August 14, 2026
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    पौधारोपण के 31 वास्तु टिप्स

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    वास्तु टिप्स / शौर्यपथ / घर की किस दिशा में कौनसा वृक्ष, पेड़ या पौधा लगाना चाहिए और कौनसा नहीं यह जानना जरूरी है। यदि घर के आसपास नकारात्मक वृक्ष लगे हैं तो उससे जीवन में परेशानिया खड़ी होती है। आओ जानते हैं वृक्ष के वास्तु नियम।

    1. पौधारोपण हेतु उत्तरा, स्वाति, हस्त, रोहिणी और मूल नक्षत्र अत्यंत शुभ होते हैं। इनमें रोपे गए पौधों का रोपण निष्फल नहीं होता है। जिन्हें अपना जन्म नक्षत्र ज्ञात हो वे जन्म नक्षत्र अनुसार रोपण करें। दूसरा यह कि पौधों के शुक्ल पक्ष में पौधारोपण करें। शुक्ल पक्ष की अष्टमी से कृष्ण पक्ष की सप्तमी तक का समय वृक्षारोपण के लिये शुभ रहता है।
    2. कोई भी पौधा घर के मुख्य द्वार के सामने न रोपे, बड़े वृक्ष मुख्‍य द्वार की ऊंचाई के तीन गुना दूर लगाएं। वृक्ष की छाया प्रात: 9 से 3 बजे तक घर पर नहीं पड़ना चाहिए। घर की छाया से थोड़ी दूर पर पीपल, आम और नीम लगा सकते हैं। घर के उत्तर एवं पूर्व क्षेत्र में कम ऊंचाई के पौधे लगाने चाहिए।

    3. पौधों को पहले मिट्टी के गमलों में व फिर जमीन में लगाना चाहिए। ऐसा करने से उनका विकास अच्छा रहता है। यदि किसी भी कारण से किसी वृक्ष को निकालना आवश्यक हो जाता है तो उसे माघ या भाद्रपद माह में ही निकालना चाहिए। साथ ही एक वृक्ष निकालने के स्थान पर एक नया वृक्ष लगाने का संकल्प लेना चाहिए। ऐसा तीन माह के भीतर कर देना चाहिए।

    4. कहते हैं कि जो वृक्ष ऊंचे और मजबूत तथा कठोर तने वाले (शीशम इत्यादि) हैं, उन पर सूर्य का विशेष अधिकार होता है। दूध वाले वृक्षों (देवदार इत्यादि) पर चंद्र का प्रभाव होता है। लता, वल्ली इत्यादि पर चंद्र और शुक्र का अधिकार होता है। झाड़ियों वाले पौधों पर राहू और केतू का विशेष अधिकार है। जिन वृक्षों में रस विशेष न हो, कमजोर, देखने में अप्रिय और सूखे वृक्षों पर शनि का अधिकार है। सभी फलदार वृक्ष बृहस्पति के वर्ग में, बिना फल के वृक्षों पर बुध का और फल, पुष्प वाले चिकने वृक्षों पर शुक्र का अधिकार है।
    5. सूर्य की दिशा पूर्व, बृहस्पति की दिशा उत्तर, मंगल की दिशा दक्षिण, शनि की दिशा पश्चिम है।

    6. पूर्व दिशा : घर की पूर्व दिशा में बरगद का पेड़ होने से समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं, लेकिन इसकी घर पर छाया नहीं पड़ना चाहिए और घर की छाया इस पर नहीं पड़ना चाहिए। पूर्व में पीपल से भय और निर्धनता आती है। पूर्व में लगे फलदार वृक्ष से संतति की हानि होती है। हालांकि घर की पूर्व दिशा की ओर पीपल और बरगद के वृक्ष लगाने शुभ नहीं होते। इनसे स्वास्थ्य हानि, प्रतिष्ठा में कमी एवं अपकीर्ति के संकेत मिलते हैं। घर की पूर्व दिशा में गुलाब, चंपा, गूलर, चमेली, बेला, दुर्वा, तुलसी आदि के पौधे लगाने चाहिए। इससे शत्रुनाश, धनसंपदा की वृद्धि व संतति सुख प्राप्त होता है।

    7. पश्‍चिम : पश्चिम में लगे कांटेदार वृक्ष से शत्रु का भय उत्पन्न होता है। पश्चिम में पीपल का वृक्ष शुभ फलदायी होती है। घर के दक्षिण एवं पश्चिम क्षेत्र में ऊंचे वृक्ष (नारियल अशोकादि) लगाने चाहिए। इससे शुभता बढ़ती है।

    8. उत्तर : तुलसी, कैथ, पाकड़ या केले के पेड़ को ईशान या उत्तर में लगाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। यहां इस पौधे का अत्यंत शुभ फल मिलता है। लेकिन यदि गूलर और नींबू का पेड़ है तो आंखों से संबंधित रोग उत्पन्न होंगे। उत्तर दिशा में फलदार पेड़ लगाने से संतान पीड़ा अथवा बुद्धि का भी नाश होता है।
    9. ईशान : तुलसी, कैथ, पाकड़ या केले के पेड़ को ईशान या उत्तर में लगाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। ईशान कोण में लटजीरा लगा सकते हैं। ईशान कोण की वाटिका में हल्के फूलों वाले पौधे, बेल और लताएं और औषधीय गुणों वाले पौधे जैसे तुलसी, आंवला इत्यादि लगाए जाने चाहिए। मकान से कुछ दूरी पर ईशान में आंवला भी लगा सकते हैं।

