August 13, 2026
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    दुर्ग

    दुर्ग (5011)

    दुर्ग। दुर्ग शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने संगठन को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ऊर्जावान नेत्री निकिता मिलिंद को दुर्ग शहर कांग्रेस की कार्यकारिणी में महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

    इस नियुक्ति को संगठन में नई ऊर्जा और महिला नेतृत्व को सशक्त करने के रूप में देखा जा रहा है। निकिता मिलिंद की सक्रियता, संगठनात्मक अनुभव और जमीनी पकड़ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर विश्वास जताया है।

    अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नवनियुक्त महामंत्री निकिता मिलिंद ने कहा कि वे वरिष्ठ नेतृत्व की हृदय से आभारी हैं, जिन्होंने उन्हें संगठन की सेवा का अवसर प्रदान किया। उन्होंने विशेष रूप से दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विश्वास पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

    निकिता मिलिंद ने आगे कहा कि महामंत्री का यह पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। वे पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ संगठन को मजबूत करने तथा कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सतत कार्य करेंगी।

    दुर्ग। शौर्यपथ। 

    शहर को सुंदर, स्वच्छ और अतिक्रमण-मुक्त बनाने को लेकर दुर्ग नगर निगम और शहरी सरकार की मुखिया महापौर श्रीमती अलका बाघमार द्वारा जारी की जा रही प्रेस विज्ञप्तियाँ देखने-पढ़ने में जितनी प्रशंसनीय लगती हैं, जमीनी हकीकत उससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। नगर निगम के अतिक्रमण विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या दुर्ग में कानून सभी के लिए समान है या फिर यह अमीर-गरीब देखकर लागू किया जा रहा है?

    शहरी सरकार के निर्देश पर हाल ही में गरीब पसरा व्यापारियों और फुटपाथ पर रोजी-रोटी कमाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की गई। उनका सामान जब्त कर लिया गया, वर्षों से चला आ रहा छोटा-सा व्यवसाय छीन लिया गया। दो वक्त की रोटी कमाने वाले इन लोगों को “अतिक्रमण-मुक्त शहर” के नाम पर बेरोजगार कर दिया गया।

    परंतु इसी शहर के इंदिरा मार्केट स्थित गणेश मंदिर के सामने एक बिल्कुल अलग तस्वीर देखने को मिलती है। यहां सड़क की जमीन पर बड़े पैमाने पर ‘राम रसोई’ का संचालन खुलेआम किया जा रहा है। जनहित का नाम लिया जा रहा है, लेकिन वास्तविकता यह है कि यहां एक होटलनुमा व्यावसायिक संचालन हो रहा है, जहां बाकायदा ₹20 प्रति थाली की तय कीमत रखी गई है।

    जनहित के कार्यों पर किसी को आपत्ति नहीं, बल्कि यह सराहनीय है कि शहर के बड़े व्यापारी समाजसेवा में आगे आए हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या जनहित के नाम पर सड़क की जमीन पर कब्जा जायज हो जाता है?

    अगर यही नियम है, तो शहर में दर्जनों संस्थाएं हैं जो जनसेवा करती हैं—क्या सभी को सड़कों पर कब्जा करने की छूट दी जाएगी?

    संविधान की नजर में अमीर और गरीब एक समान हैं, फिर दुर्ग में यह भेदभाव क्यों?

    क्या नगर निगम की कार्रवाई सिर्फ गरीबों के लिए है और प्रभावशाली लोगों के लिए नियम बदल जाते हैं?

    इतना ही नहीं, निगम कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार महापौर अलका बाघमार ने नगर निगम के व्यावसायिक परिसरों के बरामदों में व्यापार करने की अनुमति भी दे दी है। बड़ा सवाल यह है कि—

    ➡️ क्या किसी महापौर को यह संवैधानिक अधिकार है कि वह आम जनता के लिए बने बरामदों को दुकानों में तब्दील करने की अनुमति दे?

    ➡️ क्या दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में संविधान चलेगा या महापौर का निजी आदेश?

        रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। भारत सरकार ने इस योजना के अंतर्गत सहायता राशि की प्रथम किस्त मार्च महीने के अंत तक जारी करने की तैयारी में है। हालांकि, इस लाभ को प्राप्त करने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और संबंधित विभागों ने सदस्यों एवं प्रतिष्ठानों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन न करने पर लाभार्थी राशि से वंचित रह सकते हैं।

    योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक नए जुडऩे वाले और प्रथम बार सदस्य बनने वाले व्यक्तियों के लिए सार्वभौमिक खाता संख्या (्रहृ) का चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक (स्नड्डष्द्ग ्रह्वह्लद्धद्गठ्ठह्लद्बष्ड्डह्लद्बशठ्ठ ञ्जद्गष्द्धठ्ठशद्यशद्द4) के माध्यम से सत्यापन कराना अब अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना इस डिजिटल सत्यापन के योजना का लाभ प्रदान नहीं किया जाएगा। यदि किसी सदस्य को इस तकनीकी प्रक्रिया में कोई कठिनाई आती है, तो उन्हें तुरंत अपने संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होकर सहायता प्राप्त करने की सलाह दी गई है।

    योजना की राशि का प्रेषण सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (ष्ठक्चञ्ज) के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए सदस्यों का बैंक खाता इस सुविधा हेतु सक्षम होना अनिवार्य है। जिन कर्मचारियों के खाते वर्तमान में इस प्रणाली से नहीं जुड़े हैं, उन्हें तत्काल अपनी बैंक शाखा में जाकर यह सुविधा सक्रिय कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भुगतान प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

    व्यक्तियों के साथ-साथ नियोक्ताओं और संस्थानों पर भी नियमों के पालन की जिम्मेदारी डाली गई है। आधिकारिक सूचना के अनुसार, जो प्रतिष्ठान नियमित रूप से इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-विवरणिका (श्वष्टक्र) प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं या अंशदान जमा करने में विलंब कर रहे हैं, उनके कर्मचारियों को योजना के लाभ से रोका जा सकता है। प्रशासन ने सभी संस्थानों से समय पर विवरणिका भरने और अंशदान सुनिश्चित करने का आग्रह किया है ताकि सुचारू रूप से किस्त जारी की जा सके।

       दुर्ग / शौर्यपथ / जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आमजनों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित विभागों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित कुल 137 आवेदन प्राप्त हुए।
    जन्मतिथि सुधार का मामला
    नयापारा वार्ड क्रमांक 1 निवासी ने अपनी पुत्री की शालेय जन्मतिथि में त्रुटि सुधार की मांग की। अभिलेख में जन्मतिथि 15 मार्च 2008 दर्ज है, जबकि जन्म प्रमाण पत्र में 15 मार्च 2009 अंकित है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा सुधार नहीं किए जाने की शिकायत पर कलेक्टर ने प्राचार्य से सीधे चर्चा कर दस्तावेजों के आधार पर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
    महतारी वंदन योजना की किस्त लंबित
    भिलाई निवासी महिला ने तीन माह से महतारी वंदन योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायत की। फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने के कारण किस्त अटकी होने पर कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
    प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त नहीं मिली
    गयानगर वार्ड क्रमांक 4 निवासी ने छह माह बीतने के बाद भी पीएम आवास योजना की एक भी किस्त नहीं मिलने की शिकायत की। कलेक्टर ने नगर निगम दुर्ग आयुक्त को नियमानुसार शीघ्र किस्त जारी करने के निर्देश दिए।
    तेज डीजे पर सख्ती
    कुरूद के सुंदर विहार व प्रगति नगर क्षेत्र के रहवासियों ने प्रीत पैलेस में देर रात तक तेज डीजे बजने से हो रही परेशानी की शिकायत की। कलेक्टर ने एसडीएम भिलाई को निर्धारित समय सीमा के उल्लंघन पर साउंड सिस्टम जब्त करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
    कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जनदर्शन आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच है और प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता व प्राथमिकता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    - बैंक खाता वित्त विभाग के इनपैनल सूची में शामिल बैंक का ही हो
    - कोटवाली भूमि प्रकरण पर तत्परतापूर्वक कार्यवाही करें
    - भूमि आबंटन प्रकरण हेतु एनओसी देना सुनिश्चित करें विभाग
    - खादानों का सीमांकन कर सूचना बोर्ड लगायी जाए
    - कलेक्टर ने समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा की

    दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक में विभागवार सममय-सीमा प्रकरणों की गहन समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्?होंने पंचायतों में राजस्व प्रकरण पंजीयन, ई-ऑफिस क्रियान्वयन, ऑफिसों के बैंक खाते, कोतवाली भूमि संबंधी प्रकरण, भूमि आबंटन हेतु एनओसी, खादानों का सीमांकन और भवनों में बनाये गये वॉटर हार्वेस्टिंग का जियो टैंगिंग की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में प्रगति लाने शासन की मंशा के अनुरूप पंचायतों को प्रकरण हस्तांतरित की गई है। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को ग्राम पंचायतों में अविवादित, नामांतरण, बंटवारा प्रकरणों के पंजीयन में प्रगति लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी पंचायतों में एक सप्ताह के भीतर पंजीयन दर्ज होना चाहिए। जिन पंचायतों में पंजीयन नहीं होने पर संबंधित पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। कलेक्टर ने कार्यालयों में ई-ऑफिस के माध्यम से फाईल प्रस्तुति पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को ई-ऑफिस क्रियान्वयन को गंभीरता से लेने के निर्देश दिये। उन्?होंने विभागों द्वारा संचालित बैंक खाते की जानकारी लेते हुए कहा कि शासन के वित्त विभाग के इनपैनल सूची में शामिल बैंकों में शासकीय कार्यालयों का खाते होना चाहिए।
    ऐसे विभाग जिनके खाते वित्त विभाग के इनपैनल सूची में शामिल बैंक में नहीं है, वे तत्काल अपनी खाता बंद कर वित्त विभाग के इनपैनल सूची में शामिल बैंक में खाते खुलवायें। साथ ही बैंक खाते की अपडेट जानकारी जिला कोषालय को उपलब्ध करायें। उन्होंने सभी एसडीएम से संबंधित क्षेत्र में कोटवाली भूमि संबंधी प्रकरण की जानकारी ली और प्रकरणों पर तत्परतापूर्वक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार विविध निर्माण हेतु भूमि आबंटन के संबंध में संबंधित एसडीएम द्वारा जिन विभागों से एनओसी आमंत्रित किया गया है, ऐसे विभाग शीघ्र एनओसी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने स्कूली और आंगनबाड़ी बच्चों के आधार अपडेशन की जानकारी ली। साथ ही जन्म प्रमाण नहीं बनने के कारण आंगनबाड़ी के बच्चे जिनका आधार अपडेशन नहीं हो रहे है, ऐसे बच्चों की परियोजनावार सूची ईडीएम को उपलब्ध कराने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया।
    कलेक्टर ने जिले में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की जानकारी ली और निर्माण कार्य पूर्ण होने पर यूसी/सीसी आदिम जाति कल्याण विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसी प्रकार आदि कर्मयोगी/ धरती आबा योजना अंतर्गत जिले के चिन्हित चार गांव क्रमश: नवागांव (स), सिरनाभांठा, सेमरिया (बी) (धमधा विकासखण्ड) एवं ग्राम अकतई (पाटन विकासखण्ड) में समस्त विभाग शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष फोकस करें। कलेक्टर ने खादानों की सीमांकन की जानकारी लेते हुए सभी एसडीएम को संबंधित क्षेत्र के खादानों का सीमांकन कर विवरण सहित सूचनाफलक लगाने के निर्देश दिये। साथ ही अवैध खोदाई की घनमीटर में माप कर पैनाल्टी राशि अधिरोपित किया जाए। कलेक्टर ने भू-जल स्तर को बढ़ावा देने के लिए नये भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर देते हुए सभी नगरीय निकायों में बनाये गये वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का जियो टेंगिंग कराने और 31 मार्च के पहले सीईओ जिला पंचायत को रिपोर्टिंग करने निगम अधिकारियों को निर्देशित किया। इसी प्रकार सभी निर्माण कार्य एजेंसी विभागों को भी नवनिर्मित भवनों में बनाये गये वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का जियो टेंगिंग कराने के निर्देश दिये गये।
    बैठक में आगामी जनगणना 2027 के लिए जिले में प्रारंभिक तैयारियों पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर सिंह ने पीजी पोर्टल, मुख्यमंत्री अन्य पत्र, कलेक्टर जनदर्शन, पीजीएन (वेब एवं पोस्ट) पोर्टल, ई-समाधान और मुख्यमंत्री जनदर्शन के लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निराकृत करने अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में वनमंडलाधिकारी दीपेश कपिल, अपर कलेक्टर विरेन्द्र सिंह एवं श्रीमती योगिता देवांगन, जिला पंचायत के सीईओ बी.के. दुबे, नगर निगम भिलाई के आयुक्त राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त सुमीत अग्रवाल, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर हरवंश सिंह मिरी एवं श्रीमती शिल्ली थामस, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

