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दुर्ग राजीव मितान भ्रष्टाचार .02: कांग्रेसी पार्षद के भरोसे को भी तोड़ा विधायक पुत्र ने ..... Featured

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दुर्ग। शौर्यपथ। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश में कुछ ऐसी योजना लाई गई जिससे युवाओं में समाज से जुड़े रहने का एक कारण बने जी हां राजीव युवा मितान योजना के तहत युवाओं को समाज के साथ जुड़े रहने एवं सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रुचि के लिए प्रदेश सरकार ने वार्ड वाइज ग्राम वाइज राजीव युवा मितान क्लब का गठन कर प्रतिवर्ष चार किस्तों में ₹100000 की राशि की योजना के तहत युवा मितान क्लब के सदस्यों को एक अच्छा सुनहरा अवसर प्रदान किया किंतु दुर्ग कांग्रेस विधायक अरुण वोरा के द्वारा नियुक्त राजीव युवा मितान क्लब के संयोजक विवेक मिश्रा के कई ऐसे फैसले सामने आ रहे हैं जिसके कारण दुर्ग शहर में राजीव युवा मितान क्लब में लगातार अनियमित सामने आ रही है हमने पिछले समाचार में वार्ड नंबर 15 के बारे में हुई अनियमितता की जानकारी आप सम्मानित पाठकों तक पहुंचाई अब एक ऐसा ही मामला सामने आ रहा है जिसमें पोटिया वार्ड से राजीव और मितान क्लब के अध्यक्ष से चर्चा के दौरान यह पता चला कि उनके द्वारा वार्ड में पार्षद के कहने पर क्लब का गठन विधायक बंगले के दिशा निर्देश पर संयोजक विवेक मिश्रा एवं विधायक पुत्र के भरोसे किया गया किंतु आश्चर्य की बात यह है कि उनके बिना जानकारी के उनके पास जब राजीव युवा मितान क्लब के 1 लाख रुपए की निकासी का मैसेज आया तो वह आश्चर्यचकित हो गए क्योंकि उनके द्वारा निकासी की कोई प्रक्रिया नही की गई थी । क्लब के अध्यक्ष से जब हमने बात की तो उन्होंने हमें यह जानकारी दी कि उन्होंने किसी भी प्रकार की राशि की निकासी में किसी भी प्रकार की भागीदारी नहीं थी उन्हें तो मैसेज देखकर पता चला कि उनके खाते से राजीव युवा मितान क्लब के खाते से₹100000 निकल चुके हैं इस बारे में जब हमने वार्ड के पार्षद से चर्चा की तो वार्ड पार्षद का यह कहना था कि मैंने विधायक पुत्र एवं विवेक मिश्रा के कहने पर अपने वार्ड से तीन सक्रिय लड़कों को क्लब में जु ड़ने का आग्रह किया था इसके बाद हमारे वार्ड के लड़के विधायक बंगले जाकर क्लब में जुड़े उसके बाद पैसे की निकासी और कब जमा हुए इसकी जानकारी मुझे नहीं वही अध्यक्ष ने भी मुझे इस बात से अवगत कराया थी उनके बिना जानकारी के उनके क्लब से ₹100000 निकासी हो गए इस बारे में मैं विधायक बंगले जाकर विधायक जी से चर्चा कर वस्तु स्थिति के बारे में जानकारी लूंगा।

  दुर्ग शहर में राजीव का मितान क्लब को बने हुए साल भर हो गए और इन साल भर में जैसा की एक साथ राशि एक लाख रुपए निकालने का मैसेज उक्त अध्यक्ष के पास आया उसे यह तो स्पष्ट हो गया कि साल भर के चार किस्ते अलग-अलग समय में अध्यक्ष के खाते में पहुंच गई किंतु साल भर में किसी भी प्रकार की गतिविधियां क्लब के द्वारा आधिकारिक तौर पर ना होना भी यह दर्शाता है कि कहीं ना कहीं चुनाव के पहले बिना अध्यक्ष की जानकारी के इतनी बड़ी राशि का निकलना किसी न किसी भ्रष्टाचार की ओर साफ इशारा कर रहा है क्योंकि अध्यक्ष के कथन अनुसार अनुसार क्लब के चेक बुक को विधायक कार्यालय में संयोजक विवेक मिश्रा एवं विधायक पुत्र के द्वारा जमा कर लिया गया था बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर किस नियम के तहत क्लब के सदस्यों अध्यक्षों से संयोजक द्वारा चेक बुक ले लिया गया और इसमें विधायक पुत्र की क्या सहभागिता है वही बड़ी बात यह सामने आ रही है कि दुर्ग शहर में लगातार राजीव मितान क्लब की अनियमितता के बावजूद विधायक अरुण वोरा द आखिर क्यों मौन है

    बता दें कि विधायक अरुण वोरा के द्वारा ही विवेक मिश्रा को संयोजक नियुक्त किया गया जबकि आधिकारिक रूप से संयोजक में सुशील भारद्वाज कांग्रेसी नेता का नाम है वही बाजार में ऐसी भी चर्चा है कि विवेक मिश्रा एवं विधायक पुत्र गहरे मित्र हैं जिसके कारण राजनीतिक हलक में यह भी चर्चा का विषय है कि क्या पुत्र मोह के चलते विधायक अरुण वोरा भ्रष्टाचार के लगातार लग रहे आरोपों के बावजूद भी मौन है । क्या शहर विधायक अरुण वोरा जो शहर को अपना परिवार बताते है अपने पुत्र मोह में शासन के पैसे की गड़बड़ी पर भी अपने परिवार के साथ खड़े है क्या शहर ऐसे जनप्रतिनिधि पर भरोसा करेगी जो शासन की योजना में अनियमितता के बावजूद मौन है ....

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