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मेडिकल कॉलेज से हटाए गए परेशान कर्मचारी मिले देवेन्द्र यादव से

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दुर्ग / शौर्यपथ /  चंदूलाल चंद्राकार मेमोरियल मेडिकल कॉलेज का शासन द्वारा अधिग्रहण करने के बाद यहां के कर्मचारी  निकाले जाने से बेरोगजगार हो गये है। ये कर्मचारी काम पर रखने के लिए लगातार आंदोलरत है। इनकी कोई सुनवाई नही होने पर वे शनिवार को भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव से उनके सेक्टर 5 निवास स्थान
पहुंचकर मुलाकात की और उन्होंने विधायक को बताया मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण होने के बाद से वह लोग बेरोजगार हो गए हैं। उनके सामने रोजगार का संकट है। विधायक देवेंद्र ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे जल्द से जल्द मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्या उनके सामने रखेंगे।
सीएम मेडिकल कॉलेज का सरकारी अधिग्रहण के बाद निकाले गए महिला एवं पुरुष आंदोलनरत कर्मचारी शनिवार सुबह 6 बजे सेक्टर 5 स्थित विधायक देवेंद्र यादव के आवास पहुंचे थे।  उन्होंने बताया कि अपनी नौकरी बचाने को लेकर वह लोग पिछले 7 महीने से आंदोलन कर रहे हैं। विधायक देवेंद्र यादव ने सभी लोगों की समस्या सुनने के बाद यथाशीघ्र या संभवत: 30 अप्रैल को सीएम भूपेश बघेल से मुलाकात कर उनकी मांग रखने की बात कही। कर्मचारियों ने बताया कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक रहा है और कानून व्यवस्था का वे सम्मान करते हैं। इसके बाद भी पुलिस प्रशासन उनके पीछे ऐसा लगा है जैसे क्रिमिनल के पीछे लगा रहता है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने एक बाइक रैली निकालने की कोशिश थी, लेकिन भारी संख्या में पुलिस प्रशासन ने उन्हें पंडाल पर ही रोक दिया। इसके विरोध में कर्मचारियों को सड़क पर चिलचिलाती धूप में बैठना और लेटना पड़ा। विधायक से मिलने आने वाले कर्मचारियों में धनुष कुमार साहू, देवराज साहू, अनीता साहू, सुमित परधनिया, श्याम सुंदर, कला दास देहरिया, शीला साहू, रुपेश दुलीचंद, लीला देवांगन, ललित पटनायक हुबलाल साहू, महेंद्र पटेल, विकास शर्मा, मोहिनी यादव, और लोकेश्वरी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
ज्ञातव्य हो कि 2013 से कार्यरत लगभग 100 की संख्या में कर्मचारी अपने संविलियन की मांग को लेकर पिछले 7 महीने से सीएम मेडिकल कॉलेज के बगल में पंडाल बना कर आंदोलनरत हैं। इनकी मांग है कि यह लोग काफी लंबे समय से कॉलेज में कार्यरत हैं, इसिलए मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण के साथ ही उन्हें भी शासकीय सेवक के रूप में लिया जाए, लेकिन राज्य शासन ऐसा करने से मना कर दिया  है।

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शौर्यपथ

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