August 12, 2026
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    भारत में ओमिक्रॉन के मामले सामने आने पर क्‍या कहा WHO ने...

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    भारत में कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के दो मामले सामने आने के बाद डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि ऐसा होना अप्रत्याशित नहीं था.

    नई दिल्ली/शौर्यपथ/

    भारत में कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के दो मामले सामने आने के बाद डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि ऐसा होना अप्रत्याशित नहीं था. इससे यह साफ होता है कि हर देश को इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए और चौकन्ना रहने की जरूरत है. गौरतलब है कि कर्नाटक में ओमिक्रॉन के दो मामलों की पुष्टि होने के साथ ही यह भी पुख्ता हो गया है कि इस वेरिएंट ने भारत में भी दस्तक दे दी है. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि इन दोनों के कॉन्टेक्ट की पहचान कर ली गई है. दोनों में लक्षण मामूली हैं. दुनिया में अब तक इस वेरिएंट के जितने भी केस सामने आए हैं, उनमें गंभीर लक्षण नहीं देखे गए हैं.

    डॉ. सिंह ने कहा, “भारत द्वारा आज ओमिक्रॉन वैरिएंट के चिंताजनक होने की पुष्टि करना और देश में दो मामलों का सामने आना अप्रत्याशित नहीं था. यह सभी देशों को निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देता है, और उन्हें सतर्क रहने व वायरस के अधिक प्रसार को कम करने के उपाय करने की ओर इशारा करता है. Omicron सहित सभी वेरिएंट के लिए प्रतिक्रिया उपाय SARs CoV2 के समान ही है. सरकारों द्वारा व्यापक और अनुरूप सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपाय, और व्यक्तियों द्वारा निवारक और एहतियाती उपायों का सख्ती से पालन करना आवश्यक है."

    उन्होंने कहा, “लोगों को अच्छी फिटिंग वाला मास्क पहनना चाहिए जो उनकी नाक और मुंह को अच्छी तरह से ढके, दूरी बनाए रखें, खराब वेंटीलेशन या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, हाथ साफ रखें, खांसी और छींकते समय मुंह को ढकें और वैक्सीन लगाएं. वैक्सीन लगवाने के बाद भी सभी एहतियाती उपाय करते रहें. सभी यात्रियों को हर समय सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपायों का पालन करना चाहिए और COVID-19 के लक्षणों को लेकर सतर्क रहना चाहिए."

    ​डॉ. सिंह ने आगे कहा कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के म्यूटेशंस बड़ी संख्या में हैं, जिनमें से कुछ चिंताजनक भी हैं. दुनिया भर के शोधकर्ता ओमिक्रॉन की संप्रेषण क्षमता, गंभीरता और प्रतिरक्षा से बचने की क्षमताओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए अध्ययन कर रहे हैं. डब्ल्यूएचओ उन देशों की सराहना करता है जिन्होंने नए वेरिएंट के मामलों का शीघ्रता से पता लगाया और इसे रिपोर्ट किया.

     

     

     

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