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रायपुर में छात्रों का उबाल: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग पर अंबेडकर चौक बना आंदोलन का केंद्र Featured

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12वीं पेपर लीक, हरिका राव को न्याय और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन तेज

रायपुर, शौर्यपथ।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का अंबेडकर चौक इन दिनों छात्रों के आक्रोश का केंद्र बन गया है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं युवा संगठन राज्य की शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के विरोध में सड़क पर उतर आए हैं। आंदोलनकारी स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों ने अब राज्य सरकार से भी जवाबदेही तय करने की मांग तेज कर दी है।

प्रदर्शन स्थल पर छात्र नारेबाजी, धरना, ज्ञापन और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के माध्यम से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। कुछ आंदोलनकारियों ने खून से पत्र लिखकर भी सरकार तक अपनी पीड़ा पहुंचाने का प्रयास किया है।

आंदोलन के पीछे चार बड़े मुद्दे

1. 12वीं बोर्ड हिंदी पेपर लीक पर छात्रों में आक्रोश

आंदोलनकारियों का कहना है कि हाल ही में 12वीं बोर्ड परीक्षा का हिंदी विषय का प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका आरोप है कि यह शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता है, जिसकी नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए।

2. शिक्षा मंत्री के बयान पर बढ़ा विवाद

छात्रों का कहना है कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का विरोध करते हुए कहा था कि विभागीय त्रुटि के लिए सीधे मंत्री को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। आंदोलनकारी इसी बयान को आधार बनाकर सवाल उठा रहे हैं कि यदि जवाबदेही की बात की जा रही है, तो राज्य में हुई घटनाओं पर भी समान मापदंड अपनाया जाना चाहिए।

3. हरिका राव प्रकरण पर न्याय की मांग

नीट (Re-NEET) विवाद के बाद जगदलपुर की छात्रा हरिका राव नाडु द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना को लेकर भी छात्रों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि पीड़ित परिवार को अब तक पर्याप्त सरकारी सहायता एवं न्याय नहीं मिला है।

4. जर्जर स्कूल और शिक्षकों की कमी

आंदोलनकारी छात्रों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रदेश के कई शासकीय एवं स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है। अनेक स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

छात्रों की तीन प्रमुख मांगें

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें।

पेपर लीक और परीक्षा में धांधली रोकने के लिए सख्त एवं प्रभावी कानून बनाया जाए तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो।

छात्रा हरिका राव के परिवार को उचित मुआवजा, सरकारी सहायता एवं न्याय प्रदान किया जाए।

आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार

रायपुर के अंबेडकर चौक पर चल रहे इस आंदोलन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को पूरे छत्तीसगढ़ में जिला स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।

शौर्यपथ विशेष

शिक्षा किसी भी राज्य के भविष्य की नींव होती है। प्रश्नपत्र लीक, शिक्षकों की कमी और विद्यार्थियों से जुड़े संवेदनशील मामलों पर उठ रहे सवालों के बीच सरकार, शिक्षा विभाग और संबंधित एजेंसियों के लिए पारदर्शी जांच एवं समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है। वहीं आंदोलनकारियों की मांगों और सरकार के पक्ष—दोनों पर लोकतांत्रिक संवाद एवं विधिसम्मत प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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