August 19, 2026
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    दुर्ग

    दुर्ग (5014)

    दुर्ग / शौर्यपथ / विकास खण्ड पाटन के ग्रामो में इन दिनों जमकर लकड़ी तस्करी का कार्य हो रहा है। अभी पिछल्े सप्तहा ही वन विभाग ने कार्यवाही करते हुए दो आरा मशीन को सील किया था। उसके बाद भी लकड़ी तस्करी में कमी नही आ रही है, और लगातार जारी है। वन विभाग ने फिर कौहा लकड़ी से भरी एक मेटाडोर को दबिश देकर पकडा है। मेटाडोर लकड़ी सहित पाटन डिपो में खड़ी कराई गई है।
    मिली जानकारी के मुताबिक गाड़ाडीह स्थित तिवारी सा मिल में कौहा की बड़े बड़े गोले को खपाने की फिराक भी था। लेकिन इसकी सूचना फारेस्ट विभाग को मिल गई। मुखबिर की सूचना पर और एसडीओ फारेस्ट अभय पांडे के निर्देश पर फारेस्ट विभाग ने कार्रवाई की। बताया जाता है कि लकड़ी से भरी मेटाडोर को आरा मिल में ले गया। फारेस्ट विभाग की टीम गाडी का पीछा करते हुवे आरा मिल तक जा पहुंची। वहां से कौहा लकड़ी के गोला से भरी गाड़ी को जप्त किया। इसके बाद मिल को भी सील कर दिया गया। इस कार्रवाई में अजय कुमार चौबे डिप्टी रेंजर पाटन , हर्ष वीर कंकडे, गोवर्धन नेताम, घनश्याम वर्मा सराहनीय रही।

    भिलाई / शौर्यपथ / नगर में फिर एक व्यक्ति ठगी का शिकार हो गया। नंदिनी रोड़ के एक हार्डवेयर व्यापारी को लालच में आकर अनजान व्यक्ति से सोने का सौदा करना भारी पड़ गया। वह व्यक्ति नकली सोना थमाकर व्यापारी से 5 लाख रुपये लेकर फरार हो गया. आज सुबह 7.45 बजे नंदिनी रोड़ करूणा अस्पताल के करीब नाले के पास की इस घटना पर से छावनी पुलिस ने धारा 420,34 के तहत अपराध कायम किया है।
    ठगी के शिकार हार्डवेयर व्यापारी निर्मल कुमार जैन पिता सोहन लाल जैन (53 वर्ष ) शांति नगर, सड़क - 3, क्वार्टर नं.- 238 का रहने वाला है. निर्मल नंदिनी रोड़ में आदिनाथ सेल्स एजेंसी के नाम से हार्डवेयर की दुकान चलाता है।निर्मल को आज एक अनजान शख्स ने महिला साथी के साथ मिलकर ठगी का शिकार बनाया। इस वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी ने व्यापारी निर्मल कुमार जैन पर पेशेवर ठग की तर्ज पर पहले दाना डाला. इसके लिए आरोपी 20 मई को निर्मल की दुकान पर प्लायर खरीदने पहुंचा। इस दौरान रुपये कम होने का हवाला देकर उसने चांदी का एक सिक्का सामने रख दिया. निर्मल ने कहा यह तो प्लायर की कीमत से काफी महंगा है. तब उस शख्स ने बेपरवाह अंदाज में बताया कि उसके पास पीली धातु(सोना) भी है, जिसे वह बाजार रेट से कम में बेचना चाहता है. शख्स की बातों से प्रभावित निर्मल कुमार जैन ने सोना देखने के बाद सौदा करने हामी भर दी.