      दुर्ग / शौर्यपथ / वनमंडलाधिकारी दुर्ग वनमंडल द्वारा 23 एवं 24 फरवरी 2026 को अवैध काष्ठ परिवहन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्यवाही की गई। इस दौरान अवैध लकड़ी परिवहन में संलिप्त चार वाहनों को जब्त किया गया।
    प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर वनमंडलाधिकारी दुर्ग के निर्देशन एवं उप वनमंडलाधिकारी के नेतृत्व में उडऩदस्ता दल दुर्ग वृत्त तथा परिक्षेत्र सहायक भिलाई-03 की संयुक्त टीम ने 23 एवं 24 फरवरी को प्रात: 3 बजे से 6 बजे तक विशेष रात्रि गश्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान अवैध रूप से काष्ठ परिवहन करते हुए कुल चार वाहन पकड़े गए। वाहन क्रमांक सीजी-10सी 3389 में कहुआ मिश्रित जलाऊ लकड़ी, टाटा 1109, क्रमांक सीजी-08 एल 3736 में कहुआ मिश्रित जलाऊ लकड़ी, टाटा 1109, क्रमांक सीजी-04 जेसी 9290 में कहुआ मिश्रित गोला, टाटा 1109 क्रमांक सीजी-04 एमएफ 6945 में कहुआ मिश्रित जलाऊ लकड़ी, सभी वाहन अवैध काष्ठ से लदे पाए गए, जिन्हें विधिवत जब्त कर पुलगांव एवं पाटन डिपो में जमा कराया गया। उक्त प्रकरणों में संबंधित आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 79/11 दिनांक 23.02.2026 तथा 91/3, 91/4, 91/5 दिनांक 24.02.2026 के तहत मामला दर्ज कर विधि अनुसार वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
    वनमंडलाधिकारी दुर्ग ने बताया कि वन संपदा की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध काष्ठ परिवहन एवं तस्करी के विरुद्ध सतत निगरानी, सघन गश्त एवं कठोर दंडात्मक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। विभाग इस दिशा में पूर्णत: सजग एवं प्रतिबद्ध है।

