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May 03, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

 रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की पुण्य तिथि 21 मई पर आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में विधान सभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत और मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ स्वर्गीय राजीव गांधी के तैलचित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। आज आतंकवाद विरोधी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल सहित मंत्रिगणों और उपस्थित सभी लोगों ने देश की अहिंसा एवं सहनशीलता की परंपरा के प्रति अपना दृढ़ विश्वास प्रकट करते हुए आतंकवाद और हिंसा का डटकर विरोध करने, मानव जाति के सभी वर्गों के बीच शांति, सामाजिक सद्भाव तथा सूझबूझ कायम करने और मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुंचाने वाली और विघटनकारी शक्तियों से लडऩे की शपथ ली।

  दुर्ग / शौर्यपथ / कहते है दान से किसी के जीवन में कई परिवर्तन आते है किन्तु रक्तदान और नेत्रदान ऐसा पुनीत कार्य है जो किसी को जीवन देने का कार्य करता है . रक्तदान की इसी भावना को चरितार्थ करते हुए संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा ये पुनीत कार्य किया गया . शासकीय जिला अस्पताल दुर्ग में संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में उनके शिष्यों के द्वारा 6 यूनिट रक्तदान किया गया। समय-समय पर समाज हित और जनकल्याण के कार्यों में संत रामपाल जी महाराज के शिष्य हमेशा आगे रहते हैं।
जिला अस्पताल के माध्यम से कमलेश निर्मलकर मीडिया प्रभारी दुर्ग को जैसे ही पता चला कि दुर्ग के जिला अस्पताल में रक्त की कमी है उन्होंने संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों से संपर्क किया संत जी के शिष्य तुरंत रक्तदान करने के लिए तैयार हो गए। दुर्ग जिला संयोजक रामअवतार दास ने कहा कि जब भी शासकीय जिला अस्पताल दुर्ग में रक्त की कमी होगा तो हम संत रामपाल जी महाराज के शिष्य रक्तदान करने के लिए हमेशा तैयार हैं।
     22 मार्च से लाकडाउन की वजह से सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल में इस समय खून की कमी महसूस की जा रही है। जो ब्लड डोनेट करने वाले हैं वह भी कोरोनावायरस के डर से घर से निकलने में संकोच कर रहे हैं। इस विषम परिस्थितियों में भी संत रामपाल जी महाराज के शिष्य सामूहिक रक्तदान करने के लिए तैयार खड़े हैं। रक्तदान के समय सभी लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया। इससे पहले संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों के द्वारा दुर्ग के कृषि मंडी ग्राउंड में 300 यूनिट रक्तदान किया गया था।

    जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / जिला पंचायत परिसर में 21 मई 2020 को आंतकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाते हुए अधिकारी-कर्मचारियों ने शपथ ली। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यनिता यशवंत चंद्रा, उपाध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत सदस्य राजकुमार साहू, गणेश राम साहू, लखनलाल साहू़, दिलेश्वर साहू भी मौजूद रहे।
वर्तमान में कोविड-19 महामारी के संक्रमण को देखते हुए जिपं परिसर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने सोशल, फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए, मास्क लगाकर मनाने के निर्देश दिए थे। गुरूवार को जिपं परिसर में उपसंचालक पंचायत श्री अभिमन्यु साहू ने आतंकवाद दिवस पर अधिकारी, कर्मचारियों को शपथ दिलाई। इस दौरान शपथ लेते हुए सभी ने कहा कि हम भारतवासी अपने देश की अहिंसा एवं सहनशीलता की परम्परा में दृढ विश्वास रखते हैं तथा निष्ठापूर्वक आतंकवाद और हिंसा का डटकर विरोध करेंगे।
हम मानव जाति के सभी वर्गों के बीच शांति, सामाजिक सद्भाव तथा सूझबूझ कायम करने और मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुंचाने वाली और विघटनकारी शक्तियों से लड़ने की भी शपथ लेते हैं। इस दौरान जिला पंचायत लेखाधिकारी जीएस सिदार, सहायक परियोजना अधिकारी डीएस यादव, एसके ओझा, आकाश सिंह, गौरव शुक्ला, सहित महात्मा गांधी नरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, डीएमएफ के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।