    22 मई को वह अनजान शख्स एक सोने का चेन लेकर निर्मल की दुकान पर फिर से पहुंचा. इस बार उसके साथ एक महिला भी थी. निर्मल ने सोने के चेन से चार दाना निकाला और गुरुनानक नगर मार्केट में राधा ज्वेलर्स के पास जांच करवाने भेजा । जांच में चेन के असली सोने के होने की पुष्टि होने पर ढाई किलो सोने के चेन का सौदा साढ़े 7 लाख रुपये में तय हुआ । सौदा में यह तय हुआ कि 5 लाख रुपये माल मिलते समय और बाकी के ढाई लाख की रकम 10 दिन के अंदर देना होगा। आज सुबह मंगलवार को 7.45 बजे उस अनजान शख्स ने मोबाइल नं. 72870 09012 से निर्मल को उसके मोबाइल नं. 94255 03278 पर फोन किया और करूणा अस्पताल के करीब नाले के पास सोना लेकर मौजूद रहने की जानकारी देकर बुलाया. निर्मल वहां पहुंचा , तब शख्स के साथ 22 मई को सोने की चैन दिखाने के दौरान दुकान आ चुकी महिला भी साथ में थी. निर्मल ने सोने के चेन का बैग लिया और 5 लाख रुपये देकर लौट आया. इसके बाद जब सोने के की जांच करवाने पहुंचा तो यह जानकर उसके होश उड़ गए कि सोना न हो कर सोने की पॉलिस वाली नकली चेन है । ठगी का शिकार होने का अहसास होने पर निर्मल कुमार जैन ने छावनी थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज करा दिया है। छावनी पुलिस ने अपराध क्रं.290 धारा 420,34 के तहत मामला कायम कर आरोपी शख्स और उसके साथ मौजूद रही महिला की तलाश शुरू कर दिया है.

    दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा 5 जून से शहर में वृक्षारोपण का शुभारंभ किया रहा है। इसके लिए आज पर्यावरण विभाग प्रभारी श्रीमती सत्यवती वर्मा द्वारा विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर 5 जून को वृक्षारोपण कर पर्यावरण दिवस मनाने की तैयारी करने निर्देश दिये। उन्होनें बैठक में कहा कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए शासन के आदेशों का अक्षरश: पालन करते हुये व्यवस्था करने कहा है। बैठक में निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन, कार्यपालन अभियंता मोहनपुरी गोस्वामी, सहा0 अभियंता जितेन्द्र समैया, उद्यान निरीक्षक अनिल सिंह एवं अन्य उपस्थित थे।
    उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष पूरे देश में 5 जून को पर्यावरण दिवस मनाया जाता है । पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनजागरुकता रैली के साथ प्रतीकात्मक रुप से शहर वासियों को जागरुक करने विशेष जगहों पर पौधा लगाकर वृक्षारोपण की जाती है। बैठक में प्रभारी श्रीमती सत्यवती वर्मा ने कहा कोरोना काल को देखते हुये किसी भी प्रकार से आयोजन करना ठीक नहीं हैं इसलिए एक जगह को चिन्हित किया जावे। चर्चा के बाद पोटियाकला वार्ड 53 में वृक्षारोपण का निर्णय लिया गया है।
    प्रभारी ने कहा यहॉ से ही शहर में वृक्षारोपण का शुभारंभ किया जावेगा। इस दौरान निर्णय लिया गया है। जीई रोड के डिवाईडर और स्टेशन रोड में उजाला भवन के सामने से ग्रीन चैक तक के डिवाईडर में काली मिट्टी डालकर वहॉ सुन्दर पौधा लगाया जाएगा। प्रभारी ने कहा 5 जून को प्रात: 8.00 बजे पोटियाकला वार्ड के छोटे उद्यान में यह छोटा कार्यक्रम किया जावेगा। उन्होनें बताया इस दौरान शहर के विधायक अरुण वोराजी, महापौर धीरज बाकलीवाल तथा सभापति राजेश यादव के अलावा आयुक्त श्री बर्मन व निगम अधिकारी मौजूद रहेगेंं। बैठक में अनूप वर्मा, संदीप श्रीवास्तव, अनिस रजा सहित अन्य उपस्थित थे।

