August 24, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    पटना / शौर्यपथ / बिहार चुनाव 2020 रिजल्ट में बेइमानी का आरोप लगाने वाले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार पर गठन के बाद से ही हमलावर हो गए हैं। नियुक्ति घोटाले के आरोपी कुछ घंटों के लिए शिक्षा मंत्री रहे मेवालाल चौधरी के इस्तीफे के बाद अब तेजस्वी के निशाने पर नीतीश कुमार के एक और मंत्री अशोक चौधरी आ गए हैं।

    तेजस्वी ने रविवार की सुबह अशोक चौधरी पर हमला करते हुए एक खबर को शेयर करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि - साहित्यिक चोरी के दोषी मुख्यमंत्री माननीय नीतीश जी के मुकुट मणि, JDU के कार्यकारी अध्यक्ष और मंत्री श्री अशोक चौधरी की पत्नी पर बैंक से करोड़ों की धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप है, CBI जाँच कर रही है, कोर्ट में केस है। इनकी निष्कपटता देखिए। कहते हैं बीवी का भ्रष्टाचार Not a big deal

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / एक जनवरी से सभी चार पहिया वाहनों के लिए फास्टैग को अनिवार्य कर दिया गया है। डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार सभी टोल प्लाजा पर कैश लेन-देन को पूरी तरह से खत्म कर रही है।
    एनएचएआई के परियोजना निदेशक एनएन गिरि ने बताया कि केंद्र सरकार 31 दिसम्बर तक 100 फीसदी करना चाहती है। ऐसे में यदि वाहन मालिक ने अपने वाहन पर फास्टैग नहीं लगवाया तो हाईवे पर एक जनवरी से असुविधा हो सकती है। उन्होंने बताया कि 15 नवम्बर को केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था। जिसके बाद लखनऊ के इटौंजा और दखिना टोल प्लाजा पर एक जनवरी से सभी चार पहिया वाहनों पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है। वर्तमान में दोनों टोल प्लाजा पर दो कैश लेन भी है।
    यहां से प्राप्त करें फास्टैग
    नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अनुसार फास्टैग ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील और पेटीएम पर उपलब्ध है। इसके अलावा आप फास्टैग को बैंक और पेट्रोल पंप से भी खरीद सकते है। बैंक से फास्टैग खरीदते समय आप ध्यान रखें कि जिस बैंक में आपका खाता है। उसी बैंक से आप फास्टैग खरीदे।

    फास्टैग के लिए ये दस्तावेज जरूरी
    फास्टैग खरीदने के लिए आपको ड्राइविंग लाइसेंस का फोटो कॉपी और अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन चाहिए होगा। वहीं आप फोटो आईडी के तौर पर आधार कार्ड और पासपोर्ट या पैन कार्ड का भी प्रयोग कर सकते हैं।

    कितने में मिलेगा फास्टैग
    एनएचएआई के अनुसार आप फास्टैग को किसी भी बैंक से 200 रुपये में खरीद सकते हैं। वहीं आप फास्टैग को कम से कम 100 रुपये से रिचार्ज करा सकते हैं। सरकार ने बैंक और पेमेंट वॉलेट को रिचार्ज पर अपनी ओर से कुछ अतिरिक्त चार्ज लगाने की छूट दी है।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / भारत में कोरोना के संक्रमण ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। कुछ रिपोर्ट्स का भी दावा है कि ठंड के दिनों में संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो सकती है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तो बीते कई दिनों से लगातार इसके मामले बढ़ रहे हैं। कई राज्यों ने अपने बड़े-बड़े शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाने की भी घोषणा की है।
    मध्य प्रदेश के इंदौर, गुजरात के सूरत और राजकोट में 21 नवंबर की रात से नाइट कर्फ्यू लगा दी गई है। इंदौर में लोग रात दस बजे से लेकर सुबह छह बजे तक अपने घरों से बाहर नहीं निकल सकते हैं। साथ ही गुजरात के दोनों शहरों में इसकी समय सीमा रात नौ बजे से लेकर सुबह छह बजे तक रखी गई है।
    हालांकि, नाइट कर्फ्यू के दौरान फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों और आवश्यक सेवा में शामिल लोगों को छूट दी गई है। आपको बता दें कि इंदौर में कल कोरोना के 546 नए पॉजिटव केस सामने आए हैं। इसके साथ ही संक्रमण का कुल आंकड़ा 37,661 हो गया है। वहीं अगर गुजरात की बात करें तो कल यहां 1,515 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही यहां कोरोना के कुल मामले 1,95,917 हो गए। इनमें 13,285 एक्टिव केस हैं।

