August 20, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज समय-सीमा की बैठक में कोविड-19 की रोकथाम के लिए शासन द्वारा जारी मापदण्ड के अनुसार कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने समय-सीमा में गिरदावरी कार्य, फसल बीमा क्षतिपूर्ति आंकलन, गोधन न्याय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजना में ईमानदारीपूर्वक कार्य करते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिए।
    कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार बिना लक्षणों एवं कम लक्षण वाले मरीजों को होम आईसोलेशन की अनुमति प्रदान की जा सकती है। मरीज के परिवार के सदस्यों में बुजुर्ग, घर में गर्भवती महिला या गंभीर बीमारी से पीडि़त मरीज से दूर रहने की सलाह दें। मरीज के घर में अलग कमरा या शौचालय न हो तो मरीज के लिए कोविड केयर सेन्टर में व्यवस्था सुनिश्चित करना है। श्री वर्मा ने कहा कि जिले में कोरोना टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए। शासन के निर्देशानुसार घर के एक व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है तो परिवार के अन्य सदस्यों का उपचार तत्काल प्रारंभ किया जाए और उन्हें कोरोना संबंधी दवाई किट उपलब्ध कराई जाए। श्री वर्मा ने कहा कि वर्तमान में कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है, वह पूर्णत: वैज्ञानिक तरीके से मान्यता प्राप्त है। इसके संबंध में किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाह पर ध्यान न दे। सर्दी, खांसी, बुखार लक्षण वाले मरीज अनिवार्य रूप से जांच कराएं। सभी विकासखंड, तहसील एवं ग्राम पंचायत स्तर पर इसका प्रचार-प्रसार करें। जिससे स्वयं जागरूक होकर टेस्ट कराने के लिए पे्ररित हों।
    कलेक्टोरेट वर्मा ने कोरोना मरीजों की चिकित्सा सलाह के लिए कन्ट्रोल रूप स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सभी समन्वित रूप से कार्य करें। यदि किसी कोरोना मरीज की मृत्यु होती है तो कोरोना के साथ अन्य बीमारी है तो इसका उल्लेख भी होना चाहिए। उन्होंने विकासखंड स्तर पर बनाए कोविड सेन्टरों में चिकित्सीय संसाधन आक्सीमीटर, बीपी मशीन, मधुमेह टेस्ट तथा भोजन, पेयजल, स्वच्छता की व्यवस्था होनी चाहिए। इन सेन्टरों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करें तथा निरंतर निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यालय में ही रहे इसका कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने वन विभाग तथा आयुष विभाग को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़ा एवं आयुर्वेदिक दवाई वितरण करने और इसका प्रचार-प्रसार करने कहा। कलेक्टर वर्मा ने कोरोना से मृत्यु होने पर मृतक शव का अंतिम संस्कार उसके गृह ग्राम में प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया जाएगा।
    कलेक्टर वर्मा ने एक सप्ताह में गिरदावरी कार्य तथा इसकी एन्ट्री साफ्टवेयर में करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान रकबा का भौतिक सत्यापन जरूर करें। जिन स्थानों पर गिरदावरी पूरा हो गया है वहां इसका प्रकाशन किया जाए एवं मुनादी किया जाए ताकि किसान अपने रकबे का मिलान कर सके। उन्होंने कहा कि राजस्व अमले की जिम्मेदारी कि वे ईमानदारीपूर्वक कार्य करें जिससे धान खरीदी के समय कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। गड़बड़ी पाए जाने पर एफआईआर किया जाएगा। श्री वर्मा ने कहा कि शासन द्वारा गोधन न्याय योजना एप्प बनाया गया है। इसी के माध्यम से गोबर खरीदी की जाएगी। इससे संबंधित नोडल अधिकारी एप्प डाउनलोड करके सभी जानकारी एन्ट्री करें।