        दुर्ग / शौर्यपथ / अमृत मिशन योजना के नाम पर वार्ड 53 पोटिया कला वार्ड में तीन व्यक्तियों के द्वारा कुछ घरों में जाकर पैसे की मांग मिले । इसकी जानकारी वार्ड के पार्षद नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा को होने के उपरांत उन्होंने उन तीनों व्यक्तियों को वार्ड निवासियों के साथ घेराबंदी कर पकड़ा। और उनसे पूछताछ की उन्होंने इसकी जानकारी निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन को दिए । आयुक्त के निर्देश पर अमृत मिशन योजना के अधिकारियों ने तत्काल उन व्यक्तियों की पतासाजी की है पता चला की वे तीनों पुलगांव में अमृत मिशन योजना के तहत कार्य कर रहे हैं ऐसा बता रहे थे । और इस वार्ड में भी बहुत जल्द कार्य चालू हो रहा है अत: हम लोगों को भोजन आदि के लिए पैसे देवें ।
    अमृत मिशन के अधिकारियों ने बताया मिशन में काम करने वाले ऐसे किसी भी व्यक्ति को कहीं से भी जाकर पैसा लेने के निर्देश नहीं दिए गए हैं जिनके द्वारा भी अमृत मिशन के नाम से पैसे की मांग की जा रही है वह बिल्कुल गलत है । उन्होंने शहर के समस्त आम जनता से अनुरोध कर कहा है कि पूरे शहर के वार्डो में अमृत मिशन योजना के तहत पाइप लाइन विस्तार और नया पाइप लाइन में कनेक्शन का काम निरंतर किया जा रहा है योजना में काम करने वाले श्रमिकों के लिए लाक डाउन के दौरान फंसे लोगों के लिए हमारी ओर से व्यवस्था की गई है यदि अमृत मिशन का कोई भी कर्मचारी, श्रमिक खाना या भोजन के नाम से पैसे की मांग करते हैं तो बिल्कुल भी ना दें।
    अमृत मिशन कार्य के नाम से पैसा मांगने वाले तीनों व्यक्तियों को पार्षद नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा के नेतृत्व में पकड़ा गया तथा आयुक्त के निर्देश पर उन्हें पदमनाभपुर स्थित थाना को सौंप दिया गया जहां से उन तीनों को जेल भेज दिया गया । बताया गया कि तीनों व्यक्ति शराब के नशे में धुत थे ।

       दुर्ग / शौर्यपथ / एमजीएम सीनियर सेकंडरी स्कूल भिलाई संकट काल के दौरान उत्तपन्न होने वाली पर्कृतिक आपदाओं और महामारी के विरुद्ध लड़ने में हमेशा से ही एक उत्साही सेनानी की तरह कार्य करता रहा है . यह उल्लेखनीय है कि एमजीएम स्कूल भिलाई इस कठिन समय में अपना योगदान देकर महामारी व प्रक्रितक आपदाओ के दौरान जरुरतमंदो के लिए आवश्यक मदद पहुचाने में हमेशा संवेदनशील रहा है .
    परम्परानुसार एमजीएम बिरादरी ने covid - 19 के खिलाफ लड़ाई में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री सहायता कोष में योगदान दिया है और इसे जिला कलेक्टर दुर्ग को सौप दिया गया . स्कूल से सीधे योगदान के अलावा एमजीएमस्टाफ ने भी स्वेक्षा से इस विपरीत परिस्थिति में अपना एक दिन का वेतन दान किया . प्रबंधक bishop of the school his Grace josheph Mar Dionysius ,एमजीएम स्कूल के उपाध्यक्ष Very Rev. Thomas Ramban, एमजीएम चर्च के सहायक विकार Father Shinu Cherian , Mr. Prince MA Hon..Correspondent of the school ,Mr.Viji Candy , Mr. K.P. Santosh ,Mr. Shabu Jhon माननीय कमिटी मेम्बर्स व एमजीएम स्कूल के प्राचार्य Prof. Dr. B.D Thakaran , Mr. Shaji Chacko फेकल्टी मेम्बर्स की उपस्थिति में जिला कलेक्टर को चेक सौपा .
    यहाँ उल्लेख करना आवश्यक है कि एमजीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल समाज में हो रही प्राकृतिक आपदाओ के प्रति हमेशा संवेदनशील रहा है और समय समय पर स्थितियों की मांग के अनुसार उचित योगदान दिया है .

