August 10, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6085)

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी किए आदेश

         रायपुर / शौर्यपथ / बीजापुर नगर पालिका क्षेत्र में शहरी विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 12 विभिन्न कार्यों के लिए कुल 2 करोड़ 11 लाख 71 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। यह मंजूरी उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के पश्चात संचालनालय द्वारा जारी की गई है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी स्वीकृत कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से तथा निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
    नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा वार्ड क्रमांक-12 के बाजार क्षेत्र में पाँच शेडों के निर्माण के लिए 47 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह शांति नगर, वार्ड क्रमांक-7 में आर.सी.सी. पुलिया निर्माण हेतु 9 लाख 18 हजार रुपये की मंजूरी दी गई है। बैदरगुड़ा, वार्ड क्रमांक-15 तथा वार्ड क्रमांक-3 में आर.सी.सी. नाली निर्माण के लिए क्रमशः 9 लाख 18 हजार रुपये और 9 लाख 98 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
    कोकड़ापारा, वार्ड क्रमांक-3 में सामुदायिक शेड निर्माण के लिए 9 लाख 97 हजार रुपये तथा वार्ड क्रमांक-6 में स्थित सामुदायिक भवन में बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए 29 लाख 56 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा जयनगर शिविर, वार्ड क्रमांक-15 में सी.सी. रोड निर्माण के लिए 9 लाख 74 हजार रुपये और डिपोपारा, वार्ड क्रमांक-6 में सी.सी. रोड के लिए 9 लाख 95 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं।
    वार्ड क्रमांक-13 में जयस्तंभ चौक के समीप सांस्कृतिक शेड निर्माण के लिए 8 लाख 56 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं नगर पालिका कार्यालय परिसर में पार्किंग शेड एवं वाहन शेड निर्माण के लिए 19 लाख 45 हजार रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही वार्ड क्रमांक-6 के सामुदायिक भवन में शेड निर्माण एवं सीमेंट-कांक्रीट कार्य हेतु 29 लाख 61 हजार रुपये, तथा नगर पालिका परिसर में सीमेंट-कांक्रीट कार्य और शांति नगर, वार्ड क्रमांक-7 में सी.सी. सड़क निर्माण के लिए 18 लाख 93 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
    इन सभी विकास कार्यों के पूर्ण होने से बीजापुर नगर पालिका क्षेत्र में आधारभूत संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण होगा तथा नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

    घर-घर अन्न दान लेकर मंत्री टंक राम वर्मा ने निभाई छेरछेरा की परम्परा
    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परम्पराओं में विशेष स्थान रखने वाले छेरछेरा तिहार के अवसर पर राज्य के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने धरसींवा विकासखंड के ग्राम तरपोंगी में पारंपरिक रूप से घर-घर जाकर अन्न दान ग्रहण किया। इस अवसर पर गांव में उत्साह, अपनत्व और लोक उल्लास का वातावरण देखने को मिला।
    मंत्री वर्मा ने छेरछेरा की परम्परा का निर्वहन करते हुए ग्रामीणों से आत्मीय भेंट की और अन्न दान स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि छेरछेरा तिहार छत्तीसगढ़ की आत्मा से जुड़ा पर्व है, जो समाज में समानता, सहयोग और दान की भावना को सशक्त करता है। यह लोक पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।
    मंत्री वर्मा ने कहा कि छेरछेरा केवल अन्न संग्रह का तिहार नहीं, बल्कि यह लोक संस्कृति, भाईचारे और मानवीय संवेदनाओं का उत्सव है। छत्तीसगढ़ की लोक परम्पराएं हमारी पहचान हैं और इन्हें संजोकर रखना हम सभी का दायित्व है। ऐसे पर्व समाज को जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराते हैं।
    इस अवसर पर ग्रामीणों ने पारंपरिक उल्लास के साथ मंत्री का स्वागत किया। गांव में छेरछेरा तिहार की रौनक देखते ही बन रही थी। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने पूरे उत्साह के साथ इस लोक पर्व में सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
    उल्लेखनीय है कि छेरछेरा छत्तीसगढ़ का लोकप्रिय पारंपरिक लोक-पर्व है, जिसे धान कटाई के बाद पौष मास (दिसंबर–जनवरी) में मनाया जाता है। यह पर्व राज्य की कृषि संस्कृति से गहराई से जुड़ा है। फसल कटने के उपरांत किसान ईश्वर और समाज के प्रति कृतज्ञता प्रकट करता है।
    छेरछेरा मूल रूप से दान, सहयोग और आपसी भाईचारे का पर्व है। इस दिन गांव के बच्चे, युवा और बुजुर्ग टोली बनाकर घर-घर जाते हैं और लोकगीत गाते हुए अन्न या दान मांगते हैं। दरवाजे पर पहुंचकर
    “छेरछेरा छेरछेरा, माई कोठी के धान ला हेरा…”
    का गायन किया जाता है, जिसका भाव यह होता है कि माता के भंडार में भरपूर धान है, उसमें से थोड़ा दान प्रदान करें।इकट्ठा की गई सामग्री का उपयोग सामूहिक भोज, जरूरतमंदों की सहायता एवं सामाजिक कार्यों में किया जाता है। यह पर्व अमीर-गरीब, जाति-धर्म के भेद को मिटाकर सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ाता है और नई पीढ़ी को साझा संस्कृति एवं लोक परम्पराओं से जोड़ता है।छेरछेरा तिहार के माध्यम से एक बार फिर छत्तीसगढ़ की लोक परम्पराओं की जीवंत झलक देखने को मिली, जिसने सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सशक्त संदेश दिया।