    इस एप्प के माध्यम से गोबर खरीदी से वर्मी कम्पोस्ट निर्माण में इसकी वास्तविक उपलब्धता की जानकारी मिलेगी। कलेक्टर ने कहा कि दो अक्टूबर को नवीन पंचायत भवनों का लोकार्पण किया जाना है। जिन भवनों का निर्माण कार्य शेष है उसे समय से पहले पूरा किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में शत प्रतिशत कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा से हुए फसलों की क्षति का अवलोकन कर जल्द ही क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। श्री वर्मा ने कहा कि कुछ व्यवसायियों द्वारा सब्जी, दवाईयों का मूल्य बढ़ाकर बेचा जा रहा, इस पर सख्त कार्रवाई करें।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि अगस्त के बाद प्रदेश में एवं जिले में कोरोना के केस बढ़े हैं। सर्दी, खांसी एवं बुखार के लक्षण वाले मरीजों की जांच 24 घंटे के भीतर की जानी है। ऐसे लक्षण वाले मरीज तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को सैम्पल लेने की संख्या बढ़ाने को कहा। उन्होंने कहा कि अब तक जिले में 40 हजार सैम्पल लिए जा चुके हैं और 32 मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मृतक का शरीर अत्यधिक कोरोना संक्रमित होता है। जिससे अन्य लोगों को संक्रमित होने की संभावना ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि सर्दी, खांसी एवं बुखार के लक्षण वाले मरीजों की जानकारी मितानीन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दे सकती हैं और उन्हें आईसोलेट किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें तो कोरोना संक्रमण से जरूर जीत पाएंगे। उन्होंने कहा कि मृत्यु दर को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी है कि कोरोनो संक्रमित व्यक्ति समय पर इसकी जानकारी दें और समय पर जांच एवं उपचार कराएं। विलंब से बताने पर सांस लेने में कठिनाई एवं फेफड़े प्रभावित होते है इसीलिए समय पर उपचार इसका निदान है। अस्थमा, बीपी एवं अन्य बीमारियों से पीडि़त मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। बैठक में अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए विकासखंड अधिकारी जुड़े रहे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर जनदर्शन से मिली शिकायत के आधार पर आज नगर पालिक निगम दुर्ग का राजस्व विभाग अमला जिला प्रशासन के तहसीदार, मोहन नगर पुलिस बल के साथ आईएचएसडीपी आवास में जबरन घुसे अवैध कब्जाधारियों वाले आवासों में निगम ने अपना ताला लगाकर सील कर दिया । यदि किसी के भी द्वारा सीलबंद ताला को तोड़ा या खोला जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही प्रस्तावित किया जावेगा । कार्यावाही के दौरान उपरोक्त आवासों को कब्जा करने वाले कोई भी व्यक्ति मॉजूद नहीं मिले। कार्यवाही के दौरान उरला वार्ड क्रं0 57-58 के पार्षद व महिला बाल विकास प्रभारी सुश्री जमुना साहू, पार्षद बृजलाल पटेल, मजिस्ट्रेट तहसीदलदार सत्येन्द्र शुक्ला, मोहन नगर टी आई बृजेेश कुशवाहा, निगम के राजस्व अधिकारी आर0के0 बंजारे, उपअभियंता विनोद मांझी, नोडल निशांत यादव, उमेश चंद्राकर, उमेश यादव, तथा पुलिस बल और निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।
    उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर जनदर्शन से शिकायत मिली थी कि उरला स्थित आईएचएसडीपी आवासों में अवैध लोगों ने जबरन कब्जा कर निवास कर रहे हैं। एैसे लोगों की पतासाजी के लिए आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के निर्देशानुसार निगम कर्मचारियों से सर्वे कराया गया । जिसमें लगभग 55 लोगों का नाम सामने आया है जिसमें से अधिकांशन आवास आबंटितियों ने आवास आबंटन कर किराये पर दे रखा है उन आवासों में रहने वाले लोगों के द्वारा आये दिन तामाशा किये जाने की जानकारी आस-पास के लोगों ने दिया है। इसके अलावा कुछ आवासों में कई लोग खाली होने पर स्वत: घुस गये हैं कुछ आवासों में दरवाजा खिड़की भी नहीं हैं फिर भी लोग जबरदस्ती अंदर रह रहे हैं। निगम कर्मचारियों ने एैसे लोगों को चिन्हित कर सूची तैयार की। आयुक्त श्री बर्मन के निर्देशानुसार आज कब्जाधारियों को आवास खाली कराने की दृष्टि से 27 बंद आवासों में निगम ने अपना ताला लगाकर तालाबंदी की ।