   दुर्ग / शौर्यपथ / श्रमिक सेवा केंद्र दुर्ग में आधुनिक भारत के निर्माता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 30 वी पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व महापौर आर एन वर्मा ने कहा कि उनकी कम्प्यूटर क्रांति की वजह से आज पूरा देश डिजिटल युग में जी रहा है जिनको लाने का श्रेय राजीव गांधी को जाता है। उनकी आधुनिक सोच ने भारत को तेजी विश्व के अग्रिम देशों की पंक्ति में पहुँचा दिया। पूर्व साडा अध्यक्ष लक्ष्मण चंद्राकर ने कहा कि पंचायतीराज और नगरीय निकाय में संविधान संशोधन के द्वारा सत्ता का विकेंद्रीकरण कर लोकतंत्र को मजबूत बनाने के क्षेत्र में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति को जोड़ने के लिए उन्होंने 18 वर्ष के युवाओं को मताधिकार का अधिकार प्रदान कर भारतीय लोकतंत्र को नई दिशा प्रदान की। आज भी हजारों मजदूर साथियों को श्रमिक सेवा केंद्र से भोजन पैकेट, पानी पाउच, चना, बुस्किट, चिप्स आदि केंद से बांटा गया। उन्हें श्रद्धांजलि देने वालो में प्रतिमा चंद्रकार, आरएन वर्मा,लक्ष्मण चंद्राकर, राजेश यादव, क्षितिज चंद्राकर, नीलेश चौबे, मुकेश चंद्राकर, विशाल देशमुख, अजय गोलू गुप्ता, अशोक बघेला, विनाय गुप्ता, महेश टावरी, अजय शर्मा, दीपक चावड़ा, विमल यादव, हनुमान यादव, आर मलिक, मेहंदी भाई, सदाबहार, निखिल खिचरिया, भूपेश वर्मा, राजा विकम्र बघेल, सन्नी साहू, विजय चंद्राकर, सिध्देश्वर जैन, सिद्धार्थ चंद्राकर, दीपक जैन, आनंद देव चंद्राकर, एम पी गोयल, नासिर खोखर आदि उपस्थित थे।

