Google Analytics —— Meta Pixel
April 26, 2026
Hindi Hindi
Uncategorised

Uncategorised (35677)

अन्य ख़बर

अन्य ख़बर (5919)

धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

  दुर्ग / शौर्यपथ / भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया 2027 के अंतर्गत पंजीकृत युवाओं के लिए ऑनलाइन लिखित परीक्षा (सी.ई.ई.) का आयोजन 1 जून 2026 से 15 जून 2026 के मध्य होना संभावित है। परीक्षार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र दुर्ग द्वारा निःशुल्क परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण आगामी 4 मई 2026 से 3 जून 2026 तक प्रदान किया जाना प्रस्तावित है।
अग्निवीर भर्ती 2026-27 के लिए आवेदन कर चुके इच्छुक अभ्यर्थी इस प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए रोजगार विभाग के आधिकारिक पोर्टल erojgar.cg.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र से ई-मेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

-शासकीय अशासकीय सभी विद्यालयों में हो ग्रीष्म कालीन अवकाश

-1 मई से 10 जून तक सुशासन तिहार

-संभाग आयुक्त ने ली संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक

दुर्ग, 21अप्रैल 2026/ संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने कहा कि संभाग अंतर्गत फसलों की पैदावारी बढ़ाने हेतु जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। इसी प्रकार मिलेट्स फसलों जैसे ज्वार, बाजरा, रागी आदि की पैदावारी के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर इनके प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग पर भी कृषि विभाग द्वारा आवश्यक पहल की जाए। बालोद स्थित मां दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाने में गन्ने की आपुर्ति हेतु गन्ने के फसल की पैदावारी हेतु दुर्ग जिले के किसानों को भी अनुदान राशि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संभाग मुख्यालय दुर्ग स्थित कृषि विभाग के प्रशिक्षण केन्द्र भवन का सदुपयोग हेतु कृषकों का प्रशिक्षण एवं भ्रमण आदि होते रहना चाहिए। उक्त भवन अन्य विभागों के प्रशिक्षण हेतु भी निर्धारित दर पर उपलब्ध कराई जाए। संभाग आयुक्त श्री राठौर आज संभागीय कार्यालय के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में संयुक्त संचालक कृषि को उक्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा 20 अप्रैल से 15 जून 2026 तक स्कूलों के लिए ग्रीष्म कालीन अवकाश घोषित किया गया है। संभाग अंतर्गत सभी शासकीय-अशासकीय स्कूलों में आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संयुक्त संचालक शिक्षा को निर्देशित किया कि बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश में समर कैम्प आदि का आयोजन स्कूल प्रबंधन द्वारा नहीं कराये जाए।
संभाग आयुक्त श्री राठौर ने सभी कार्यालयों में फाइल मूवमेंट ई-ऑफिस प्रक्रिया के तहत और अधिकारी/कर्मचारियों की निर्धारित समय पर उपस्थिति हेतु बायोमेट्रिक प्रक्रिया अपनाने की जानकारी ली। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने अधिकारियों को अवगत कराया कि शासन द्वारा आगामी 1 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार 2026 संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक 15-20 ग्राम पंचायतों के समूह पर जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण एवं वरिष्ठ प्रशानिक अधिकारियों द्वारा विकास कार्यों का औचक निरीक्षण पश्चात् जिला मुख्यालयों में समीक्षा बैठक आयोजित किए जाएंगे। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने सभी संभागीय अधिकारियों को सुशासन तिहार हेतु विभागीय तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यालयों के चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों हेतु ड्रेस कोड पर जोर देते हुए अधिकारियों को गंभीरता से ध्यान देने के निर्देश दिए। संभाग आयुक्त ने शासकीय सीसीएम कॉलेज कचांदुर में पीडब्ल्यूडी एवं विद्युत यांत्रिकी द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की जानकारी ली एवं अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त (राजस्व) श्री पदुमलाल यादव और उपायुक्त (विकास) श्री संतोष ठाकुर एवं समस्त विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  भिलाई / शौर्यपथ / दुर्ग जिले में एक ही पते पर संचालित हो रही कथित केमिकल फैक्ट्रियों का मुद्दा अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर तूल पकड़ता जा रहा है। भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव द्वारा विधानसभा में उठाए गए इस मामले में विभागीय जवाब के बाद नए सवाल खड़े हो गए हैं। जवाब से असंतुष्ट विधायक ने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण में अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी मांगी है।