    निगम अधिकारियों ने बताया सर्वे के दौरान सभी अवैध कब्जाधारियों को आवास खाली करने सूचित किये जाने के साथ ही उनके आवास में नोटिस चस्पा किया गया निगम कार्यालय सूचना पटल पर तथा आईएचएसडीपी आवास के ब्लाक क्रं0 27 में नोटिस चस्पा किया गया है कि वे 15 दिवस के अंदर आवास के संबंध में अपना दावा-आपत्ति निगम में जमा करायें। आईएचएसडीपी आवास के सर्वे की जांच में पाया गया कि तुलश शर्मा, कविता शर्मा, अनिता/गणपत राय, शीलन/संतु, रेशमा सुलताना, उषा/अनिल कुमार, ज्योति शर्मा, दुर्गावती/चंद्रभान, सरिता/राधेश्याम, विमला संतोष, सुजीत कौर, नूरबानो, शीला डोंगरे, दीपिका/बजरंग, नरगीस/मो0अली, रामबती यादव, निर्माला/बिहारीलाल, सुनिता बाई/उत्तम, संध्या भोसले, मीना/संतोष महोबिया, उषाबाई/आदि कुमार, ज्योति भट्ट, हेमलता/प्रवीण, नम्रता मिश्रा, गीता गेडाम, शशीकला/देवानंद, यशोदा ठाकुर, इन्द्रणी/संतोष सिंह, गोमती/सम्राट, रामकुमार ठाकुर, सविता/लक्ष्मीनाथ, अमरित यादव, श्यामलाल/अरुण, ममता मिश्रा, अनसुई नायक, गीता/स्व0सिंहारन, लता/संतोष लोखंडे, नीरा यादव, विमल बाई/अशोल, शकीला/करीम, जोहरा बेगम/मो0दिलदार, मंजुला भट्ट, ममता/कैलाश चंद्राकर, सुमन ठाकुर, वर्षा सोनी, मीना/धर्मेन्द्र यादव, लता/राजकुमार, और देबल/उत्तम पाटनकर को आवास आबंटित हुआ है। परन्तु इनमें से कोई भी व्यक्ति आईएचएसडीपी के आबंटित आवास में नहीं रहते हैं।
    उल्लेखित सभी आवासों में कब्जाधारी रहते हैं। आवासों में धनीराम, निर्मला/ ज्ञानेश्वर, शीला ठाकुर, कमला बाई ढबरे, भागबती ठाकुर, प्रदीप साहू, सोनू, बुधयारिन पटेल, कुंवर सिंह, सोनम/तिहारु, ममता सोनवानी, भारती, ज्योति मिश्रा, सावित्री/ बिसौहा, खूशबू, राजेश रामटेके, मन्नू यादव, सरस्वती भांडेकर, मंगलू साहू, लक्ष्मी बाई, करण, रुबी देशमुख, बबली, राजू यादव, ममता मानिकपुरी, संदीप साहू, अंतिमा मिश्रा, सविता/राजेन्द्र, दिलीप जैन, प्रिया/सोनू, हर्ष कौर, मनप्रीत कौर, पिंकी सावंत, रवि सरदार, मीना बाई, गुलाब/लोकेश, सरोजनी सोनी, ममता, बबीता सोनी, राधिका, चेतना रामटेके, उषा यादव, सुजाता सोनी, निहाल नायक, दुर्गेश ठाकुर, वर्षा वर्मा, भारती/भूपेन्दर, मधु चैधरी, सीमा सोनी, बबीता सिंह, राजिम सतनामी, बिराजो बाई, चंदा बाई मानिकपुरी, तीजन बाई/लखन ने कब्जा किया है। जहॉ-जहॉ आवासों में ताला लगा था वहॉ-वहॉ पुलिस की मौजूदगी में निगम ने अपना ताला लगाया और आस-पास के लोगों का हस्ताक्षर लेकर पंचनामा भी बनाया ।

    भिलाई नगर / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम का स्वास्थ्य विभाग मौसमी बीमारी की रोकथाम के लिए जोन स्तर पर विशेष सफाई अभियान चला रही है। महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव, कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे और निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश के अनुसार टीम डेंगू नियंत्रण को लेकर सजगता से कार्य कर रही है। साथ ही डोर टू डोर टेमीफास दवा का वितरण कर मच्छर के लार्वा को नष्ट करने के उपाय बताए जा रहे है। मंगलवार को जोन-4 वीर शिवाजी नगर खुर्सीपार के जन स्वास्थ्य विभाग के सफाई कामगारों की टीम ने डेंगू नियंत्रण को लेकर वार्ड 30 बालाजी नगर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया। 320 घरों के कूलर, गमला और टंकी की जांच पड़ताल कर दवा का छिड़काव किया गया। सड़क, नालियों की सफाई के साथ ही कोरोना की रोकथाम हेतु मकान और दुकान को सैनिटाइज भी किया गया।
    टेमीफास् की रिफिलिंग कार्य जारी
    जोन-4 के घरों में टेमीफास् का वितरण घर-घर किया गया है, पुन: घरों का सर्वे कर टेमीफास्ट का वितरण किया जा रहा है! शिवाजी नगर के वार्डों में सड़क, नालियों की रूटीन सफाई के साथ ही जमे हुए पानी में जला आयल, कचरा हटाने के बाद ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव और मच्छर के लार्वा को नष्ट करने के लिए टेमीफास दवा की रिफिलिंग का कार्य चल रहा है। इस कार्य में वार्ड के स्वच्छता गैंग के सफाई कामगार भी कार्य कर रहे हैं। जोन के स्वास्थ्य अधिकारी महेश पांडे ने बताया कि निगम प्रशासन की मुस्तैदी से कार्य करने के कारण इस वर्ष शिवाजी नगर क्षेत्र में डेंगू के पेशेंट नहीं मिले हैं!
