Print this page

लाईन अटैच हुए एएसआई ने सुविधा लाज में फांसी लगाकर किया आत्महत्या मृतक फारूख शेख पिछले कई दिनों से नही जा रहा था घर

  • doing of business

दुर्ग / शौर्यपथ / छावनी थाने में पदस्थ एएसआई फारूख शेख जो पिछले कई दिनों से लाईन अटैच थे वे आज सुबह पॉवर हाउस के सुविधा लाज के जिस कमरे में ठहरा हुआ था उसी कमरे में लगे पंखे के हुक में गमछा के सहारे फांसी लगा कर आत्महत्या कर लिया। ज्ञातव्य हो कि मदर्स डे के दिन इस एसआईआई ने बाईक सवार चार लडकों को अपनी कार से ठोकर मार दिये थे, जिसके कारण इन्हें लाईन अटैच कर दिया गया था। एएसआई फारूख के आत्महत्या का प्रमुख कारण नही पता चल पाया है, हालांकि मिली जानकारी के अनुसार आत्महत्या के कई कारण है, एक तो पारिवारिक कलह, दूसरा लाईन अटैच भी कारण है।

जानकारी के मुताबिक बीती 8 मई की रात 9 बजे न्यू पुलिस लाइन दुर्ग में एक तेज रफ्तार कार ने दो बाइक में सवार चार युवकों को अपनी चपेट में ले लिया था। इस सड़क दुर्घटना में उत्कल नगर निवासी आकाश तांडी 24 वर्ष की मौत हो गई। वह अपनी मां के लिए मदर्स डे और पत्नी के लिए बर्थ डे केक लेकर दोस्तों के साथ घर लौट रहा था। इस हादसे में आकाश के तीन दोस्त बबलू नाग, दिनेश महानंद और रमेश लोहा बुरी तरह घायल हो गए। घायलों के बयान पर पाया गया कि जिस कार ने उन्हें टक्कर मारी थी वह एएसआई फारूक शेख की थी। वह बिना घायलों को बचाए उन्हें मरता छोड़ वहां से भाग गया था। जांच में नाम आने पर एसपी ने उसे लाइन अटैच किया था, जिससे भी वह काफी परेशान था। इसके कारण एवं पारिवारिक कलह के कारण फारूख शेख तीन चार दिन से घर नही जा रहे थे और पॉवर हाउस के सुविधा लाज में ठहरे हुए थे और शनिवार को सुबह फांसी के फंदे पर झूल गये।

एएसपी सिटी संजय ध्रुव के अनुसार एएसआई फारूक शेख छावनी थाने में पदस्थ था। वह दुर्ग पुलिस लाइन में अपने परिवार के साथ रहता था। फारूक कुछ दिन से मानसिक रूप से काफी परेशान रहता था। वह अक्सर सुविधा लॉज में रुकता था और घर भी नहीं जाता था। वह पिछले तीन चार दिनों से सुविधा लाज में ही रह रहा था।

सुबह छावनी पुलिस को सूचना मिली की उसने लॉज के कमरे में गमछे के सहारे पंखे के हुक से फांसी लगा ली है। पुलिस मौके पर पहुंची पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पीएम के लिए भेज दिया है। जांच के दौरान घटना स्थल से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Rate this item
(0 votes)
PANKAJ CHANDRAKAR

Latest from PANKAJ CHANDRAKAR