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जांजगीर-///शौर्यपथ //माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर एवं बोर्ड आफ विजिटर्स द्वारा आज जिला जेल जांजगीर खोखरा का निरीक्षण प्रधान जिला न्यायाधीश एवं सहअध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर चांपा श्री जयदीप गर्ग, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश जांजगीर श्री शैलेंद्र चौहान, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जांजगीर श्री प्रवीण मिश्रा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर श्री मनोज कुमार कुशवाहा, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय की उपस्थिति में किया गया।
निरीक्षण के दौरान बंदियों को दी जाने वाली विधिक सहायता, लीगल एड क्लिनिक की व्यवस्थाओं, बंदियों के परिजनों के लिए मुलाकात हेल्प डेस्क, जेल में स्थापित वीसी कक्ष, जेल बिल्डिंग की व्यवस्था, बैरकों के निर्माण, मुलाकात कक्ष, बंदियों को प्रदत सुविधा, शौचालय की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, शिकायत पेटी, पेयजल की व्यवस्था, बंदियों की कपड़ा की दशा, प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था के साथ-साथ बंदियों के प्रकरण में आने वाली समस्याओं एवं जेल के अंतर्गत समस्त रजिस्टर एवं अन्य व्यवस्थाओं की संपूर्ण जानकारी ली गई। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप, सहायक जेल अधीक्षक श्री डी.डी. टोंडर, अशोक यादव अधिवक्ता लीगल एड डिफेंस काउंसिल, लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल पैरालीगल वालंटियर सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
’जांजगीर चांपा। शौर्यपथ।
ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, बनारी, जांजगीर में संस्था संचालक श्री आलोक अग्रवाल, डाॅ. गिरिराज गढ़ेवाल एवं संस्था प्राचार्या श्रीमती सोनाली सिंह जी के निर्देशन में दिनांक 18 जून 2026 को नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ अवसर पर भव्य ’’शाला प्रवेशोत्सव’’ का आयोजन उत्साह एवं उल्लास के वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रार्थना प्रांगण में सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय की उप-प्राचार्या श्रीमती भिष्मिता साहू जी एवं विद्यालय के शिक्षकगण योगेश देवांगन, हन्ना बंजारे, मनदीप कौर, नीलम सिंह, स्वरूप रंजन करना, सीमा पाण्डेय, सोहम कुर्रे, अंकिता शुक्ला, प्रकाश पाण्डेय, सुनील गुप्ता इत्यादि शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत कर नवागंतुक विद्यार्थियों का अभिनंदन किया गया। प्रार्थना सभा के पश्चात नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं चॉकलेट प्रदान कर आत्मीय स्वागत किया गया। कक्षा शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को नवीन शैक्षणिक सत्र से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी, विषयवार पाठ्यक्रम, वार्षिक गतिविधियों एवं शैक्षणिक योजनाओं से अवगत कराया गया। साथ ही विद्यार्थियों को आगामी सत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया गया। विद्यालय में विभिन्न कक्षाओं में रोचक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्र के प्रथम दिवस पर विद्यालय परिवार द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत से विद्यार्थियों के चेहरे खुशी और उत्साह से खिल उठे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्रशासनिक स्टाफ एवं सहयोगी कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
जांजगीर // शौर्यपथ //श्री राकेश शर्मा, उप संचालक कृषि जिला जांजगीर-चाम्पा के अगुवाई में मेसर्स विकास टेडर्स खरौद, विकासखण्ड पामगढ़ जिला जांजगीर-चाम्पा के उर्वरक विक्रय परिसर में 17.जून को विकासखण्ड स्तरीय निरीक्षक के संयुक्त टीम के साथ मेसर्स के उर्वरक गोदाम एवं विक्रय प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मेसर्स के यहाँ पास मशीन में दर्ज उर्वरक एवं भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरकों का सही मिलान ना होना, मूल्य सूची का यथोचित स्थान पर चस्पा, लायसेंस चस्पा एवं निर्धारित मूल्य बोर्ड नही पाये जाने पर मेसर्स के उर्वरक गोदाम में उपलब्ध उर्वरक सिंगल सुपर फाॅस्फेट (दानेदार) 52 बोरी, सिंगल सुपर फाॅस्फेट (पाउडर) 53 बोरी, ट्रिपल सुपर फाॅस्फेट 9 बोरी, एन.पी.के. (5ः15ः0ः10) 78 बोरी एवं यूरिया 21 बोरी कुल 213 बोरी उर्वरक को जब्ती करते हुए सीलबंद की कारवाई की गई। इसी क्रम में मेसर्स गायत्री कृषि सेवा केन्द्र राहौद, विकासखण्ड पामगढ़ में बिना स्त्रोत प्रमाण पत्र के बीज विक्रय किये जाने पर 76.75 क्विंटल बीज को विक्रय प्रतिबंध किया गया।
उप संचालक कृषि श्री राकेश शर्मा ने स्पष्ट किया गया है कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद एवं बीज गुणवत्तायुक्त तथा शासकीय दर पर उपलब्ध कराने हेतु हर संभव प्रयास किया जा रहा है और विभाग द्वारा जिले के सभी निजी कृषि केन्द्रों का सतत् निरीक्षण किया जा रहा है, और अनियमितता पाये जाने पर लगातार कारवाई की जा रही है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय ने राज्य की षष्ठम विधानसभा के दशम सत्र (मानसून सत्र) की अधिसूचना जारी कर दी है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 13 जुलाई 2026 से 17 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस सत्र में कुल 5 बैठकें आयोजित होंगी। सत्र के दौरान वित्तीय कार्यों के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण शासकीय कार्य भी संपादित किए जाएंगे।
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार सत्र की शुरुआत सोमवार, 13 जुलाई से होगी और शुक्रवार, 17 जुलाई को इसका समापन होगा। सभी पांच दिनों में प्रश्नोत्तर काल और शासकीय कार्य निर्धारित किए गए हैं, जबकि अंतिम दिन अशासकीय कार्य (Private Members' Business) के लिए भी समय रखा गया है।