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को राज्य के कथित शराब घोटाले से जुड़े मामलों में 2 जनवरी 2026 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है।
    इस घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य जानकारियां निम्नलिखित हैं:
    जमानत और रिहाई का विवरण

    न्यायालय का आदेश: बिलासपुर उच्च न्यायालय के जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने चैतन्य बघेल को जमानत प्रदान की।
    किन मामलों में मिली राहत: उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले और राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो/आर्थिक अपराध शाखा (ACB/EOW) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार मामले, दोनों में जमानत दी गई है।
    जेल से रिहाई: लगभग 170 दिनों (6 महीने) तक रायपुर सेंट्रल जेल में रहने के बाद, चैतन्य बघेल 3 जनवरी 2026 को जेल से बाहर आए।
    संयोग: दिलचस्प बात यह है कि चैतन्य को 18 जुलाई 2025 को उनके स्वयं के जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया था, और उनकी रिहाई उनके बेटे के जन्मदिन के अवसर पर हुई है।

    भाजपा (BJP) की प्रतिक्रिया
    भाजपा ने इस जमानत को लेकर स्पष्ट किया है कि यह केवल एक कानूनी प्रक्रिया है और दोषमुक्ति नहीं है:

    सच्चिदानंद उपासने (भाजपा प्रवक्ता): उन्होंने कहा कि "जमानत का मतलब यह नहीं है कि वह निर्दोष हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच जारी रहेगी और मामला अदालत में चलता रहेगा।
    भाजपा का रुख: पार्टी का मानना है कि शराब घोटाले में उनकी संलिप्तता के साक्ष्य हैं और कानून अपना काम कर रहा है। जमानत महज एक कानूनी राहत है, कोई क्लीन चिट नहीं।

    भूपेश बघेल और कांग्रेस का पक्ष

    भूपेश बघेल ने इसे "सत्य की जीत" बताया और आरोप लगाया कि उनके परिवार को केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध के तहत परेशान किया जा रहा है।
    उन्होंने कहा कि यह सरकारी षड्यंत्रों के खिलाफ एक जीत है और न्याय मिलने में देरी भले ही हुई, लेकिन अंततः न्याय मिला।