    राजस्थान के 8 शहरों में नाइट कर्फ्यू, मास्क नहीं लगाने पर अब 500 रुपये जुर्माना
    राजस्थान सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित आठ जिला मुख्यालयों में रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। वहीं राजधानी जयपुर में धारा 144 लगाई गयी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शनिवार रात को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में ये फैसले किए गए। बैठक में सर्दी और त्योहारी सीजन के कारण संक्रमण के बढ़ते मामलों को नियंत्रित करने के उपायों पर विचार हुआ।

    बैठक में यह निर्णय किया गया कि संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित आठ जिला मुख्यालयों (जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, अलवर व भीलवाड़ा) के नगरीय क्षेत्र में बाजार, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल व अन्य वाणिज्यिक संस्थान शाम सात बजे तक ही खुले रहेंगे। इन आठ जिला मुख्यालयों के नगरीय क्षेत्र में रात आठ बजे से सुबह छह बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू रहेगा। वहीं मास्क नहीं पहनने पर लगाया जाने वाला जुर्माना 200 रुपये से बढ़ाकर अब 500 रूपये कर दिया गया है। हालांकि इस दौरान विवाह समारोह में जाने वाले, दवाइयों सहित अति आवश्यक सेवाओं से संबंधित लोगों तथा बस, ट्रेन व हवाई जहाज में सफर करने वालों को आवागमन की छूट होगी।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी को ओबामा ने 'साठ बरस से ऊपर की उम्र की आकर्षक महिला' के तौर पर याद किया…
    नई दिल्ली / शौर्यपथ / अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के संस्मरण में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को नर्वस नेता बताने की बात पर राजनितिक बवाल तो हो ही…
    नई दिल्ली / शौर्यपथ / फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने देश के मुस्लिम प्रतिनिधियों से कहा है कि वो कट्टरपंथी इस्लाम को नष्ट करने के लिए 'रिपब्लिकन मूल्यों…

     रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति और अपराधों पर नियंत्रण के संबंध में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू रायपुर स्थित निवास कार्यालय में 11 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय अधिकारियों की बैठक ले रहे है बैठक में प्रदेश के सभी संभाग के पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक गुप्त वार्ता एवं सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक शामिल होंगे।

    भिलाई / शौर्यपथ / सेक्टर 5 में रायपुर राजधानी की तरह ही मरीन ड्राइव की तरह शहीद पार्क बनाया जा रहा है। जहां शहीदे आजम भगत सिंह की देश की सबसे बड़ी मूर्ति स्थापित की जाएगी। जिसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। भिलाई महापौर देवेंद्र यादव सहित विधायक कुलदीप जुनेजा ने सेक्टर 5 पहुंच कर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
    शनिवार को विधायक कुलदीप जुनेजा भिलाई प्रवास पर रहे। एक जरूरी काम से भिलाई आए जुनेजा ने शहर में चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण महापौर यादव के साथ किया। महापौर यादव ने विधायक जुनेजा को बताया कि सेक्टर 5 में शहीद भगत सिंह जी की सबसे बड़ी मूर्ति लगाई जाएगी। सिविक सेंटर के पास स्थित इस तालाब में लोग परिवार सहित घूमने आएंगे। इसके लिए करीब डेढ़ करोड़ की लागत से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। महापौर ने संबंधित निगम के जोन अधिकारियों ने निर्माण कार्य की जानकारी ली। तब अधिकारियों ने बताया कि 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और जल्द ही बचा हुआ काम भी पूरा हो जाएगा। ऐसे में महापौर यादव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