        दुर्ग / शौर्यपथ खास खबर / दुर्ग जिला मुख्यालय के मध्य स्थिति इंदिरा मार्किट शहर का मुख्य व्यावसायिक केंद्र है . इस बाज़ार की स्थापना सालो पहले से हुई है . इंदिरा मार्केट में निगम प्रशासन द्वारा सालो पहले दुकानों का निर्माण कर व्यापारियों को सशर्त लीज पर दिया गया और यही मंशा के साथ कि शहर का गौरव इंदिरा मार्केट सहसर की शान बने . किन्तु इंदिरा मार्केट की निगम अधीन इमारतो की हालत कई स्थानों से जर्जर हो गयी है , प्रेस काम्प्लेक्स की इमारत , मछली बाज़ार की ईमारत सहित सब्जी मार्केट की इमारतो की हालत भी खस्ता हाल है और कारण है कई व्यापारियों की मनमानी .
    बिना अनुमति किया गया बदलाव
        इंदिरा मार्केट में निगम द्वारा तय नियमो और मानको के आधार पर शापिंग काम्प्लेक्स का निर्माण हुआ और व्यापारियों को आबंटित हुआ किन्तु कुछ व्यापारियों की गलती या लालच की प्रवित्ति कह ले आज काम्प्लेक्स की इमारत जर्जर अवस्था में हो गयी . निगम प्रशासन द्वारा आबंटन के समय लीज धारक व्यापारियों को इस शर्त पर दुकाने आबंटित की गयी थी कि कोई भी व्यापारी दुकानों के मूल रूप में परिवर्तन करने से पहले निगम प्रशासन की अनुमति ले किन्तु दुकानदारों द्वारा ऐसा नहीं किया गया कई दुकानदारों द्वारा दुकानों के मूल स्वरुप में बदली की गयी अधिकतर बदलाव भूतल पर संचालित दुकानों में की गयी . भूतल में बदलाव और बिना अनुमति व बिना विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में हुए निर्माण के कारण दो माले भवन में उपरी माला कही कही से कमजोर हो गया .
    लालम यह है कि मचली बाज़ार से लगी हुई इमारत तो इतनी जर्जर हो गयी कि ऊपर जाने की सीढी भी नेस्तनाबूद हो गयी . प्रेस काम्प्लेक्स भवन के छज्जा गिरने की घटना कई बार हो चुकी है . निगम पिछले कई सालो से भवन के संधारण के नाम पर लाखो खर्च कर चुका है किन्तु किसी भी निगम इंजिनियर ने शायद ये रिपोर्ट नहीं दी होगी कि संधारण से इमारत की स्थिति में कोई सार्थक सुधार होगा और इस तरह निगम के लाखो रूपये बर्बाद होने के बाद स्थिति जस की तस है .
    बाज़ार विभाग की गलती का खामियाजा भुगत रही है जनता
        निगम प्रशासन में बाज़ार की व्यवस्थाओ पर और अव्यवस्था पर निगाह रखने के लिए निगम प्रशासन में बाज़ार विभाग नाम की एक शाखा है . इस विभाग की जिम्मेदारी है कि बाज़ार में निगम की संपत्ति पर कोई गैर क़ानूनी कार्य ना करे , निर्धारित जगह से ज्यादा स्थान पर अतिक्रमण ना करे , दुकानों के मूल स्वरुप में बिना अनूमति बदलाव ना करे , बाज़ार शासन के नियमो के अनुसार चले और इसके लिए विभाग के कर्मचारियों को शासन द्वारा लाखो रूपये मानदेय के रूप में दिया जाता है किन्तु शायद निगम का बाज़ार विभाग अपने कार्यो के निर्वहन करने में असफल रहा और निगम प्रशासन को लगातार दिग्भ्रमित करता रहा . ऐसा नहीं कि कि बाज़ार विभाग के कर्मचारी 2-4 साल में स्थानांतरित होते हो और नए कर्मचारी आते हो जिसके कारण व्यापारियों द्वारा इसका लाभ लेकर अवैध तरीके से निर्माण कर लिया जाता हो और मूल रूप में परिवर्तन किया जाता हो . प्राप्त जानकारी के अनुसार बाज़ार मुहर्रिर , कर्मचारी व बाबू ऐसे लोग नियुक्त है जिनकी सालो से नियुक्ति हुई है और सालो से ही बाज़ार विभाग का कार्य कर रहे है शायद ही बाज़ार का कोई व्यापारी हो जो इन अधिकारियों कर्मचारियों को जानता नहीं हो . फिर भी बाज़ार के कई संस्थानों द्वारा बिना अनुमति निर्माण के बाद भी बाज़ार विभाग का मौन रहना किसी तरह की कोई दंडात्मक कार्यवाही का ना होना दर्शाता है कि निगम का बाज़ार विभाग किस तरह की कार्यप्रणाली के तहत कार्य कर रहा है .
