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नई दिल्ली: 08 जून 2026 का दिन देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक मोर्चे पर भारी उठापटक का गवाह रहा। राजधानी दिल्ली में जहां एक तरफ विपक्षी खेमे ने अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू की, वहीं दूसरी तरफ आम जनता पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ डाल दिया गया। आइए विस्तार से जानते हैं कल दिनभर की उन प्रमुख खबरों को, जो आज के अखबारों की मुख्य सुर्खियां बनी हैं:
1. दिल्ली में विपक्षी एकजुटता: 'इंडिया' गठबंधन की महाबैठक
आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कल नई दिल्ली में विपक्षी एकजुटता का एक बड़ा नजारा देखने को मिला। देश की 23 प्रमुख विपक्षी पार्टियों के दिग्गज नेताओं ने एक मंच पर आकर 'इंडिया' गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में आने वाले चुनावों के मद्देनजर सीटों के तालमेल, साझा एजेंडे और सरकार को घेरने की रणनीतियों पर घंटों गहन मंथन किया गया।
2. रसोई का बजट बिगड़ा: एलपीजी सिलेंडर ₹29 महंगा
आम आदमी के घरेलू बजट को कल एक और करारा झटका लगा। देश में घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की सीधी बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। इस नए इजाफे के बाद देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर का दाम बढ़कर अब ₹942 के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे गृहणियों की चिंताएं बढ़ गई हैं。
3. पंजाब में भड़का आक्रोश: 17 जिलों में किसानों का उग्र प्रदर्शन
अपनी लंबित मांगों को लेकर पंजाब में एक बार फिर किसान सड़कों पर उतर आए हैं। कल पंजाब के 17 जिलों में किसानों ने एक साथ मोर्चा खोलते हुए केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके पुतले फूंके। किसानों की मुख्य नाराजगी भूमि अधिग्रहण की नीतियों और खेतों के लिए बेहद जरूरी यूरिया खाद की भारी किल्लत को लेकर है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
4. रेल यात्रियों और कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर: शुरू हुआ विशेष अभियान
रेलवे सेक्टर से एक सकारात्मक और बड़ी खबर सामने आई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कड़े निर्देशों के बाद, भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने एक अभूतपूर्व और विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों की विभागीय और व्यक्तिगत समस्याओं का महज 24 घंटे के भीतर निवारण करना है। इसके साथ ही, ट्रेनों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए 'कोच सुरक्षा' पर भी इस अभियान के तहत विशेष फोकस किया जा रहा है।
शौर्यपथ दैनिक समाचार विश्लेषण: कल की घटनाएं यह साफ संकेत देती हैं कि जहां एक ओर देश में चुनावी बिसात बिछने लगी है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी जरूरतें (गैस, खाद और सुरक्षा) जनता और सरकार के बीच संवाद और संघर्ष का मुख्य केंद्र बिंदु बनी हुई हैं।
विशाखापत्तनम/शौर्यपथ। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (क्रढ्ढहृरु) द्वारा संचालित विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र (ङ्कद्ब5ड्डद्द स्ह्लद्गद्गद्य क्कद्यड्डठ्ठह्ल) में सोमवार, 8 जून 2026 को एक भीषण औद्योगिक दुर्घटना हो गई। हादसे में कम से कम 8 श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना के बाद पूरे संयंत्र क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम लगभग 4:40 बजे स्टील प्लांट की स्टील मेल्टिंग शॉप-1 (स्रूस्-1) के कंटीन्यूअस कास्टिंग डिपार्टमेंट (ष्टष्टष्ठ) की मशीन-2 में यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि लगभग 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पिघला हुआ स्टील ले जा रहा एक लेडल (विशाल कंटेनर) अचानक फट गया।
लेडल फटते ही सैकड़ों टन पिघला हुआ स्टील शॉप फ्लोर पर फैल गया, जिससे भीषण आग भड़क उठी और पूरे क्षेत्र में घना धुआं फैल गया। पिघले हुए स्टील की चपेट में आने से कई श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 8 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ कर्मचारियों के यूनिट के भीतर फंसे होने की आशंका के चलते देर शाम तक बचाव अभियान जारी रहा।
घटना की सूचना मिलते ही संयंत्र का आपातकालीन सुरक्षा दल, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने और प्रभावित कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर कार्रवाई की गई।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने जिला प्रशासन और संयंत्र प्रबंधन को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस गंभीर औद्योगिक दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए विस्तृत जांच शुरू की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी अथवा सुरक्षा मानकों में चूक की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्रों में से एक विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुआ यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
नई दिल्ली/ एजेंसी / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुई भीषण औद्योगिक दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
