लगे रहते हैं। कभी महिलाओं की बेज्जती और उत्पीड़न के लिए नाम कमा चुके अजय चंद्राकर ने आज जब यह कहा तो कांग्रेस के नेताओं ने उन्हें अच्छी खरी खोटी सुनाई।
    युवा नेता टाकेश्वर पाटले ने कहा कि ये वे ही नेता है जो अपने दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के अस्ति कलश के पास बैठकर हंसते हुए दिखाई दे रहे थे। काटने की बात पर उन्होंने कहा कि अपने ही पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सिकंदर बक्स को जिस तरह काटा उसे पर पहले जवाब देते। चाटने में भाजपाइयों का इतिहास काफी समृद्ध है और पिछले 14 वर्ष से एक नान बायोलॉजिकल आदमी की जयकारा चाटने की अद्भुत मिसाल है। सनातन संस्कृति का यश गान करने वाली और दलित विरोधी मानसिकता वाले से कांग्रेस को कुछ नहीं सीखना। अजय चंद्राकर के चाटने काटने वाले बयान बटोगे तो कटोगे के समान घोर विवादित हो रहा है। ऐसा समझा जा रहा है कि अपनी ही पार्टी में हासीये पर पड़े चंद्राकर कुछ भी करके लाइमलाइट में आना चाहते हैं।

    बिलासपुर / शौर्यपथ /
    तमाम इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के बावजूद दिवाली आए और मिट्टी के दिये की बात ना हो, बाजार न सजे यह संभव नहीं मिट्टी के दिये के बगैर दिवाली अधूरी है पर अब इन दियों पर महंगाई की छाया पड़ गई लगती है। बाजार में राजस्थान से आए हुए दिए व्यापारी जगदीश बताते हैं। वह 18 वर्ष से लगातार बिलासपुर आ रहे हैं और सीएमडी चौक के आगे उनकी दुकान लगती है। शहर के बहुत से दिया व्यापारी उनसे ही माल खरीद कर ले जाते हैं।₹20 के 12 दिये छोटे और बड़ा दिया ₹20 का एक चिल्लर में अब यही दाम है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में अलवर की मिट्टी इस तरह के काम के लिए बहुत अच्छी है। इन दियो से तेल का रिसाव नहीं होता दूसरी ओर स्थानीय दिये हैं और यह मुख्त: गोल बाजार क्षेत्र, लाल बहादुर शास्त्री स्कूल के पास बिक्री के लिए उपलब्ध होते हैं। इन पर भी महंगाई की छाया दिखाई देती है शायद तेल का बढ़ता दाम भी एक कारण है की अब दिया उतना ही लिया जाता है जो पूजा और मुख्य दरवाजे के आसपास प्रज्वलित करना जरूरी है। शहर में सबसे ज्यादा दिए की दुकानें मुंगेली नाका क्षेत्र में देखी जा सकती है और धनतेरस के एक-दो दिन पहले से छोटे व्यापारियों का ग्रामीण क्षेत्र से आना भी बढ़ेगा तब दाम में कुछ नरमी आएगी।

    रायपुर / शौर्यपथ /  छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा बस्तर संभाग के न्यायिक अधिकारियों के लिए एक दिवसीय संभागीय न्यायिक सेमिनार का आयोजन प्रेरणा हॉल, कलेक्टरेट भवन, जगदलपुर में किया गया। इस सेमिनार में बस्तर संभाग के चार जिलों जगदलपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव के 43 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया।

    छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी ने वर्चुअल माध्यम से सत्र का उद्घाटन किया। सेमिनार में श्री अमितेंद्र किशोर प्रसाद, न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, पोर्टफोलियो न्यायाधीश, जिला कांकेर की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

    मुख्य न्यायाधीश ने बस्तर संभाग के न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में न्यायपालिका से अपेक्षाएँ बहुत अधिक हैं। लोग हमसे अत्यधिक आशा रखते हैं। यह सेमिनार केवल सीखने का मंच ही नहीं, बल्कि न्याय, निष्पक्षता और विधि के शासन के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि भी है।

    मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायिक शिक्षा एक बार की प्रक्रिया नहीं है; बल्कि यह सतत प्रक्रिया है। आज के दौर में जहाँ कानून तेजी से विकसित हो रहे हैं और समाज नई चुनौतियों का सामना कर रहा है, वहाँ न्याय के संरक्षक होने के नाते हमें निरंतर अपने ज्ञान को समृद्ध करना और अपनी न्यायिक क्षमता को धार देना अनिवार्य है। सतत प्रशिक्षण सुनिश्चित करता है कि हम अपने संवैधानिक दायित्वों को दक्षता, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभा सकें।