    23735 घरों में टीम दे चुकी है दस्तक
    जोन स्वास्थ्य विभाग की टीम 18 मार्च 2020 से 5 सितंबर 2020 तक जोन 4 के अंतर्गत वार्ड -28 से वार्ड 39 के 23735 घरों में दस्तक दे चुकी है। 21068 कुलर की जांच व दवा डालकर सफाई करवाया जा चुका है। 23735 घरों में टेमीफास दवा की बोतल का वितरण किया गया है। इसके अतिरिक्त पीलिया से बचाव के लिए 19137 घरों में 192000 क्लोरीन टेबलेट और मौसमी बीमारी से बचाव के लिए जन जागरूकता के तहत 6630 नग पाम्पलेट का वितरण किया जा चुका है।

    मनोरंजन / शौर्यपढ़ / बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। वह अक्सर वीडियो शेयर कर फैन्स को एंटरटेन करती रहती हैं। अब उन्होंने अपना एक मजेदार वीडियो शेयर किया है, जिसे बहुत पसंद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह फनी वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।
    वीडियो में नोरा फतेही कहती हैं वह वैप चैलेंज स्वीकार करती हैं। इसके बाद वह जबरदस्त अंदाज में डांस करने लगती हैं। इस बीच किचन में खाना बना रही नोरा की मां उनका डांस देखकर दंग रह जाती हैं और चप्पल फेंककर उन्हें मारना शुरू कर देती है। इसके बाद नोरा वहां से भाग जाती हैं। उनकी मां कहती हैं, 'लोग यहां कोरोना से मर रहे हैं और तुम्हें वैप चैलेंज की पड़ी है, बंद करो इसे।' वीडियो में नोरा फतेही की मां का किरदार खुद एक्ट्रेस ने निभाया है।
    नोरा के इस मजेदार वीडियो पर फैन्स और सेलेब्स मजेदार कॉमेंट्स कर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एली अवराम ने लिखा, मुझे तुम्हारी मां का कैरेक्टर पसंद आया। वहीं, नरगिस फाखरी ने हंसने वाले इमोजीस शेयर किए हैं। इस वीडियो को अभी तक 28 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है।
    वर्क फ्रंट की बात करें तो नोरा फतेही पिछली बार फिल्म स्ट्रीट डांस 3डी में नजर आई थीं। फिल्म का सॉन्ग गर्मी काफी चर्चा में रहा। इस गाने को नोरा और वरुण धवन पर फिल्माया गया था। गाने पर नोरा का डांस बहुत पॉप्युलर हुआ था। इसके अलावा नोरा फतेही 'साकी-साकी', 'एक तो कम जिंदगानी', 'दिलबर' और 'कमरिया' जैसे गानों पर अपने डांस परफॉर्मेंस के चलते खूब वाहवाही लूट चुकी हैं।

    शौर्यपथ लेख । मीडिया किसी भी देश की छवि को राष्ट्रीय ही नही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाती है । मीडिया एक आईना की तरह होती है जो दुनिया को अपने देश की स्थिति चाहे अच्छी हो , गलत हो प्रसारित कर सत्ता पक्ष विपक्ष को उनके कार्यो को बता कर जनता को अवगत कराने का कार्य , उपलब्धि हो , असफलता हो सामने लाने का कार्य ही मीडिया का होता है । कहने का तातपर्य सच को सामने लाना वर्तमान स्थिति को सामने लाना , ज्वलंत मुद्दों को निष्पक्षता से रखना , देश की ज़रूरत को समझना , देश की वास्तविक हालत को सरकार के सामने रखना और प्रशासन की दबंगई , कुशल कार्य , उपलब्धि , भ्र्ष्टाचार पर खुलकर चर्चा करने का माध्यम मीडिया के रूप में स्थापित है । भारत मे भी मीडिया का अस्तित्व है किंतु विगत कुछ सालों से जितने आरोप सरकार पर लग रहे उतने आरोप मीडिया के पक्षपात पर भी लग रहे है । कहने को मीडिया देश का चौथा स्तंभ है किंतु इस चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता पर भी सवाल उठने लगे है । देश का अधिकतर मीडिया ग्रुप आज चाटुकारिता की आगोश में आकर आम जनता को ज्वलंत मुद्दों की