   राजनांदगांव / शौर्यपथ / लॉकडाउन में अप्रवासी मजदूरों की बदहाल हालत को दुरूस्त करने के लिए बाघनदी बार्डर में तैनात आईटीबीपी की 38वीं वाहिनी ने सेवाभाव दिखाते हुए मजदूरों की सुध ली है। बार्डर में बड़े पैमाने पर थके-प्यासे पहुंच रहे मजदूरों के प्रति उदारता का परिचय देते हुए आईटीबीपी के जवान पूरी शिद्दत के साथ मदद के लिए सामने आ रहे हैं। आईटीबीपी के मददगार रूख ने मजदूरों की भूख और प्यास को दूर करने का काम किया है। सिविक एक्शन प्लान के तहत 38वीं वाहिनी की ओर से भोजन के पैकेट के साथ-साथ मठा भी मजदूरों को दिया जा रहा है। आईटीबीपी की ओर से मजदूरों को बार्डर में प्रवेश करते ही भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
   इसके अलावा शारीरिक परेशानी से त्रस्त मजदूरों को चिकित्सकों की सलाह के पश्चात दवाई भी दी जा रही है। इस संबंध में डिप्टी कमांडेंट रंजन कुमार ने कहा कि कमांडेंट नरेन्द्र सिंह के दिशा-निर्देश पर सिविक एक्शन प्लान के तहत मजदूरों को मदद की जा रही है। आईटीबीपी सामाजिक सरोकार से जुड़ते हुए यह प्रयास कर रहा है। इधर बाघनदी बार्डर में आईटीबीपी की ओर से सूखे खाद्य पदार्थ भी दिए जा रहे हैं। मजदूरों की तकलीफ को दूर करने की कोशिश में जुटे आईटीबीपी के आलाधिकारी और अन्य जवान हरसंभव मजदूरों की दशा को सुधारने में मदद कर रहे हैं। आईटीबीपी के इस प्रयास की जमकर सराहना हो रही है। आईटीबीपी 24 घंटे बार्डर में मजदूरों की देखभाल के लिए डटा हुआ है।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / करोना संक्रमण काल के इस वैश्विक संकट में मजदूर साथियों को अपने कार्य क्षेत्र को छोड़कर घर आने की आपाधापी में भूखे-प्यासे मजदूरों की सेवा करने के लिए जिला भाजपा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह एवं सांसद संतोष पांडे के आवाहन पर जिला भाजपा अध्यक्ष मधुसूदन यादव के नेतृत्व में जिला भाजपा द्वारा खाद्यान्न सामग्री के पैकेट प्रवासी मजदूरों को बांटे गए।
महाराष्ट्र सीमा एवं अन्य राज्यों से आने वाले कई मजदूर बसों के द्वारा अन्य जिलों की ओर जा रहे थे, उन्हें रोककर रायपुर नाका के पास राम दरबार के समीप तथा ठाकुरटोला टोल प्लाजा के पास 600 पैकेट का वितरण किया गया। वितरण कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता खूबचंद पारख, संतोष अग्रवाल, सचिन बघेल, रमेश पटेल, भरत वर्मा, रेखा मेश्राम, शोभा सोनी, सावन वर्मा, हीरेन्द्र साहू, रविन्द्र सिंह, शिव वर्मा, राजेश श्यामकर, तरूण लहरबानी, किशुन यदु, सुमित भाटिया, दिनेश गुप्ता, योगेश खत्री, प्रखर श्रीवास्तव, रघुवीर वाधवा, दिनेश गुप्ता, बंटी भाटिया, सुनील साहू, नागेश यादव, चंद्रभान जंघेल, आकाश चोपड़ा, आशुतोष सिंह, जय शर्मा, अरुण शुक्ला, बलवंत साहू, शेखर यादव, मनीष जैन, सरस्वती यादव, अकरम कुरैशी, हकीम खान आदि प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
जिला भाजपा अध्यक्ष मधुसूदन यादव ने बताया कि पैकेट वितरण का यह कार्यक्रम अनवरत रूप से मजदूरों के प्रवास तक जारी रहेगा।

      शौर्यपथ / पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 29वी पुण्‍यतिथि कांग्रेस पार्टी सहित देश ने उन्‍हें याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किए. स्‍वर्गीय राजीव गांधी के बेटे राहुल गांधी ने अपने पिता को नमन करते हुए भावुक ट्वीट किया. अपने ट्वीट में राहुल ने हिंदी में लिखा, 'एक सच्चे देशभक्त, उदार और परोपकारी पिता के पुत्र होने पर मुझे गर्व है. प्रधानमंत्री के रूप में राजीव जी ने देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया. अपनी दूरंदेशी से देश के सशक्तीकरण के लिए उन्होंने ज़रूरी कदम उठाए. आज उनकी पुण्यतिथि पर मैं स्नेह और कृतज्ञता से उन्हें सादर नमन करता हूं.'
राजीव गांधी की पार्टी, कांग्रेस ने भी आज सुबह ट्विटर पर उनका एक छोटा वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में कहा गया है, "राहुल गांधी- वह व्यक्ति, जिन्‍होंने युवा भारत की नब्ज को पहचाना और हमें एक उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर किया. वह व्यक्ति जो युवाओं और बुजुर्गों की जरूरतों को समझता था और जिसे सभी का प्‍यार मिला."

एक अन्‍य ट्वीट में कहा गया है कि राजीव गांधी ने महिलाओं के सशक्‍तीकरण और अधिक समान समाज की वकालत करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट करके पूर्व प्रधानमंत्री राहुल गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं.