विधानसभा में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ने अपने उत्तर में कहा कि इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, इसी जवाब में यह भी स्वीकार किया गया कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने 24 फरवरी 2025 को चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर जिले के 16 कोलतार प्रोसेसिंग आधारित उद्योगों की जांच कराई थी, जिसमें से 8 उद्योग पर्यावरणीय सहमति की शर्तों के उल्लंघन के दोषी पाए गए। विभाग ने इन पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है, लेकिन कार्रवाई की प्रकृति और स्थिति स्पष्ट नहीं की गई।

मामले को और उलझाते हुए 24 जून 2025 को प्राप्त एक शिकायत में उद्योगों द्वारा तथ्यों को छिपाकर केंद्रीय पर्यावरण स्वीकृति लेने का आरोप सामने आया, लेकिन इस शिकायत पर कोई जांच समिति गठित नहीं की गई। वहीं, एक अन्य शिकायत के आधार पर पर्यावरण मंडल ने 7 जुलाई 2025 को पत्र क्रमांक 8879 जारी कर उद्योग संचालनालय समेत अन्य विभागों से पत्राचार किया।

यह मामला EOW तक भी पहुंच चुका है, जहां शिकायत क्रमांक 02/2025 के रूप में पंजीबद्ध है और जांच प्रतिवेदन अब तक लंबित है।

विधायक देवेंद्र यादव ने 20 अप्रैल 2026 को EOW को भेजे पत्र में विधानसभा में दिए गए जवाब को विरोधाभासी बताते हुए कहा है कि एक ओर शिकायत न होने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर जांच समिति गठित कर उल्लंघन की पुष्टि भी की गई है। उन्होंने पूरे प्रकरण में अब तक की गई कार्रवाई, जांच की स्थिति और जिम्मेदार अधिकारियों पर हुई कार्यवाही का स्पष्ट विवरण मांगा है।

इस पूरे घटनाक्रम में शिकायतों के अस्तित्व पर भ्रम, जांच की आंशिक कार्रवाई और स्पष्ट निष्कर्षों के अभाव ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें EOW की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

धमतरी।

जिला पुलिस में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ आरक्षकों के लिए पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में एक बड़ा और सुव्यवस्थित स्थानांतरण अभियान चलाया गया। इस पहल के तहत कुल 192 आरक्षकों का तबादला किया गया है, जो पिछले एक वर्ष में जिले की सबसे बड़ी स्थानांतरण सूची मानी जा रही है।

इस प्रक्रिया की खास बात इसकी पूर्ण पारदर्शिता और सहभागिता आधारित प्रणाली रही। धमतरी, कुरुद और नगरी अनुभागों के साथ-साथ पुलिस लाइन, यातायात, कंट्रोल रूम, एसपी कार्यालय, साइबर थाना, अजाक एवं महिला सेल में दो वर्ष से अधिक समय से कार्यरत आरक्षकों का एक खुले मंच पर सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान प्रत्येक आरक्षक से उनकी इच्छानुसार तीन पसंदीदा थाना/चौकी विकल्प भरवाए गए।

प्राप्त विकल्पों और कार्य प्रदर्शन के मूल्यांकन के आधार पर दो अलग-अलग सूचियों में क्रमशः 121 और 71 आरक्षकों का स्थानांतरण विभिन्न थाना/चौकियों एवं रक्षित केंद्रों में किया गया।

? स्थानांतरण प्रक्रिया की प्रमुख विशेषताएं:

प्रत्येक आरक्षक से गृह थाना और पिछली पोस्टिंग को छोड़कर तीन विकल्प मांगे गए

कार्यकुशलता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए कुछ आरक्षकों को प्रशासनिक कारणों से यथावत रखा गया

बच्चों के शैक्षणिक सत्र पूर्ण होने के बाद सूची जारी कर परिवारिक संतुलन का ध्यान रखा गया