    मोहक डिजाइन के समृद्ध फैब्रिक की बढ़ी मांग,फेब इंडिया नई दिल्ली में किया जा रहा निर्यात ,150 बुनकरों को 70 लाख 64 हजार की आमदनी

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की बहुमूल्य धरोहर समृद्ध हाथकरघा के रूप में अभिव्यक्त हो रही है और अपनी विविधता, गुणवत्ता एवं सुन्दरता के लिए प्रसिद्ध है। राजनांदगांव जिले के बुनकरों के हाथों के हुनर ने बेजोड़ कारीगरी से अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। शासन की पहल से विलुप्त हो रही छत्तीसगढ़ी परम्परागत लोधी बुनकारी कला को पुनर्जीवन मिला है। छुईखदान एवं गंडई के बुनकर मोहक डिजाइन के लोधी साड़ी का निर्माण कर रहे हैं, जिसकी अभी मार्केट में अच्छी डिमांड है। लोधी साड़ी को बड़ेभौराई साड़ी भी कहा जाता है। जिसमें खाप का प्रयोग करते हुए सिंघोलिया बूटी, मेयूर बूटी एवं डमरू की डिजाइन बनी हुई है, साथ ही पंचोलिया एवं प्रताप पर डिजाइन से सुसज्जित किया गया है। यह साड़ी शादी-विवाह के अवसर पर बहुतायत उपयोग किया जाता है। छुईखदान बुनकर सहकारी समिति मर्यादित के तहत निर्मित हाथकरघा उत्पाद फेब इंडिया नई दिल्ली में निर्यात किये जा रहे हैं। अनोखे रंग संयोजन से बने उम्दा फेब्रिक लोगों की पसंद बन रही है। इस वर्ष 150 बुनकरों को 70 लाख 64 हजार राशि की प्राप्त हुई है, जिनसे उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त हुई है। शासन द्वारा बेडशीट एवं गणवेश के लिए वस्त्र क्रय किया गया है, वहीं कोरोना संक्रमण के बावजूद 10 लाख वस्त्र तैयार किए गए हैं, जो फेब इंडिया को भेजे जा रहे हैं। वहीं वस्त्रों का शासकीय कार्यों के लिए सप्लाई किया गया है।
    छुईखदान, गंडई एवं खैरागढ़ में डोंगरगढ़ एवं राजनांदगांव में कुशल बुनकरों द्वारा खुबसूरत डिजाइनदार साड़ी, ऊलन, स्पायडल चादर, जेकार्ड चादर, साल, रंगीन चेक, प्लेन चादर, प्रिटेंड चादर, पिलो कव्हर, फर्श दरी, फर्निशिंग क्लाथ, शर्ट क्लाथ, पेसेंट डे्रस, सर्जन गाउन, ग्रीन वर्दी, यूनिफार्म, डे्रस के लिए वस्त्र, धोती, गमछा, पंछा, नेपकीन, रूमाल एवं उपयोगी वस्त्र तैयार किये जा रहे है। उप संचालक हाथकरघा श्री इन्द्रराज सिंह ने बताया कि विलुप्त हो रही परम्परागत लोधी साड़ी का वेल्यू एडीशन करने के साथ ही इसमें नया प्रयोग करते हुए नई डिजाइन का समावेश भी किया जा रहा है। छुईखदान बुनकर सहकारी समिति मर्यादित के प्रबंधक श्री लालचंद देवांगन ने बताया कि छुईखदान प्रदेश में एकमात्र संस्था है, जिसे जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित से 54 लाख रूपए की ऋण स्वीकृति प्राप्त है। जिससे संस्था अपना व्यवसाय करती है। उन्होंने बताया कि संस्था के जीर्णोद्धार के लिए शासन की ओर प्रस्ताव भेजा गया है जो प्रक्रियाधीन है। बुनकर लोधी साड़ी का निर्माण करने वाले श्री ईश्वरराम ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह अंचल की परंपरागत प्राचीन कला है, जिसे शासन के प्रयासों से संरक्षण मिला है। धागा रंगाई का कार्य मेहनत का कार्य है, जिसे खैरागढ़ में किया जा रहा है। चरखा चलाकर महिलाएं बाबिन भरने का कार्य कर रही है। वही मशीन से भी बाबिन भरने का कार्य छुईखदान में किया जा रहा है। बुनकर श्री रामखिलावन देवांगन हरे एवं स्लेटी रंग का समन्वय करते हुए नया प्रयोग कर रंगीन बार्डर की साड़ी बना रहे थे। श्री मयाराम देवांगन किसानों के लिए पटका बना रहे है। वही श्री सीताराम कुर्ते का कपड़ा बना रहे है।
    उल्लेखनीय है कि छुईखदान, खैरागढ़, डोंगरगढ़, कबीरधाम, गंडई, मलाजखंड, राजनांदगांव, घुमका में हथकरघा के शो रूम है। वर्ष 2018-19 में एक करोड़ 45 लाख 62 हजार रूपए की राशि प्राप्त हुई। वर्ष 2018-19 में 25 लाख रूपए के कपड़े फेब इंडिया में निर्यात किए गए। वहीं 2019-20 में 56 लाख रूपए के कपड़े निर्यात किए गए। इस वर्ष कोरोना के बावजूद 10 लाख वस्त्र तैयार किए गए हंै, जो फेब इंडिया में भेजे जा रहे हैं।

