October 08, 2026
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    शौर्यपथ

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    निर्माण श्रमिक की बेटी को शिक्षा के लिए मिली 20 हजार रुपये की सहायता, पढ़ाई का खर्च उठाने में परिवार को मिली राहत

    रायपुर, 07 अक्टूबर 2026 / शौर्यपथ। आर्थिक परिस्थितियां भले ही चुनौतीपूर्ण हों, लेकिन आगे बढ़ने का जज्बा और समय पर मिलने वाला सहयोग किसी भी सपने को नई दिशा दे सकता है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के नगर पालिका परिषद गौरेला के वार्ड क्रमांक 15 की निवासी कुमारी अंकिता रोहणी की कहानी इसी विश्वास को मजबूत करती है। निर्माण श्रमिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली अंकिता अपनी पढ़ाई पूरी कर आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रही हैं। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत मिली 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता ने उनके इस सपने को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहारा दिया है।

    अंकिता के पिता श्री रवि रोहणी निर्माण श्रमिक हैं और श्रम विभाग में पंजीकृत हैं। परिवार की आय सीमित होने के कारण रोजमर्रा की जरूरतों के साथ बेटी की शिक्षा का खर्च उठाना आसान नहीं था। इसके बावजूद परिवार ने आर्थिक कठिनाइयों को अंकिता की पढ़ाई के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया और अपनी क्षमता के अनुसार उनकी शिक्षा जारी रखी।

    इसी दौरान परिवार को श्रमिकों की बेटियों के सशक्तिकरण के लिए संचालित नोनी सशक्तिकरण योजना की जानकारी मिली। पात्रता और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंकिता को योजना का लाभ मिला और उन्हें 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। आर्थिक सहयोग मिलने से परिवार को पढ़ाई से जुड़े खर्चों को पूरा करने में राहत मिली।

    शिक्षा की जरूरतों में उपयोग हो रही सहायता राशि

    अंकिता प्राप्त सहायता राशि का उपयोग अपनी शिक्षा से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं। पढ़ाई के खर्च के लिए आर्थिक सहयोग मिलने से परिवार पर पड़ने वाला वित्तीय दबाव कम हुआ है। वहीं, इस सहायता ने अंकिता के आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है और वह अधिक एकाग्रता के साथ अपने अध्ययन को आगे बढ़ा रही हैं।

    अंकिता का कहना है कि शासन से मिली यह सहायता उनके लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर है। उनका लक्ष्य शिक्षा पूरी कर अपने पैरों पर खड़ा होना और आत्मनिर्भर बनकर परिवार का सहारा बनना है।

    श्रमिक परिवारों की बेटियों के लिए आर्थिक संबल

    नोनी सशक्तिकरण योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों की बेटियों को शिक्षा और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इस प्रकार की सहायता बेटियों की पढ़ाई जारी रखने में सहायक बन रही है। इससे परिवारों पर शिक्षा का वित्तीय बोझ कम करने के साथ ही बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सहयोग मिल रहा है।

    अंकिता की कहानी यह दर्शाती है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचता है, तो आर्थिक कठिनाइयों के बीच भी शिक्षा और आत्मनिर्भरता के सपनों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
    योजना से मिली सहायता के लिए अंकिता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की इस मदद से उनकी पढ़ाई के सपने को मजबूती मिली है। अब वह पूरी लगन और मेहनत के साथ अध्ययन कर अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहती हैं तथा भविष्य में आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का सहारा बनने का संकल्प रखती हैं।

    लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीयन से लेकर पैतृक संपत्ति में बराबरी और भरण-पोषण के लिए एक समान कानून पर महिलाओं ने दिए सुझाव

    रायपुर, 07 अक्टूबर 2026 / शौर्यपथ। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर छत्तीसगढ़ महिला मंच और महाराष्ट्र मंडल महिला समिति की पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील और व्यावहारिक विषयों पर खुलकर अपनी राय रखी। समान नागरिक संहिता समिति के समक्ष आयोजित संवाद में महिलाओं ने कानूनी समानता के साथ-साथ समाज के कमजोर वर्गों, बच्चों और आदिवासी समुदायों के अधिकारों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    बैठक में यूसीसी समिति के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एम.के. राऊत और वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार ने महिलाओं के सुझावों को गंभीरता से सुना। समिति की ओर से आश्वस्त किया गया कि बैठक में सामने आए व्यावहारिक और कानूनी सुझावों पर विचार किया जाएगा तथा उन्हें आयोग के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा।