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने राजीव गांधी को एक दूरदर्शी और हर किसी का ध्‍यान रखने वाले और एक दयालु इंसान के रूप में याद किया. उन्‍होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'भारत के सबसे युवा पीएम राजीव गांधी बेहद दूरदर्शी थे. उन्होंने सभी भारतीयों के लिए एक उज्जवल भविष्य की कल्पना की और इस दिशा में काम किया." गौरतलब है कि राजीव गांधी ने 1984 में अपनी मां और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश की बागडोर संभाली थी. वह 40 साल की उम्र में भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने थे. वर्ष 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में एक चुनाव अभियान के दौरान एक आत्मघाती हमलावर द्वारा बम विस्‍फोट कर राजीव गांधी की नृशंस हत्‍या कर दी गई थी. उनकी पुण्यतिथि को आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में भी मनाया जाता है.

 

       रसोई / शौर्यपथ / क्या आपको पता है कि राजमा जितना चाव से भारत में खाया जाता है, इसे मेक्सिको में भी उतना ही पसंद किया जाता है। कहीं राजमा मसाला-वड़ा खाया जाता है, तो कहीं राजमा को सलाद के रूप में परोसा जाता है। आप बनाइए नाश्ते में राजमा कटलेट्स।

1- भारत में राजमा के शौकीन बहुत लोग हैं। पर क्या आपको इसके सेहत के गुण पता हैं? राजमा में जितनी कैलोरी होती है, वो हर आयु वर्ग के लोगों की सेहत के लिए सही होती है। आप इसे सलाद और सूप के रूप में भी ले सकते हैं। वहीं इसमें उच्च मात्रा में फाइबर होता है, जो पाचन क्रिया को सही बनाए रखने में मदद करते हैं। यह ब्लड शुगर के स्तर को भी नियंत्रित करने में मददगार होता है।

2-कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर राजमा को सब्जी के तौर पर बना ही सकते हैं, राजमा कटलेट जैसी रेसिपी भी आजमा सकते हैं। आपको चाहिएराजमा 1 कप, लाल मिर्च पाउडर 1 छोटा चम्मच, बारीक कटा हुआ लहसुन आधा चम्मच, हरा धनिया, बारीक कटी अदरक आधा चम्मच, 2 मध्यम साइज के टमाटर कटे हुए, दो प्याज बारीक कटे हुए, भूना जीरा पाउडर एक छोटा चम्मच और नमक स्वादानुसार।

3-राजमा कटलेट बनाने के लिए रात में भिगोया एक कप राजमा सुबह एक चुटकी नमक और आधा या पौन कप पानी संग उबाल कर ठंडा होने पर मिक्सी में दरदरा पीसें। एक बर्तन में दरदरा पीसा राजमा और बाकी सारी सामग्री डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लीजिए। हाथ में थोड़ा सा मिश्रण लेकर इसे हल्के हाथों से दबाकर चपटा कर कटलेट का आकार दें। अब एक पैन में तेल मध्यम आंच पर गर्म करें। तेल बस सेंकने के लिए चाहिए। गर्म तेल में एक-एक करके कटलेट डालें और मध्यम आंच पर फ्राई करें। सुनहरा सिक जाने पर चटनी संग परोसें।

 

      रसोई / शौर्यपथ / आप अगर ऐसे ब्रेकफास्ट ऑप्शन की तलाश में हैं, जो स्वाद के साथ सेहत से भरा भी हो, तो चिली सोया सबसे बेस्ट है।आइए, जानते हैं रेसिपी-

सामग्री :
सोयाबीन नगेट्स - 100 ग्राम
लहसुन पेस्ट- 1/2 चम्मच
तेल- 2 चम्मच
बारीक कटा हरा प्याज- 1 कप
कटी हुई हरी मिर्च- 2
सोया सॉस- 2 चम्मच
विनिगर- 2 चम्मच
नमक- स्वादानुसार

 