बात ना बता कर , देश की वर्तमान हालत ना बता कर चाटुकारिता की भाषा बोल रहा है । भारतीय मीडिया की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठ रहे है किंतु मीडिया ग्रुप इन सबसे पर अपनी ही दुनिया मे मस्त है । सच्चाई को सामने लाने की बात तो बहुत दूर अब वही परोसा जा रहा है जो उनके आका चाहते है । पहले मीडिया तथ्यों के साथ सच्चाई सामने लाती थी और सम्मानित व शालीन भाषा जिसमे व्यंग कटाक्ष का मिश्रण होता था का प्रयोग किया जाता था किंतु वर्तमान में मीडिया आपसी रंजिश , झूठे आत्मसम्मान की बात करती नजर आ रही है । अब मीडिया सच तो नही बता रही वो जो भी बता रही उसे आपके जेहन में थोप रही ये बताने की कोशिश कर रही कि वो जो कह रही वहीं सच है । बातों की जलेबी बना कर , तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर किसी भी हद में जाकर अपने आका के तलुवे चाटने का पुरजोर प्रयास करती नजर आ रही है । अब पत्रकारिता स्वतंत्र नही रह गए इस चौथे स्तंभ को भी सरकार के सहारे की ज़रूरत हो गई है । वर्तमान समय की ही बात करे तो वर्तमान समय देश के लिए एक मुश्किल भरा समय है भारत की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है । देश मे भुखमरी चरम पर है , बेरोजगारी चरम पर है , महंगाई चरम पर है , स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है , शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है किन्तु देश की मीडिया एक एक्टर के हत्या या आत्महत्या पर व्यस्त है , देश की मीडिया धर्म पर व्यस्त है , देश की मीडिया पड़ोसी मुल्कों की हरकत और बर्बादी पर व्यस्त है , देश की मीडिया अपने आकाओं की गुलामी पर व्यस्त है , देश की मीडिया तथ्यहीन बातों पर व्यस्त है । अब मीडिया आईना दिखने की बजाए गुलामी की जिंदगी पर व्यस्त है अब वही दिखा रही है जो उनके आका चाहते है फिर चाहे वो गलत हो या सही उनसे कोई सरोकार नही । ज्वलंत मुद्दे अब चौथे स्तंभ में बेमानी हो गए है । उसकी जगह अब चाटुकारिता परोसी जा रही है । ऐसी चाटुकारिता जिससे उसका अस्तित्व बना रहे । आईना अब पत्रकारिता का पर्यायवाची नही रह गया अब तो झूठ और बेमानी ही मीडिया का दूसरा रूप बन गया है । गुलाम भारत मे भी मीडिया खुलकर अपनी बात रख लेता था । कई बड़े बड़े आंदोलन में गुलामी के समय मे भी मीडिया स्वतंत्र था किंतु आजाद भारत मे मीडिया अब गुलामो की जिंदगी जी रहा है । मीडिया की स्वतंत्रता अब दिखावा मात्र हो गई । अब अगर जिंदा रहना है तो जिसके पास ताकत है उसके महिमा को वर्णित करते हुए ही अस्तित्व में बने रहने का समय आ गया है अगर विरोध करोगे तो सत्ता की ताकत के आगे नेस्तनाबूद कर दिए जाने का खतरा बन गया है । मीडिया अब आईना ना होकर प्रायोजित फ़िल्म का रूप ले लिया है जिसमे स्क्रीप्ट भी पूर्वनियोजित होती है और फिल्मांकन भी पुर्नियोजित सिर्फ वही दिखाया जा रहा है जो सत्ता की ताकत दिखाना चाहती है । भले ही देश आजाद हो गया किन्तु मीडिया अब गुलाम हो गई और हो भी क्यो ना अगर आपने सच्चाई दिखाई तो आप ही नही दिखेंगे जब आप ही नही दिखेंगे तो सच्चाई कहा दिखेगी । सच्चाई और जिंदगी में किसी एक के चुना में अब जिंदगी चुनने की मजबूरी ही मीडिया के स्वतंत्रता के रास्ते मे सबसे बड़ी रुकावट है । वर्तमान समय मे यही रीति के तहत मीडिया अपना कार्य कर रही है सच्चाई अब मीडिया जगत में विलुप्त सी नजर आ रही है और चाटुकारिता अब बलवान हो गई जो जितनी ज्यादा