       रायपुर / शौर्यपथ / भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने आज 'इलेक्ट्रिक पावर और नवीकरणीय ऊर्जा' पर छठे IEEE अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (EPREC 2026) का भव्य उद्घाटन किया। 2 से 4 जनवरी, 2026 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय IEEE -प्रायोजित सम्मेलन में भारत और विदेशों के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को इलेक्ट्रिक पावर और नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों में उभरते रुझानों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच पर लाया गया है। संस्थान के परिसर में आयोजित इस उद्घाटन समारोह में आईआईटी भिलाई और कई अन्य प्रमुख संस्थानों के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति, संकाय सदस्य और छात्र उपस्थित रहे।
    समारोह के मुख्य अतिथि, मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) जयपुर के निदेशक प्रो. नारायण प्रसाद पाधी ने अपने संबोधन में खनिज संपन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के लिए खनन मशीनरी हेतु नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों पर केंद्रित अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप टिकाऊ और अनुप्रयोग-उन्मुख तकनीकी विकास की आवश्यकता को रेखांकित किया। वहीं, आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने कहा कि बिजली और ऊर्जा क्षेत्रों में अनुसंधान का मुख्य फोकस अब उत्पाद विकास और व्यावहारिक परिणामों पर होना चाहिए। एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने बहु-संस्थागत सहयोग के माध्यम से ज्ञान साझा करने को मजबूत करने पर जोर दिया, जबकि शारजाह विश्वविद्यालय के प्रो. रमेश बंसल ने उच्च गुणवत्ता वाले शोध परिणामों को बनाए रखने की बात कही।
    आईईईई ईपीआरईसी 2026 के लिए इस वर्ष 500 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें से कठोर समीक्षा प्रक्रिया के बाद केवल 235 शोध पत्रों को प्रस्तुति के लिए चुना गया है, जो इस सम्मेलन के उच्च तकनीकी मानक को दर्शाता है। सम्मेलन के आयोजन का नेतृत्व डॉ. शैलेंद्र कुमार और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. कृष्ण मुरारी द्वारा किया जा रहा है, जिसमें एनआईटी जमशेदपुर के डॉ. ओ. एच. गुप्ता और डॉ. जितेंद्र कुमार आयोजन अध्यक्ष के रूप में शामिल हैं। यह सम्मेलन मुख्य भाषणों, तकनीकी पेपर प्रस्तुतियों और इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को मजबूत करने का प्रयास करेगा।

      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कौशल विकास मंत्री श्री खुशवंत साहेब तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा उपस्थित थे।

    उल्लखेनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव 23 से 25 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। साहित्य उत्सव में देशभर के प्रख्यात साहित्यकारों, लेखकों, कवियों, पत्रकारों, समीक्षकों एवं पाठकों की सहभागिता होगी। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, सृजनात्मक लेखन, प्रकाशन जगत, युवा साहित्य तथा नई पीढ़ी के रचनाकारों से जुड़े विषयों पर विविध सत्र आयोजित किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने वेबसाइट लॉन्च करते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उत्सव लेखक और पाठक के बीच नए संवाद का सशक्त मंच बनेगा तथा युवा पीढ़ी में पढ़ने और लिखने की प्रेरणा जागृत करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लोकसाहित्य, लोककथाओं और समृद्ध मौखिक परंपराओं की धरोहर रही है। ऐसे में रायपुर साहित्य उत्सव राज्य की इस सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने का सुअवसर बनेगा।

    छत्तीसगढ़ में हेल्थकेयर कौशल विकास को नई गति — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में राज्य कौशल प्राधिकरण और सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच महत्वपूर्ण एमओयू
    युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर, गुणवत्ता आधारित प्रशिक्षण और आधुनिक चिकित्सा हेतु विशेषज्ञ मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में बड़ा निर्णय

    रायपुर । शौर्यपथ
    नए वर्ष के पहले दिन छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं और कौशल विकास को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण तथा सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच हेल्थकेयर क्षेत्र में कौशल उन्नयन के लिए महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

    हेल्थकेयर क्षेत्र में व्यापक सुधार का रोडमैप

    यह एमओयू राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र का दायरा बढ़ाने, रोजगार सृजन को गति देने और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में गेमचेंजर साबित होगा। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विविध व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य—
    युवाओं को विशेषज्ञ कौशल उपलब्ध कराना
    आधुनिक चिकित्सा जरूरतों के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करना
    प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों तक सेवाओं का विस्तार
    प्रशिक्षण कार्यक्रम आवासीय एवं गैर-आवासीय दोनों स्वरूपों में पूर्णतः निःशुल्क होंगे।

    चार प्रमुख कोर्सों में मिलेगा विशेषज्ञ प्रशिक्षण

    एमओयू के तहत युवाओं को रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण देने के लिए मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी,कार्डियोलॉजी तकनीशियन , ईसीजी तकनीशियन,कार्डियक केयर तकनीशियन,इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन (EMT) से सम्बंधित स्वास्थ्य तकनीकी पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे .ये कोर्स युवाओं को स्वास्थ्य संस्थानों, अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं में कार्य करने योग्य कुशल पेशेवर के रूप में तैयार करेंगे।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय — “कौशल विकास ही विकास की रीढ़”

