दुर्ग । शौर्यपथ । जैसे जैसे नाम वापसी और बी फार्म वितरण के दिन नजदीक आ रहे वैसे वैसे भिलाई निगम में विरोध के स्वर मुखर होते जा रहे है । चर्चा है कि रिसाली निगम में भाजपा पार्षद प्रत्याशियों के टिकिट वितरण में सांसद सरोज पाण्डेय की पसंद को महत्त्व दिया गया वही भिलाई निगम में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय की पसंद को तवज्जो दी गई । टिकिट वितरण के बाद ऐसे कई भाजपाई है जो वितरण से नाराज है और निर्दलीय मैदान में उतरने की तैयारी में है ।
ऐसा ही एक वार्ड है जहां से भाजपा के कट्टर समर्थक और भाजपा आई टी सेल में गहराई तक दखलंदाजी करने वाले एवम् प्रेम प्रकाश पाण्डेय के संरक्षा में संचालित श्री राम जन्मोत्सव समिति के मीडिया प्रभारी संदीप शर्मा की धर्म पत्नी का टिकिट काट कर एक ऐसे उम्मीदवार को टिकिट दिया गया जो ना तो वार्ड की निवासी है और ना ही वर्तमान समय में कुछ सालो से भिलाई में निवास भी नही करती । ऐसी चर्चा है कि भाजपा ने वार्ड 41 41ओधोगिक नगर छावनी दो दावेदार में .
1 रूना शर्मा जो कि पूर्व जिला कार्यकारणी सदस्य है औऱ जिनकी एक्टिविटी समाज सेवा कार्यो में देखी जाती रही है , साथ ही रूना शर्मा ध.प. संदीप शर्मा जो कि सोशल प्लेटफॉर्म के एक पहचाना चेहरा है और ये श्री रामजन्मोत्सव समिति के सोशल मीडिया प्रभारी भी है .
2. कैंडिडेट वीणा चन्द्राकर जो कि पूर्व में भी छावनी से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी है और जमानत जब्त हो चुकी थी.
वर्तमान वार्ड विभाजन के विभाजन के बाद इनका पैतृक घर वार्ड 40 में है औऱ इन्होंने वार्ड 41 से दावा किया और पार्टी ने इन पर भरोसा जताया है । गौर तलब ये है कि ये पिछले 3 साल से ये छावनी में नही रहती थी .उसके बाद भी पार्टी ने इन पर भरोसा दिखाया. टिकट वितरण के बाद श्रीमती शर्मा ने वार्ड 41 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना फॉर्म जमा कर दिया है और चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी आरंभ कर दी है। वहीं वार्ड वासियों का भी समर्थन श्रीमती शर्मा को मिल रहा है।
बता दे कि भाजपा ने ऐसे प्रत्याशी पर अपना विश्वास जता कर एक प्रकार से कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती कौशल यादव की छोली में जीत दे दी हो । वार्ड 41 की बात करे तो यहां पर 4300 के करीब मतदाता है जिसमे उत्तर भारतीय मतदाता बाहुल्य संख्या में लगभग 75% के करीब है वही स्थानीय निवासियों की संख्या लगभग 700 के करीब (20%) है ऐसे में पार्षद चुनाव जहां स्थानीय और जाति तथा क्षेत्र वाद के अनुसार जीत हार का पैमाना तैयार किया जाता है वहा टिकिट का इस तरह से वितरण एक तरह से आत्मघाती हो सकता है ।
पर कहते है राजनीति में चमत्कार होते रहते है । अब शायद ऐसे ही चमत्कार की उम्मीद भिलाई भाजपा और टिकिट वितरण करने वालो को होगी । लेकिन इन सबमें प्रेम प्रकाश पाण्डेय अपने कट्टर समर्थक को जरूर खो सकते है ।