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दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 143वीं तिमाही समीक्षा (ई) बैठक दिनांक 29 जनवरी 2024 को कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) श्री पवन कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सदस्य के रूप में समस्त कार्यपालक निदेशकगण तथा संयंत्र के सभी विभाग प्रमुखगण ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित थे।
इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) एवं कार्यकारी अध्यक्ष (राजभाषा कार्यान्वयन समिति) श्री पवन कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदी को हमारे संविधान में राजभाषा का दर्जा प्राप्त है, हिंदी हमारे हृदय की भाषा है। अतः हिंदी हमारी राजभाषा ही नहीं, वरन यह हमारे देश की प्रमुख, सर्वप्रिय एवं राष्ट्रव्यापी भाषा है।
उन्होंने कहा कि हिंदी में कार्यव्यवहार करना ना केवल हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है, वरन यह हमारे संयंत्र के समग्र निष्पादन में भी अत्यंत सहायक है। हमारा हर कार्मिक चाहे अधिकारी हो अथवा कर्मचारी हिंदी समझता है। हिंदी में कार्य करने से आत्मीयता बढ़ती है और अपनेपन की भावना आती है। अतः हमें अपना संपूर्ण वार्तालाप और सभी कार्य हिंदी में ही करना चाहिए।
इस अवसर पर श्री पवन कुमार ने राजभाषा विभाग की ‘वार्षिक कार्य योजना’ का विमोचन किया तथा विभाग प्रमुखगण का आह्वान करते हुए कहा कि वर्ष भर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं एवं हिंदी के आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने के लिए हम अपने सभी साथियों को प्रेरित करें ताकि हिंदी का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार हो।
बैठक में कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) श्री पवन कुमार ने राजभाषा विभाग की गृह पत्रिका ‘भिलाई भाषा भारती’ के ‘मेरी माटी-मेरा देश’ विशेषांक का भी विमोचन किया। पत्रिका ‘भिलाई भाषा भारती’ में भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत कार्मिकों द्वारा राष्ट्रप्रेम एवं हिंदी पर केन्द्रित स्वलिखित, मौलिक रचनाओं का समावेश किया गया है। श्री पवन कुमार ने कहा कि पत्रिका में प्रकाशित रचनाओं से पाठकों के हृदय में राष्ट्र के प्रति प्रेम, समर्पण एवं आदर की भावना सुदृढ़ होगी।
इस अवसर पर उपस्थित मुख्य महाप्रबंधक (नगर सेवाएँ एवं निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व) श्री जितेन्द्र यादव सपकाले ने कहा कि हिंदी में कार्य करने से गौरव की अनुभूति होती है। नगर सेवाएँ विभाग का समस्त कार्यालयीन कार्य और विशेषकर पत्राचार पूर्णतः हिंदी में ही किया जाता है। नगर सेवाएँ विभाग को संयंत्र स्तर पर हिंदी में कार्य करने के लिए मिलने वाले वार्षिक पुरस्कारों से हिंदी में और भी बेहतर करने की प्रेरणा एवं बल मिलता है। हिंदी में समस्त कार्यालयीन कार्य करने का क्रम बनाए रखने नगर सेवाएँ विभाग संकल्पित है।
वरिष्ठ प्रबंधक (संपर्क व प्रशासन) श्री शैलेन्द्र ढोके ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए हिंदी के प्रगामी प्रयोग को प्रोत्साहित करने हेतु समस्त विभाग प्रमुखगण का आभार व्यक्त किया और कहा कि आप सब के प्रयासों के फलस्वरूप हमने हिंदी में पत्राचार के प्रतिशत में वृद्धि दर्ज की है। हमें वृद्धि का यह क्रम जारी रखते हुए शत-प्रतिशत का लक्ष्य प्राप्त करना है।
उप प्रबंधक (संपर्क व प्रशासन-राजभाषा) श्री जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने विगत बैठक की कार्यसूची का अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। तत्पश्चात शत-प्रतिशत हिंदी में पत्राचार करने वाले विभागों का उल्लेख कर आगामी तिमाही की कार्यसूची का वाचन किया तथा आभार प्रदर्शन किया।
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