दुर्ग / शौर्यपथ / जनप्रतिनिधि वह होता है जो जनता की आवाज बने और जनता के मुलभुत सुविधाओ के लिए प्रशासन के बिच एक सेतु का कार्य करे किन्तु दुर्ग निगम में एक पार्षद ऐसे भी है जो जनप्रतिनिधि तो है किन्तु साथ ही अवैध कालोनी के निर्माण में भी सलग्न है . शायद इसका फायदा यह मिल जाता है कि भवन बनाते समय ऐसे पार्षद को भवन अनुज्ञा लेने की जरुरत ना पड़े और अगर पार्षद शहर के कद्दावर नेत्री का समर्थक हो तो क्या कहने . दुर्ग निगम का भी कुछ ऐसा ही हाल है दुर्ग निगम के बस्ती क्षेत्र के एक पार्षद ऐसे भी है जो निगम में पार्षद की भूमिका तो निभा रहे साथ ही अवैध कालोनी के निर्माण में भी अहम् भूमिका निभा रहे क्योकि जाँच और कार्यवाही तो आम जनता के अवैधानिक कार्य करने पर ही निगम प्रशासन करती है किन्तु अगर अवैध कार्य में संलिप्तता अगर पार्षद की हो तो फिर निगम प्रशासन कैसे कार्यवाही करे . क्या दुर्ग की जनता को ऐसे प्रतिनिधि का चुनाव करना चाहिए जो जनप्रतिनिधि होने की आड़ में अपने अवैधानिक कार्यो को अंजाम दे शौर्यपथ समाचार एक ऐसे पार्षद के नाम का जल्द खुलासा करेगी जो शहर के पाश इलाके आदर्श नगर क्षेत्र में अवैध कालोनी/अवैध प्लाटिंग के निर्माण में सलग्न है और जनप्रतिनिधि के रूप में निगम में कार्यरत है .