भिलाई: शिक्षा ही समाज की तरक्की की चाबी है, और जब किसी जरूरतमंद बच्चे के सपनों को संसाधनों की कमी से टूटने का डर सताता है, तो समाज के जागरूक संगठनों का आगे आना एक नई उम्मीद जगाता है। ऐसा ही एक प्रेरक उदाहरण भिलाई में सर्व समाज कल्याण समिति द्वारा पेश किया गया है, जिसने सेक्टर-7 की बेटी ईशा साहू की संपूर्ण शिक्षा का बीड़ा उठाया है।
इस ऐतिहासिक निर्णय की घोषणा समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू ने की, जिन्होंने स्पष्ट किया कि समाज के हर जरूरतमंद बच्चे को शिक्षा से जोड़ना ही समिति का परम ध्येय है।
भिलाई टाइम्स की खबर बनी उम्मीद की किरण
इस नेक पहल की शुरुआत तब हुई जब 'भिलाई टाइम्स' में प्रकाशित एक समाचार के माध्यम से ईशा साहू की संघर्षपूर्ण स्थिति और उनकी पढ़ाई में आ रही बाधाओं की जानकारी सामने आई। अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू के निर्देश पर समिति की टीम ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और ईशा के परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति का विस्तृत सर्वे किया।
निर्णय: ईशा की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी समिति की
सर्वे रिपोर्ट और परिवार की वास्तविक स्थिति को समझने के बाद, सर्व समाज कल्याण समिति ने एक बड़ा और प्रशंसनीय निर्णय लिया। समिति के पदाधिकारियों ने आज ईशा के परिवार से मुलाकात की और उन्हें यह सुखद संदेश दिया कि "अब ईशा की आगे की संपूर्ण शिक्षा की जिम्मेदारी सर्व समाज कल्याण समिति भिलाई द्वारा उठाई जाएगी।"
इस जिम्मेदारी के अंतर्गत ईशा को किसी भी मोड़ पर पढ़ाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। समिति द्वारा ईशा को निम्नलिखित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी:
स्कूल की पूरी पढ़ाई का खर्च।
स्कूल ड्रेस।
कॉपी-किताबें।
शिक्षा से संबंधित अन्य सभी आवश्यक सामग्री।
अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू का विजन
इस नेक पहल पर अपना वक्तव्य देते हुए सर्व समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू ने कहा:
"हमारा प्रयास समाज के हर उस जरूरतमंद बच्चे को शिक्षा से जोड़ना है, जो किसी भी कारण से पीछे रह रहा है। ईशा साहू की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाकर हम न केवल उसके सपनों को सच करने में मदद कर रहे हैं, बल्कि उसके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत नींव भी रख रहे हैं। सर्व समाज कल्याण समिति समाज के प्रति अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।"
यह पहल भिलाई में एक सकारात्मक संदेश दे रही है कि यदि समाज और उसके संगठन एकजुट हों, तो कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।