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मुख्यमंत्री ने दी गुरूदक्षिणा के रूप में कृषि महाविद्यालय

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कृषि कालेज का एक साल हुआ पूरा, पहले बैच ने पूरी की पहले साल की पढ़ाई
साल भर की गई कड़ी मेहनत से निखरने लगा भूमि अनुदेशक प्रक्षेत्र का रूप
इस बार शतप्रतिशत रिजल्ट, अब 48 छात्रों को मिलेगा प्रवेश

दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के पहले सरकारी कृषि कालेज की सौगात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले साल इसी दिन दी थी। पाटन की समृद्ध धरा में प्रगतिशील किसानों की नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने, कृषि के क्षेत्र में हुनरमंद युवाओं को अवसर देने मुख्यमंत्री ने मर्रा में महाविद्यालय आरंभ करने का निर्णय लिया था। एक साल के भीतर महाविद्यालय की छोटी सी टीम ने इसका स्वरूप निखारने में कड़ी मेहनत की है। राज्य शासन ने यहां आधुनिक कृषि महाविद्यालय के लिए 87 एकड़ भूमि हस्तांतरित की। इसमें 72 एकड़ में भूमि अनुदेशक प्रक्षेत्र बनाने का निर्णय लिया गया। कृषि की पढ़ाई कमरों से अधिक फील्ड में होती है। इसके लिए फील्ड के आकार का चयन, फिर इसे तकनीकी जरूरतों के अनुरूप विकसित करने का जतन इस साल भर में हुआ। प्रोफेसर छात्रों के साथ अध्यापन कक्षों में रहे, फिर मर्रा के किसानों की भूमि में उन्हें ले गए। यहां उन्होंने फील्ड में पढ़ाई कराई। फिर बचे समय में वे भूमि अनुदेशक प्रक्षेत्र में आए, जिसे विकसित करना था। यहां मनरेगा मजदूरों के माध्यम से प्रक्षेत्र विकसित कराया गया। साढ़े सात सौ मजदूरों को जो मर्रा, आमालोरी और गुढिय़ारी के थे, उन्हें लाकडाउन के दौरान भी रोजगार मिला। महाविद्यालय के बुनियाद खड़ी करने में डीन डॉ. अजय वर्मा का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी टीम के साथ अनुदेशक प्रक्षेत्र में साल भर कड़ी मेहनत की। प्रोफेसर धूप में पूरा दिन खड़े रहकर काम का निरीक्षण करते रहे और अनुदेशक क्षेत्र की जमीन निखरती रही। जब कृषि महाविद्यालय बनता है तो अकादमिक आयोजन भी होते हैं जिसमें विशेषज्ञ हिस्सा लेते हैं। डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि यहां राज्य स्तरीय कृषि मेले का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 500 किसानों ने हिस्सेदारी की। इसके संचालन और रखरखाव में भी रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं। इसके लिए राज्य शासन ने 29 लाख रुपए महाविद्यालय को प्रदान किये। मशरूम उत्पादन के लिए 35 लाख रुपए प्रदान किये। भारत रत्न संत विनोबा भावे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, मर्रा की स्थापना कर मुख्यमंत्री ने बड़ी पहल की है। इस साल यहाँ 48 छात्रों को एडमिशन मिल सकेगा। मुख्यमंत्री के मर्रा में शिक्षक रहे श्री हीरा सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यहां पढ़ाई की, अब यहां उन्होंने कृषि के लिए महाविद्यालय शुरू कर दिया। यह उनकी गुरु दक्षिणा है।

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शौर्यपथ