    मुख्य न्यायाधीश ने आगे यह भी कहा कि बस्तर क्षेत्र अपने विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक परिदृश्य के साथ न्यायपालिका के लिए चुनौतियाँ और अवसर दोनों प्रस्तुत करता है। हमारा दायित्व है कि न्याय समाज के हर कोने तक पहुँचे, विशेष रूप से वंचित और कमजोर वर्गों तक। यहाँ के न्यायिक अधिकारियों की भूमिका जनता के विश्वास को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है कि न्याय न केवल किया जाए, बल्कि होता हुआ भी दिखाई दे।

    मुख्य न्यायाधीश ने सभी न्यायिक अधिकारियों से आग्रह किया कि वे सहानुभूति, धैर्य और निष्पक्षता के साथ न्यायिक कार्य करें। याद रखें, प्रत्येक मामले के पीछे एक मानवीय कहानी होती है संघर्ष, आशा और न्यायपालिका में विश्वास की। हमें सदैव यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि न्याय समय पर, पारदर्शी और तर्कपूर्ण तरीके से दिया जाए।

    अंत में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस प्रकार के सेमिनार समकालीन विधिक मुद्दों पर विचार-विमर्श, अनुभवों के आदान-प्रदान और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाने का मूल्यवान अवसर प्रदान करते हैं। इस सेमिनार में हुई चर्चाएँ न्यायिक अधिकारियों की दक्षता को बढ़ाएँगी और उन्हें न्यायिक कार्य की जटिलताओं को और अधिक कुशलता से संभालने योग्य बनाएँगी।

    इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। कांकेर, कोंडागांव, जगदलपुर एवं दंतेवाड़ा के जिलों के न्यायिक अधिकारी उपस्थित थे। स्वागत भाषण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर द्वारा दिया गया, परिचयात्मक उद्बोधन छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक ने तथा धन्यवाद ज्ञापन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जगदलपुर द्वारा किया गया।

    सेमिनार में बस्तर संभाग के कुल 43 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों द्वारा परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के मामलों की कार्यवाही का अवलोकन तथा इनके निपटारे हेतु नवीन उपकरण और तकनीकें, मध्यस्थता में रेफरल जज की भूमिका, डिक्री का क्रियान्वयन गिरफ्तारी एवं सिविल कारागृह में निरुद्धि तथा संपत्ति की कुर्की द्वारा समयबद्ध और प्रभावी प्रवर्तन हेतु रणनीतियाँ, सलाखों के पीछे या स्वतंत्र रिमांड और जमानत के प्रावधानों का गहन विश्लेषण, माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के नवीनतम निर्णयों के विशेष संदर्भ के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिए गए।

    शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और एम्स रायपुर के बीच ऐतिहासिक समझौता

    बिलासपुर / शौर्यपथ /
    छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। कुमार साहब स्व. दिलीप सिंह जूदेव शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, बिलासपुर और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी से अब बिलासपुर समेत आसपास के जिलों के मरीजों को एम्स स्तर की अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएँ अपने ही शहर में उपलब्ध होंगी।

    करार के अवसर पर

    एम्स रायपुर की ओर से कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ले. जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), अधिष्ठाता (अनुसंधान) डॉ. अभिरुचि गल्होत्रा, सह-अधिष्ठाता (अनुसंधान) डॉ. एकता खंडेलवाल और अतिरिक्त प्राध्यापक डॉ. राकेश गुप्ता उपस्थित थे।
    वहीं सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, बिलासपुर से चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह, प्रो. डॉ. अर्चना सिंह और सह-प्रो. डॉ. अभिषेक कुमार मौजूद रहे।

    साझेदारी के लाभ

    • अस्पताल के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को एम्स रायपुर के विशेषज्ञों से नवीनतम तकनीकों और उन्नत चिकित्सा पद्धतियों का प्रशिक्षण मिलेगा।

    • दोनों संस्थान शोध कार्यों और नई तकनीकों को लागू करने में सहयोग करेंगे।

    • मरीजों को उच्चस्तरीय नैदानिक सेवाएँ, टेलीमेडिसिन, बहु-केंद्रीय अध्ययनों का लाभ मिलेगा।