पिछले एक वर्ष में यह पहली व्यापक सूची, पूर्व में केवल शिकायत आधारित छोटे तबादले हुए थे

इस पहल से न केवल पुलिस बल में संतुलन और कार्यकुशलता बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि आरक्षकों का मनोबल और कार्य संतुष्टि भी बेहतर होने की संभावना जताई जा रही है।

? निष्कर्ष:

धमतरी पुलिस की यह पहल प्रशासनिक पारदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है, जो भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र टाउनशिप के सेक्टर-6 (पश्चिम), वार्ड क्रमांक-63 में प्रस्तावित नई शराब दुकान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय निवासियों के विरोध के बीच, भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

आवासीय और शैक्षणिक क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल

विधायक देवेंद्र यादव ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि जिस स्थान पर शराब दुकान खोलने का निर्णय लिया गया है, वह सामाजिक और नैतिक दृष्टिकोण से पूरी तरह अनुचित है। पत्र में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जोर दिया गया है:

शैक्षणिक संस्थान: प्रस्तावित स्थल के निकट स्कूल और कॉलेज स्थित हैं, जहाँ विद्यार्थियों का लगातार आना-जाना बना रहता है।

आवासीय कॉलोनी: यह क्षेत्र पूरी तरह से आवासीय है, जहाँ बड़ी संख्या में परिवार निवास करते हैं।

चिकित्सकीय क्लिनिक: क्षेत्र के मुख्य बाजार में डॉक्टरों के क्लिनिक हैं, जहाँ मरीजों का आना-जाना लगा रहता है।

धार्मिक स्थल: स्थान के समीप ही धार्मिक स्थल होने के कारण क्षेत्र की संवेदनशीलता और भी अधिक बढ़ जाती है।

शांति-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका

विधायक ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सार्वजनिक और व्यस्त स्थल पर शराब की दुकान खुलने से न केवल क्षेत्र की शांति व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी असुविधा की स्थिति पैदा होगी। उन्होंने इसे मानवीय दृष्टिकोण से पूर्णतः अव्यवहारिक करार दिया है।

सीएम से त्वरित कार्यवाही की उम्मीद

विधायक देवेंद्र यादव ने वार्डवासियों और आम नागरिकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे इस जनहित के मुद्दे पर संज्ञान लें। उन्होंने मांग की है कि उक्त शराब दुकान को तत्काल प्रभाव से आवासीय क्षेत्र से हटाकर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए ताकि टाउनशिप की शांति और गरिमा बनी रहे।

रायपुर / मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) श्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान राज्य में पेट्रोलियम क्षेत्र के विस्तार, ईंधन आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था तथा जनसुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

 

इस अवसर पर आईओसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

*अगले एक वर्ष में पेयजल समस्याओं के स्थायी समाधान के निर्देश, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर कड़ाई बरतने को कहा*

*उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दिनभर चली बैठक में नगर निगमों और नगरपालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की*     

*31 मई तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के निर्देश, बरसात में जल भराव रोकने जरूरी कदम उठाने कहा*

*धमतरी में पेयजल योजना में लेटलतीफी पर कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने कहा, ठेकेदार पर लगेगी पेनाल्टी*

 

रायपुर.. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में दिनभर चली बैठक में शहरों में पेयजल आपूर्ति की समस्याओं, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर नाराजगी जाहिर करते हुए इनके निराकरण के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने धमतरी में पेयजल योजना के काम में लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने तथा ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। 

नगर निगमों और नगर पालिकाओं की आज दो अलग-अलग हुई समीक्षा बैठकों में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता एवं नगरीय प्रशासन विभाग के पांचों संभागीय क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी बैठक में मौजूद थे। 

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने समीक्षा बैठक में नगर निगमों और नगर पालिकाओं के अधिकारियों को शहरों की जरूरत के मुताबिक कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों की व्यवस्था और छवि सुधारने सक्रियता व गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि नगर निगम ऐसा काम करें जिससे राज्य की नगर पालिकाएं प्रेरणा ले सकें और नगर पालिका इस तरह से काम करें जिनसे नगर पंचायतें प्रेरित हो सकें। उन्होंने निकायों के अभियंताओं से कहा कि काम की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें नहीं आना चाहिए। सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों, इस पर विशेष ध्यान दें।