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन की गोधन न्याय योजना के सकारात्मक परिणाम ग्रामीण अंचल में दिखाई देने लगे हैं। इस योजना ने ग्रामीण अंचल में रोजगार को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीणों की अतिरिक्त आय का जरिया बन गई है। गोधन न्याय योजना में ग्रामीण महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। गौठानों में गोबर विक्रय से लेकर वर्मी खाद बनाने में महिलाओं की भागीदारी 50 फीसद से अधिक है। गौठानों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह गोधन न्याय योजना शुरू होने से काफी उत्साहित हैं। गोबर की उपलब्धता सुनिश्चित होने से वर्मी खाद के उत्पादन में भी दिनों-दिन बढ़ोत्तरी होते रही है। इस कारण महिला समूहों की आय में भी इजाफा होने लगा है। जांजगीर-चांपा जिले के बलोदा विकास खंड के ग्राम औराईकला के मां वैष्णो देवी महिला स्व-सहायता समूह ने गोबर से जैविक खाद तैयार किया और इसे बेचकर आठ हजार रुपए की आय अर्जित की। जिले में संचालित विभिन्न गौठानों को सरकार की मंशानुसार आजीविका केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। ग्राम औराईकला के गौठान से जु़ड़ी मां वैष्णो देवी महिला स्व-सहायता समूह द्वारा उत्पादित 10 क्विंटल जैविक खाद का विक्रय किसानों को 8 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से किया गया। इससे समूह की महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वह वृहद पैमाने पर जैविक खाद के उत्पादन में जुट गई है।

    महिला स्व-सहायता समूह के द्वारा तैयार किए गए जैविक खाद को प्रयोगशाला में विश्लेषण के लिए भेजा गया था। जांच में इसे मानक स्तर का पाया गया। इसे आकर्षक पैकेजिंग कर विक्रय के लिए सहकारी सोसायटी में उपलब्ध कराया गया है। सोसायटी के माध्यम से अंचल के कृषकों को 10 क्विंटल जैविक खाद आठ रूपए प्रति किलो की दर से विक्रय किया गया। उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना का उद्देश्य पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ कृषि लागत को कम करना और जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देकर भूमि की उर्वरा शक्ति को बेहतर बनाना है। इस योजना से पर्यावरण में सुधार के साथ-साथ ग्रामीण अंचल में रोजगार को बढ़ावा देना तथा अर्थव्यवस्था को सुदृ़ढ़ करना है। गोधन न्याय योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने में मदद मिली है।

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