    पैतृक संपत्ति और भरण-पोषण में समानता पर जोर

    शताब्दी पाण्डेय ने धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों में आवश्यक बदलाव की वकालत करते हुए पैतृक एवं व्यक्तिगत संपत्ति में महिला और पुरुष को समान अधिकार देने की मांग की। उन्होंने भरण-पोषण के नियमों में एकरूपता लाने तथा आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया को सरल बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बहुल प्रदेश है, इसलिए यूसीसी तैयार करते समय आदिवासी समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों, नीतियों और सांस्कृतिक विशिष्टताओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक विमर्श आवश्यक है। पंचायत स्तर पर कानूनी सलाह उपलब्ध कराने के लिए विशेष डेस्क स्थापित करने का सुझाव भी दिया गया।

    श्वेता पड्डा ने महिलाओं के संभावित शोषण को रोकने के लिए लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीयन को अनिवार्य किए जाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि लिव-इन संबंध से जन्म लेने वाले बच्चों के पालन-पोषण और उत्तराधिकार के अधिकार स्पष्ट एवं सुरक्षित होने चाहिए। साथ ही बच्चों की जैविक पहचान सुनिश्चित करने के लिए भी प्रभावी कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता बताई गई।

    कानूनी स्पष्टता और कमजोर महिलाओं तक पहुंच की मांग

    अधिवक्ता सुचित्रा वर्धन ने कहा कि केवल आपसी सहमति अथवा एग्रीमेंट के आधार पर महिला-पुरुष का साथ रहना भारतीय कानून में स्वतः वैवाहिक संबंध का दर्जा नहीं देता। ऐसे मामलों में अधिकारों और दायित्वों को लेकर स्पष्ट कानूनी प्रावधान आवश्यक हैं। अधिवक्ता हेमलता सिंह ने यूसीसी का मूल उद्देश्य कानूनी भेदभाव समाप्त कर व्यवस्था को सरल और समान बनाना बताया।

    गीता श्याम दलाल ने ‘एक राष्ट्र, एक कानून’ की अवधारणा का समर्थन करते हुए कहा कि अपराधी को धर्म के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए, वहीं प्रत्येक व्यक्ति को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मान्यताओं का पालन करने की स्वतंत्रता भी मिलनी चाहिए। आस्था अभय काले ने कहा कि यूसीसी का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़ी कमजोर महिलाओं तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए महिलाओं में कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।

    बैठक में आकांक्षा तिवारी, डॉ. भारती यादव, डॉ. रत्ना पाण्डेय, श्रीमती पुरोहित, प्रसन्ना राजेश अवस्थी, अर्चना वोरा, शेफाली पुरोहित, शीला शर्मा, नमिता शेष और मालती मिश्रा सहित अन्य सदस्यों ने बच्चों के हितों की सुरक्षा, आदिवासी समाज की सहभागिता तथा विवाह से जुड़ी पारंपरिक व्यवस्थाओं और रीति-रिवाजों को लेकर अपने विचार समिति के समक्ष रखे।
    समिति ने महिलाओं की इस संवादात्मक पहल की सराहना करते हुए कहा कि यूसीसी जैसी व्यापक कानूनी व्यवस्था तैयार करने में समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर महिलाओं की व्यावहारिक राय महत्वपूर्ण है। समिति ने बैठक में प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें आगे की प्रक्रिया में शामिल करने का भरोसा दिलाया।

    ग्रामीण पर्यटन में उत्कृष्ट योगदान पर मिलेगा एक लाख रुपये का पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र; एथनिक, ईको, धार्मिक, हेरिटेज, एडवेंचर तथा मेडिकल एंड वेलनेस टूरिज्म में कार्यों का होगा मूल्यांकन

    रायपुर / शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने और सतत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार-2026’ के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पुरस्कार के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

    यह पुरस्कार ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में दीर्घकालीन, समर्पित और उल्लेखनीय योगदान को राज्य स्तर पर पहचान देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को स्थानीय रोजगार एवं आजीविका से जोड़ने, होमस्टे को बढ़ावा देने, स्थानीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण तथा समुदाय आधारित पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा।

    राज्योत्सव एवं स्थापना दिवस समारोह में होगा सम्मान

    ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ प्रतिवर्ष राज्योत्सव एवं राज्य स्थापना दिवस अलंकरण समारोह में प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार का उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में लंबे समय से किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों और योगदान को सम्मानित करना है। यह पुरस्कार किसी व्यक्ति अथवा संस्था को उसके जीवनकाल में केवल एक बार प्रदान किया जाएगा।

    छह प्रमुख थीम पर होगा मूल्यांकन

    पुरस्कार के लिए प्राप्त प्रविष्टियों में ग्रामीण पर्यटन से संबंधित कार्यों का मूल्यांकन छह प्रमुख श्रेणियों में किया जाएगा। इनमें एथनिक टूरिज्म, ईको टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन, हेरिटेज टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म तथा मेडिकल एंड वेलनेस टूरिज्म शामिल हैं।

