By - नरेश देवांगन
जगदलपुर, शौर्यपथ। ग्राम पंचायत बनियागांव क्षेत्र में भसखंली नदी से कथित अवैध रेत उत्खनन और बड़े पैमाने पर डंपिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ प्रभावशाली तत्वों द्वारा नदी से रेत निकालकर बनियागांव में भारी मात्रा में डंप किया गया है। आरोप है कि यह पूरा खेल जिम्मेदारों के नाक के नीचे संचालित हो रहा है, लेकिन कार्रवाई लगभग शून्य नजर आ रही है।
अवैध रेत डंपिंग पर रोक लगाने एवं कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पूर्व में जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत भी सौंपी थी, जिसमें कथित अवैध उत्खनन और भंडारण का उल्लेख है। बावजूद इसके, अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आने से प्रशासनिक निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे जरूर, लेकिन कार्रवाई सीमित और औपचारिक रही। जिससे कथित रूप से जुड़े लोगों के हौसले और बढ़े हैं और अवैध डंपिंग का सिलसिला जारी है।
यदि आरोपों में तथ्य पाए जाते हैं, तो इस तरह की गतिविधियों से शासन को रेत रॉयल्टी के रूप में भारी राजस्व नुकसान होने की आशंका है। साथ ही, अनियंत्रित उत्खनन से पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आ रही है कि उक्त रेत का उपयोग औद्योगिक कार्यों एवं खुले बाजार में किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर “भारती” नामक व्यक्ति का नाम भी चर्चाओं में है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के घेरे में व्यवस्था
शिकायत के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है। यह प्रशासनिक शिथिलता है या अन्य कारण—यह निष्पक्ष जांच का विषय है। परिस्थितियों को देखते हुए यह संदेह भी जताया जा रहा है कि कहीं न कहीं उदासीनता इस पूरे प्रकरण को बढ़ावा तो नहीं दे रही।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने लाने तथा दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि अवैध रेत डंपिंग के इस खेल पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।