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12 से 15 लाख नये रोजगार के अवसरों के सृजन के लिए छत्तीसगढ़ में गठित होगा 'रोजगार मिशन'

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मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल होंगे मिशन के अध्यक्ष, पांच वर्षों के लिए तैयार हो रही कार्ययोजना

आईआईटी, ट्रिपल आईटी, आईआईएम, एनआईटी जैसे संस्थानों की विशेषज्ञता का मिलेगा लाभ

गोधन न्याय मिशन, टी-कॉफी बोर्ड, मछली पालन, लाख उत्पादन, रूरल इंडस्ट्रियल पार्क, मिलेट मिशन, वृक्षारोपण जैसी रोजगार मूलक गतिविधियों के बीच होगा समन्वय

रायपुर /शौर्यपथ/

छत्तीसगढ़ में आगामी पांच वर्षों में 12 से 15 लाख नये रोजगार के अवसरों का सृजन करने के लिए राज्य शासन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता वाले छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन के गठन का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव  अमिताभ जैन इसके उपाध्यक्ष तथा प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी होंगे। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी इसके सदस्य होंगे।

राज्य में विगत 3 वर्षों में सभी जिलों में रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनेक अभिनव कार्यक्रम आरंभ किये गये हैं, जिनसे बड़ी संख्या में रोजगार के स्थाई अवसरों का सृजन हुआ है तथा लोगों की आय एवं जीवन स्तर में सुधार हुआ है। छत्तीसगढ़ हर्बल्स की पहल के साथ ही गोधन न्याय मिशन, टी-कॉफी बोर्ड, मछलीपालन एवं लाख उत्पादन को कृषि का दर्जा देने, रूरल इंडस्ट्रियल पार्क, मिलेट मिशन तथा वाणिज्यिक वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में रोजगार के नये अवसरों के सृजन की असीमित संभावनायें है।

मिशन के माध्यम से नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों के साथ उक्त नवीन कार्यक्रमों का समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही राज्य में स्थित आईआईटी., ट्रिपल आई.टी. आई.आई.एम.,एन.आई.टी. जैसे अन्य संस्थानों की विशेषज्ञता का रोजगार के नये अवसरों के सृजन में लाभ लिया जाएगा।

मिशन के अन्य सदस्य संचालक उद्योग, संचालक तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण, संचालक मत्स्य पालन, प्रबंध संचालक ग्रामोद्योग, हस्त शिल्प विकास बोर्ड, खादी बोर्ड, प्रबंध संचालक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोधन न्याय मिशन होंगे। मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आलोक शुक्ला को राज्य शासन ने एक माह के भीतर मिशन के संबंध में कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है।

 

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