    मूल्यांकन में ग्रामीण पर्यटन गतिविधियों के विकास, होमस्टे को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसर तैयार करने, पर्यटकों को उपलब्ध कराए जा रहे विशिष्ट अनुभव, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जाएगा। संबंधित क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में हुए बदलाव के साथ आवेदक द्वारा अतीत और वर्तमान में किए गए कार्यों तथा उनके प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा।

    व्यक्ति और संस्थाएं दोनों कर सकेंगे आवेदन

    छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में कार्यरत पात्र व्यक्ति अथवा संस्था इस पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया में दीर्घकालीन सेवा, उल्लेखनीय उपलब्धियों और ग्रामीण पर्यटन के विकास के लिए किए गए समर्पित प्रयासों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    आवेदकों को निर्धारित प्रारूप में अपना परिचय, पता एवं फोटोग्राफ के साथ छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवास का प्रमाण-पत्र तथा आधार कार्ड की सत्यापित छायाप्रति प्रस्तुत करनी होगी। इसके अलावा ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण, प्राप्त अन्य सम्मानों की जानकारी तथा उपलब्ध होने पर प्रकाशित सामग्री एवं समाचार पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित समाचारों की सत्यापित प्रतियां भी संलग्न की जा सकती हैं। आवेदक को पुरस्कार स्वीकार करने संबंधी लिखित सहमति भी देनी होगी।

    छह सदस्यीय जूरी करेगी प्रविष्टियों का परीक्षण

    प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण निर्धारित छह सदस्यीय जूरी द्वारा किया जाएगा। जूरी की कार्यवाही गोपनीय रहेगी और चयन संबंधी निर्णय के विरुद्ध अपील मान्य नहीं होगी। शासकीय सेवकों के आवेदन के मामले में सामान्य प्रशासन विभाग की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।

    15 अक्टूबर तक पहुंचाना होगा आवेदन

    पुरस्कार के लिए निर्धारित प्रारूप में पूर्ण आवेदन पंजीकृत डाक के माध्यम से प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, द्वितीय तल, उद्योग भवन, रिंग रोड नंबर-1, रायपुर (छत्तीसगढ़)-492001 के पते पर भेजना होगा। आवेदन 15 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित पते पर पहुंचना अनिवार्य है। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त प्रविष्टियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    पुरस्कार एवं आवेदन प्रक्रिया से संबंधित अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 73545-80006 अथवा ई-मेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर संपर्क किया जा सकता है।
    छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे व्यक्तियों एवं संस्थाओं से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी प्रविष्टियां प्रस्तुत करने का आह्वान किया है। ‘चेन्दरू’ पुरस्कार के माध्यम से ऐसे प्रयासों को राज्य स्तर पर पहचान और प्रोत्साहन मिलेगा, जो ग्रामीण संस्कृति, प्रकृति और परंपराओं को संरक्षित करते हुए पर्यटन को रोजगार, आजीविका और सतत विकास से जोड़ने में योगदान दे रहे हैं।

    फोरलेन चौड़ीकरण, सड़क उन्नयन और नई सड़क निर्माण के काम होंगे; उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यादेश जारी कर तत्काल काम शुरू कराने के दिए निर्देश

    रायपुर / शौर्यपथ। बरसात के बाद प्रदेश में सड़क निर्माण और उन्नयन के कार्यों को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग ने रायगढ़ जिले में सड़क विकास से जुड़े चार महत्वपूर्ण कार्यों के लिए कुल 145 करोड़ 27 लाख 56 हजार रुपए की निविदाओं को मंजूरी प्रदान की है। इनमें सड़कों के मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण, फोरलेन में उन्नयन, विद्युतीकरण तथा नई सड़क निर्माण के कार्य शामिल हैं।

    उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने निविदाओं को स्वीकृति देते हुए रायगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता को चयनित ठेकेदारों एवं निर्माण एजेंसियों को कार्यादेश जारी कर तत्काल निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं। इससे जिले में सड़क अधोसंरचना को बेहतर बनाने और आवागमन सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम तेज होने की उम्मीद है।

    चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी

    लोक निर्माण विभाग के अनुसार रायगढ़-लोइंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग के 5 किलोमीटर हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए 59 करोड़ 49 लाख 4 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।

    इसी प्रकार रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के 5 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन में चौड़ा करने और विद्युतीकरण के लिए 47 करोड़ 77 लाख 76 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है।