प्रधानमंत्री ने सोमवार शाम सोशल मीडिया मंच ङ्ग पर जारी अपने संदेश में कहा कि वह विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुई दुर्घटना से अत्यंत व्यथित हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से अनुग्रह सहायता राशि की घोषणा करते हुए कहा कि हादसे में मृत प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा—
"विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुई दुर्घटना से व्यथित हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।"
उन्होंने आगे कहा कि पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।
नई दिल्ली / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 का खिताब जीतने वाली भारतीय पुरुष अंडर-18 हॉकी टीम को बधाई दी है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट कौशल, अनुशासन और बेहतरीन टीमवर्क का परिचय दिया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि भारतीय टीम ने फाइनल में यादगार जीत दर्ज कर देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के युवाओं में हॉकी के प्रति बढ़ते उत्साह और लोकप्रियता को दर्शाती है।
श्री मोदी ने टीम के सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा आने वाली प्रतियोगिताओं में भी सफलता की उम्मीद जताई।
अगरतला/नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा के सालबगान में भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा केवल BSF की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जिला प्रशासन, पुलिस, राजस्व अमला, पंचायतों और आधुनिक तकनीक की संयुक्त जिम्मेदारी है।
उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी तथा सीमा से लगे सभी 8 जिलों के कलेक्टर और एसपी मौजूद रहे।
गृह मंत्री ने “टोटल टेरिटोरियल डिफेंस” की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि केवल फेंसिंग नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन, स्मार्ट टेक्नोलॉजी और BSF के समन्वय से फुली सिक्योर्ड और लीक-प्रूफ बॉर्डर ग्रिड तैयार किया जाएगा।
उन्होंने सीमा क्षेत्रों में हथियारों और ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सघन अभियान चलाने तथा पूरे नेटवर्क पर रूथलेस कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सीमावासियों को जागरूक और प्रशिक्षित करने के लिए विशेष कैंप आयोजित करने को कहा।
अमित शाह ने गृह मंत्रालय के CCTV मॉडल को सबसे पहले त्रिपुरा में लागू करने तथा BSF के सभी कैमरों को अपग्रेड कर जिला प्रशासन से जोड़ने के निर्देश भी दिए।
बैठक में फेक करेंसी, संदिग्ध आर्थिक लेनदेन, बड़े निर्माण कार्यों और प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के पिछले 5 वर्षों के भूमि रिकॉर्ड की जांच कराने पर भी जोर दिया गया।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नई दिल्ली । देश में शुक्रवार का दिन राजनीति, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, खेल और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे से लेकर भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति, विश्व पर्यावरण दिवस के कार्यक्रमों, मानसून की दस्तक और खेल जगत में हुई बड़ी कार्रवाई तक कई घटनाएं राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र रहीं।
गुजरात दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी, हजारों करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात और दमन का दौरा करते हुए विकास परियोजनाओं की सौगात दी। सूरत में लगभग 1,800 करोड़ रुपये तथा दमन में करीब 2,970 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया। इस दौरान आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री ने विकास कार्यों को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए विपक्षी दलों पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला।
तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़
तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जहां भाजपा से अलग हुए के. अन्नामलाई ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के विचारों से प्रेरित एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत की। उनके इस कदम को दक्षिण भारतीय राजनीति में नए समीकरणों के रूप में देखा जा रहा है।
कर्नाटक में विभागों का बंटवारा, असंतोष की चर्चाएं
कर्नाटक में डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन कर दिया। वित्त मंत्रालय मुख्यमंत्री खेमे के पास ही रहा, जबकि बेंगलुरु विकास मंत्रालय कृष्णा बायरे गौड़ा को सौंपा गया। विभागों के बंटवारे के बाद कुछ वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी की खबरें भी सामने आई हैं।
राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
18 जून को प्रस्तावित राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर विभिन्न दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। कांग्रेस ने झारखंड में वरिष्ठ नेताओं भूपेश बघेल और अजय शर्मा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वहीं आंध्र प्रदेश में जनसेना पार्टी ने लिंगमनेनी रमेश को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
आरबीआई का बड़ा फैसला, रेपो रेट यथावत
भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का निर्णय लिया। हालांकि केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। इस निर्णय को वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और घरेलू मांग के संतुलन के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विदेशी निवेशकों को बड़ी राहत
