कोण्डागांव / शौर्यपथ /
अनिष्चितकालीन आंदोलन पर बैठे वन कर्मचारियों की मांगों का सीपीआई द्वारा समर्थन किए जाने के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए सीपीआई जिला परिशद् कोण्डागांव के जिला सचिव तिलक पाण्डे ने बताया कि भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी से जुड़े कम्युनिश्ट कामरेड्स 29 मार्च को वन कर्मचारियों द्वारा जिला मुख्यालय कोण्डागांव में वनमण्डलाधिकारी दक्षिण वन मण्डल कार्यालय कोण्डागांव के समीप अनिष्चितकालीन आंदोलन कर रहे स्थल पर पहुंचे और वन कर्मचारियों की मांगें जायज होने के कारण उनकी मांगों का समर्थन किया।
इस दौरान जिला सचिव तिलक पाण्डे ने समाचार पत्र के माध्यम से मुख्य मंत्री छ.ग.षासन से अपील किया कि मुख्य मंत्री को वन कर्मचारियों की सभी जायज मांगों को जल्द से जल्द पुरा कर देना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि वन विभाग के इन्हीं कर्मचारियों की बदौलत ही वन क्षेत्र में हरे-भरे पेड़-पौधे जीवित हैं तथा जिसकी वजह से ही पर्यावरण बचा हुआ है। वैसे भी देर सबेर वन कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करना ही होगा, अच्छा हो कि समय रहते वन कर्मचारियों की मांगों को पूरा कर उन्हें उनकी ड्यूटी पर जाने को कहा जाए, अन्यथा वन कर्मचारियों के अनिष्चितकालीन आंदोलन पर बैठे होने का लाभ उठाते हुए कई लोगों के द्वारा वन क्षेत्र में खडे हरे-भरे पेड़-पौधों की अंधाधुंध कटाई की जा सकती है, वहीं गर्मी का मौसम होने से वन क्षेत्र के हरे-भरे पेड़-पौधों को नुकसान हो सकता है। कुल मिलाकर वन कर्मचारियों की जायज मांगों को जल्द पूरा कर देने में ही वन विभाग के कर्मचारियों सहित वन क्षेत्र के हरे-भरे पेड़-पौधों की भलाई है।
यदि मुख्य मंत्री छ.ग.षासन वन कर्मचारियों की जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं करते हैं और वन क्षेत्र के हरे-भरे पेड़-पौधों को नुकसान होता है तो जिला सचिव तिलक पाण्डे के नेतृत्व में शैलेष शुक्ला, बिरज नाग, बिसम्बर मरकाम, जयप्रकाश नेताम, लक्षण महावीर, दिनेश मरकाम, रामकुमार नेताम, दिपेष, फगनू, छबीलाल नेताम, अनिल नाईक सहित अन्य जिले अन्य कम्युनिश्ट उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी षासन-प्रषासन की होगी।