    विभाग ने उर्दना-कृष्णापुर-खैरपुर मार्ग के 3.40 किलोमीटर हिस्से के निर्माण के लिए 13 करोड़ 74 लाख 29 हजार रुपए की निविदा को भी स्वीकृति दी है। वहीं कोड़ातराई-पुसौर-सूरजगढ़ सड़क के 12.30 किलोमीटर हिस्से के फोरलेन में उन्नयन के लिए 24 करोड़ 26 लाख 47 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है। इस परियोजना के तहत सड़क के 8.30 किलोमीटर और 4 किलोमीटर के दो हिस्सों को फोरलेन में उन्नत किया जाएगा।

    गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर

    उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने रायगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता को निर्देश दिए हैं कि सभी अनुबंधित कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

    श्री साव ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत कार्यों को किसी अन्य एजेंसी या व्यक्ति को सबलेट नहीं किया जाए और कार्य संपादन के लिए पॉवर ऑफ अटॉर्नी को मान्य न किया जाए। उन्होंने सभी कार्यों को अनुबंध में निर्धारित अवधि के भीतर पूरा करने तथा कार्यों का निष्पादन प्रशासकीय स्वीकृति और उपलब्ध बजट आवंटन की सीमा में ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    विभाग ने इन निविदाओं को स्वीकृति देते समय यह शर्त भी रखी है कि अनुबंध निष्पादित होने से पहले संबंधित ठेकेदारों से संपूर्ण कार्यावधि के लिए प्रभावशील एपीएस (Additional Performance Security) की बैंक गारंटी प्राप्त की जाएगी।
    सड़क निर्माण एवं उन्नयन के इन कार्यों के पूर्ण होने से रायगढ़ जिले में प्रमुख मार्गों की क्षमता बढ़ने के साथ आवागमन को बेहतर बनाने, यातायात सुविधा मजबूत करने और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की संभावना है।

     

    जशपुर / शौर्यपथ। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जशपुर के रणजीता स्टेडियम में ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ का आयोजन किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को साकार करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया गया।

    संकल्प सभा के पश्चात पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली गई। रणजीता स्टेडियम से प्रारंभ हुई यात्रा जयस्तंभ चौक होते हुए संगम चौक पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। यात्रा में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान राष्ट्रसेवा, कर्तव्यबोध और विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी का संदेश प्रमुखता से सामने आया।

    जनभागीदारी से ही साकार होगा विकसित भारत का लक्ष्य

    मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा एवं राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होना देश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इन वर्षों में राष्ट्रहित, विकास और जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए निरंतर कार्य किया गया है।

    उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। युवा शक्ति, सामूहिक प्रयास और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।

    मंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दें। गांव, शहर, समाज और प्रदेश के विकास में प्रत्येक व्यक्ति की सकारात्मक भागीदारी ही देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक बनेगी।

    प्रधानमंत्री के संबोधन का हुआ वर्चुअल प्रसारण

    रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण किया गया। पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ शुरू हुई अपनी जनसेवा यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख किया। उन्होंने देशवासियों के विश्वास और आशीर्वाद को अपनी शक्ति बताते हुए जनता के प्रति आभार व्यक्त किया।

    प्रधानमंत्री ने राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जीवन की प्रत्येक घटना सीख देती है और चुनौतियां व्यक्ति के संकल्प को मजबूत करती हैं। उन्होंने नागरिकों से कर्तव्यबोध और निरंतर कर्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।

    युवा शक्ति और सामूहिक प्रयास से आगे बढ़ेगा देश

    प्रधानमंत्री ने देश के विकास में युवा शक्ति और नागरिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की बढ़ती क्षमता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभा, सामर्थ्य और क्षमता की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में देश निरंतर आगे बढ़ेगा। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा, क्षमता और सामर्थ्य का उपयोग करने का आह्वान किया।

    रणजीता स्टेडियम से संगम चौक तक गूंजा सेवा का संदेश

    ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के दौरान विकसित भारत, राष्ट्रसेवा और जनभागीदारी से जुड़े संदेश प्रमुखता से सामने आए। यात्रा में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्री कृष्ण कुमार राय सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा और आम नागरिक शामिल हुए।
    कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को यह संदेश दिया गया कि विकसित भारत का निर्माण केवल योजनाओं और सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदार एवं सक्रिय भागीदारी से संभव है। जशपुर में आयोजित संकल्प सभा और सेवा ज्योति यात्रा ने इसी सामूहिक सहभागिता की भावना को केंद्र में रखा।

    सूरजपुर जिले में महिलाओं, बच्चों और परिवारों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