    10. दक्षिण : घर की दक्षिण दिशा में गुलाब, गूलर, खैर, नारियल, अशोक और नीम का पेड़ शुभ फलदायक होता है। घर के पिछवाड़े या दक्षिण की ओर फलदार वृक्ष शुभ होने चाहिए। इस दिशा में कांटेदार पेड़-पौधे होने से घर में रोग उत्पन्न हैं। तुलसी का पौधा कठोर यातना देता है। दक्षिण में दूधवाले वृक्ष लगे होने से धन नाश होता है। गुलमोहर, पाकड़, कटहल के वृक्ष लगाने से अकारण शत्रुता, अर्थनाश, असंतोष व कलह होने की आशंका रहती है। जिस व्यक्ति को संकटों से मुक्ति पाना और निरोगी रहना हो उसे घर के दक्षिण में नीम का वृक्ष लगाना चाहिए। घर की छाया से थोड़ी दूर नीम लगा सकते हैं।
    11. आग्नेय कोण : दक्षिण पूर्व दिशा अर्थात आग्नेय कोण की ओर पलाश, ढाक, जवाकुसुम, बरगद, अनार, लाल गुलाब अशुभ एवं कष्टदायक होते हैं। इस दिशा में लाल फूलों के वृक्षों व लताएं तथा कांटे वाले वृक्ष अनिष्टकारक एवं मृत्युकारक माने गए हैं।

    12. नैऋत्य : नैऋत्य में इमली का पेड़ शुभ फल देता है।

    13. वायव्य : नीम के वृक्ष को वायव्य कोण में लगाना भी अत्यंत शुभ फलदायी होता है। बेल का वृक्ष भी वायव्य कोण में लगा सकते हैं।
    14 कदम्ब, केला और नींबू जिसके घर में उत्पन्न होता है, उस घर का मालिक कभी विकास नहीं करता। अत: इसकी दिशा का ज्ञान होना जरूरी है।

    15. पाकड़, गूलर, आम, नीम, बहेड़ा तथा कांटेदार वृक्ष, पीपल, अगस्त, इमली ये सभी घर के समीप निंदित कहे गए हैं।


    16. कहते हैं कि पूर्व में पीपल, अग्निकोण में दुग्धदार वृक्ष, दक्षिण में पाकड़, निम्ब, नैऋत्य में कदम्ब, पश्‍चिम में कांटेदार वृक्ष, उत्तर में गूलर, केला, छाई और ईशान में कदली वृक्ष नहीं लगाना चाहिए। बैर, पाकड़, बबूल, गूलर आदि कांटेदार पेड़ घर में दुश्मनी पैदा करते हैं। इनमें जति और गुलाब अपवाद हैं। घर में कैक्टस के पौधे नहीं लगाएं।
    17. जामुन और अमरूद को छोड़कर फलदार वृक्ष भवन की सीमा में नहीं होने चाहिए। इससे बच्चों का स्वास्थ्य खराब होता है। आवासीय परिसर में दूध वाले वृक्ष लगाने से धनहानि होती है। जिन पेड़ों से गोंद निकलता हो अर्थात चीड़ आदि घर के परिसर में नहीं लगाने चाहिए। यह धनहानि की आशंका को बढ़ाता है।

    18. जिस घर की सीमा में निगुंडी का पौधा होता है वहां गृह कलह नहीं होती।
    19. जिस घर में एक बिल्व का वृक्ष लगा होता है उस घर में लक्ष्मी का वास बतलाया गया है।
    20. जिस व्यक्ति को उत्तम संतान एवं सुख देने वाले पुत्र की कामना हो, उसे पलाश का पेड़ लगाना चाहिए।
    21. जिस व्यक्ति को राहु के दोष दूर करना हो उसे चंदन का वृक्ष लगाना चाहिए।
    22. जिस व्यक्ति को शनि से संबंधित बाधा दूर करना हो उसे शमी का वृक्ष लगाना चाहिए।
    23. अनार का पौधा घर में लगाने से कर्जे से मुक्ति मिलती है।
    24. हल्दी का पौधा लगाने से घर में नकारात्मक उर्जा नहीं रहती।
    25. नीले फूल वाली कृष्णकांता की बेल से आर्थिक समस्याएं खत्म होती हैं।

    26. नारियल के पेड़ से मान-सम्मान में खूब वृद्धि होती है।

    27. अशोक का वृक्ष लगाने से घर के बच्चों की बुद्धि तेज होती है।
    28. तुलसी, आंवला और बहेड़ा का पौधा घर में लगाने से बीमारी नहीं आती है।
    29. गेंदा लगाने से बृहस्पति मजबूत होता है और वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है।
    30. बांस का पेड़ लगाने से तरक्की होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। निगेटिव एनर्जी भी दूर होती है। लेकिन किसी विशेषज्ञ से पूछकर लगाएं।
    31. गुड़हल का पौधा लगाने से कानून संबंधी सभी काम पूरे हो जाते हैं। बेलपत्र का पौधा लगाने से पीढ़ी दर पीढ़ी लक्ष्मी जी का वास बना रहता है।

     

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