क्या रहेगा सत्र का कार्यक्रम?
13 जुलाई (सोमवार) – प्रश्नोत्तर एवं शासकीय कार्य
14 जुलाई (मंगलवार) – प्रश्नोत्तर एवं शासकीय कार्य
15 जुलाई (बुधवार) – प्रश्नोत्तर एवं शासकीय कार्य
16 जुलाई (गुरुवार) – प्रश्नोत्तर एवं शासकीय कार्य
17 जुलाई (शुक्रवार) – प्रश्नोत्तर, शासकीय कार्य एवं अंतिम ढाई घंटे अशासकीय कार्य
राजनीतिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है यह सत्र?
यह मानसून सत्र ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब प्रदेश में कई महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। किसानों, बिजली, पेयजल, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, आदिवासी क्षेत्रों के विकास, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना है।
सत्र की अवधि केवल पांच बैठकें होने के कारण विपक्ष के पास सरकार को घेरने के लिए सीमित समय रहेगा, वहीं सरकार अपनी योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों का पक्ष सदन में मजबूती से रखने की कोशिश करेगी।
विधानसभा सचिवालय ने जारी की अधिसूचना
विधानसभा सचिवालय के सचिव दिनेश शर्मा द्वारा 15 जून 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह सत्र निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होगा और इसमें वित्तीय एवं अन्य शासकीय कार्यों का निपटारा किया जाएगा।
विश्लेषण : सामान्यतः मानसून सत्र सरकार की जवाबदेही और जनहित के मुद्दों पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। हालांकि इस बार सत्र केवल पांच दिनों का है, लेकिन इसकी राजनीतिक अहमियत कम नहीं होगी। आगामी महीनों की प्रशासनिक और राजनीतिक दिशा तय करने वाले कई मुद्दे इसी सत्र में सदन के पटल पर आ सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने 86.75 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 46 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 516.70 करोड़ रुपये की लागत वाले 30 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से जिले के विकास को नई गति मिलेगी और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों, महिलाओं, युवाओं, आदिवासियों और गरीब परिवारों के कल्याण के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत लगभग 757 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिलों में राहत दी जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 26 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 19.70 लाख आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 18,165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि भी दी जा रही है। उन्होंने किसानों को आधुनिक खेती अपनाने और नैनो यूरिया के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे लाखों वनवासियों की आय बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान सुपेबेड़ा क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के समाधान के लिए तेल नदी पर 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिससे क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरियाबंद आदिवासी बहुल जिला है, जहां कमार और भुंजिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास और आजीविका के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने गरियाबंद की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि राजिम, राजीव लोचन मंदिर और कुलेश्वर महादेव मंदिर जैसे आस्था केंद्रों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
कार्यक्रम में खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
रायपुर /कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड अंतर्गत ग्राम नागोई में 16-17 जून की रात हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना आपसी पुरानी रंजिश और क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद का परिणाम है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है।
पुलिस से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई है कि मृतक पक्ष और आरोपी पक्ष के बीच कई वर्षों से आपसी विवाद और वर्चस्व को लेकर तनाव बना हुआ था। इसी पुरानी रंजिश के चलते दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ, जिसने गंभीर रूप लेते हुए दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई। मामले में थाना सोनहत में अपराध दर्ज कर विस्तृत विवेचना की जा रही है।
जिला प्रशासन ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रकरण के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के मुताबिक घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने कहा है कि वर्तमान में क्षेत्र की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
अपनी जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ेगा समाज , विकास में सरकार हर कदम पर साथ - मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण
रायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद जिले के ग्राम दर्रापारा में अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा केंद्रीय समिति बिन्द्रानवागढ़ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 1 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आदिवासी परंपरा के अनुरूप मुख्यमंत्री का पगड़ी पहनाकर एवं पीला चावल से तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम स्थल स्थित आदिवासी देवस्थल देवठाना में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाज के प्रतिनिधियों ने भी वृक्षारोपण किया।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि कचना धुरवा की यह पवित्र भूमि आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। उन्होंने गोंडवाना भवन के निर्माण के लिए समाज को बधाई देते हुए कहा कि यह भवन सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामुदायिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से बनी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप निरंतर कार्य कर रही है। बीते ढाई वर्षों में गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 10 लाख 60 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य मिल रहा है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय गरियाबंद और बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित थे, लेकिन आज यहां शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और सुरक्षा बलों के प्रयासों से विकास की नई तस्वीर उभर रही है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए भी प्रदेशवासियों को विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरचार्ज माफी का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता नजदीकी बिजली कार्यालय में पंजीयन कराएं। प्रदेश में अब तक 757 करोड़ रुपए से अधिक की राशि माफ की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को आय, जाति, निवास सहित विभिन्न प्रमाण पत्र आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन की मंशा आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। खाता विभाजन, नामांतरण, फौती, बिजली ट्रांसफार्मर सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कचना धुरवा गोंडवाना भवन परिसर के विकास के लिए 63 लाख रुपए की घोषणाएं कीं। इनमें भवन की बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 27 लाख रुपए, छात्र-छात्राओं के लिए ग्रंथालय निर्माण हेतु 20 लाख रुपए, भगवान कचना धुरवा की प्रतिमा स्थापना हेतु 6 लाख रुपए तथा भवन के सौंदर्यीकरण हेतु 10 लाख रुपए की स्वीकृति शामिल है।
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप लगभग ढाई एकड़ भूमि में यह भव्य भवन निर्मित किया गया है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए समाज को शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गरीबों, किसानों और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों तक बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का भी आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री एवं खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक श्री रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गोंड महासभा के पदाधिकारी, समाजजन, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
अच्छी गुणवत्ता पर दिया जोर, अगस्त तक काम पूरा करने के दिए निर्देश
रायपुर. 17 जून 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में पेण्ड्रा रोड में निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन में चल रहे फिनिशिंग कार्यो के साथ ही शेष रह गए कार्यो की जानकारी ली। उन्होंने पूर्ण गुणवत्ता के साथ काम करते हुए आगामी अगस्त माह तक इसका निर्माण पूरा करने के निर्देश निर्माण एजेंसी को दिए। उन्होंने लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कंपोजिट बिल्डिंग में कलेक्टर चेंबर, कलेक्टर न्यायालय, मीटिंग हॉल, वेटिंग रुम, आवक-जावक शाखा, पोर्च और लिफ्ट सहित विभिन्न कमरों का अवलोकन कर वहां लगे टाइल्स, ग्रेनाइट, वायरिंग इत्यादि कार्यों की गुणवत्ता देखी।
सचिव श्री बंसल ने कलेक्टर न्यायालय एवं मीटिंग हॉल में आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए। उन्होंने मुख्य मार्ग से भवन तक पहुंच मार्ग, परिसर की बाउंड्रीवॉल, पार्किंग तथा कैन्टीन के काम जल्दी पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन को विभिन्न विभागों के लिए कक्ष आबंटन की कार्यवाही करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री व्ही.के. भतपहरी, जिला पंचायत के सीईओ श्री मुकेश रावटे और लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन अभियंता श्रीमती नित्य कुमारी ठाकुर सहित अन्य अधिकारी भी श्री बंसल के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान श्री साव ने मैपलवुड फ्लोरिंग, तीरंदाजी मैदान, हॉकी गैलरी एवं फ्लड लाइट, कबड्डी इंडोर-आउटडोर मैदान, एचवीएसी सिस्टम तथा आउटडोर स्टेडियम के विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कई परियोजनाएं वर्षों से अधूरी हैं और उपलब्ध संसाधनों के बावजूद कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री ने विशेष नाराजगी जताते हुए कहा कि बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा मुख्यालय है, इसके बावजूद खिलाड़ियों के लिए विकसित की जा रही अधोसंरचना की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और खेल विभाग के अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।
श्री साव ने इंडोर स्टेडियम में मैपलवुड फ्लोरिंग का कार्य वर्ष 2017 में स्वीकृत होने के बाद भी पूर्ण नहीं होने पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक कार्यों का अधूरा रहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है और इसे तत्काल पूरा किया जाना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान हॉस्टल की स्थिति और रखरखाव कार्यों की जानकारी लेते हुए उन्होंने नाराजगी व्यक्त की कि जिला खनिज न्यास (DMF) मद से राशि उपलब्ध होने के बावजूद आवश्यक मेंटेनेंस कार्य समय पर नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धन उपलब्ध होने के बाद भी कार्यों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता बी.बी.एस. गौतम को निर्देश दिए कि सभी लंबित निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की समीक्षा कर संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाए तथा 15 दिनों के भीतर उप मुख्यमंत्री कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर विस्तृत प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।
