कोण्डागांव/ शौर्यपथ /
यदि आप सिनेमा देखने के शौकिन है तो जरा संभलकर क्योकि हमारे सिनेमा घरों में आगजनी जैसी घटना घटित होने पर इससे बचाव के लिए कोई खास इंतजाम नहीं है। दराअसल यह खुलासा शनिवार को अग्निशान अधिकारी व नगरसेना की टीम के निरीक्षण के दौरान सामने आया है। (आप को बतादे की कुछ दिन पूर्व में ही शौर्यपथ समाचार द्वारा एमआरपी से ज्यादा बिक रहे पानी बोतल पर खबर प्रकाशित किया था जिसके बाद अब एकाएक खबरें सिनेमाघरों की सामने आ रही है )
इस टीम ने नगर के एक दजर्न से ज्यादा दुकानों व संस्थाओं में पहुंचकर फायर सेफ्टी के संबंध में जानकारी ली। जिसमें कई ऐसे संस्थान थे जहॉ संचालकों के द्वारा किसी प्रकार की भी कोई सुविधा नहीं रखी गई थी। जिसे लेकर जिला अग्निशामन अधिकारी व टीम के द्वारा फिलहॉल ऐसे संचालकों को समझाईश दी गई है। यदि इसके बाद भी व्यवस्था नहीं की जाती है तो ऐसे संस्थाओं पर धारा 33 के तहत कायर्वाही की जाएगी। जानकारी के मुताबिक फिलहॉल कुछ ही संस्थाओं तक टीम पहुच पाई है, लेकिन आने दिनों में अब कपड़ा व्ययापारी, होटलो, किराना समानों की खरीदी बिक्री करने वाले सहित अन्य संस्थाओं में पहुंच टीम निरीक्षण करेगी। ज्ञात हो कि, हमें किसी भी तरह की आगजनी जैसी घटना से निपटने के लिए अपने संस्थानों में पूरी सुरक्षा की व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे कि, इस अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।
नहीं है फायर सेफ्टी का एनओसी-
जानकारी के मुताबिक राज्य में वर्ष 2018 से फायर सेफ्टी एक्ट लागू हैं तो है, लेकिन अबतक यहॉ किसी ने इसका एनओसी ही नहीं लिया है। हालंाकि जिला अग्निशामन अधिकारी ने संस्थान संचालकों को समझाईश देने के साथ ही एक्ट के बारे में पूरी जानकारी देते हुए फायर सेफ्टी एनओसी की महत्ता भी बताई है। अब देखना होगा कि, छोटे से छोटे और बड़े संस्थानों में यह फायर सेफ्टी सिस्टम कबतक लग पाता है।
0- फिलहॉल संचालको को समझाईश देते हुए फायर सेफ्टी एक्ट व सिस्टम को जानकारी दी गई है। यदि कोई नियमों की अवहेलना करता पाया गया तो उन पर नियमानुसार कायर्वाही की जाएगी।
(एसके मार्बल, जिला अग्निशामन अधिकारी)