      भिलाई / शौर्यपथ / आज शांति नगर के वरिष्ठ नागरिकों ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्री बृजमोहन सिंह एवं पार्षद अभिषेक मिश्रा के नेतृत्व में नगर निगम भिलाई के महापौर एवं आयुक्त महोदय से मुलाकात कर शांति नगर दशहरा मैदान के संबंध में नागरिकों की भावनाओं से अवगत कराया।
    प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि नगर निगम द्वारा जारी किया गया टेंडर तत्काल निरस्त किया जाए। इस ग्राउंड से हजारों खेल प्रेमियों की खेल भावना जुड़ी हुई है, इसलिए इसे किसी भी प्रकार की टेंडर प्रक्रिया के अंतर्गत न लाया जाए।
    नागरिकों की ओर से यह मांग रखी गई कि मैदान को टेंडर के माध्यम से नहीं, बल्कि रुचि की अभिव्यक्ति (श्व&श्चह्म्द्गह्यह्यद्बशठ्ठ शद्घ ढ्ढठ्ठह्लद्गह्म्द्गह्यह्ल) के माध्यम से केवल रख-रखाव हेतु शांति नगर की किसी स्थानीय समिति/संस्था को सौंपा जाए, ताकि मैदान की नियमित देखरेख, घास में समय पर पानी, लाइटों की निगरानी, गड्ढों की मरम्मत एवं असामाजिक गतिविधियों पर रोक सुनिश्चित की जा सके। वर्तमान में कई बाहरी लोग टूर्नामेंट आयोजित कर एंट्री फीस लेते हैं, परंतु मैदान के रख-रखाव में सहयोग नहीं करते, जिससे मैदान को नुकसान पहुंचता है।
    प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि टेंडर प्रक्रिया समाप्त नहीं की जाती है, तो शांति नगर के सैकड़ों खेल प्रेमी एवं नागरिक नगर निगम के विरुद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे और यह विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं कर दी जाती।
    महापौर महोदय ने चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि मैदान को रुचि की अभिव्यक्ति के अनुसार ही दिया जाएगा तथा वर्तमान टेंडर प्रक्रिया में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि नियम एवं शर्तें नागरिकों के सुझावों के अनुरूप निर्धारित की जाएंगी। महापौर महोदय ने यह भी कहा कि नगर निगम का उद्देश्य भी मैदान को सुरक्षित एवं संरक्षित रखना है, इसी भावना से प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी, जिसे अब नागरिकों की मांग के अनुसार संशोधित किया जाएगा।
    यह पूरी पहल शांति नगर के नागरिकों की मांग एवं भावनाओं को ध्यान में रखते हुए की गई है।
    इस अवसर पर प्रमुख रूप से बृजमोहन सिंह,अभिषेक मिश्रा ,राजेश शर्माबलदेव सिंह धारीवाल,अमर सिंह ,राधे कांत मिश्रा ,नवतेज सोहेल,केदार बंसल,गिरीश खापर्डे,महेंद्र यादव ,संजय उपाध्याय ,सत्यनारायण,अजय त्रिपाठी,भारत सिंह,चंद्रभूषण झा,मुरलीपोद्दार ,आशीष त्रिपाठीउपस्थित थे

      भिलाई / शौर्यपथ / माहे रमजान जारी है और इन दिनों रोजेदारों की दिनचर्या भी बदल गई है। रोजा रखते हुए खास इबादत में लोग डूबे हैं। रोजाना सहरी के वक्त सुबह उठने से लेकर शाम को इफ्तार और रात में विशेष नमाज तरावीह में लोग अपनी भागीदारी दे रहे हैं। रमजान के इस खास महीने की अजमत को देखते हुए लोग इबादत के साथ-साथ दूसरी तैयारियों में भी व्यस्त हैं। मस्जिदों में नमाजियों की तादाद बढ़ गई है, वहीं अफ्तार के वक्त लोग एक साथ रोजा खोलने जुट रहे हैं।
    मस्जिद आयशा हाउसिंग बोर्ड भिलाई के इमाम व खतीब मौलाना सैय्यद फैसल अमीन कहते हैं कहा कि इसी महीने में अल्लाह ने अपने आखिरी नबी हजऱत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहिस्सलाम पर पवित्र कुरान नाजिल की और इसे तेइस साल में पूरा किया गया। इस महीने के रोजों को फज़ऱ् किया गया है। मुफ्ती मोहम्मद सोहेल काजी दारूल कजा भिलाई कहते हैं रोजा पाबंदी से रखना चाहिए क्योंकि यह हर बालिग मर्द और औरतें पर फज़ऱ् है। अगर कोई बीमार है या सफऱ में है तो उसको कुछ छूट है लेकिन बाद में उसकी भरपाई जरूर करे। जब बीमार सेहतमंद हो जाए और मुसाफिर अपने मुकाम पर पहुंच जाए। शेखुल हदीस मौलाना जकरिया रहमतुल्लाह अलैहि ने अपने रिसाले फजाईले रमजान मुबारक मे लिखा है कि खुदा की तरफ़ से अपने बंदों पर रमजान बहुत बड़ा इनाम है। इस महीने में खुद रोजा रखे ,अहकामे खुदावन्दी पूरा पूरा अदा करें। पांच वक्त की नमाज़ पढऩे के साथ तिलावत कुरान करें जो सारे इंसानियत के लिए हिदायत (सीधा रास्ता) बताने वाली है। मदरसा ताज उल उलूम रूआबांधा भिलाई के प्रिंसिपल मुहम्मद शाहिद अली मिस्बाही कहते हैं रमजान सिफऱ् रोज़ा रखने का नाम नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, सब्र की परीक्षा और इंसानियत की सेवा का महीना है। यह महीना हमें अपने रब से जुडऩे, अपने दिल को साफ़ करने और समाज के कमजोर तबकों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। रमज़ान का असली पैग़ाम सब्र है। दिन भर की भूख-प्यास इंसान को यह एहसास दिलाती है कि समाज में कितने लोग ऐसे हैं जो रोज़ाना इसी हालात से गुजरते हैं। जब इंसान खुद भूखा रहता है तो उसे गरीब और जरूरतमंद लोगों का दर्द समझ में आता है। यही एहसास उसे दूसरों की मदद के लिए प्रेरित करता है। इस महीने में जकात, सदका और फितरा देने की खास हिदायत है, ताकि समाज में आर्थिक संतुलन बना रहे और कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। रमज़ान रहमत और बरकत का महीना है। इस महीने में की गई इबादतों का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता है।