    सूरजपुर / शौर्यपथ। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सूरजपुर जिले में 25 सितंबर से 6 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। आयोजन का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण एवं बाल विकास की गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए उन्हें सामुदायिक जागरूकता और जनसहभागिता के केंद्र के रूप में मजबूत करना रहा।

    कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से परिवारों को बच्चों की उचित देखभाल, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।

    पौष्टिक थाली और स्थानीय व्यंजनों से पोषण का संदेश

    आंगन मिलन सेवा के तहत ‘मेरी पौष्टिक थाली’ और पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थों के उपयोग से संतुलित एवं पौष्टिक भोजन तैयार करने की जानकारी दी गई। महिलाओं को भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों की विविधता बनाए रखने और बच्चों के दैनिक आहार में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।

    कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं को भी विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा गया। पात्र महिलाओं को योजनाओं की जानकारी देते हुए उनके अधिकारों एवं उपलब्ध लाभों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

    ‘हर घर मुनगा’ से घर-घर पहुंचेगा पोषण

    बच्चों और परिवारों के दैनिक भोजन में पोषण एवं विविधता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘हर घर मुनगा’ अभियान पर भी विशेष जोर दिया गया। ग्रामीण परिवारों को अपने घरों के आसपास मुनगा के पौधे लगाने तथा इसकी पत्तियों एवं अन्य उपयोगी भागों को भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग से परिवारों को स्वस्थ एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराने का संदेश दिया गया।

    आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों की रही अहम भूमिका

    कार्यक्रमों को सफल बनाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों की जानकारी दी तथा योजनाओं से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

    महिलाओं और बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के माध्यम से प्राप्त स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी संदेशों को परिवार और समुदाय तक पहुंचाने के लिए भी उन्हें प्रेरित किया गया।

    महिला एवं बाल विकास विभाग के इस विशेष आयोजन का उद्देश्य आंगनबाड़ी सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों की उचित देखभाल एवं पोषण के लिए परिवारों की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना रहा। सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को स्वस्थ, जागरूक और पोषण-सशक्त समाज के निर्माण का प्रभावी माध्यम बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    रायपुर / शौर्यपथ। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राजधानी रायपुर में बुधवार को सेवा, संकल्प और राष्ट्र निर्माण की भावना से ओतप्रोत ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ एवं ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों सहित कुल 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ विकसित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये संकल्प चौक जनसेवा, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प के प्रतीक होंगे। आने वाली पीढ़ियों को इनसे यह प्रेरणा मिलेगी कि राष्ट्र की प्रगति में सरकार के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प दिलाया। इसके बाद उन्होंने हाथों में मशाल लेकर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का नेतृत्व किया तथा बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से शुरू हुई यात्रा तेलीबांधा चौक तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

    25 वर्ष की जनसेवा को बताया राष्ट्र निर्माण की प्रेरक यात्रा

    विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके निरंतर सेवाकाल के 25 वर्ष पूर्ण होना जनसेवा, सुशासन, विकास और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की प्रेरक यात्रा का प्रतीक है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी स्वयं को देश का ‘प्रधान सेवक’ मानते हैं और 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं एवं बेहतर भविष्य को केंद्र में रखकर ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ काम कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं और आज विश्व भारत की बढ़ती सामर्थ्य एवं नेतृत्व क्षमता को स्वीकार कर रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा ज्योति यात्रा’ प्रधानमंत्री श्री मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण को सम्मान देने के साथ-साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना भी की।

    सेवा संकल्प अभियान में प्रदेशभर की भागीदारी

    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ में एक माह का ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याण और सामाजिक सहभागिता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को प्रदेशवासियों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ की थी। इस अवसर पर डेढ़ करोड़ से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रदेश की जनता लगातार सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ रही है।

    विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य देश के सामने रखा है। यह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। इस लक्ष्य को हासिल करने की क्षमता और सामर्थ्य देशवासियों में है।

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047’ के माध्यम से प्रदेश के दीर्घकालीन विकास की दिशा निर्धारित की है। प्रत्येक क्षेत्र और वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सहभागी बनने का आह्वान किया।

    प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ को मिल रहा सहयोग

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने से पहले विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्वहन के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के अनेक क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण किया था। इसलिए वे प्रदेश की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के साथ-साथ यहां की विकास संभावनाओं से भी भली-भांति परिचित हैं।

    उन्होंने कहा कि जब भी छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विषयों पर प्रधानमंत्री श्री मोदी से चर्चा होती है, प्रदेश को अपेक्षा से बढ़कर उनका सहयोग और मार्गदर्शन मिलता है। उनके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास के नए अवसरों से जुड़ रहा है और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।

