Print this page

शासन के 3 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राजेंद्र पार्क में लगाई गई प्रदर्शनी

  • doing of business

बड़ी संख्या में लोगों ने देखा, गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने किया शुभारंभ

दुर्ग /शौर्यपथ/

शासन के 3 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राजेंद्र पार्क में लगाई गई प्रदर्शनी

शासन के 3 वर्ष पूरे होने के मौके पर जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा दुर्ग के राजेंद्र पार्क मं प्रदर्शनी लगाई गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि गृह मंत्री  ताम्रध्वज साहू ने इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस मौके पर अपने संबोधन में  साहू ने कहा कि शासन ने 3 वर्षों में अनेक उपलब्धियां हासिल की है, हमने जो वायदे किए थे, उनमें से अधिकांश वायदे पूरे किए। चाहे कर्ज माफी का निर्णय हो या किसानों के फसल का उचित मूल्य देने का निर्णय हो अथवा अधोसंरचना की बेहतरी का मसला हो, हर क्षेत्र में शासन ने जन सरोकार को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। गोधन न्याय योजना एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने का कार्य किया गया है। इस मौके पर विधायक  अरुण वोरा एवं महापौर  धीरज बाकलीवाल ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अपने संबोधन में  वोरा ने कहा कि जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में शासन की महत्वपूर्ण उपलब्धियां शामिल की गई हैं। इन सालों में अनेक कार्य हुए हैं, जिनमें चुनिंदा की झलक यहां पर दिखाई गई है। प्रदर्शनी निश्चित रूप से लोगों के लिए उपयोगी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के साथ ही लोगों को प्रचार सामग्री भी वितरित की जा रही है। शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। यह निश्चित रूप से लोगों की जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगी। महापौर  धीरज बाकलीवाल ने कहा कि प्रदर्शनी निश्चित रूप से लोगों के लिए उपयोगी होगी। इसके माध्यम से अधिकाधिक लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। लोगों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बहुत अच्छे कार्य किए गए हैं, जिसे बहुत सुंदर तरीके से दिखाया गया है। इस मौके पर पूर्व महापौर  आरएन वर्मा ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस मौके पर अपर कलेक्टर  पद्मिनी भोई, एसडीएम  विनय पोयाम,  सौरभ शर्मा जनसंपर्क अधिकारी,  आर नटेश,  प्रदीप सिंह कंवर,  हेमलाल प्रभाकर एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

:

Rate this item
(0 votes)
PANKAJ CHANDRAKAR

Latest from PANKAJ CHANDRAKAR