केंद्र सरकार ने सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशकों को पूंजीगत लाभ कर से छूट देने की घोषणा की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय वित्तीय बाजारों में नई पूंजी का प्रवाह संभव होगा।
विश्व पर्यावरण दिवस पर देशभर में अभियान
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देशभर में वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। नई दिल्ली में 18 नए ‘नमो ऑक्सीजन पार्कों’ का उद्घाटन किया गया। सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल बताया।
मानसून की दस्तक, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश में प्रवेश कर लिया है। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कई क्षेत्रों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। केरल के कुछ जिलों में एहतियातन स्कूल और कॉलेज बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
खेल जगत में बड़ी कार्रवाई
भारतीय कुश्ती महासंघ ने आयु संबंधी दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर अंडर-20 एशियाई चैंपियनशिप ट्रायल के विजेता दीपांशु सहित पांच पहलवानों को चार वर्षों के लिए निलंबित कर दिया है। खेल जगत में इस कार्रवाई को अनुशासन और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
एनआईए की बड़ी कार्रवाई
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने कोलकाता में कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ्तार किया। मामले को लेकर जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई में जुटी हुई हैं।
हिमाचल में भूकंप के झटके
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली, लेकिन लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा।
दिनभर की प्रमुख तस्वीर
05 जून 2026 का दिन देश में विकास, राजनीतिक गतिविधियों, आर्थिक निर्णयों, पर्यावरणीय जागरूकता, खेल अनुशासन और प्राकृतिक घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहा। एक ओर सरकार ने विकास और निवेश को गति देने के संकेत दिए, वहीं पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक चुनौतियों ने भी देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
चेन्नई । तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा और अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद अब अन्नामलाई ने अपनी नई राजनीतिक राह चुन ली है। उन्होंने युवाओं और जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए "वी द लीडर्स" (We The Leaders) नामक एक नए जन आंदोलन की शुरुआत की है, जिसे जल्द ही एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल का स्वरूप दिए जाने की घोषणा की गई है।
गठबंधन की राजनीति बनी इस्तीफे की वजह
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार अन्नामलाई और भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के बीच तमिलनाडु की चुनावी रणनीति को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। अन्नामलाई का मानना था कि भाजपा को राज्य में अपने संगठन और जनाधार के बल पर स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ना चाहिए तथा किसी बड़े क्षेत्रीय दल पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
वहीं भाजपा नेतृत्व ने आगामी चुनावों को देखते हुए एआईएडीएमके के साथ पुनः गठबंधन का रास्ता चुना। इसी निर्णय के बाद दोनों पक्षों के बीच मतभेद और गहरे हो गए। बताया जाता है कि केंद्रीय नेतृत्व ने अन्नामलाई को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी देने और राज्यसभा भेजने का प्रस्ताव भी दिया था, लेकिन उन्होंने इन सभी प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया।
"वी द लीडर्स" से नई राजनीतिक पारी
भाजपा से अलग होने के कुछ ही समय बाद अन्नामलाई ने "वी द लीडर्स" आंदोलन की शुरुआत कर दी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मंच नहीं बल्कि युवाओं, पेशेवरों और आम नागरिकों को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने का प्रयास है।
अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शीघ्र ही एक पूर्ण राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत होगा और तमिलनाडु के स्थानीय निकाय चुनावों से लेकर आगामी विधानसभा चुनाव तक सक्रिय रूप से भाग लेगा।
आईपीएस से राजनीति तक का सफर
राजनीति में आने से पहले के. अन्नामलाई कर्नाटक कैडर के एक चर्चित और लोकप्रिय आईपीएस अधिकारी रहे हैं। प्रशासनिक सेवा छोड़कर उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और कम समय में तमिलनाडु भाजपा का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे। आक्रामक शैली, जमीनी संपर्क और युवा वर्ग में लोकप्रियता के कारण उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
भाजपा के लिए चुनौती, विपक्ष के लिए नया समीकरण
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई का भाजपा से अलग होना केवल एक नेता का इस्तीफा नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकता है। यदि उनकी नई पार्टी युवाओं और शहरी मतदाताओं को आकर्षित करने में सफल होती है, तो राज्य की पारंपरिक राजनीतिक संरचना में बदलाव देखने को मिल सकता है।
भाजपा के लिए यह घटनाक्रम संगठनात्मक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, जबकि द्रविड़ राजनीति के बीच एक नए विकल्प की तलाश कर रहे मतदाताओं के लिए यह एक नया राजनीतिक प्रयोग साबित हो सकता है।
आगे क्या?