एसईसीएल द्वारा लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जा रहे तीरंदाजी मैदान की समीक्षा करते हुए उन्होंने इसे आगामी जुलाई तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही आउटडोर स्टेडियम की हाई मास्ट लाइटों की तत्काल मरम्मत कराने को कहा।
उप मुख्यमंत्री ने हॉकी मैदान में निर्माणाधीन पैवेलियन में अधिकारियों के साथ-साथ दर्शकों के लिए भी पर्याप्त शौचालय सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं कबड्डी इंडोर एवं आउटडोर मैदान की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के लिए अधिकारियों को मंत्रालय स्तर पर समन्वय कर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा।
उन्होंने कहा कि बहतराई खेल प्रशिक्षण केंद्र को प्रदेश के उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाने चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को आधुनिक एवं बेहतर खेल सुविधाओं का लाभ जल्द मिल सके।
निरीक्षण के दौरान विधायक सुशांत शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे तथा जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय नवनिर्मित नगर पंचायत शिवनंदनपुर के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल
मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन, विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को किया लाभान्वित
रायपुर /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान नवनिर्मित नगर पंचायत शिवनंदनपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष रितेश जायसवाल सहित सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए जनसेवा और विकास के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने नगर पंचायत शिवनंदनपुर के वार्ड क्रमांक 06 में सुसज्जित मंगल भवन निर्माण की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगात दी। मुख्यमंत्री की घोषणा पर उपस्थित नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिलना क्षेत्र की वर्षों पुरानी आकांक्षा की पूर्ति है। इससे क्षेत्र में सुनियोजित नगरीय विकास का मार्ग प्रशस्त होगा तथा नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ अपने प्रतिनिधियों का चयन किया है, उस विश्वास पर खरा उतरना अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से बिजली, पानी, सड़क, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनप्रतिनिधि जनता और शासन के बीच सेतु बनकर जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री साय ने शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा अपने अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री कॉल सेंटर के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। सरकार जनता की समस्याओं के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
सभा को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि शिवनंदनपुर के नगर पंचायत बनने से क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिवनंदनपुर में विकास की नई गाथा लिखी जाएगी। उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने तथा क्षेत्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों और दूरदर्शी सोच के कारण शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त हुआ है। यह क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जिससे नागरिकों को बेहतर नगरीय सुविधाएं और विकास कार्यों का लाभ मिलेगा। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन
शपथ ग्रहण समारोह के पश्चात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में दो दिव्यांग हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को उनके नवीन आवास की चाबियां सौंपी गईं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों के पोषण हेतु तैयार किए जाने वाले खिचड़ी, हलवा, खुरमा, बर्फी, कटुआ, गुलगुला तथा रेडी-टू-ईट पोषण आहार का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने पोषण आहार का अवलोकन कर इसकी सराहना की। इस दौरान तीन गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से संवाद कर योजना से प्राप्त लाभों की जानकारी ली।
इसके अलावा आदिवासी विकास विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के स्टॉल में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करवां के विद्यार्थियों द्वारा सोलर सैनिटेशन किट सहित विभिन्न नवाचारों एवं वैज्ञानिक मॉडलों का प्रदर्शन किया गया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की।
विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं लाभ का वितरण किया। मत्स्य पालन प्रसार योजना के अंतर्गत फुटकर मत्स्य विक्रय उपकरण प्रदाय योजना के तहत कुंजनगर निवासी श्रीमती भारती केवट एवं श्रीमती तपेश्वरी राजवाड़े को आइस बॉक्स के साथ 6-6 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।
सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य योजनाओं के तहत शिवनंदनपुर निवासी अमरूत को वय वंदन कार्ड प्रदान किया गया। वहीं आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत शिवनंदनपुर एवं कुरूवां के पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित कर योजना का लाभ प्रदान किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, सरगुजा संभाग के आयुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती रेना जमील सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
