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शिक्षा सत्र सामने स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली - कांग्रेस

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  रायपुर/ । प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपुत ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्रदेश में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण सरकारी स्कूलों में आज भी शिक्षकों की भारी कमी है.भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े विज्ञापन और घोषणाएं कर शिक्षकों की भर्ती का वादा तो किया, लेकिन आज तक भर्ती प्रक्रिया जमीन पर दिखाई नहीं दे रही है। स्कूल खुलने जा रहे हैं, लेकिन 57000 हजार पद खाली पड़े हैं। सरकार की नीयत केवल प्रचार तक सीमित है, जबकि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पूरी तरह उपेक्षित है।

प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 5000 शिक्षकों के पद इसी शिक्षा सत्र में भरने की घोषणा किया था, वही भी नहीं भरे गये।  भाजपा सरकार बताए कि आखिर शिक्षकों की भर्ती की घोषणा केवल सुर्खियां बटोरने के लिए थी या वास्तव में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए? यदि सरकार गंभीर होती तो नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले नियुक्तियां पूरी हो चुकी होतीं।भाजपा सरकार में शिक्षकों की भर्ती की घोषणा के बावजूद अभी तक स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियाँ क्यों नहीं हो पाई। शिक्षा बजट खर्च होने के बाद भी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी क्यों है ? क्या भाजपा सरकार के लिए बच्चों का भविष्य प्राथमिकता नहीं है?

प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वन्दना राजदूत ने कहा कि भाजपा सरकार “सुशासन” और “विकास” के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हजारों स्कूल बिना पर्याप्त शिक्षकों के संचालित हो रहे हैं। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक के भरोसे पूरी व्यवस्था चल रही है, वहीं अनेक विषयों के शिक्षक अब तक नियुक्त नहीं किए गए हैं। इसके अलावा नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहे हैं लेकिन निजी विद्यालयों को अभी तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। शिक्षा विभाग को बच्चों में मतभेद ना कर अच्छी शिक्षा देने पर फ़ोकस करना चाहिए। प्रदेश के अभिभावक जानना चाहते हैं कि जब स्कूल खुलने की तारीख पहले से तय थी, तो शिक्षकों की भर्ती और पदस्थापना समय पर क्यों नहीं हुई?
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