    सिंगापुर दौरे का उल्लेख, वैश्विक अवसरों से जुड़ता छत्तीसगढ़

    मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की सोच है कि देश के राज्य भी दुनिया के विभिन्न देशों के साथ आर्थिक एवं संस्थागत संबंध मजबूत करें और निवेश, तकनीक, कौशल तथा नवाचार के वैश्विक अवसरों का लाभ उठाएं।

    उन्होंने कहा कि इसी दिशा में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ और हरियाणा को प्रथम ‘Singapore-India Network for Growth (SING) Forum-2026’ में भागीदारी के लिए चुना। सिंगापुर प्रवास के दौरान उद्योग जगत, निवेशकों और बिजनेस फेडरेशन के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और सिंगापुर के संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रति वैश्विक विश्वास तेजी से बढ़ा है और इसका लाभ छत्तीसगढ़ जैसे तेजी से आगे बढ़ते राज्यों को भी मिल रहा है।

    ‘वी विल डू इट’ के संकल्प से बनेगा विकसित भारत

    मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘वी विल डू इट’ के उद्घोष का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य बड़ा जरूर है, लेकिन देशवासियों के सामूहिक प्रयास से इसे हासिल करना संभव है। विकसित राष्ट्र के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

    उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प के साथ प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करना होगा। जब देश का प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाएगा, तब विकसित भारत का संकल्प निश्चित रूप से साकार होगा।

    सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दी शुभकामनाएं

    सभा को संबोधित करते हुए सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ, प्रसन्न एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि देश की सेवा के प्रति उनका समर्पण करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने नागरिकों से ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में उत्साहपूर्वक सहभागिता कर राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्षगण, श्री यशवंत जैन, श्री अखिलेश सोनी, श्री राम गर्ग सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।

    एआई डेटा सेंटर से सौर ऊर्जा और एग्रो प्रोसेसिंग तक निवेश के बड़े प्रस्ताव; कौशल विकास समझौते और वैश्विक साझेदारियों से खुले विकास के नए रास्ते

    रायपुर / शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय सफल सिंगापुर दौरे के बाद 7 अक्टूबर को रायपुर लौट आया। इस दौरान प्रदेश को कुल ₹43,600 करोड़ की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबद्धताएं प्राप्त हुईं। सरकार के अनुसार, किसी एक विदेश यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ को प्राप्त होने वाली यह अब तक की सबसे बड़ी निवेश प्रतिबद्धताओं में शामिल है। दौरे के दौरान निवेश के साथ-साथ कौशल विकास, डिजिटल अधोसंरचना, कृषि प्रसंस्करण, हरित विकास, पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाएं तलाशीं गईं।

    भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रथम ‘सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम-2026’ में भागीदारी के लिए देश के केवल छत्तीसगढ़ और हरियाणा का चयन किया गया था। सिंगापुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ ने ₹41,750 करोड़ के एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस के निवेश प्रस्ताव के साथ-साथ ITE Education Services, Singapore के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण को लेकर महत्वपूर्ण एमओयू किया।

    एआई डेटा सेंटर से कृषि प्रसंस्करण तक निवेश

    सिंगापुर की Energy Capital Global (ECG) ने छत्तीसगढ़ में 100 मेगावाट क्षमता का एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने के लिए ₹41,750 करोड़ निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह परियोजना आकार लेती है तो छत्तीसगढ़ को देश की उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था और आधुनिक डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिल सकती है।

    इसी क्रम में Sunstream Green Energy Pvt. Ltd. ने सौर ऊर्जा क्षेत्र के साथ 300 मेगावाट की संबंधित बैटरी स्टोरेज एवं कंपोनेंट्स के लिए ₹1,500 करोड़ के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्ताव में रुचि दिखाई। वहीं 22 देशों में कारोबार करने वाले वैश्विक एग्रीबिजनेस समूह Valency International Pte Ltd को ₹350 करोड़ के एकीकृत एग्रो, फूड प्रोसेसिंग एवं एक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए निवेश आमंत्रण दिया गया।

    इन परियोजनाओं से कृषि उत्पादों की वैल्यू चेन मजबूत होने, किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यावसायिक अवसर बढ़ने की संभावनाएं हैं। साथ ही एआई, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक उद्योगों में प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। स्थानीय स्टार्टअप और एमएसएमई को वैश्विक कंपनियों के सप्लायर और बिजनेस पार्टनर के रूप में आगे बढ़ने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

    उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार होंगे युवा

    भविष्य के उद्योगों के लिए प्रदेश के युवाओं को तैयार करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने ITE Education Services, Singapore के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में एमओयू किया। इसके तहत उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने, तकनीकी प्रशिक्षण को मजबूत करने और कौशल से रोजगार तक युवाओं के लिए बेहतर अवसर तैयार करने पर काम किया जाएगा।