    लाइसेंस विभाग की मिलीभगत का अंदेशा?
        व्यापार के लिए प्रत्येक व्यापारिक संसथान को निगम से अनुज्ञप्ति प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है अनुज्ञा प्रमाणपत्र के नवीनीकरण के समय लैसेंक विभाग दूकान की स्थित का आंकलन करने के बाद ही व्यापार संचालित करने के प्रमाण पत्र ज़ारी करता है किन्तु शायद ही ऐसा कोई मामला सामने आया हो जिसकी अनुज्ञा प्रमाण्पत्र निरस्त हुई हो निगम अधीन दुकानों के मूल रूप परिवर्तन के कारण . साफ प्रतीत होता है कि लाइसेंस विभाग सिर्फ दस्तावेजो के आधार पर ही नवीनीकरण करता रहा अगर स्थल निरिक्षण किया जाता तो वर्तमान की स्थिति निर्मित ही नहीं होती .
    बड़े बड़े व्यापारियों द्वारा किया गया अतिक्रमण पर निगम प्रशासन रहता है मौन
    इंदिरा मार्केट में निगम द्वारा बनाए गए व्यावसायिक परिसर की एक श्रंखला है जो सब्जी मार्केट के चारो तरफ है वही प्रेस काम्प्लेक्स ए ,बी , सी की श्रृंखला है इन काम्प्लेक्स में भी कई दुकानों द्वारा मूल स्वरुप बदला गया मूल स्वरुप बदलने के लिए किसने अनुमति ली किसने नहीं इसकी जानकारी भी बाज़ार विभाग से प्राप्त नहीं हो सकी . कुछ दिनों पहले ही प्रेस काम्प्लेक्स से छज्जा का कुछ हिस्सा टूट कर गिरने की घटना हुई थी जिसके बाद इसे संध्रण के लिए दुर्ग विधायक द्वारा निर्देशित किया गया था .

    महापौर और विधायक को कार्यवाही के समय रहना चाहिए सामने ?
    निगम प्रशासन की सत्ता 20 सालो से भाजपा के अधीन थी इन 20 सालो में बाज़ार की व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गयी अब जबकी 20 साल बाद दुर्ग निगम में कांग्रेस की सत्ता है , विधान सभा क्षेत्र में जहाँ कांग्रेस के विधायक है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है ऐसे में दुर्ग के दो जनप्रतिनिधि जिनकी छवि भ्रष्टाचार से मुक्त है ऐसे दोनों जनप्रतिनिधि महापौर बाकलीवाल और विधायक अरुण वोरा ही बाज़ार के व्यापारियों निगम के कार्यो में सहयोग के लिए अपील कर सकते है समझाईश दे सकते है ताकि दुर्ग इंदिरा मार्केट के व्यापारी और जनता को किसी प्रकार की क्षति ना हो . बाज़ार के जर्जर भवन का पूर्ण संधारण ही एवं नियमो सहित सञ्चालन ही एक मात्र रास्ता है सुव्यवस्थित और सुरक्षित बाज़ार का ...