चाटुकारिता करेगा वो उतना सफल होगा । निष्पक्षता और चाटुकारिता में अब चाटुकारिता की जीत हो गई । और देश के चौथे स्तंभ को अब सहारे के लिए चाटुकारिता का दामन थामना ज़रूरी हो गया । चौथा स्तम्भ अब कब अपने दम पर स्थापित होगा ये भविष्य के कालचक्र में लुप्त है किंतु वर्तमान में इसे स्थापित होने के लिए सहारे की ज़रूरत पड़ रही है बिना सहारे के अस्तित्व खतरे में पड़ने का जो अंदेशा है । अब तो छोटी मोटी सच्चाई जिससे आकाओं को कोई फर्क नही पड़ता ऐसी ही सच्चाई सामने आती है बाकी तो झूठ का पुलिंदा ही बांकी रह गया है । ( शरद पंसारी - संपादक शौर्यपथ दैनिक समाचार पत्र )

    शौर्यपथ लेख । कृष्ण आनंद चौधरी पिजरे में कैद चिड़िया कितनी भी रंगीन हो, सुन्दर नहीं लगतीं… चाहे कोई कितनी भी कविताएं लिख लें उन पर। क्या होता है चरित्र? चरित्र गुलामी है, एक बंधन। वो शर्तों से तय होता है। चरित्र गैर कुदरती है। प्रकृति विरोधी। अप्राकृतिक। चरित्र है, किसी तथ्य पर थोपीं गई शर्तें। हवा का चरित्र क्या है? शांत, धीमे, तेज कि आंधी? गर्म, ठंडा या बर्फ? पानी का चरित्र क्या है? और मिट्टी का चरित्र? मूरत या ईंट? जो चरित्रहीन होते हैं, सुंदर वही होते हैं। आजाद लोग ही खूबसूरत होते हैं। कोने में, अपनी ही कुठाओं में दबी खामोश चरित्रशील औरत? या किसी खुले में अपने मन से ठहाके लगाकर हंसती चरित्रहीन औरत?… कौन सुंदर है? कौन है सुंदर? वो जो चाहे तो आगे बढ़कर चूम ले। बोल दे कि प्यार करती हूं? या वो, जो बस सोचती रहे असमंजस में और अपने मन का दमन किए रहे। दमित औरतें निसंदेह सुंदर नहीं होती, पर स्वतंत्र चरित्रहीन औरतें होती हैं खूबसूरत। सोचना, जब अपनी टांगे फैलाई तुमने अपने पुरुष के सामने। अगर वो केवल पुरुष के लिए था तो ही वो चरित्र है। लेकिन वो तुम्हारे अपने लिए था तो चरित्रहीनता। अपने लिए, अपने तन और मन के लिए खुल कर जीती औरते सुन्दर लगती है। तुम उसे चरित्रहीन ही पुकारोगे। बच्चे चरित्रहीन होते हैं… उनका सबकुछ बेबाक… आजाद होता है। वो हंसते हैं खुलकर, रोते हैं खुलकर, दुख सुख, खुशी गम… सब साफ सामने रख देते हैं। वो दमन नहीं करते अपना। चरित्र दमन है। पहले अपना, फिर अपनों का, फिर अपने समाज का। गौर करना, जो जितना चरित्रवान होता है, वो उतना ही दमित होता है, और फिर उतना ही बड़ा दमनकारी होता है। जो चरित्रहीन होते हैं, सुंदर वही होते हैं। आजाद लोग ही खूबसूरत होते हैं। हां, चरित्रहीन औरते सुंदर होती हैं। वो, जिसका मन हो तो अपने पुरुष की हथेली अपने स्तनों तक खींच ले। वो, जिसका मन हो तो वो अपने पुरुष को अपनी बांहों में जोर से भींच ले। वो, जिसका मन करे तो रोटियां बेलते, नाच उठे। वो जिसका मन करे तो जोर से गा उठे। वो, जो चाहे तो खिलखिलाकर हंस सके। वो जो चाहे तो अपने प्रिये की गोद में धंस सके। वो, जो चाहे तो अपने सारे आवरण उतार फेंके। वो, जो चाहे तो सारे कपड़े लपेट ले। वो, जो चाहे तो अपने बच्चे को स्वतंत्रता से अपना स्तन खोल दूध पिला सके, उसे दुलरा सके। बच्चे को जन्म देते जब वो दर्द में चीखती है तो वो चरित्रहीनता है। आसपास की औरतें उसे चुप करातीं हैं। आवाज नहीं निकलाने की सलाह देती हैं। सारा दर्द खामोशी से सहने को कहती है। चरित्र का ये बंधन कबूल नहीं होना चाहिए। प्रसव पीड़ा… तकलीफ है, सृजन की तकलीफ… तो उससे धरती गूंजनी चाहिए। अपने पुरुष के साथ उसके मदमस्त खेल का दमन भी गैरकुरदती है। इसे भी मुक्त होना चाहिए, उसे