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दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में विशेष सुविधा हेतु राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम

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रायपुर /शौर्यपथ/

समग्र शिक्षा के अंर्तगत भारत शासन की महत्वाकांक्षी योजना समावेशी शिक्षा संचालित हुए जिसमें दिव्यांग बच्चों को बाधारहित वातावरण तैयार कर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने हेतु प्रयास किया जाता है। सत्र 2021-22 में बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकताओं के आधार पर परीक्षा में समुचित व्यवस्था प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह वर्चुअल आयोजन छत्तीसगढ माध्यमिक शिक्षा मण्डल और समग्र शिक्षा द्वारा संयुक्त से किया गया।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सत्र 2021-22 में सामान्य विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 10वीं में 1497 एवं कक्षा 12वीं में 631 कुल 2128 विशेष आवश्यकता वाले बच्चें बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होगें। छत्तीसगढ़ माध्यमिक मंडल रायपुर के सचिव प्रो. व्ही.के. गोयल द्वारा वर्चुअल कार्यक्रम में समस्त जिलो  के सम्मिलित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये हितग्राही बच्चों को अनिवार्यतः लाभान्वित करने हेतु निर्देशित किया गया। बताया गया कि दिव्यांग विद्यार्थियों को छूट एवं सुविधा प्राप्त करने के लिए आवेदन की तिथि में 21 फरवरी 2022 तक तिथि में वृद्धि की गई, पूर्व में यह तिथि 15 फरवरी थी। मण्डल के उपसचिव  जे.के. अग्रवाल ने कहा कि दिव्यांग विद्यार्थी पढ़ाई की मुख्यधारा से नहीं जुड़ पायें है, जबकि इनमें प्रतिभा होती है, इनके प्रतिभा को उभारने के लिए शतप्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए बेबीनार का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक समावेशी शिक्षा सीमा गौरहा के द्वारा किया गया। प्रतिभागियों को यह अवगत कराया गया कि दिव्यांग बच्चों को परीक्षा में प्राप्त होने वाली छूट एवं सुविधा का लाभ सभी कक्षाओं के दिव्यांग बच्चों को यथासंभव दिया जाए। सहायक प्राध्यापक श्री प्रदीप साहू द्वारा परीक्षा में सम्मिलित होने वाले दिव्यांग बच्चों को दी जाने वाली समस्त छूट एवं सुविधाओं का प्रस्तुतीकरण पीपीटी के माध्यम से किया गया।

वर्चुअल उन्मुखीकरण कार्यक्रम में समग्र शिक्षा के संयुक्त संचालक समग्र शिक्षा संजीव श्रीवास्तव, विशेष शिक्षा सलाहकार सत्य राज अय्यर, श्यामा तिवारी एवं समस्त जिलों के प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक, शिक्षक, संकुल समन्वयक, दिव्यांग बच्चों के पालक-अभिभावक एवं बच्चे सम्मिलित हुए। प्रस्तुतीकरण के पश्चात् प्रतिभागियों के लिए प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों के दिव्यांग छा़त्रों की गतिविधियों को विडियों के माध्यम से रूबरू कराया गया। कार्यक्रम का यू.ट्यूब लिंक में प्रसारण किया गया।

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