उप मुख्यमंत्री  साव ने पेयजल आपूर्ति की लगातार आ रही शिकायतों पर नाखुशी और नाराजगी जाहिर करते हुए अगले वर्ष तक सभी नगर निगमों में इसके स्थाई समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों में केवल बजट खर्च करने के उद्देश्य से काम न करें, बल्कि समस्याओं का स्थाई समाधान करें। पेयजल समस्या की शिकायतों पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगामी 31 मई तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने को कहा। जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम नगर निगमों में इसका भौतिक निरीक्षण करेंगी। कार्य संतोषजनक न मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर पर कार्रवाई की जाएगी। 

श्री साव ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अपूर्ण आवासों को सितम्बर-2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अप्रारंभ आवासों के निर्माण एक माह के भीतर हर हाल में शुरू करने के साथ ही मार्च-2026 में स्वीकृत सभी आवासों को वर्षा ऋतु के पहले प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत निर्धारित 18 माह की अवधि में निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों के प्रस्ताव अविलंब विभाग को भेजने के निर्देश दिए, ताकि ऐसे हितग्राहियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना की 32 हजार 850 रुपए की अतिरिक्त राशि प्रदान की जा सके।

श्री साव ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स को दिलाने बैंकों से बात कर ऋण स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरों में भूजल को रिचार्ज करने के लिए डीएमएफ, सीएसआर और जन सहयोग से अधिक से अधिक संख्या में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्य कराने को कहा। श्री साव ने शहरों को सुंदर, स्वच्छ और सुविधापूर्ण बनाने के मिशन में वर्तमान समय की जरूरतों और तकनीकों के साथ नई कार्य पद्धति अपनाने के निर्देश निकायों के अधिकारियों को दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उप सचिव श्री भागवत जायसवाल, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।

*इन कार्यों और योजनाओं की हुई समीक्षा*

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज दो सत्रों में मैराथन बैठकों में नगरीय निकायों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा की। वे 21 अप्रैल को दिनभर नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।

By - नरेश देवांगन 

जगदलपुर, शौर्यपथ। धरमपुरा क्षेत्र के LIC रोड, कंगोली में सड़क के दोनों किनारों पर खड़ी हैवी गाड़ियों के कारण स्थानीय निवासियों को लगातार असुविधा और संभावित खतरे का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनीवासियों के अनुसार, इस प्रकार की पार्किंग से सड़क की दृश्यता प्रभावित हो रही है, जिससे मुख्य मार्ग पर निकलते समय आने-जाने वाले वाहनों का अंदाजा लगाना कठिन हो जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थिति के चलते दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, और पूर्व में एक दुर्घटना घटित होने की जानकारी भी सामने आई है। इसके बावजूद क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने या यातायात नियंत्रण के लिए कोई स्पष्ट और प्रभावी कदम नजर नहीं आ रहा है।

निवासियों द्वारा संबंधित विभागों को इस विषय में अवगत कराए जाने की बात कही जा रही है, किंतु अब तक समस्या के समाधान हेतु ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में असंतोष है।

यह स्थिति संकेत देती है कि क्षेत्र में यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा के संबंध में अतिरिक्त ध्यान एवं आवश्यक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, ताकि किसी संभावित अप्रिय घटना को रोका जा सके। यदि समय रहते उचित व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई, तो यह समस्या भविष्य में गंभीर रूप ले सकती है, जिसकी जिम्मेदारी तय करना आवश्यक होगा।

नई दिल्ली / एजेंसी / सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond - SGB) में निवेश करने वालों के लिए बड़ी राहत और अवसर की खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने SGB 2020-21 Series-VII के निवेशकों को समय से पहले निकासी (Premature Redemption) का विकल्प दिया है। मौजूदा कीमतों के आधार पर निवेशकों को 200% से ज्यादा का रिटर्न मिल रहा है।