भी चरित्रहीनता होना चाहिए। सुना है कभी किसी औरत को अपने परमानंद के क्षणों में एकदम खुलकर गाते? क्यों नहीं बोल पाती वो, अपने भावों को स्वरों में? क्योंकि ये उसे चरित्रहीना साबित करेगा। पर ऐसी औरतें ही भी बेहद सुन्दर लगती हैं। धरती की हर चीज का सुख लेते, अपने भीतर और बाहर हर चीज से खुलकर खुश होते…. प्यार में डूब सबकुछ से प्यार करती आजाद औरत। मुझे कुदरत पसंद हैं क्योंकि उसका कोई चरित्र नहीं। यह लेख इससे पहले "मेरा रंग " में प्रकाशित किया जा चुका है जिसे कृष्ण आनंद चौधरी ने लिखा है। वे वरिष्ट पत्रकार हैं।

    भोपाल । शौर्यपथ । ग्वालियर-चंबल संभाग में पूर्व सीएम कमलनाथ ने बीजेपी को जोर का झटका दिया है, ग्वालियर पूर्व से बीजेपी के उम्मीदवार रहे सतीश सिकरवार ने कमलनाथ की मौजूदगी में कांग्रेस का हाथ थाम लिया है. पूर्व सीएम कमलनाथ ने आज बीजेपी को बड़ा झटका दे दिया. उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में सेंधमारी की है. 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी रहे सतीश सिकरवार ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है. पूर्व सीएम कमलनाथ की मौजूदगी में सैकड़ों की संख्या में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है. ये बीजेपी के लिए ग्वालियर-चंबल में बड़ा झटका माना जा रहा है.

    रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार के कुप्रबंधन के कारण देश का खजाना खाली हो गया है ।मोदी सरकार किसान सम्मान निधि का पैसा देने की स्थिति में नही है ।इसीलिए केंद्र बहाने बाजी कर आधे अधूरे किसानों के खाते में पैसे डाल रही है।पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा किसान सम्मान निधि के सम्बंध में दिए गए बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा एक तो मोदी सरकार ने किसानों के खातों में पैसा नही डाला ऊपर से रमन सिंह उसी के बचाव में गलत बयानी कर रहे हैं। केंद्र सरकार की नीयत छत्तीसगढ़ सहित देश भर के किसानों को किसान सम्मान निधि का पैसा देने की है ही नहीं ।मोदी सरकार की नीयत किसानों को किसान सम्मान निधि का पैसा देने की रहती तो पहली दूसरी क़िस्त के समय केंद्र सरकार के पास जो सूची है उसी के आधार पर किसानों को भुगतान कर दिया गया होता ।कोरोना काल मे फिर से आवेदन नही मंगवाया जाता ।कोरोना के समय लोगो को कम से बाहर निकलने के उद्देश्य से देश भर में दीगर कार्यो और योजनाओं के लिए पुराने आंकड़ो को आधार बनाया जा सकता है फिर किसान सम्मान निधि में क्यो नही ? जैसा दावा केंद्र सरकार कर रही है कि उसने राज्य के 27 लाख किसानों को पहली और अन्य क़िस्त का भुगतान किया था तो उसी आधार पर अब भी भुगतान किया जाना चाहिए किस आधार पर मात्र 2 लाख किसानों को भुगतान किया गया। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देश की अर्थ व्यवस्था सम्भालने में बुरी तरह नाकाम साबित हुई है ।केंद्र सरकार अपनी योजनाओं को भी चलाने में असमर्थ साबित हो रही है ।राज्यो को जीएसटी की क्षति पूर्ति का पैसा देने में केंद्र पहले ही हाथ उठा चुका है ।अब किसानों को नाम मात्र का दिया जाने वाला किसान सम्मान निधि का पैसा देने में भी केंद्र हिला हवाला कर रहा है । मोदी सरकार की नीयत किसानों को पैसा देने की होती तो हर क़िस्त के बाद अलग अलग फार्म भरवाने बैंक रिकार्ड की जानकारी मंगवाने के नाम पर किसानों को परेशान नही किया जाता ।छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार द्वारा चलाई जाने वाली राजीव गांधी किसान न्याय योजना में लगभग 19 लाख किसानों ने लाभ प्रप्त किया ।राज्य में समर्थन मूल्य पर लगभग इतने ही किसान धान बेचते है ।इन सबके आंकड़े सरकार के पास है जो केंद्र सरकार की भी जानकारी में है ।भाजपा सरकार चाहती तो इसी जानकारी के आधार पर कम से कम इतने किसानों को भुगतान कर सकती थी ।भाजपा सरकार किसान सम्मान निधि योजना चलाने में असमर्थ लग रही है इसी लिए वह राज्य सरकार पर आरोप लगा कर कुछ किसानों को ही भुगतान कर अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह सहित भाजपा के नेता दलीय प्रतिबद्धता के कारण केंद्र सरकार द्वारा किये जा रहे किसान विरोधी आचरण में उसके साथ खड़े नजर आते है और मोदी सरकार को खुश करने राज्य सरकार पर झूठे आरोप लगा कर बयान बाजी करते है ।जब केंद्र ने राज्य सरकार के द्वारा 2500 रु में धान खरीदी पर राज्य से चावल न लेने की धमकी दिया था तब भी भाजपा का एक भी नेता छत्तीसगढ़ के किसानों के समर्थन में सामने नही आया था सारे के सारे नेता केंद्र की किसान विरोधी नीति के साथ खड़े थे। छत्तीसगढ़ की जनता भाजपा के इस चरित्र को देख रही है 2018 के विधानसभा चुनाव का दोहराव 2023 में भी होगा।

    दुर्ग । शौर्यपथ । एनएसयूआई के जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सोनू साहू ने माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छ:ग में स्कूल फीस नियामक आयोग बनाए जाने…

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग निगम में शायद ही कोई अधिकारी होगा जो आते ही लगातार विवादों में घिरा हो , प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभार सँभालने के बाद जल्द ही प्रभार में बदली , अमृत मिशन के कार्य से भी जल्दी ही प्रभार में बदली , बिना निविदा के ठेके देने और मनपसंद ठेकेदार को फायदा पहुँचाने में अग्रणी , सुखा राशन वितरण में कई सवालिया निशान , दुर्ग निगम में स्वयभू सर्वेसर्वा और सबसे ज्यादा जानकार समझने वाले प्रभारी ईई मोहन पूरी गोस्वामी यु तो निगम में ढेढ़ साल ही हुए है आये हुए किन्तु इन डेढ़ साल में पत्रकारों को लिफाफा बांटकर अपनी तरफ करने की पुरजोर कोशिश भी पिछली दीपावली में फेल हो गयी .
    शौर्यपथ संचार पत्र ने पिछले अंको में प्रकाशित किया था कि किस तरह बिना निविदा के कार्य को गोस्वामी द्वारा करने की अनुमति ठेकेदार को दे दी गयी ऐसा पहले भी हो चूका है इस बारे में ईई का कहना है कि अतिआवश्यक कार्य के कारण ठेका दिया गया . मामला चाहे जो भी हो किन्तु अब एक नया मामला सामने आया जिसमे निगम आयुक्त द्वारा ईई गोस्वामी को नोटिस जारी हुआ है जिसमे कार्य में लापरवाही की बात कड़े शब्दों में की गयी . उपरोक्त नोटिस के अनुसार ईई गोस्वामी द्वारा कई कार्यो के कार्यादेश जरी करने में 9 माह का समय बीत जाने के बाद भी कार्यादेश जारी नहीं करने के कारण पत्र प्रेषित किया गया और इस तरह कार्य की पुनरावृत्ति ना होने की बात कही गयी . एक तरफ ईई गोस्वामी मनपसंद ठेकेदारों को बिना निविदा कार्य सौप रहे है वही दूसरी तरफ जिनको ठेका मिला उन्हें कार्यादेश नहीं देकर ठेकेदारों को परेशान किया जा रहा है क्या ऐसे ईई पर महापौर और शहर विधायक मामले को संज्ञान में लेकर कोई सख्त कदम उठाएंगे या मौन रहेंगे ?

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