Print this page

नेशनल फेमली हेल्थ सर्वे का रिपोर्ट छत्तीसगढ़ की महिलाओं का अपमान...

  • doing of business


रायपुर/ शौर्यपथ /

नेशनल फेमली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में किये गये दावे कि छत्तीसगढ़ की महिलायें शराब पीने में देश में तीसरे नंबर पर है को कांग्रेस ने खारिज किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह रिपोर्ट भ्रामक और अविश्वसनीय है। इस तथाकथित रिपोर्ट के माध्यम से केंद्र की भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति का अपमान किया है। भाजपा इस अपमानजनक रिपोर्ट के लिये छत्तीसगढ़ की महिलाओं से माफी मांगे। कांग्रेस पार्टी जानना चाहती है इस रिपोर्ट के दावों का आधार क्या है? केंद्र सरकार ने यह सर्वे कब करवाया? सर्वे प्रदेश के किन क्षेत्रों में करवाया गया था? राज्य के कितनी महिलाओं की जीवन शैली पर अध्ययन कर यह रिपोर्ट बनाई गयी है? यह भी खुलासा किया जाये कि बस्तर, सरगुजा और मैदानी क्षेत्रों में अलग-अलग जगत कुल कितनी महिलाओं पर अध्ययन किया गया?

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि शराब के विरोध में सबसे मुखर छत्तीसगढ़ की महिलायें है। हम सब भी छत्तीसगढ़ में रहते है। हमने तो कभी राज्य में महिलाओं को खुलेआम शराब पीते हुये नहीं देखा। कुछ एक अपवाद हो सकते है जिनकी संख्या नगण्य है। केंद्र के इन सर्वे करने वालों को छत्तीसगढ़ में शराब पीती महिलायें कहां से दिख गयी? जो इनको तीन साल के भीतर राज्य की महिलायें शराब पीने में तीसरे नंबर पर आ गयी है। छत्तीसगढ़ का आम आदमी आज भी जब राज्य के बाहर महानगरों में जाता है वहां पर 5 सितारा संस्कृति में महिलाओं को शराब आदि पीते देख लिया तो आम छत्तीसगढिय़ा के लिये यह कौतुहल का विषय है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस मानसिक रूप से महिला विरोधी है। आरएसएस में वर्षो तक महिलाओं को शामिल नहीं किया जाता था भाजपा की केंद्र सरकार अब छत्तीसगढ़ की महिलाओं को अपमानित करने के लिये उन्हें शराबी घोषित करवा रही है। इस रिपोर्ट से शंका उत्पन्न हो रही है कि छत्तीसगढ़ की छवि खराब करने की यह भाजपाई और संघी चाल हो सकती है। जिस प्रकार से देशभर में छत्तीसगढ़ मॉडल की तारीफ हो रही है उससे भाजपा परेशान है। भाजपाई राज्य की छवि खराब करने के लिये राज्य की महिलाओं तक पर आरोप लगाने लगे है।

Rate this item
(0 votes)
PANKAJ CHANDRAKAR

Latest from PANKAJ CHANDRAKAR