    अधिकारियों के विचार

    डॉ. भानु प्रताप सिंह ने कहा –

    “इस साझेदारी का सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। अब प्रदेशवासियों को एम्स जैसी सुविधाएँ अपने ही शहर बिलासपुर में मिलेंगी।”

    उन्होंने बताया कि इस पहल के लिए आयुक्त सुनील जैन और कलेक्टर संजय अग्रवाल ने उन्हें प्रेरित किया था।

    वहीं ले. जनरल अशोक जिंदल (से.नि.) ने कहा –

    “एम्स रायपुर हमेशा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, बिलासपुर को प्रशिक्षण, संकाय आदान-प्रदान और शोध कार्यों में सहयोग देगा। छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।”

    महत्व

    एम्स रायपुर अपनी उत्कृष्ट नैदानिक सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शोध कार्यों के लिए जाना जाता है। यह करार छत्तीसगढ़ की चिकित्सा प्रणाली को नई दिशा देगा और प्रदेश के लोगों को बड़े शहरों की दौड़-भाग से मुक्ति दिलाएगा।

       रायगढ़/शौर्यपथ /कपड़ा मंत्रालय ने 2024 के लिए संत कबीर हथकरघा पुरस्कार और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा की है। ये पुरस्कार देश के हथकरघा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले बुनकरों, डिजाइनरों, विपणक, स्टार्ट-अप और उत्पादक कंपनियों को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं।
    इस वर्ष छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के बुनकर आकाश कुमार देवांगन को उनके उत्कृष्ट जनजातीय बस्तर जाला कोसा साड़ी के लिए राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार के लिए चुना गया है, जिससे राज्य का मान बढ़ा है।
    कुल 24 पुरस्कार विजेताओं — जिनमें 5 संत कबीर पुरस्कार और 19 राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार शामिल हैं — को 7 अगस्त 2025, गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित 11वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह के दौरान भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
    इस भव्य समारोह में कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह, सांसद, उद्योग जगत के नेता, डिजाइनर, निर्यातक, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, छात्र और देशभर से आए 500 से अधिक बुनकर उपस्थित रहेंगे।
    राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम (NHDP) के तहत हथकरघा विपणन सहायता (HMA) घटक में स्थापित ये पुरस्कार उत्कृष्ट शिल्पकला, नवाचार और भारत की बुनाई परंपराओं को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए समर्पित व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित करते हैं।
    जहाँ संत कबीर हथकरघा पुरस्कार में ₹3.5 लाख की नकद राशि, स्वर्ण सिक्का, ताम्रपत्र, शॉल और मान्यता पत्र दिया जाता है, वहीं राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार में ₹2 लाख की नकद राशि, ताम्रपत्र, शॉल और प्रमाणपत्र दिया जाता है।
    पुरस्कार विजेताओं का चयन विशेषज्ञों की भागीदारी वाली कठोर और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है ताकि केवल योग्य और योग्यतम प्रतिभाओं को ही सम्मान मिले।
    इस वर्ष के पुरस्कार सरकार की इस प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं कि भारत के हथकरघा कारीगरों का सतत समर्थन कर इस सांस्कृतिक और आर्थिक धरोहर को संरक्षित रखा जाए।

    बिलासपुर/शौर्यपथ /नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) रायपुर जोनल यूनिट को मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में दो आरोपियों को दोषसिद्ध कराकर 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। यह कार्रवाई अगस्त 2023 में बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र में 118.110 किलोग्राम गांजा जब्त करने के मामले से जुड़ी है।
    एनसीबी इंदौर जोनल यूनिट ने एक विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए, गांजे से भरी टाटा जेस्ट कार को पकड़ा था, जिसमें यह मादक पदार्थ कार की डिक्की और पिछली सीटों में छुपाया गया था। मौके से दो स्थानीय आरोपियों — प्रवीण कुमार वस्त्रकार और दीपक कुमार मरकाम (दोनों निवासी बिलासपुर, छत्तीसगढ़) को गिरफ्तार किया गया था। जांच में यह सामने आया कि गांजा ओडिशा से लाया गया था और उसे बिलासपुर में वितरित किया जाना था, जो एक संगठित अंतरराज्यीय तस्करी रैकेट की ओर इशारा करता है।
    मामले की विस्तृत जांच के बाद दिसंबर 2023 में आरोपियों के विरुद्ध शिकायत दर्ज की गई थी। लंबी सुनवाई के पश्चात 17 जुलाई 2025 को चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायालय, बिलासपुर ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा और प्रत्येक पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया।
    एनसीबी ने इसे नशा मुक्त भारत अभियान की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है और कहा है कि यह निर्णय संगठित तस्करी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की दिशा में एक मजबूत संदेश देता है।
    ब्यूरो ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री की किसी भी जानकारी को राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 पर साझा करें। जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