    SING Forum में वैश्विक मंच पर प्रस्तुत हुई छत्तीसगढ़ की विकास क्षमता

    Singapore Business Federation (SBF) द्वारा आयोजित SING Forum-2026 में छत्तीसगढ़ ने निवेश, उद्योग और विकास की अपनी संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया। फोरम में सिंगापुर की विदेश मंत्रालय एवं व्यापार-उद्योग मंत्रालय की राज्य मंत्री सुश्री Gan Siow Huang, SBF के चेयरमैन Mark Lee और सीईओ Kok Ping Soon सहित Mastercard, Nestlé और IHCL (Taj Hotels) जैसी प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए।

    फोरम के ‘फायरसाइड चैट’ में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में आने वाला प्रत्येक निवेश केवल पूंजी निवेश तक सीमित न रहे, बल्कि रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बने।

    सिंगापुर के विदेश मंत्री से मुलाकात, 15 से अधिक कंपनियों के साथ संवाद

    मुख्यमंत्री श्री साय ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. Vivian Balakrishnan से सौजन्य भेंट कर भारत-सिंगापुर संबंधों को राज्य स्तर पर और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान निवेश, कौशल विकास, शहरी नियोजन और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में छत्तीसगढ़-सिंगापुर सहयोग के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ।

    मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आयोजित सीईओ राउंडटेबल में TCS, SMBC, Tolaram Group और Agrocorp सहित 15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें छत्तीसगढ़ में निवेश और भविष्य की व्यावसायिक साझेदारियों की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

    Global Finance & Technology Network (GFTN) के साथ चर्चा में प्रदेश के युवाओं को एआई और डिजिटल फाइनेंस का प्रशिक्षण देने तथा छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों और बाजारों तक पहुंच दिलाने की संभावनाओं पर विचार किया गया। Aquatech Pacific Holdings Pte Ltd के साथ अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा हुई, जबकि Adroit Overseas Pte Ltd ने फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं में रुचि दिखाई।

    हरित विकास और पर्यटन में भी वैश्विक सहयोग की पहल

    सिंगापुर यात्रा के दौरान Gardens by the Bay और Mandai Wildlife Group के साथ हुई बैठकों ने छत्तीसगढ़ में हरित विकास, जैव विविधता संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर सामने रखे।

    Gardens by the Bay की विशेषज्ञता और कार्यप्रणाली के आधार पर नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन के विकास तथा शहरी क्षेत्रों में बेहतर और अधिक हरित सार्वजनिक स्थलों के निर्माण की संभावनाओं पर चर्चा हुई। वहीं Mandai Wildlife Group के साथ नंदनवन जंगल सफारी को विश्वस्तरीय वन्यजीव पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। इससे प्रदेश में पर्यटन को गति मिलने के साथ स्थानीय रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सिंगापुर यात्रा को छत्तीसगढ़ की वैश्विक निवेश यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि प्रदेश अब वैश्विक निवेश के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार निवेश प्रस्तावों के साथ नई साझेदारियां और विकास का स्पष्ट रोडमैप लेकर लौटी है तथा प्रत्येक निवेशक के साथ निरंतर फॉलो-अप कर परियोजनाओं को जल्द धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।

    तीन दिवसीय सिंगापुर दौरे से प्राप्त निवेश प्रतिबद्धताएं, कौशल विकास समझौता और विभिन्न वैश्विक संस्थाओं के साथ हुई चर्चाएं छत्तीसगढ़ के लिए निवेश, तकनीक, कौशल, हरित विकास और पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाओं का संकेत हैं। अब इन प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना राज्य सरकार के सामने अगली महत्वपूर्ण चुनौती होगी।

     

      रायपुर / शौर्यपथ। कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर सड़क के बीच पशुओं को बैठे देखकर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को हाइवे पेट्रोलिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। कवर्धा जाते समय मंगलवार देर रात बेमेतरा टोल प्लाजा के पास उन्होंने अपना वाहन रुकवाया और तत्काल विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर सड़क पर पशुओं की मौजूदगी तथा पेट्रोलिंग व्यवस्था की जानकारी ली।

    उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप हाइवे पेट्रोलिंग वाहन द्वारा किए जा रहे नियमित निरीक्षण और पशु रेस्क्यू की जानकारी मांगी। अधिकारियों द्वारा लगातार पेट्रोलिंग किए जाने की जानकारी देने पर श्री शर्मा ने पेट्रोलिंग वाहन को मौके पर बुलवाया और अब तक किए गए पशु रेस्क्यू ऑपरेशन, प्रतिदिन की पेट्रोलिंग तथा अन्य गतिविधियों का ब्यौरा लिया।