विधि :
सोयाबीन नगेट्स को आधे घंटे के लिए पानी में भिगोने के बाद पानी निचोड़ दें। एक बाउल में सोया नगेट्स, एक चम्मच नमक और लहसुन का पेस्ट डालकर अच्छी तरह से मिलाएं। कढ़ाही में तेल गर्म करें और उसमें हरे प्याज को डालकर थोड़ी देर भूनें। हरी मिर्च डालें और कुछ सेकेंड पकाएं। अब कड़ाही में बचा हुआ नमक, सोया सॉस, विनिगर और सोयाबीन डालें, अच्छी तरह से मिलाएं। तेज आंच पर दो-चार मिनट पकाएं और सर्व करें।

 

       लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन में लोग घर में ही हैं। ऐसे में घर पर रहते हुए जितनी हेल्दी चीजें कर ले उतना अच्छा है। घर में हैं तो अपने पुराने तांबे के बर्तन बाहर निकाल लें और उसका इस्तेमाल करें। पहले के समय में खाना पकाने से लेकर खाने तक के लिए तांबे के बर्तन ही देखने को मिलते थे और उसकी वजह से लोगों को बीमारियां भी कम होती थीं। इन बर्तनों में खाना पकाना भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है।  कि आयुर्वेद में कहा गया है कि कॉपर यानी तांबे के बर्तन का पानी पीना सेहत के लिए फायदेमंद है। इसके पानी के सेवन से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और कई बीमारियां आसानी से खत्म हो जाती हैं। तांबा जल्दी से तापमान में बदलाव पर प्रतिक्रिया देता है और खाना पकाने के लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है। कोरोना वायरस के कारण क्वॉरेंटीन में हैं तो किचन में तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल करना बेहद फायदेमंद हो सकता है। तांबा इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और नई कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करने के लिए जाना जाता है।

किचन में तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल इसके कई गुणों के कारण फायदेमंद है। यह अपने एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुणों के लिए जाना जाता है। तांबा घावों को जल्दी से भरने के लिए एक शानदार जरिया है। तांबे के बर्तनों में पका खाना खाने से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं जिससे किडनी और लिवर स्वस्थ रहते हैं।
जर्नल ऑफ हेल्थ, पॉपुलेशन एंड न्यूट्रीशन में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया है कि तांबा भोजन में वायरस और बैक्टीरिया के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है और उन्हें मार सकता है। यानी किचन में कुछ तांबे के बर्तन एक जबर्दस्त रोगाणुरोधी के रूप में कार्य कर सकते हैं। कोई फर्क नहीं पड़ता कि तांबे के बर्तन कितने पुराने या ऑक्सीकृत हैं, इन बर्तनों में भोजन रखने और खाना पकाने से भोजन रोगाणु मुक्त हो सकता है।

तांबे के बर्तनों में खाना पकाने से इनमें उपस्थित तांबा भी खाने के साथ मिलकर शरीर में जाता है और कई तरह से फायदा पहुंचाता है। कि तांबा मनुष्यों के लिए आवश्यक खनिजों में से एक है। तांबा शरीर में प्रोटीन के एक प्रकार कोलेजन बनाने में मदद करता है और आयरन को अवशोषित करता है, जिससे ऊर्जा उत्पादन का काम आसानी से हो पाता है। तांबे के बर्तन में पका खाना खाने से जोड़ों का दर्द और सूजन की दिक्कत कम हो जाती है।

जब भी तांबे के बर्तन में खाना पका रहे हों, तो गैस जलाने से पहले बर्तन में हमेशा भोजन अवश्य रखें। पैन के तल को ढकने के लिए पर्याप्त भोजन और तरल होना चाहिए। जलने से बचाने के लिए हमेशा अपने भोजन को कम से मध्यम आंच में पकाएं। अपने हाथ से बर्तन धोने के लिए एक सौम्य साबुन का प्रयोग करें। तांबे के बर्तन में स्पंज या तौलिए का प्रयोग न करें। वैकल्पिक रूप से, तांबे के बर्तन को साफ करने के लिए बेकिंग सोडा और पानी का इस्तेमाल करके भी देख सकते हैं।

 

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