     बिलासपुर / शौर्यपथ / जिले में लगातार हो रही अघोषित विद्युत कटौती, ट्रांसफार्मर खराबी, केबल जलने, और डियो गिरने जैसी तकनीकी समस्याओं से आमजन त्रस्त है। इन समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित विभाग द्वारा संतोषजनक जवाब न मिलने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर द्वारा आगामी 18 जुलाई शुक्रवार को दोपहर 12 बजे तिफरा स्थित विद्युत मंडल कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
      नेता प्रतिपक्ष भरत कुमार कश्यप ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा लगातार बिजली दरों में वृद्धि की जा रही है, जबकि आम जनता को न तो नियमित बिजली मिल रही है, न ही समय पर समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। कई बार छोटी-मोटी खराबी के कारण 10 से 12 घंटे तक बिजली गुल रहती है, जिससे पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित होती है।
      कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सरकार की नाकामी का सीधा असर आम जनता के जीवन पर पड़ रहा है, और अब जनता की आवाज को मजबूती से उठाना जरूरी हो गया है।
    धरना स्थल और समय की जानकारी
      प्रदर्शन के लिए सभी कांग्रेसजन एवं आम नागरिकों को दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) के पास दोपहर 12 बजे एकत्रित होने का आह्वान किया गया है। वहां से जुलूस के रूप में विद्युत मंडल कार्यालय, तिफरा की ओर कूच कर घेराव किया जाएगा।
      कश्यप ने जिले के नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस जनहित आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।

    बिलासपुर के विकास के लिए पैसों की नहीं होगी कमी : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने हितग्राहियों को राशन, श्रम और आयुष्मान कार्ड प्रदान किया
    उप मुख्यमंत्री अरुण साव बिलासपुर में आयोजित समाधान शिविर में हुए शामिल

    बिलासपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज व्यापार विहार स्थित त्रिवेणी भवन में सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। श्री साव ने  शिविर में स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की जमीनी पहुंच एवं लाभान्वित हितग्राहियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने हितग्राहियों को राशन कार्ड, श्रम कार्ड और आयुष्मान कार्ड प्रदान किया।
      उप मुख्यमंत्री साव ने समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार लोगों की समस्या का निराकरण उनके घर उनके द्वार तक पहुंचकर कर रही है। हमारी सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है।  पूरे राज्य में 40 लाख आवेदन आए हैं जो इस बात को दर्शाता है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में लोगों को अपनी समस्याओं के निराकरण का भरोसा है। सरकार गांव, गरीब किसान के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार में बिलासपुर के विकास के लिए लगातार राशि मिल रही है। बिलासपुर के विकास के लिए पैसों की कोई कमी नहीं होने देंगे। हम मिलकर बिलासपुर को आगे बढ़ाएंगे। बिलासपुर की बेहतरी और तरक्की के लिए लगातार प्रयास करेंगे।
     श्री साव ने कहा कि समाधान शिविर में सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित हैं, लोगों को अलग-अलग भटकने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सभी गारंटियों को विष्णु देव साय सरकार पूरा कर रही है। पीएम आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हो रहा है।      
    सुशासन तिहार में मिले 12 हजार आवेदन
      सुशासन तिहार के दौरान नगर निगम को 12 हजार आवेदन मिले, जिनमें से सभी आवेदनों का निराकरण कर लिया गया है। जोन क्रमांक 04 में 550 आवेदन मिले थे, जिनका निराकरण कर लिया गया है। 508 बीएलसी आवासों की स्वीकृति मिली है जिनमें से 16 आवास जोन क्रमांक 04 के हैं।
     बता दें कि, समाधान शिविर नगर निगम अंतर्गत जोन क्रमांक 04 के लिए आयोजित किया गया। इसमें वार्ड क्रमांक 23 से 29 के लोग शामिल हुए।
      शिविर में महापौर श्रीमती पूजा विधानी, नगर निगम के सभापति विनोद सोनी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, पूर्व महापौर किशोर राय, दीपक सिंह, रामदेव कुमावत सहित जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी और जनप्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में समाधान शिविर में उपस्थित रहे।

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