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि—
    “राज्य सरकार कौशल विकास को विकास की सबसे सशक्त नींव मानती है। विशेषकर हेल्थकेयर क्षेत्र में प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन तैयार करना समय की आवश्यकता है। यह एमओयू स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ युवाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसर खोलेगा।”
    उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल से हेल्थकेयर सेवाओं का विस्तार राज्य के दूरस्थ अंचलों तक हो सकेगा और प्रशिक्षित युवा आधुनिक चिकित्सा तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगे।

    कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
    इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष सी. श्रीनिवास, ट्रस्ट के प्रतिनिधि और कौशल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

    भोरम देव कॉरिडोर विकास से छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
    धार्मिक-ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा आधुनिक स्वरूप

    रायपुर / शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थल भोरमदेव के लिए नया वर्ष 2026 एक ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ प्रारंभ होने जा रहा है। लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली ‘भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना’ का भूमिपूजन 01 जनवरी को संपन्न होगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। यह अब तक की छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी केंद्रीय पर्यटन परियोजना मानी जा रही है।
    इस परियोजना का भूमिपूजन 01 जनवरी को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत के करकमलों से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की गरिमामय उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं श्री अरुण साव, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, सांसद श्री संतोष पाण्डेय, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल श्री नीलू शर्मा सहित विधायकगण, निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण एवं स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।
    ‘छत्तीसगढ़ के खजुराहो’ के नाम से प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर अपनी प्राचीन स्थापत्य कला और धार्मिक आस्था के लिए देश-विदेश में विख्यात है। इस कॉरिडोर के विकास से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को नई गति मिलेगी। हाल ही में मंदिर का केमिकल संरक्षण कार्य भी पूर्ण किया गया है, जिससे इस धरोहर की दीर्घकालीन सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
    परियोजना के अंतर्गत मुख्य मंदिर परिसर, तालाब क्षेत्र, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ मंदिर, शिव प्लाजा, मेला ग्राउंड एवं सरोधा डैम में प्रवेश द्वार, प्लाजा, संग्रहालय, मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, पार्क, ब्रिज, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, कैफेटेरिया, फूड कोर्ट, बोटिंग एवं वाटर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इस परियोजना से पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। भोरमदेव कॉरिडोर का भूमिपूजन छत्तीसगढ़ के पर्यटन इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।

      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा–2025 के लिए तैयार किए गए संदर्भ ग्रंथ “गाय धर्म एवं विज्ञान” के नवीनतम संस्करण का अपने निवास कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में विमोचन किया।
    मुख्यमंत्री साय ने ग्रंथ को गौ विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों और समाज के लिए उपयोगी बताते हुए समिति के प्रयासों की सराहना की और इसे ज्ञानवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
    इस अवसर पर ग्रंथ के संपादक सुबोध राठी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुस्तक में गौ की उत्पत्ति से जुड़े पौराणिक तथ्यों के साथ-साथ गाय के दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र पर हुए विभिन्न वैज्ञानिक शोधों को प्रमाणों सहित बच्चों के अध्ययन हेतु सरल एवं व्यवस्थित रूप में संकलित किया गया है। इसके साथ ही गौ-आधारित कृषि, पंचगव्य उत्पादों का वैज्ञानिक विश्लेषण तथा गौ के पर्यावरणीय महत्व को भी विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
    विमोचन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रांत संयोजक अन्ना सपारे, मनोज पाण्डेय, हार्दिक कोटक, मन्मथ शर्मा, दुलार सिंह सिन्हा,हेमराज सोनी,विक्रम केवलानी,अनुज तुलावी, श्रीमती रेवा यादव,विक्रांत शर्मा, श्याम अड़ेपवार, शंभु दास महंत सहित संपादक मंडल के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रायपुर की प्रथम महिला विधायक स्वर्गीय श्रीमती रजनी दत्तात्रेय उपासने के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री “अनटोल्ड स्टोरी ऑफ स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने” का विमोचन किया।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्रीमती उपासने के सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसेवा से जुड़े योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और प्रेरणा का प्रतीक रहा है। आपातकाल जैसे कठिन दौर में लोकतंत्र की रक्षा से लेकर रायपुर के विकास, महिलाओं और वंचित वर्गों के उत्थान तक उनका योगदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कि यह डॉक्यूमेंट्री आने वाली पीढ़ियों को उनके व्यक्तित्व और कार्यों से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगी। विमोचन कार्यक्रम के दौरान श्री सच्चिदानंद उपासने सहित उनके परिजन उपस्थित थे।

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