तमिलनाडु में द्रमुक और अन्नाद्रमुक के लंबे राजनीतिक वर्चस्व के बीच के. अन्नामलाई की नई राजनीतिक पारी पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि "वी द लीडर्स" केवल एक आंदोलन बनकर रह जाता है या फिर तमिलनाडु की राजनीति में एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभरता है।
फिलहाल इतना तय है कि अन्नामलाई के इस फैसले ने दक्षिण भारतीय राजनीति में नई बहस और नए समीकरणों को जन्म दे दिया है।
नई दिल्ली / केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने के नेतृत्व वाले नेपाली प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात की। गृह मंत्री कार्यालय ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, आज नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष श्री रवि लामिछाने के नेतृत्व वाले नेपाली प्रतिनिधिमंडल के साथ एक बैठक की। केन्द्रीय गृह मंत्री ने चुनावों में RSP की जीत पर श्री लामिछाने को बधाई दी और नई सरकार की सफलता के लिए भारत की ओर से शुभकामनाएं व्यक्त कीं। दोनों पक्षों ने भारत और नेपाल के बीच विशेष संबंधों को और सुदृढ़ बनाने के लिए मिलकर काम करने का अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।
“भारत “विकसित भारत 2047” के विजन और एक सुदृढ़ जैव-अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है”
‘अगली पीढ़ी के बायो-इन्पुट्स– जैव-आधारित कीटनाशक, शक्ति वर्धक एवं उर्वरक' की थीम पर आधारित बायोपीएसएफ 2026 नई दिल्ली में संपन्न
नई दिल्ली / भारत अपनी मजबूत वैज्ञानिक आधारशिला, समृद्ध जैव विविधता और तेजी से विकसित हो रहे स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के कारण, जैव अर्थव्यवस्था और जैव-आधारित कृषि-लागत क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में उभरने की अपार क्षमता क्षमता रखता है।
यह बात रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन रसायन एवं पेट्रो-रसायन विभाग(डीसीपीसी) के सचिव, श्री तेजवीर सिंह ने आज नई दिल्ली में दो दिवसीय संगोष्ठी-सह-कार्यशाला, 'बायोपीएसएफ 2026' के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा।
“अगली पीढ़ी के बायो-इन्पुट्स– जैव-आधारित कीटनाशक, शक्ति वर्धक एवं उर्वरक” की थीम पर आधारित 'बायोपीएसएफ 2026' कार्यक्रम का आयोजन कीटनाशक सूत्रीकरण प्रौद्योगिकी संस्थान (आईपीएफटी), गुरुग्राम द्वारा किया गया था, जो रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के डीसीपीसी (रसायन और पेट्रो-रसायन विभाग) के तहत एक स्वायत्त संस्थान है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (एनएएससी), नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।
श्री सिंह ने कहा कि सतत कृषि के लिए बढ़ता नीतिगत समर्थन और जैव-अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाली लक्षित पहलों सहित अनेक सकारात्मक कारक भारत को जैव-अर्थव्यवस्था तथा जैव-आधारित कृषि-इनपुट क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनने के मार्ग पर अग्रसर करेंगे।
डीसीपीसी के सचिव ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि वैज्ञानिक उत्कृष्टता, उद्योग–शैक्षणिक संस्थानों के बीच प्रभावी साझेदारी तथा उभरते युवा नवोन्मेषकों के तकनीकी योगदान भविष्य के सतत कृषि समाधानों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जैव-कीटनाशकों के व्यावहारिक पहलुओं और सफलता पर प्रकाश डालते हुए, श्री तेजवीर सिंह ने इस बात पर ज़ोर देकर कहा कि जैव-कीटनाशकों की वास्तविक सफलता ऐसी मज़बूत फ़ॉर्मूलेशन प्रौद्योगिकियों के विकास पर भी निर्भर करती है, जो उत्पाद की स्थिरता, खेतों में उसकी प्रभावशीलता, उपयोग में आसानी और किसानों के बीच उसकी समग्र स्वीकार्यता को बढ़ा सकें।
इसके अलावा, डीसीपीसी के सचिव ने कहा कि जैसे-जैसे भारत “विकसित भारत 2047” और एक सशक्त जैव-अर्थव्यवस्था के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने, अनुप्रयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा जैव-आधारित रसायनों, फसल संरक्षण प्रौद्योगिकियों और सतत कृषि-इनपुट्स के क्षेत्र में स्टार्टअप-आधारित नवाचार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बढ़ती जा रही है।
यह दो दिवसीय कार्यक्रम आईपीएफटी के 36वें स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नियामकों, शिक्षाविदों, उद्यमियों, स्टार्टअप्स, छात्रों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया तथा जैव-आधारित कृषि-इनपुट्स के क्षेत्र में हालिया विकास और सतत कृषि में उनकी भूमिका पर विचार-विमर्श किया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