    अतिक्रमण व मूल स्वरुप बदलने वालो पर क्या निगम प्रशासन करेगी कार्यवाही या फिर किसी बड़े हादसे का है इंतज़ार
    निगम प्रशासन द्वारा बनाया गया व्यावसायिक परिसर शासन के मापदंडो को पूर्ण करके बनाया गया था . किन्तु कई व्यापारियों द्वारा बरामदे सही सड़क तक सामन फैला कर व्यापार किया जा रहा कई व्यापारी तो सड़क पर भी व्यापार कर रहे है किन्तु बाज़ार विभाग का मौन विभाग की कार्यप्रणाली से कई तरह के भ्रष्टाचार का संदेह पैदा करता है . अब निगम प्रशासन के मुखिया की जिम्मेदारी बनती है कि इंदिरा मार्केट के ऐसे व्यापारी जो बरामदे व सड़क तक सामान फैला कर व्यापार कर रहे है उस पर कड़ी कार्यवाही करे , जो व्यापारी दुकानों के मूल स्वरुप में परिवर्तना कर दिए है बिना अनुमति के उन पर कार्यवाही करे और आम जनता को अपने इस कार्य से सन्देश दे कि निगम प्रशासन व्यापारियों के दबाव में नहीं शासन के नियमो के तहत कार्य करता है .

    दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के कलेक्टर डाक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने शनिवार सभी जिलास्तरीय अधिकारियों की ओरिएंटेशन मीटिंग ली। हर अधिकारी को आधे घंटे का स्पेल दिया गया था। पूर्व में सभी से विभागीय गतिविधियों एवं प्रस्तावित नवाचारों के संबंध में फोल्डर मंगवा लिए गए थे। आज इन पर चर्चा हुई। बैठक में कलेक्टर ने पूछा कि विभागीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए किस तरह की योजना बनाई है। क्या इसमें किसी तरह की बाधा आ रही है। यदि शासन के स्तर पर किसी तरह का प्रस्ताव भेजना है तो उसे बताएं। जिन विभागों की महत्वाकांक्षी योजनाएं चल रही हैं। उनके क्रियान्वयन के संबंध में वस्तुस्थिति की कलेक्टर ने जानकारी ली।
    उन्होंने सभी से ओरिएंटेशन बैठक में कहा कि विभागीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मासिक टारगेट रखें, इससे वार्षिक लक्ष्य प्राप्त करने में आसानी जाएगी। सभी ब्लाक लेवल के आफिसर्स की समीक्षा नियमित रूप से करें। जहां अच्छा कार्य हो रहा हो, उनके द्वारा अपनाई जा रही तकनीक को अन्य ब्लाक में भी फालो किया जाए। नियमित मानिटरिंग बहुत जरूरी है और साथ में यह भी कि निचले अमले द्वारा किसी तरह का फीडबैक आ रहा है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
    स्थिति जानी और दिये सुझाव- बैठक में शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास एवं निर्माण एजेंसियों सहित सभी से जिले में चल रही वर्तमान गतिविधि की जानकारी ली। उदाहरण के लिए शिक्षा विभाग से मीटिंग की शुरूआत हुई और कलेक्टर ने शासन द्वारा चलाए जाने वाले अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के संबंध में जानकारी ली। लाकडाउन के दौरान आनलाइन शिक्षा के बारे में भी जानकारी ली। कृषि में उन्होंने खाद-बीज की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लगातार किसानों से मिलकर उनसे फीडबैक लें। उन्होंने कहा कि जमीनी स्थिति से जितने ज्यादा वाकिफ होंगे, उतना ही बेहतर परिणाम हमें मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि ब्लाक लेवल के अधिकारियों को भी लगातार इस बारे में मोटिवेट करें।