    स्थानीय लोगों से भी ली जाए पेट्रोलिंग की जानकारी

    श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि कवर्धा से बेमेतरा के बीच आने वाले गांवों के स्थानीय लोगों से भी पेट्रोलिंग वाहन की गतिविधियों की नियमित जानकारी ली जाए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी या औपचारिक पेट्रोलिंग पर्याप्त नहीं है, बल्कि सड़क पर उसकी प्रभावी मौजूदगी दिखाई देनी चाहिए।

    उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हाइवे पर नियमित निरीक्षण करते हुए सड़क पर बैठे अथवा विचरण कर रहे पशुओं को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। सड़क सुरक्षा और गौवंश की रक्षा से जुड़े इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

    रात में दुर्घटना का खतरा अधिक

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हाइवे पर पशुओं की मौजूदगी से जहां गौवंश के जीवन को खतरा रहता है, वहीं वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रात्रि के समय कम दृश्यता के कारण यह जोखिम और बढ़ जाता है। इसलिए पेट्रोलिंग दल को लगातार मार्ग का निरीक्षण कर सड़क पर पशु दिखाई देने पर तत्काल सुरक्षित रेस्क्यू कार्रवाई करनी होगी।
    श्री शर्मा ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि सड़क सुरक्षा और पशुओं की सुरक्षा के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पेट्रोलिंग व्यवस्था की नियमित निगरानी तथा रेस्क्यू कार्रवाई की प्रभावी समीक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

    मई 2022 में दुर्घटनाग्रस्त शासकीय हेलीकॉप्टर के दावे पर कार्रवाई; कंपनी को नोटिस, जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई का पूरा अवसर देने के बाद विमानन संचालनालय ने जारी किया आदेश

    रायपुर / शौर्यपथ। शासकीय हेलीकॉप्टर के बीमा दावे को चार साल से अधिक समय तक लंबित रखने के मामले में छत्तीसगढ़ शासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (OICL) को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। विमानन संचालनालय ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए कंपनी के विरुद्ध यह कार्रवाई की है। शासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति और जनता के धन से जुड़े मामलों में बीमा दावों के निराकरण में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी।

    2022 में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था हेलीकॉप्टर

    मामला मई 2022 में रायपुर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हुए राज्य शासन के हेलीकॉप्टर से जुड़ा है। हेलीकॉप्टर का बीमा ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से कराया गया था और निर्धारित प्रीमियम का भुगतान शासन द्वारा किया गया था। दुर्घटना के बाद राज्य शासन ने नियमानुसार बीमा दावा प्रस्तुत किया, लेकिन कंपनी ने इसे चार वर्ष से अधिक समय तक लंबित रखा और अंततः अगस्त 2026 में दावा अस्वीकार कर दिया।

    विमानन संचालनालय द्वारा प्रकरण के परीक्षण में बीमा दावे के निराकरण में हुई लंबी देरी और राज्य शासन के मामले में कंपनी के रवैये को गंभीरता से लिया गया। शासन के अनुसार, शासकीय हेलीकॉप्टर सार्वजनिक संपत्ति है और इसके बीमा में भी जनता के धन का उपयोग होता है। ऐसे दावों को वर्षों तक लंबित रखने का सीधा प्रभाव सार्वजनिक संसाधनों और शासन के वित्तीय हितों पर पड़ता है।

    कार्रवाई से पहले कंपनी को मिला पूरा अवसर

    राज्य शासन ने कार्रवाई से पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया। कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर उसका पक्ष मांगा गया। ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी ने लिखित जवाब प्रस्तुत किया और उसे व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया।

    कंपनी के पक्ष, उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों के परीक्षण के बाद विमानन संचालनालय ने कारणों सहित आदेश पारित करते हुए कंपनी को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया।

    बीमा राशि की वसूली के लिए कार्रवाई जारी

    कंपनी के ब्लैकलिस्ट होने के बावजूद बीमा दावे का मामला समाप्त नहीं हुआ है। राज्य शासन अपने दावे की राशि प्राप्त करने के लिए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रखेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक धन की सुरक्षा शासन की जिम्मेदारी है और राज्य को देय राशि की वसूली के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
    शासन की इस कार्रवाई को सार्वजनिक संपत्ति और वित्तीय हितों की सुरक्षा के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार ने संकेत दिया है कि उसके साथ कार्य करने वाली सेवा प्रदाता संस्थाओं से समयबद्ध, पारदर्शी और उत्तरदायी कार्यप्रणाली की अपेक्षा रहेगी तथा सार्वजनिक हित प्रभावित होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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