₹5,051 से ₹15,254 तक—तीन गुना हुआ निवेश
RBI ने इस सीरीज के लिए रिडेम्पशन प्राइस 15,254 रुपये प्रति यूनिट तय किया है। जब यह बॉन्ड अक्टूबर 2020 में जारी हुआ था, तब इसकी कीमत 5,051 रुपये प्रति यूनिट थी। इस हिसाब से निवेशकों को मूल निवेश पर करीब 202% का लाभ मिल रहा है।
ऑनलाइन खरीद पर ₹50 प्रति ग्राम की छूट लेने वालों का रिटर्न ब्याज को छोड़कर लगभग 205% तक पहुंच गया है।

20 अप्रैल से निकासी का मौका
यह सुविधा बॉन्ड जारी होने के लगभग 5.5 साल बाद उपलब्ध हुई है। निवेशक निर्धारित तिथि (20 अप्रैल) पर समय से पहले निकासी का विकल्प चुन सकते हैं।

सिर्फ गोल्ड प्राइस ही नहीं, 2.5% ब्याज भी
SGB की खासियत यह है कि इसमें सोने की कीमत बढ़ने के साथ-साथ 2.5% सालाना निश्चित ब्याज भी मिलता है, जो हर छह महीने में निवेशकों के खाते में जमा होता है।

कैसे करें निकासी?
निवेशकों को उसी बैंक, पोस्ट ऑफिस या SHCIL (Stock Holding Corporation of India) कार्यालय में आवेदन देना होगा, जहां से उन्होंने बॉन्ड खरीदा था। राशि सीधे उनके रजिस्टर्ड बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

टैक्स नियम समझना जरूरी

8 साल की मैच्योरिटी पर: कैपिटल गेन टैक्स से छूट (अगर प्राथमिक निर्गम में खरीदा हो)
समय से पहले निकासी: लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू (12 महीने से अधिक होल्डिंग पर)
सेकेंडरी मार्केट से खरीदे बॉन्ड: टैक्स छूट नहीं मिलेगी
ब्याज आय: टैक्स स्लैब के अनुसार करयोग्य

महत्वपूर्ण सलाह
RBI ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे अपनी बैंक डिटेल, मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट रखें, ताकि भुगतान में कोई देरी न हो।

आगे क्या?
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई SGB सीरीज का कैलेंडर अभी घोषित नहीं हुआ है, जिससे इस योजना के भविष्य को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है।

निष्कर्ष:
जिन निवेशकों ने 2020 में SGB Series-VII में निवेश किया था, उनके लिए यह समय मुनाफा बुक करने का आकर्षक अवसर है—हालांकि टैक्स प्रभाव और भविष्य के सोने के दाम को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेना समझदारी होगी।

  नई दिल्ली / एजेंसी / पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी और कानूनी हलचल तेज हो गई है। सोमवार को इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में दूसरी बार मेंशनिंग की गई, लेकिन अदालत ने फिलहाल सुनवाई से इनकार कर दिया।

तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामला उठाते हुए दावा किया कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पश्चिम बंगाल में 5 से 7 लाख नए मतदाताओं के नाम फॉर्म-6 के जरिए जोड़े गए हैं। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की मांग की।

हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल मेंशनिंग के आधार पर इस तरह के मामले में सुनवाई संभव नहीं है। पीठ ने कहा कि पहले इस संबंध में विधिवत याचिका दाखिल की जाए, उसके बाद ही मामले पर विचार किया जाएगा। CJI सूर्यकांत ने साफ शब्दों में कहा कि बिना औपचारिक याचिका के अदालत इस पर सुनवाई नहीं कर सकती।

क्या है मामला?
फॉर्म-6 का उपयोग नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए किया जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में नाम जोड़े जाने के दावे ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। विपक्ष इसे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़कर देख रहा है, जबकि आधिकारिक स्तर पर इस संबंध में अभी विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।

आगे क्या?
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस मुद्दे पर औपचारिक याचिका दाखिल की जाती है और सुप्रीम कोर्ट इसमें हस्तक्षेप करता है या नहीं। फिलहाल अदालत के रुख से साफ है कि प्रक्रिया के तहत ही इस मामले को आगे बढ़ाया जाएगा।

Page 4 of 2549

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)