    इस तरह रखा गया था शेड्यूल- कलेक्टर ने साढ़े दस बजे से ओरिएंटेशन मीटिंग रखी। यह सात बजे तक निर्धारित रखी गई। बीच में एक घंटे का समय कलेक्टर ने शंकराचार्य हास्पिटल के दौरे के लिए रखा। उन्होंने सबसे पहले साढ़ेे दस बजे एजुकेशन डिपार्टमेंट को समय दिया। फिर 11 बजे ट्राइबल, फिर साढ़े ग्यारह बजे तक फूड, फिर 12 बजे कृषि एवं बीज निगम, साढ़ेबारह बजे से हार्टिकल्चर, एक बजे से वेटरनरी, फिशरीज और सेरीकल्चर, डेढ़ बजे से सोशल वेलफेयर, 2 बजे से एक्साइज, सवा दो बजे माइनिंग का ओरिएंटेशन मीटिंग रखा गया। इसके बाद चार बजे से जिला पंचायत, पांच बजे से पीडब्ल्यूडी, साढ़े पांच बजे से डब्ल्यूआरडी, छह बजे से पीएचई और साढ़े छह बजे से पीएमजीएसवाय एवं एमएमजीएसवाय का ओरिएंटेशन रखा गया।

    दुर्ग / शौर्यपथ / जिले का आबकारी विभाग अब अपने कुंभकरणी नींद से जागा है, इसका जीता जागता उदाहरण आज देखने को मिला कि आबकारी विभाग ने दो स्थानों पर छापामारकर 49.14 लीटर शराब जब्त किया। वह भी आबकारी विभाग तब जागा जब लगातार यह समाचार का समाचार पत्र से लेकर सोशल मीउिया में जमकर वायरल होने लगा कि आबकारी विभाग कुंभकरणीय नींद में सोया हुआ है, इसलिए जिले में प्रतिदिन जगह जगह धड़ल्लसे अवेैध शराब की बिक्री हो रही है, और आबकारी विभाग का कार्य पुलिस कर रही है और लगातार छापामारकर एवं चेकिंग कर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बिक्री करने वालों को पकड़़ रही है, इसलिए शासन प्रशासन को आबकारी विभाग का बंद कर देना चाहिए या उनको पुलिस विभाग में मर्ज कर देना चाहिए। इसके बाद अब आकारी विभाग खानापूर्ति के लिए काम करना शुरू कर दिया है।
    मिली जानकारी के मुताबिक आबकारी उप निरीक्षक शस्वाति चौरसिया, दीपक कुमार ठाकुर,नीलम स्वर्णकार, मनराखन नेताम, आबकारी मुख्य आरक्षक दयालाल साहू, लोकनाथ साहू,आबकारी आरक्षक देवीलाल तिवारी, सरजूराम रजवा?े, रमेश तिवारी,गणेश शंकर उपाध्याय, प्रहलाद सिंह राजपूत सहित वाहन चालक दुर्गेश कुर्रे एवं वासू साहू ने छापा मारकर आरोपी रमेश बघेल आ. कृष्णा राम बघेल, उम्र-31 वर्ष, साकिन-निकुम वार्ड 05, थाना-अण्डा, जिला दुर्ग के रिहायशी मकान से 106 नग गोवा स्पेशल व्हिस्की विदेशी मदिरा एवं 54 नग देशी मदिरा प्लेन कुल मात्रा 28.80 ब.ली. मदिरा तथा आरोपी थानू सिन्हा, निवासी- ग्राम केसरा, थाना रानीतराई, जिला-दुर्ग के रिहायशी मकान से 113 नग सुपर 555 विदेशी मदिरा कुल मात्रा 20.34 ब.ली. जप्त किया गया है। इस प्रकार छ.ग. आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2), 59 (क) के तहत 02 प्रकरण कायम कर कुल 49.14 बल्क लीटर मदिरा जप्त कर उक्त दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    दुर्ग (रिसाली) / शौर्यपथ / राज्य शासन के आदेश पर रिसाली निगम क्षेत्रांतर्गत वार्डों के करदाताओं को वित्तीय वर्ष 2019-20 के अधिभार रहित संपत्तिकर जमा करने की तिथि में बढोत्तरी करते 7 जून 2020 तक की वृद्धि किए जाने का निर्णय रिसाली निगम प्रशासन द्वारा लिया गया है। ज्ञातव्य हो कि नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्रालय विभाग द्वारा करदाताओं को विशेष छूट प्रदान करने बाबत 15 मई से बढाकर 31 मई निर्धारित की गई थी। जिसमें करदाताओं को कोई अधिभार रहित छूट की पात्रता प्रदान की गई थी। अब करदाता उल्लेखित वित्तीय वर्ष (2019-20) का टैक्स व विवरणीय 7 जून तक जमा कर सकते है। जहां पर करदाताओं को कोई अधिभार नहीं देना होगा। 

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