    राज्य बजट दुर्ग को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और प्रगतिशील जिले के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा- राजेन्द्र पाध्ये

       दुर्ग। भाजपा नेता राजेन्द्र पाध्ये ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बजट “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के संकल्प को साकार करने वाला, जनआकांक्षाओं को पूरा करने वाला और सर्वांगीण विकास को गति देने वाला बजट है। वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट भाषण में दुर्ग जिले के लिए अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। 

    भाजपा नेता राजेन्द्र पाध्ये ने कहा कि दुर्ग को अधोसंरचना, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और तकनीकी विकास के क्षेत्र में विशेष सौगात मिली है, जो जिले के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला साबित होगी। 

    राजेन्द्र पाध्ये ने कहा कि दुर्ग शहर के व्यस्ततम महाराजा चौक में 3 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर निर्माण का प्रावधान किया गया है। इससे शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होगी, जाम की समस्या में कमी आएगी तथा व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। दुर्ग के मोहन नगर पुलिस थाना के लिए नवीन भवन निर्माण का प्रावधान किया गया है। इससे कानून-व्यवस्था सुदृढ़ होगी, पुलिस प्रशासन को बेहतर संसाधन मिलेंगे और आम नागरिकों को अधिक सुविधाजनक वातावरण में सेवा प्राप्त होगी। दुर्ग में नए छत्तीसगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (सीजीआईटी) की स्थापना की सौगात युवाओं और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इससे आईटी एवं तकनीकी क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा दुर्ग डिजिटल एवं तकनीकी हब के रूप में उभरेगा। 

    दुर्ग को मिली सौगातो का जिक्र करते हुए भाजपा नेता राजेन्द्र पाध्ये ने आगे कहा कि डॉ. वामन वासुदेव पाटणकर कन्या महाविद्यालय, दुर्ग को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का प्रावधान महिला शिक्षा को नई ऊँचाई देगा। इससे छात्राओं को उच्च स्तरीय शैक्षणिक सुविधाएँ, शोध एवं कौशल विकास के अवसर प्राप्त होंगे। बजट में जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र दुर्ग के भवन निर्माण हेतु प्रावधान किया गया है, जिससे स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूती मिलेगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

    स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन हेतु 20 करोड़ रुपये प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है, इससे विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार और आधुनिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा तथा भिलाई तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत होगा। भिलाई में व्यावसायिक परिसर के निर्माण हेतु बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, इससे स्थानीय व्यापार, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। भिलाई में मॉडल उपपंजीयक भवन के बजटीय प्रावधान से अचल संपत्तियों के खरीददारों और विक्रेताओं को लाभ मिलेगा। 

    राजेन्द्र पाध्ये ने कहा कि कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा एवं वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन की महती भूमिका के चलते दुर्ग जिले को शानदार सौगातें मिली है। दुर्ग को मिली ये सौगातें केवल परियोजनाएँ नहीं, बल्कि विकास की नई दिशा हैं। अधोसंरचना, शिक्षा, तकनीक और सुरक्षा— चारों क्षेत्रों में संतुलित विकास की सोच इस बजट में स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट दुर्ग को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और प्रगतिशील शहर के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

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